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"Dream11 Team Prediction, IPL 2020: मुंबई इंडियंस vs राजस्थान रॉयल्स "

2022-10-01 05:37:20 128

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स राजनीतिक संकट के बीच 50 पाकिस्तानी मंत्री 'गायब', अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे इमरान****** महत्वपूर्ण अविश्वास प्रस्ताव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है और राजनीतिक गठजोड़ में अनिश्चितता बनी हुई है, सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कम से कम 50 मंत्री राजनीतिक मोर्चे से 'गायब' हो गए हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इसकी जानकारी दी है। जब से विपक्ष ने प्रधानमंत्री के खिलाफ संकट खड़ा करना शुरू किया है, तब से 50 से अधिक संघीय और प्रांतीय मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।सूत्रों ने बताया कि इन मंत्रियों में से 25 संघीय और प्रांतीय सलाहकार और विशेष सहायक हैं, जबकि उनमें से चार राज्य मंत्री, चार सलाहकार और 19 विशेष सहायक हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यह अजीब घटना तब हुई, जब पीटीआई के कई मंत्रियों की मूक चुप्पी इन अटकलों को हवा दे रही है कि सहयोगी दलों की तरह मंत्री अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं।हालांकि, संघीय स्तर पर, प्रधानमंत्री को जोरदार समर्थन प्राप्त है।विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, सूचना मंत्री फवाद चौधरी, ऊर्जा मंत्री हम्माद अजहर, रक्षा मंत्री परवेज खट्टक और आंतरिक मंत्री शेख रशीद सबसे मुखर दिग्गजों में से हैं, जो खान के बचाव में खुद को सबसे आगे रखते हुए सरकार के नैरेटिव का प्रचार करना जारी रख रहे हैं।(इनपुट- एजेंसी)

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स Rajat Sharma’s Blog: नूपुर शर्मा की जान को वाकई गंभीर खतरा है******सुप्रीम कोर्ट ने जिस दिन बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी पर 10 अगस्त तक रोक लगा दी, उसी दिन बिहार और राजस्थान से खबरें आईं कि किस तरह पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयान देने के लिए उन्हें जान से मारने की साजिशें रची गई।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस बार अपना रुख नरम करते हुए माना कि कट्टरपंथी जिहादी तत्वों से नूपुर शर्मा की जान को खतरा है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पारदीवाला ने ही 1 जुलाई को नूपुर शर्मा को राहत देने से इनकार कर दिया था और 6 राज्यों में दर्ज 9 FIRs को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा था।बेंच ने कहा, ‘याचिकाकर्ता (नूपुर शर्मा) का कहना है कि इस अदालत ने (एक जुलाई को) जो वैकल्पिक उपाय सुझाए थे, उसका पालन करना उनके लिए अब तकरीबन नामुमकिन हो गया है, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जो गारंटी दी गई है, उसके तबत उनके जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कोर्ट की तरफ से हस्तक्षेप करने की तात्कालिक ज़रूरत है। बहरहाल, एक अंतरिम उपाय के रूप में यह निर्देश दिया जाता है कि 26 मई 2022 को प्रसारित उनकी टिप्पणियों को लेकर जितनी एफआईआर या शिकायतें अब तक दर्ज हुई है या आगे होने वाली है, उन पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।’बेंच ने मंगलवार को कहा: ‘हम कभी नहीं चाहते थे कि आप हर अदालत में जाएं।’ शीर्ष अदालत ने FIRs को एक साथ जोड़ने के मामले में केंद्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों को नोटिस जारी किया। बेंच ने कहा कि उसके 1 जुलाई के आदेश के बाद अजमेर दरगाह के 'खादिम' सलमान चिश्ती ने सर कलम करने की अपील करते हुए धमकी दी, और यूपी में एक दूसरे शख्स ने भी सिर कलम करने के लिए कहा था।