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सड़क दुर्घटना में 5 साधु घायल, CM योगी ने घायलों की तत्काल मदद करने का दिया निर्देश

2022-10-01 06:40:49 388

सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशमारु‍ति सुजुकी ने एलसीवी श्रेणी में पकड़ी रफ्तार, एक साल में बेचे 10033 सुपर कैरी मिनी ट्रक******maruti suzuki super carryदेश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी इंडिया ने यात्री कार से इतर अब हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) श्रेणी में भी रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। कंपनी के ‘सुपर कैरी मिनी ट्रक’ की बिक्री में वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने वित्‍त वर्ष 2016-17 में 900 सुपर कैरी की बिक्री की थी, जो वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़कर 10,033 इकाई पर पहुंच गई। इस एलसीवी को सितंबर 2016 में बाजार में उतारा गया था। मारुति सुजुकी 700 किलोग्राम तक वजन ढोने में सक्षम मिनी ट्रक श्रेणी में धीरे-धीरे अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है। इस श्रेणी में कंपनी के सुपर कैरी की प्रतिस्पर्धा टाटा एस, महिंद्रा सुप्रो और पिआजियो पोर्टर से है।कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि उसने एलसीवी की बिक्री 2016 में चुनिंदा शहरों में शुरू की थी। मार्च 2018 तक यह नेटवर्क बढ़कर देश भर में 190 बिक्री केंद्रों तक पहुंच गया।प्रवक्ता ने बिक्री बढ़ने में उपभोक्ताओं से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया का भी योगदान होने का जिक्र करते हुए कहा कि 159 शहरों के इस देशव्यापी बिक्री नेटवर्क और बेहतर प्रतिक्रिया के दम पर हम पिछले छह महीनों में प्रति माह एक हजार इकाइयों से अधिक की बिक्री कर पाने में सक्षम हुए हैं। इस साल की शुरुआत में सुपर कैरी 25 राज्यों के 140 शहरों में कंपनी के 162 बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध था।बाजार में 2016 में पेश किए जाने के बाद इसकी बिक्री तीन शहरों अहमदाबाद, कोलकाता और लुधियाना में शुरू की गई थी।कंपनी ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि उसकी योजना भविष्य में एलसीवी श्रेणी में महत्वपूर्ण भागीदार बनने तथा सभी संभावित जगहों के साथ देश भर में उपस्थिति दर्ज करने की है। हालांकि, कंपनी को अभी लंबा सफर तय करना होगा। प्रतिस्पर्धी टाटा मोटर्स ने महज मार्च महीने में ही एस मिनी ट्रक की 14,286 इकाइयां बेची हैं। इसकी तुलना में मारुति सुजुकी मार्च में सुपर कैरी की 1,412 इकाइयां ही बेच सकी।कंपनी मिनी ट्रक की देश में बिक्री करने के अलावा दक्षिण अफ्रीका एवं तंजानिया जैसे चुनिंदा अफ्रीकी देशों को इसका निर्यात भी करती है।

सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशजानिए क्या है एंट्रिक्स-देवास मामला! सीतारमण ने लगाया UPA सरकार पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप******जानिए क्या है एंट्रिक्स-देवास मामला! सीतारमण ने लगाया UPA सरकार पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोपHighlightsवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कांग्रेस की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर आरोप लगाया कि उसने देवास मल्टीमीडिया को राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्य से इस्तेमाल होने वाला एस-बैंड स्पेक्ट्रम देकर ‘‘धोखाधड़ी’’ की और ‘‘निंदनीय’’ सौदा किया। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार अब करदाताओं के पैसे बचाने के लिए हर अदालत में लड़ रही है, अन्यथा यह राशि मध्यस्थता फैसले के भुगतान में चली जाती, जो देवास ने 2005 के सौदे को रद्द करने पर जीता है।उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 17 जनवरी को देवास मल्टीमीडिया के परिसमापन को इस आधार पर बरकरार रखा कि इसे धोखाधड़ी के इरादे से अंजाम दिया गया था। उनकी यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है, जब देवास के शेयरधारकों ने 1.29 अरब डॉलर की वसूली के लिए विदेशों में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। देवास को इस धनराशि की भरपाई का आदेश अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरणों ने दिया था।देवास को पेरिस में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने के लिए फ्रांसीसी अदालत ने आदेश दिया है और कंपनी कनाडा में एयर इंडिया के धन को जब्त करने की मांग भी कर रही है। सीतारमण ने एंट्रिक्स और देवास के बीच 2005 में हुए सौदे पर कहा कि यह देश के लोगों के साथ, देश के साथ धोखाधड़ी थी। उन्होंने कहा कि एस-बैंड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल सिर्फ रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाता है, और उसे थोड़े से धन के बदले दे दिया गया।