नूपुर शर्मा के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि नूपुर की जान को खतरा था, क्योंकि 2 जुलाई को कोलकाता पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था। उन्होंने अदालत को बताया कि अगर वह बंगाल जातीं, जहां उनके खिलाफ 2 FIR दर्ज हैं, तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती थीं। मनिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि सभी FIRs 26 मई को एक टीवी डिबेट के दौरान दिए गए एक बयान पर आधारित हैं, जहां उन्होंने एक हिंदू देवता के खिलाफ एक मुस्लिम मौलाना की गालियों का जवाब देते समय पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी।नूपुर शर्मा के खिलाफ दर्ज सभी 9 FIRs में एक ही तारीख को किए गए एक ही अपराध का जिक्र है। इन FIR में जो धाराएं लगाई गई हैं वे भी लगभग एक जैसी ही हैं। इसलिए इन सभी FIRs को एक साथ जोड़ने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा नूपुर शर्मा को बलात्कार और मौत की जो धमकी दी गई है, उसकी वजह से उनका कहीं भी यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट को भी यह अहसास हुआ कि नूपुर की जान को कितना खतरा है।मैं मानता हूं कि नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ जो बयान दिया था वह सही नहीं था। किसी भी धर्म की भावनाओं को आहत करना गलत है, लेकिन यह जुर्म है या नहीं इसका फैसला अदालत को करना है। किसी भी अपराध की क्या सजा होगी इसका फैसला भी अदालत को करना है। कोई और यह तय नहीं कर सकता कि जुर्म क्या है और सजा क्या होगी। लेकिन हमारे देश में मौजूद कट्टरपंथी लोग और विदेशों में बैठे जेहादी भी नूपुर शर्मा की जान लेना चाहते हैं। वे कानून अपने हाथ में लेकर अपने हिसाब से सजा देना चाहते हैं। नूपुर की जान को वाकई गंभीर खतरा है।मंगलवार की रात अपने प्राइम टाइम शो 'आज की बात' में हमने दिखाया कि कैसे बिहार और राजस्थान में नूपुर शर्मा की हत्या की साजिश रची गई। पटना पुलिस ने खुलासा किया कि कट्टरपंथी संगठन पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया ने उन्हें मारने की साजिश रची थी। पटना पुलिस के मुताबिक, फुलवारी शरीफ में पूर्व पुलिसकर्मी मास्टरमाइंड जलालुद्दीन के साथ पकड़े गए अतहर परवेज ने अपने मोबाइल फोन पर एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था, जिसमें नूपुर के पते ठिकाने की जानकारी उनके मोबाइल नंबर के साथ दी गई थी। नूपुर के बारे में यह जानकारी बड़े पैमाने पर PFI के कैडर के बीच सर्कुलेट की गई थी। इस मामले में अरमान मलिक नाम के एक शख्स को भी गिरफ्तार किया गया था। ये सभी इस ग्रुप में थे और आपस में नूपुर शर्मा का फोन नंबर और एड्रेस शेयर कर रहे थे।पुलिस इस मामले में अभी खुलकर नहीं बोल रही है क्योंकि जांच जारी है। इंडिया टीवी के रिपोर्टर को जानकारी मिली है कि PFI के कैडर को नूपुर के घर के बाहर पहुंचने को कहा जा रहा था। साथ ही उनसे यह भी कहा जा रहा था कि जिसको मौका मिले, जब मौका मिले नूपुर शर्मा को सजा देनी है। फुलवारी शरीफ के ASP ने जांच होने की बात कहकर इस मामले में ज्यादा बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं और जांच आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पुलिस रिमांड के बाद जब इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा तो ठोस सबूत दिए जाएंगे।इसी बीच बिहार के सीतामढ़ी के नानपुर में एक पान की एक दुकान पर खड़े 23 साल के अंकित कुमार झा को पिछले शुक्रवार 4-5 मुस्लिम लड़कों ने 6 बार चाकू मारा। वहीं, पुलिस ने कहा कि इस केस में कोई सांप्रदायिक ऐंगल नहीं है। दरभंगा के एक अस्पताल में अस्पताल में भर्ती अंकित कुमार झा ने कहा कि वह पान की दुकान के पास था और वॉट्सऐप पर नूपुर शर्मा का एक वीडियो देख रहा था। इसी दौरान हमलावरों ने उससे पूछा कि क्या वह नूपुर का समर्थन करता है। हमलावरों ने उसे गालियां देनी शुरू कर दीं और उनमें से एक ने उसको 6 बार चाकू मारा। अंकित ने कहा कि वह हमलावरों को नहीं जानता लेकिन चाकू मारने वाले शख्स को पहचान सकता है।