वित्त मंत्री ने कहा कि देवास ने उन बातों को पूरा करने का वादा किया, जिन पर उसका अधिकार भी नहीं था। देवास मल्टीमीडिया ने 2005 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत एस-बैंड उपग्रह स्पेक्ट्रम का उपयोग करके मोबाइल उपयोगकर्ताओं को मल्टीमीडिया सेवाएं दी जानी थीं। यह सौदा 2011 में इस आधार पर रद्द कर दिया गया कि ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम की नीलामी धोखाधड़ी में हुई थी और सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य सामाजिक उद्देश्यों के लिए एस-बैंड उपग्रह स्पेक्ट्रम की जरूरत थी।इसके बाद देवास मल्टीमीडिया ने इंटरनेशनल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) में फैसले के खिलाफ मध्यस्थता कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा देवास के निवेशकों द्वारा दो अन्य मध्यस्थता कार्रवाई भी शुरू की गईं। भारत को तीनों मामलों में हार का सामना करना पड़ा और नुकसान की भरपाई के लिए कुल 1.29 अरब डॉलर का भुगतान करने को कहा गया। सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार करदाताओं के पैसे बचाने के लिए सभी अदालतों में लड़ रही है।सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशदेश में बढ़ी बेरोजगारी, दिसंबर में दर बढ़कर 4 महीने के उच्चस्तर 7.91 प्रतिशत पर पहुंची******देश में बढ़ी बेरोजगारी, दिसंबर में दर बढ़कर 4 महीने के उच्चस्तर 7.91 प्रतिशत पर पहुंचीHighlightsमुंबई। नए साल पर देश में बेरोजगारी को लेकर चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। देश में बेरोजगारी दर दिसंबर, 2021 में बढ़कर चार महीने के उच्चस्तर 7.91 प्रतिशत पर पहुंच गयी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत थी।बेरोजगारी का यह आंकड़ा अगस्त के बाद सर्वाधिक है। उस समय बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में शहरों में बेरोजगारी दर 9.30 प्रतिशत थी जो नवंबर, 2021 में 8.21 प्रतिशत थी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 7.28 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व माह में 6.44 प्रतिशत थी।सीएमआईई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेश व्यास ने कहा कि दिसंबर, 2021 में रोजगार बढ़ा है लेकिन नौकरी के इच्छुक लोगों की संख्या उससे अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक अच्छा संकेत है क्योंकि श्रम बाजार में आवक अधिक रही। लगभग 83 लाख अतिरिक्त लोग नौकरी की तलाश में थे। हालांकि, 40 लाख नौकरी चाहने वालों को ही रोजगार मिला।’’

सड़क दुर्घटना में 5 साधु घायल, CM योगी ने घायलों की तत्काल मदद करने का दिया निर्देश

सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशSupertech Twin Towers: ट्विन टावर गिरने के बाद क्या अब क्या करेगी सुपरटेक कंपनी, कितना हुआ नुकसान?******Highlightsसुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन आरके अरोड़ा को विश्वास है कि ​इन ट्विन टावर के गिरने से उनके दूसरे प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने पहले प्रेस रीलीज करके कहा था कि हम 70 हजार फ्लैट्स बना चुके हैं और डिलिवर भी कर चुके हैं। ऐसे में 952 फ्लैट्स वाले ट्विन टावर के गिरने से कंपनी के बाकी प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल, कंपनी के कुल निर्माणाधीन औश्र डिलिवर किए जाचुके करीब फ्लैट्स की करीब एक फीसदी की हिस्सेदारी ही ट्विन टावर्स के पास थी। आरके अरोड़ा के अनुसार कंपनी 70 हजार फ्लैट्स दे चुकी है और 20 हजार फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। यानी कंपनी ने कुल 90 हजार फ्लैट्स अब तक बनाए हैं और ट्विन टावर्स में 952 फ्लैट्स थे, जो ​कुल फ्लैट्स का एक प्रतिशत ही हुआ।500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है सुपरटेक कोवहीं ट्विन टावर्स बनाने और राशि रिफंड करने में कंपनी को 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ऐसे में 5 फीसदी हिस्सेदारी अकेले ट्विन टावर्स की ही थी। ये रकम हालांकि छोटी नहीं मानी जा सकती, न ही 5 फीसदी नुकसान को छोटा माना जा सकता है। यानी कंपनी भले ही कितने भी दावे करे और पजेशन देने में भी सफल हो जाए, लेकिन अब आगे काम की ग​ति इस तरह नहीं रह पाएगी। दूसरा, कंपनी की साख भी ट्विन टावर्स के गिरने के बाद प्रभावित हुई हैै।सुपरटेक कंपनी को इस बात का है संकटआरके अरोड़ा की मानें तो कंपनी के पास नकदी यानी कैश का संकट है। ऐसे में बाकी बचे 20 हजार अपार्टमेंट्स जो करीब 80 फीसदी तक बन चुके हैं, उन्हें पूरा करने के लिए वो फंडिंग की व्यवस्था करने में जुटी ळै। इस कारण रीयल एस्टेट की अपनी परेशानियों के चलते उन्हें थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।करीब 80 हजार टन मलबा हटाने में लगेंगे तीन महीनेगौरतलब है कि ट्विन टावर में 40 मंजिलें और 21 दुकानों समेत 915 आवासीय अपार्टमेंट प्रस्तावित थे। इन ढांचों को ध्वस्त किये जाने से पहले इनके पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के करीब 5,000 लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा, करीब 3,000 वाहनों और बिल्ली-कुत्तों समेत 150-200 पालतू जानवरों को भी हटाया गया। अनुमान के मुताबिक, ट्विन टावर को गिराने के बाद इससे उत्पन्न हुए 55 से 80 हजार टन मलबा हटाने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त 2021 में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। न्यायालय ने कहा था कि जिले के अधिकारियों की सांठगांठ के साथ भवन नियमों का उल्लंघन किया गया।सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशकोरोना के बुरे वक्त से उबरा होटल कारोबार! जुलाई से सितंबर के बीच प्रति कमरा आय 169% बढ़ी******कोरोना के बुरे वक्त उबरा होटल कारोबार! जुलाई से सितंबर के बीच प्रति कमरा आय 169% बढ़ीबीते साल मार्च के बाद से कोरोना संकट की मार झेल रहे होटल कारोबारियों के अच्छे दिन लगता है आ गए हैं। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश के छह प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर की तिमाही में की प्रति उपलब्ध कमरे पर आय (आरईवीपीएआर) में सालाना आधार पर 169.4 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।संपत्ति सलाहकार फर्म जेएलएल इंडिया ने बुधवार को कहा कि निचले आधार प्रभाव और यात्रा पाबंदियों में ढील देने के बाद प्रमुख शहरों में होटलों की प्रति कमरा आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। जेएलएल की ‘होटल मोमेंटम इंडिया (एचएमआई) तीसरी तिमाही-2021’‘ रिपोर्ट में कहा गया है कि जून तिमाही की तुलना में जुलाई-सितंबर तिमाही में आरईवीपीएआर में 122.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सालाना आधार पर आरईवीपीएआर में उल्लेखनीय वृद्धि की वजह निचला आधार प्रभाव है। जेएलएल का अनुमान है कि अगली दो तिमाहियों के दौरान भी यात्रा क्षेत्र में वृद्धि की यह रफ्तार कायम रहेगी।हालांकि कारोबारी अभी भी संकट पूरी तरह से खत्म होने से इंकार कर रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक कोरोना संकट के बाद दिए गए भारी डिस्काउंट के चलते बुकिंग में वृद्धि हुई है। लेकिन फिलहाल कमाई नहीं बढ़ी हैं। हालांकि कारोबारियों में इस बात को लेकर जरूर संतोष है कि बुकिंग बढ़ रही है। अगली एक या दो तिमाई में मुनाफा भी आने लगेगा।सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशकरतारपुर कॉरिडोर 31 अक्टूबर तक हो जाएगा तैयार, पंजीकरण 20 अक्टूबर से******भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए पाकिस्तान स्थित पवित्र सिख गुरुद्वारे के दर्शन के लिए निर्मित बहुप्रतीक्षित परियोजना के इस माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है और तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाईन पंजीकरण रविवार से शुरू होगा।करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित है, जोकि डेरा बाबा नानक के समीप सीमा से 4.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह गुरुद्वारा सिखों के लिए काफी पवित्र है, क्योंकि गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 साल और अपना अंतिम समय भी यहीं बिताया था।मोहन ने कहा कि श्रद्धालु 20 अक्टूबर से हाल ही में लांच वेबसाइट के जरिए ऐतिहासिक गुरुद्वारा जाने के लिए ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव का भी कार्यभार संभालने वाले मोहन ने कहा, "हमें भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन(एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। 20 अक्टूबर से, श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।"उन्होंने कहा करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने के लिए पासपोर्ट होना अनिवार्य है। एक सवाल के जवाब में अधिकारी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि वीजा की जरूरत नहीं है, लेकिन गुरुद्वारा जाने वाले लोगों को कम से कम एक माह पहले पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। कॉरिडोर के 8 नवंबर को उद्घाटन की संभावना है और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के दिन करतारपुर साहिब जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे।प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के साथ सभी 117 विधायक, पंजाब से लोकसभा और राज्यसभा सांसद, शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति(एसजीपीसी) के सदस्य और संत समाज के सदस्य और राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।एलपीएआई प्रमुख ने कहा कि प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालु गुरुद्वारा जा सकते हैं और वे उसी दिन वापस आ जाएंगे। इसे स्पष्ट करते हुए मोहन ने कहा कि श्रद्धालुओं को भारतीय सीमा पार करने वाले दिन ही करतारपुर तीर्थस्थल का दर्शन करके वापस आना होगा। पाकिस्तान द्वारा करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल करने वाले सभी श्रद्धालुओं से 20 डॉलर सेवा शुल्क वसूलने पर, मोहन ने कहा कि गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी इस मामले को सुलझाने के लिए अपने पाकिस्तानी समकक्षों से बात कर रहे हैं।

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सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशमानसिकता और तकनीक में बदलाव से मिली सफलता: एरॉन फिंच******लंदन। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच ने कहा कि मानसिकता और तकनीक में थोड़े से बदलाव से उन्हें एक खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर अपने प्रदर्शन में सुधार करने में काफी मदद मिली। विश्व कप के कुछ महीने पहले तक फिंच खराब फार्म से जूझ रहे थे और एकदिवसीय टीम में उनके बने रहने पर भी सवाल उठ रहा था।ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने हालांकि शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ विश्व कप मुकाबले में 132 गेंद में 153 रन की पारी खेल टीम को 87 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।वह मौजूदा विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पहले स्थान पर आ गये हैं। इसके साथ ही वह रिकी पोंटिंग को पछाड़ कर विश्व कप में सबसे बड़ीखेलने वाले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान भी बन गये हैं। उनकी 153 रन की पारी मौजूदा विश्व कप की संयुक्त रूप से सबसे बड़ी पारी है।फिंच के अलावा इंग्लैंड के जेसन राय ने भी 153 रन बनाये थे। फिंच ने कहा, ‘‘ मैंने अपनी तकनीक में थोड़ा बदलाव किया है, कुछ तकनीकी चीजों पर मैंने काम किया है। कई बार आप बदलाव करते हैं लेकिन उसके नतीजे तुरंत नहीं मिलते ऐसे में सही नतीजे मिलना अच्छा है।’’ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, ‘‘ मैंने अपनी मानसिकता में थोड़ा बदलाव किया है। पिछले सत्र में मुझे आपने खेल पर संदेह होने लगा था। कई बार ऐसा होता था जब मैं अपने हर फैसले पर सवाल करता था।’’सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशBigg Boss 12 Weekend Ka Vaar Highlights: निर्मल सिंह दूसरे हफ्ते हुए एलिमिनेट, रोमिल चौधरी घर में बरकरार****** एक बार फिर 'वीकेंड का वार' लेकर आए हैं। आज एक और एलिमिनेशन होगा। दीपिका कक्कड़, करणवीर बोहरा और रोमिल-निर्मल में से किसी का सफर आज खत्म हो जाएगा। इसी के साथ आयुष शर्मा और वरीना हुसैन अपनी फिल्म 'लवयात्री' को प्रमोट करेंगे।अगले एपिसोड में रोमिल वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ आएंगे।सृष्टि, दीपिका और नेहा से नाराज हैं। वह करणवीर को अपनी नाराजगी बता रही हैं।दूसरे हफ्ते निर्मल बेघर हो गए हैं। रोमिल घर में ही रहेंगे।दीपिका सुल्तानी अखाड़े की विनर हैं।दीपिका और जसलीन के बीच सुल्तानी अखाड़ें में दंगल हो रहा है।लवरात्री को प्रमोट करने आयुष शर्मा और वरीना हुसैन आए हैं। सलमान कहते हैं कि हम तीनों एक ही गाड़ी से मुंबई से लोनावला आए हैं। आयुष अपनी फिल्म के बारे में बता रहे हैं।श्रीसंत कहते हैं कि वह नेहा को पब्लिक में रूला सकते हैं। दीपक आकर श्रीसंत को गले लगाते हैं। श्रीसंत, दीपक को कहते हैं कि आप मुझसे भी ज्यादा सच्चे हो।करण पटेल घरवालों के लिए दिलचस्प टास्क लेकर आए हैं। अनूप जलोटा अपनी ईमानदारी दीपक को देना चाहते हैं। दीपिका अपनी डिप्लोमेसी नेहा को और अक्लमंदी सौरभ पटेल को दान देना चाहती हैं। दीपक ईमानदारी और हिम्मत अनूप जलोटा को देना चाहते हैं।कुछ घरवाले सही अंदाजा लगा रहे हैं तो कोई गलत। सलमान अब घरवालों के साथ एक गेम खेल रहे हैं। वह सबको कमेंट्स सुना रहे हैं, जो घरवालों ने एक-दूसरे के खिलाफ बोला है। घरवालों को अंदाजा लगाना है कि यह किसने बोला है और उसके मुंह पर गुलेल से कपकेक मारना है।: सलमान खान घरवालों से रूबरू हो रहे हैं। दीपक ठाकुर ने बिग बॉस के लिए गाना बनाया है। वह सलमान खान को सुना रहे हैं। सलमान ने कहा कि हर सीजन में गाना बनता है, लेकिन उन्हें सबसे अच्छा यह गाना लगा।

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सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशWest Bengal News: शोभन चटर्जी ने की ममता बनर्जी से मुलाकात, TMC में वापसी की अटकलें हुईं तेज******Highlightsकोलकाता के पूर्व मेयर और टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शोभन चटर्जी ने आज बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। इसके बाद से ही शोभन चटर्जी की टीएमसी में वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।शोभन चटर्जी और उनकी महिला मित्र बैसाखी ने आज दोपहर को राज्य सचिवालय में जाकर सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद शोभन चटर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''ममता दी जो भी फैसला लेंगी, मैं उसका पालन करूंगा। मैं उनके निर्देशों पर चलूंगा।'' चटर्जी ने अपने अगले कदम के बारे में पत्रकारों के सवालों का सीधा जवाब देने से परहेज किया।गौरतलब है कि शोभन चटर्जी और उनकी मित्र बैसाखी बंदोपाध्याय दोनों ने टीएमसी से नाता तोड़ लिया था और 2019 में बीजेपी में शामिल हो गए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद चटर्जी और बैसाखी ने बीजेपी से दूरी बना ली थी और खुद को पार्टी के काम से पूरी तरह से अलग कर लिया था। केवल दो साल बाद उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़ दिया था।