अंकित का दावा है कि चाकू से हमला होने के बावजूद उसने आरोपी को पकड़ रखा था लेकिन कुछ ही देर में 25-30 मुस्लिम युवकों की भीड़ आ गई और चाकू से हमला करने वाले लड़के को छुड़ाकर छुड़ाकर ले गई। अंकित को स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां ICU में उसका इलाज चल रहा है। अंकित के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर FIR में नूपुर शर्मा का नाम नहीं डाला। अंकित के मीडिया को दिए बयान के बाद पुलिस ने अपना रुख बदल लिया।सीतामढ़ी जिले के एसपी ने कहा कि अंकित के भाई आशीष कुमार ने अपनी लिखित शिकायत में कहीं भी नूपुर शर्मा के नाम का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अंकित का बयान फिर से दर्ज किया जाएगा और 2 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।आमतौर पर पुलिस का रवैया ऐसा ही होता है, किसी भी क्राइम को हल्का करने की कोशिश होती है और यह ठीक नहीं है। सीतामढ़ी में जिस लड़के को चाकुओं से गोद दिया गया, वह खुद कह रहा है कि नुपुर शर्मा का वीडियो देखने पर विवाद हुआ और इसीलिए उस पर हमला हुआ लेकिन पुलिस इसे नशे के चक्कर में झगड़े का केस बता रही है। इस तरह का व्यवहार पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा कम करता है और अपराध करने वालों के हौसला बढ़ता है।बिहार से एक हजार किलोमीटर से ज्यादा दूर राजस्थान में बीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर 24 साल के एक पाकिस्तानी नागरिक रिजवान अख्तर को गिरफ्तार किया है। इस पाकिस्तानी घुसपैठिए को 16 जुलाई की रात राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में हिंदूमलकोट बॉर्डर पोस्ट के पास से गिरफ्तार किया गया था। रिजवान अख्तर ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह पैगंबर के खिलाफ बयान देने के लिए नूपुर शर्मा को मारने के मिशन पर था।गंगानगर के एसपी आनंद शर्मा ने बताया कि रिजवान अख्तर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहाउद्दीन जिले के कुठियाल शेखर का रहने वाला था। उसके पास से 2 चाकू मिले हैं जिनमें से एक 11 इंच लंबा है। उसके पास कुछ मजहबी किताबें, भारत का नक्शा, कपड़े, खाना और एक थैला रेत भी थी।पुलिस के मुताबिक, रिजवान ने कबूल किया कि उसका इरादा पहले अजमेर दरगाह जाने, चादर चढ़ाने और फिर नूपुर शर्मा की जान लेने का था। रिजवान ने पुलिस को बताया कि बहाउद्दीन जिले में मुल्लाओं और उलेमाओं की एक बैठक हुई थी, जहां पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ नूपुर शर्मा की के बयान की निंदा की गई और उनकी हत्या के लिए एक ‘फतवा’ जारी किया गया। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तानी उलेमा ने भारत में घुसकर नूपुर शर्मा को मारने के लिए उनका ब्रेनवॉश किया था। वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। एक स्थानीय अदालत ने उसे 24 जुलाई तक हिरासत में भेज दिया। आईबी, रॉ और मिलिट्री इंटेलिजेंस ऑफिसर्स की एक टीम ने उससे पूछताछ की है।पाकिस्तानी नागरिक रिजवान की गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि नूपुर की जान के दुश्मन अब मुल्क के भीतर ही नहीं, सरहद के पार भी हैं। ये लोग नूपुर शर्मा को क्यों मारना चाहते हैं, उनको सपोर्ट करने वालों का गला क्यों काटना चाहते हैं, इसका जवाब ढूंढने के लिए कहीं दूर जाने जरूरत नहीं है। ये वे लोग हैं जो खौफ पैदा करना चाहते हैं, इस्लाम के नाम पर डर का एक माहौल बनाना चाहते हैं। मैंने कई इस्लामिक स्कॉलर्स से बात की है। वे कहते हैं कि इस्लाम किसी का कत्ल करने की इजाजत नहीं देता। इस्लाम किसी को नुकसान पहुंचाने, किसी को दर्द पहुंचाने की बात तक नहीं करता। स्कॉलर्स तो दावा करते हैं कि इस्लाम मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता है, लेकिन ग्राउंड पर जो दिखाई दे रहा है वह अलग है।जिहादी मनसिकता के लोग, कट्टरपंथी सोच वाले मौलाना और PFI जैसे संगठन के बयान को मुस्लिम भाइयों के दिलों में नफरत भरने का जरिया बना रहे हैं। वे इस्लाम की दुहाई देकर लोगों को भड़काने की साजिश रच रहे हैं। पाकिस्तान के मौलाना नूपुर शर्मा पर हमला के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। PFI जैसे जहर फैलाने वाले संगठन उनकी जान के पीछे पड़े हैं।कौन कब उन पर हमला कर दे, कोई नहीं कह सकता। ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें आइसोलेट करने की जरुरत है, और यह जताने की जरूरत है कि ऐसे लोगों को मुस्लिम समाज से कोई समर्थन नहीं मिलेगा। जिहादी तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि नूपुर शर्मा को तो छोड़िए, जो उनका सपोर्ट करता है उस पर भी हमला कर देते हैं, उसके खून के प्यासे हो जाते हैं, जैसा कि बिहार के सीतामढ़ी में चाकू मारने की घटना में देखने को मिला।यहां तक कि राजस्थान से बीजेपी के वरिष्ठ सांसद किरोड़ी लाल मीणा को भी 9 जुलाई को कादिर अली नाम के एक शख्स की तरफ से धमकी भरी चिट्ठी मिली, जिसमें उसने लिखा था कि जो लोग हमारे पैगंबर की शान में गुस्ताखी करेंगे, उनका हश्र कन्हैयालाल जैसा होगा। किरोड़ी लाल मीणा उदयपुर में कन्हैयालाल के परिवार को सांत्वना देने गए थे, और परिवार वालों को अपनी एक महीने की सैलरी देने की भी बात कही थी। उन्होंने कन्हैयालाल के हत्यारों को ‘तालिबानी’ कहा था। मीणा ने इस धमकी के बारे में केंद्र और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, दोनों को जानकारी दी है।किरोड़ी लाल मीणा को मिली धमकी इस बात का एक और उदाहरण है कि धर्म के नाम पर कुछ लोग उग्र होते जा रहे हैं। कुछ लोगों में मजहब के नाम पर सहनशीलता खत्म होती जा रही है। क्या कोई सांसद एक बेगुनाह का गला काटने वालों के खिलाफ आवाज भी नहीं उठा सकता? और यह मामला सिर्फ हिंदू और मुसलमान का नहीं है। यह मामला सहिष्णुता का है। इस्लाम तो सहिष्णुता और माफ करने की बात करता है। बेगुनाहों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स तीरंदाजी विश्व कप में भारत को मिला दूसरा गोल्ड, राय और रिद्धि की जोड़ी ने अंग्रेजों को चटाई धूल******Highlightsभारत ने तीरंदाजी विश्व कप चरण एक में दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। रविवार को तरूणदीप राय और रिद्धि फोर की मिश्रित टीम ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए शूट आफ में ग्रेट ब्रिटेन को हराया। पहली बार जोड़ी बनाकर खेल रहे दो बार के ओलंपियन राय और युवा रिद्धि पहले 0-2 और फिर 2-4 से पिछड़ रहे थे लेकिन भारतीय तोड़ी ने धैर्य बरकरार रखते हुए 5-4 (35-37, 36-33, 39-40, 38-37) (18-17) से जीत दर्ज की।भारत ने इस तरह कैलेंडर वर्ष के पहले टूर्नामेंट में अपने अभियान का अंत दो स्वर्ण पदक के साथ किया। इससे पहले शनिवार को अभिषेक वर्मा, रजत चौहान और अमन सैनी की कंपाउंड पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। ग्वांगझू एशियाई खेल 2010 में रजत पदक जीतने वाले 38 साल के राय का विश्व कप में पहला मिश्रित टीम पदक है। सत्रह साल की रिद्धि का यह विश्व कप में पहला पदक है। इस जोड़ी ने शानदार जज्बा दिखाते हुए दो बार पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की।शूट आफ में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने नौ अंक जुटाए जबकि ब्रायोनी पिटमैन और एलेक्स वाइस की ब्रिटेन की जोड़ी ने नौ और आठ अंक जुटाए। भारतीय जोड़ी की शुरुआत खराब रही। दोनों ने पहले दो प्रयास में आठ-आठ अंक जुटाए और पहला सेट दो अंक से हार गए। राय और रिद्धि दूसरे सेट को जीतकर स्कोर बराबर करने में सफल रहे जब ब्रिटेन की जोड़ी ने सात और आठ अंक के साथ खराब प्रदर्शन किया। तीसरे सेट बड़े अंक वाला रहा।राय और रिद्धि ने 40 में से 39 अंक जुटाए लेकिन प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने पूरे 40 अंक जुटाकर बढ़त बना ली। राय और रिद्धि ने इसके बाद दो बार 10 अंक के साथ प्रतिद्वंद्वी जोड़ी पर दबाव बनाया जो गलती कर गई और भारतीय जोड़ी ने बराबरी हासिल कर ली और फिर शूट आफ में मैच जीत लिया।