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बंदोपाध्याय ने कहा कि ममता बनर्जी और चटर्जी के बीच मतभेदों को सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा, ''शोभन के बीजेपी छोड़ने के बाद कई लोगों ने कहा था कि उनकी राजनीतिक मृत्यु हो गई है, लेकिन उन्हें अभी भी राजनीति में बहुत कुछ करना है।"इसके बाद से ही ये अटकलें तेज हो गई हैं कि शोभन चटर्जी का टीएमसी में घर वापसी हो सकता है। साथ ही बैसाखी के टीएमसी से जुड़ने का फैसला किया जा सकता है। बता दें कि शोभन चटर्जी को ममता बनर्जी का काफी नजदीकी माना जाता था, लेकिन बैसाखी को लेकर हुए मनमुटाव के बाद शोभन चटर्जी ने मेयर पद और उसके बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए थे।

सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशSCO: पहली बार भारत आएगी पाकिस्तान की सेना, पड़ोसी मुल्क ने की पुष्टि, आखिर क्या है वजह?******Highlightsभारत और पाकिस्तान के बीच जल्द ही आतंकवाद के खिलाफ कवायद होने वाली है। दोनों देशों के बीच तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना इस साल के अंत में भारत आएगी। आतंकवाद विरोधी अभ्यास शंघाई सहयोग संगठन(SCO) के बैनर तले आयोजित किया जाएगा। पाकिस्तानने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की है कि इस अभ्यास में उनकी सेना शामिल होगी। पाकिस्तान और भारत पहले भी एक साथ आतंकवाद निरोधी अभ्यास में भाग ले चुके हैं लेकिन यह पहली बार होगा जब पाकिस्तानी सेना भारत में इस तरह के अभ्यास में हिस्सा लेगी।एक मीडियो रिपोर्ट के अनुसार, साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार ने पाकिस्तान की संलिप्तता की पुष्टि की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास एससीओ रैट्स के दायरे में होगा। भारत इस साल SCO RATS की अध्यक्षता कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास अक्टूबर में भारत में होगा और चूंकि पाकिस्तान इसका सदस्य है इसलिए हम भी इसमें हिस्सा लेंगे। दोनों देशों के बीच तनाव के बीच यह कदम अहम माना जा रहा है। इस तरह के प्रयास व्यापार के रास्ते खुलेंगे।2019 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। 370 के निरस्त होने के बाद दोनों देशों के बीच कोई विशेष बातचीत नहीं हुई है। पिछले साल दोनों देशों के बीच बैकचैनल से सीजफायर को लेकर बातचीत हुई थी लेकिन रिश्तों में सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। धारा 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने अपने ही पांव पर कुल्हाड़ी मारकर भारत के साथ व्यापार बंद कर दिया है। पूरी दुनिया में भारत के खिलाफ जहर उगलता रहा था।पूर्व इमरान खान सरकार की ओर से पाकिस्तान में संबंध सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया था। पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद इमरान की जगह शाहबाज शरीफ प्रधानमंत्री चुने गए लेकिन सत्ता में आने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई। अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान शाहबाज शरीफ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर दोनों देशों के पीएम मिलते हैं तो रिश्ते सुधर सकते हैं।सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशPakistan Live: अविश्वास प्रस्ताव और पाक संसद को भंग करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को करेगा सुनवाई******पाकिस्तान में सियासती घमासान जारी है। इसी बीच नेशनल असेंबली भंग करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई शुरू हो गई है। ​वहीं विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। पाकिस्तान में रविवार का दिन सियासी उठापटक वाला रहा। इमरान सरकार के पास बहुमत लायक जरूरी संख्या बल नहीं था और विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर इमरान सरकार के गिरने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त था। इसके बाद बीते रविवार को निर्धारित समय से देर से शुरू हुई पाकिस्तान की संसद की कार्यवाही चंद मिनट ही चल पाई और डिप्टी स्पीकर ने इमरान सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए ​अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद नेशनल असेंबली भंग कर दी गई थी। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। विपक्ष ने यह मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया और वे चाहते थे कि रविवार को ही इस पर फैसला आ जाए। विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बाद अपनी नई रणनीति तय करेगा।

सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशGhum Hai Kisikey Pyaar Meiin: सई-विराट को मिलाकर जान कुर्बान करेगी पाखी, मौत के साथ होगा शो का अंत!******Highlights सीरियल 'गुम है किसी के प्यार में' (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) में मज़ेदार ड्रामा चल रहा है। एक तरफ जहां सालों बाद सई वापस विराट और पाखी की ज़िंदगी में लौट आई है। वहीं शो को लेकर भी तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं। फिलहाल शो में सई और विराट के मिलन का सीक्वेंस चल रहा है। दोनों सालों बाद आखिरकार मिल ही गए हैं। लेकिन एक तरफ जहां ऑडियंस दोनों के बीच आगे क्या होगा देखना चाहती है। वहीं शो के फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है।मिली जानकारी के अनुसार अब शो का अंत होने जा रहा है। मेकर्स ने अब इस शो को खत्म करने का मन बना लिया है। खबरों की मानें तो - नवंबर का महीना, शो का आखिरी महीना होगा। शो में अब विराट और सई को मिलाने के बाद इसे खत्म करने की ओर बढ़ाया जाएगा। शो के अंत में दिखाया जाएगा कि विराट और सही मिल जाएंगे और उनके दोनों बच्चे सवी और विनायक भी साथ आ जाएंगे।अब सभी सोच रहे होंगे कि पाखी का क्या होगा। तो आपको बता दें कि शो के अंत के साथ-साथ पाखी की भी मौत हो जाएगी। शो को हैपी एंडिंग देने के लिए सई और विराट को एक होता हुआ दिखाया जाएगा और ये काम खुद पाखी करेगी। दोनों को मिलाने के बाद पाखी इस दुनिया को अलविदा कह देगी। रिपोर्ट की मानें तो पाखी की बड़ी बीमारी का शिकार हो जाएगी। जिसके चलते उसकी मौत हो जाएगी।पाखी की मौत से पहले सई विनायक की पूरी ज़िम्मेदारी लेगी। उसे मां का प्यार और उसकी सारी जरूरतों को पूरा करेगी। इसके बाद विराट और सई की लव स्टोरी की दोबारा शुरुआत होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक शो का फिर सीक्वल आएगा। सीक्वल शो के वही पुराने किरदारों के साथ होगा। सई और विराट अब सवी और विनायक के साथ जिंदगी की नई शुरुआत करेंगे। इसके बाद इसमे पैरेंट्स और बच्चों के रिलेशनशिप के बारे में दिखाया जाएगा। हो सकता है कि शो की कहानी विराट और सई के अलावा बच्चों पर भी फोकस करेगी।सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशYe Public Hai Sab Jaanti Hai: Manikpur सीट पर इस बार खुलेगा सपा का खाता, BJP दोहराएगी जीत?******Highlightsमानिकपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के अंतर्गत आती है । मानिकपुर अपने खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है । कभी ये सीट ददुआ जैसे दस्यु डकैत के लिए भी मशहूर थी । लेकिन बदलते हालात में ये इलाका अब डकैतों से मुक्त हो चुका है । इस बार मानिकपुर में सियासत का रंग बेहद दिलचस्प होने जा रहा है । चारों तरफ मतदान को लेकर हर पार्टी के प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं । पार्टी के उम्मीदवार घर-घर जाकर स्वयं जनता से उन्हें जिताने की अपील कर रहे हैं । मानिकपुर में इसी सियासी गर्मी को मापने के लिए इंडिया टीवी (India TV)' का खास कार्यक्रम 'ये पब्लिक है सब जानती है (Ye Public Hai Sab Jaanti Hai)' की टीम ने क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचा । जहां स्थानीय लोगों ने आगामी चुनाव को लेकर अपने विचार हमारे साथ साझा किए ।मानिकपुर की जनता ने बताया कि इलाके के विधायक और सांसद कभी जनता के बीच नहीं आते । वहीं यहां का किसान खेतों के लिए समय पर खाद नहीं मिलने से काफी परेशान है । वहीं अन्य लोगों ने बताया कि इलाके में सड़क निर्माण को लेकर अच्छा काम हुआ है । इलाके में पानी, बिजली की स्थिति भी पहले के मुकाबले बेहतर है । वहीं क्षेत्र के शिक्षित युवा रोजगार नहीं मिलने से मौजूदा सरकार से काफी नाराज दिखाई दिए । वहीं एक छात्रा ने बताया कि इलाके के राजकीय स्कूल में टीचरों की कमी है । जिसके कारण स्कूल में पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है ।मानिकपुर विधानसभा में कुल साढ़े तीन लाख के करीब मतदाता हैं । जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाता अधिक संख्या में हैं । वहीं चुनाव में ब्राह्मण, यादव, पटेल, पाल और निषाद बिरादरी के वोटर अहम भूमिका निभाते हैं । 2017 के विधानसभा चुनाव में आरके पटेल ने भाजपा की टिकट पर मानिकपुर सीट से चुनाव लड़ा था । चुनाव जीतकर आरके पटेल विधानसभा पहुंचे । भाजपा ने 2019 में आरके पटेल को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया । पटेल ने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और संसद पहुंच गए । आरके पटेल के सांसद बनने के बाद 2019 में इस सीट पर उपचुनाव हुआ । जिसमें भाजपा के आनंद शुक्ल ने जीत हासिल की थी । इस बार मानिकपुर विधानसभा सीट पर 27 फरवरी को वोटिंग और 10 मार्च को मतगणना होगा ।

सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशदिल्ली की तीनों निगमों को एक करने का विधेयक लोकसभा में पेश, विपक्ष ने जताया विरोध******Highlights दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2020 को शुक्रवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के विरोध के बीच लोकसभा में पेश किया। विपक्षी दलों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस विधेयक को पेश करना इस सदन के विधायी दायरे में नहीं आता है। निचले सदन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया। इसका कांग्रेस, आरएसपी और बहुजन समाज पार्टी ने विरोध किया। इस पर गृह राज्य मंत्री राय ने कहा कि वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि विधेयक को पेश करना कहीं से भी भारत के संविधान की मूल भावना का उल्लंघन नहीं है और ना ही यह संघीय ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 239 (क) (क) के तहत दिल्ली से जुड़े इस कानून में संशोधन करने में सदन सक्षम है।केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संदन में कहा कि दिल्ली में तीन नगर निगमों का मुख्य उद्देश्य जनता को प्रभावी नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना था लेकिन पिछले 10 वर्षों का अनुभव यह दर्शाता है कि ऐसा नहीं हुआ। इसलिये यह विधेयक लाया गया है। विधेयक में कहा गया है कि दिल्ली के तीन नगर निगमों की वित्तीय कठिनाइयां लगातर बढ़ रही थी, जिससे वे अपने कर्मचारियां को वेतन और सेवानिवृत्ति फायदे प्रदान करने में अक्षम हो गए। वेतन और सेवानिवृत्ति फायदे प्रदान करने में विलंब का परिणाम नगर निगम कर्मचारियों द्वारा निरंतर हड़ताल के रूप में सामने आया जिसने न केवल नागरिक सेवाओं को प्रभावित किया बल्कि इससे सफाई और स्वच्छता से संबंधित समस्याएं भी उत्पन्न हुईं।विधेयक पेश किये जाने का विरोध करते हुए आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह विधेयक दिल्ली सरकार और दिल्ली विधानसभा के अधिकार क्षेत्र का हनन करता है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को विधेयक के मसौदा का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला और इसका मसौदा जटिल है। कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे पर प्रहार करता है। उन्होंने कहा कि इसे सदन में लाने से पहले केंद्र ने राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से कोई विचार-विमर्श नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के प्रयास में जल्दबाजी में यह विधेयक लाई है। बसपा के रीतेश पांडे ने कहा कि हम इस विधेयक को पेश किये जाने का विरोध करते हैं क्योंकि यह संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है।सड़कदुर्घटनामें5साधुघायलCMयोगीनेघायलोंकीतत्कालमददकरनेकादियानिर्देशSBI Recruitment 2018: SBI में Junior Associates के पद पर होगी भर्ती, 8301 पदों के लिए करें आवेदन******क्लेरिकल केड्रेके पद के लिए SBI Clerk (Junior Associates) परीक्षा का आयोजन करता है। परीक्षा में चुने गए प्रतिभागी कैशियर, जमाकर्ता तथा अन्य संबंधित पदों पर SBI में नियुक्त किए जाएंगे। आवेदन 10 फरवरी से पहले तक किए जा सकते हैं।

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2022-10-01 06:43
उद्धरण 1 इमारत
उत्तर प्रदेश में डाली गई विकास की नींव पर अब भव्य इमारत बनाने की बारी: अमित शाह******Highlights केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी पर अब पिछले 5 साल में राज्य में डाली गई विकास की नींव पर समृद्धि की भव्य इमारत तैयार करने की जिम्मेदारी है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर लखनऊ आये शाह ने योगी आदित्यनाथ को लगातार दूसरी बार बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अपने संबोधन में सभी विधायकों से कहा, ‘हम सबको लगता है कि हमारी लोकप्रियता है, मगर पार्टी सबसे ऊपर होती है। पार्टी की नीतियां ही पार्टी के लिए लोकप्रियता का सृजन करती हैं।’शाह ने कहा, ‘हमारा दायित्व है कि पिछले 5 साल में उत्तर प्रदेश के विकास की नींव डालने का जो काम हुआ है, अब हमें उस पर समृद्ध इमारत बनानी है। इस यात्रा को पूरा करने का काम आप सभी विधायकों को करना है। आज हम सब विजय के आनंद के साथ-साथ यह संकल्प भी लेकर जाएंगे कि जो कानून-व्यवस्था को दृढ़ता प्रदान करने का काम 5 साल तक हुआ है उसे हम और सुदृढ़ बनाएंगे। आज उत्तर प्रदेश विधानसभा का नया इतिहास लिखने की शुरुआत इस क्षण इसी सभागार से हो रही है।’केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘पिछले 35 साल में किसी पार्टी को दूसरी बार पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। बीजेपी ऐसी पार्टी है जिसने दोनों बार दो तिहाई से ज्यादा बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। बीजेपी ने शुरुआत में ही यह घोषणा कर दी थी कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। उसके बाद जनता ने फिर दो-तिहाई से ज्यादा के बहुमत से बीजेपी को जीत दिलायी है और योगी दोबारा मुख्यमंत्री बन रहे हैं।’शाह ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश कई वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता का केंद्र रहा है। आजादी के शुरुआती समय के बाद यहां पर धीरे-धीरे मूल्यों और राजनीतिक विचारधाराओं का क्षरण हुआ जिसकी वजह से जातिवादी और परिवारवादी पार्टियां उत्तर प्रदेश में पनपती गईं। उसी के कारण बहुत लंबे समय से 2014 तक राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहा। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद हालात बदल गए हैं।’गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार ने केंद्र की योजनाओं को जातिवाद के कारण प्रत्येक व्यक्ति तक नहीं पहुंचने दिया। उन्होंने कहा कि वे योजनाएं भ्रष्टाचार, प्रशासन के राजनीतिकरण और राजनीति के अपराधीकरण के कारण लोगों तक नहीं पहुंचती थी। शाह ने कहा, ‘एक तरह से जातिवाद के नासूर ने लोगों की आशाओं को खत्म कर दिया था। उस समय बीजेपी ने शासन की बागडोर संभाली।’शाह ने कहा, ‘मैं आज आपसे कहने आया हूं कि 2017 से लेकर 2022 तक यात्रा चली और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी हमने प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की। भारत के चुनाव का इतिहास जब भी लिखा जाएगा तब पंडितों को इस बात की समीक्षा जरूर करनी पड़ेगी कि उत्तर प्रदेश में 2017 से 2022 के बीच ऐसा क्या हुआ कि बीजेपी को दोबारा प्रचंड जनादेश मिला। ने जो सबसे बड़ा काम किया वह प्रशासन के राजनीतिकरण और राजनीति के अपराधीकरण की समाप्ति है। उत्तर प्रदेश में बदलाव की राजनीति शुरू हुई।’
2022-10-01 06:04
उद्धरण 2 इमारत
केंद्र सरकार ने अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्‍लामी पर लगाया 5 साल का प्रतिबंध******केंद्र सरकार ने के अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्‍लामी पर प्रतिबंध लगा दिया है। गुरुवार शाम एक अधिसूचना जारी करते हुए केंद्र सरकार ने जमात ए इस्‍लामी पर 5 साल के प्रतिबंध की घोषणा की। मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में यह कहा है कि जमात-ए-इस्लामी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है जो कि आंतरिक सुरक्षा और लोक व्यवस्था के लिए खतरा हैं। ऐसे में केंद्र सरकार इसे एक कानून विरूद्ध संगठन घोषित करती है।केंद्र सरकार ने अपनी अधिसूचना में जमात-ए-इस्लामी के अलगाववाद और देश विरोधी गतिविधियों में भी शामिल होने की बात कही गई है। साथ ही मात-ए-इस्लामी के अलगाववाद और देश विरोधी गतिविधियों में भी शामिल होने की बात कही गई है। सरकार ने कहा है कि जमात नफरत फैलाने के इरादे से काम करने वाला एक संगठन है। जिसके बाद मंत्रालय ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से संगठन को प्रतिबंधित करने के आदेश दिए हैं।इससे पहले 22 फरवरी को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एजेंसियों ने कश्मीर घाटी से जमात-ए-इस्लामी के तमाम सदस्यों को गिरफ्तार किया था। 22 फरवरी की रात दक्षिण, मध्य और उत्तरी कश्मीर के इलाकों में यह छापेमारी की गई थी, जिसमें जमात संगठन के प्रमुख अब्दुल हामिद फयाज सहित दर्जनों नेताओं को हिरासत में लिया गया।
2022-10-01 04:51
उद्धरण 3 इमारत
अहमदाबाद के विश्वविद्यालय में कक्षा 10 और 11 के अंकों के आधार पर दाखिले शुरू****** अहमदाबाद विश्वविद्यालय ने सोमवार को कहा है कि उसने कक्षा 10 और कक्षा 11 के अंकों के आधार पर स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश देना शुरू कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि छात्रों को अपने कक्षा 12वीं के परिणाम आने का इंतजार है, जो कि कोविड-19 संकट के कारण अब तक नहीं आए हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि विवि के 2020 के सत्र के लिए संस्थान के स्नातक और पीएचडी कार्यक्रमों के लिए प्रवेश भी चल रहे हैं।अहमदाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति पंकज चंद्रा ने एक बयान में कहा, "हमें कक्षा 12 के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में अपनी शिक्षा के अगले चरण के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए। हम छात्रों को समर्थन देने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उनका एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।"चंद्रा ने कहा, "हमारी समग्र प्रवेश प्रक्रिया छात्रों और अंकों से परे उनके संदर्भ को समझने के लिए तैयार है। हालांकि हाई स्कूल के अंक एक जरूरी मानक हैं, हमारा ध्यान विभिन्न तरीकों का उपयोग करने के लिए है जिससे युवा खुद के लिए बेहतर कर सकें और समुदाय के लोगों के लिए योगदान दे सकते हैं।"कोविड-19 संकट के मद्देनजर, भारतीय विश्वविद्यालय अब इस बात का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रहे हैं कि वे इस वर्ष उन छात्रों का सबसे अच्छे तरीके से कैसे सहायता कर सकते हैं जिन्हें कॉलेज में प्रवेश लेना है।चंद्रा ने कहा, "ये चुनौतीपूर्ण समय हैं। हमें इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि हम अलग-अलग तरह से युवा दिमागों के साथ कैसे जुड़ते हैं और उन्हें एक बदली हुई दुनिया के लिए तैयार करते हैं। इस डिजीटल वातावरण में लगातार शिक्षण विधियों को नए सिरे से तैयार एक जिम्मेदारी है क्योंकि हम एक नई दुनिया को अपनाने जा रहे हैं।"2009 में स्थापित हुआ अहमदाबाद विश्वविद्यालय एक प्रमुख निजी, गैर-लाभकारी अनुसंधान विश्वविद्यालय है जो छात्रों को सीखने और अनुसंधान सोच पर केंद्रित एक उदार शिक्षा प्रदान करता है।
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