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स राहुल गांधी के बाद तेलंगाना के CM चंद्रशेखर राव ने मांगे सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत, बीजेपी ने साधा निशाना******असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा का एक बयान कुछ दिनों से चर्चा में बना हुआ है। दरअसल हेमंत बिस्वा शर्मा ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था। असम के सीएम ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते कहा कि 'क्या हमने कभी आपसे प्रूफ मांगा है कि आप राजीव गांधी के बेटे हैं या नहीं? सियासत गरमाने के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रेशखर राव से इस पर सवाल किया गया था।चंद्रशेखर राव ने इसके जवाब में कहा था, 'इसमें कुछ गलत नहीं है अगर राहुल गांधी सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगते हैं। आप ही बताइये इसमें क्या गलत है? यहां तक कि अब तो मैं भी मांग रहा हूं। भारत सरकार को दिखाना चाहिए कि कब और कैसे सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। ये उनकी जिम्मेदारी है, लोगों को ये सबूत दिखाने की। बीजेपी इसको लेकर गलत प्रोपेगेंडा चलाती है। इसलिए लोग सबूत मांग रहे हैं। लोकतंत्र में कोई भी राजा नहीं होता है। राहुल गांधी में AICC का अध्यक्ष बनने की योग्यता है और वह अभी सांसद हैं।'हेमंत बिस्वा शर्मा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, 'पुलवामा हमले की एनिवर्सरी पर, विपक्ष ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर एक बार फिर शहीदों का अपमान किया है। गांधी परिवार के प्रति अपनी वफादारी साबित करने के प्रयास में, उन्होंने सेना को धोखा दिया है। मेरी वफादारी सेना के साथ है। जीवन भर मुझे गाली दो, मुझे फर्क नहीं पड़ता।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स UP News: एक्शन में योगी सरकार, बर्खास्त किए 10 जेलकर्मी, अब वेतन भत्तों की होगी वसूली******Highlightsयूपी में सीएम योगी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम योगी के आदेश पर 10 जेलकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इन जेलकर्मियों से अब तक लिए गए वेतन भत्तों की वसूली होगी।ये जेलकर्मी खेलकूद, होमगार्ड के लिए फर्जी सर्टिफिकेट से भर्ती हुए थे, लेकिन बाद में ये विजिलेंस जांच में दोषी पाए गए। बता दें कि साल 2007 में 18 बंदी रक्षक फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए भर्ती हुए थे। जिसमें से जांच के बाद 8 बंदी रक्षक पहले ही बर्खास्त किए जा चुके हैं।गौरतलब है कि योगी सरकार हर विभाग में फर्जीवाड़ों को लेकर सख्त रवैया अपना रही है। गलत तरीके से नौकरी पाने वालों को बर्खास्त किया जा रहा है। इसके अलावा ऐसे लोगों से वेतन भत्तों की वसूली भी की जा रही है।जिन जेलकर्मियों को बर्खास्त किया गया है, उनका नाम प्रवीण कुमार, संयोग लता, दिनेश कुमार, परिक्रमा दीन, अनिल यादव, आनंद प्रकाश, राजकिशोर, दान सिंह, संजय कुमार व शिव बहादुर बताया जा रहा है।इन लोगों को सरकार को वेतन व भत्ता भी वापस करना होगा। एक कहावत है कि बुरे कर्मों का नतीजा एक न एक दिन जरूर मिलता है।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स मसालों के निर्यात में जबरदस्त उछाल, अप्रैल से सितंबर में 24% बढ़ा एक्सपोर्ट******प्राचीन काल से अपने मसालों की दुनियाभर में धाक जमाने वाले भारत का मसाला निर्यात 2017 की अप्रैल-सितंबर तिमाही में मात्रा के आधार पर 24 प्रतिशतबढ़ा है। जबकि रुपये में मूल्य के आधार पर इसमें दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस संबंध में आज ने आंकड़े जारी किए हैं। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षावधि में भारत का निर्यात 5,57,525 टन रहा है जो 2016 की इसी अवधि में 4,50,700 टन था।इसी प्रकार रुपये में मूल्य के आधार पर अप्रैल-सितंबर 2017 में यह 8,850.53 करोड़ रुपये का रहा जबकि 2016 की इसी अवधि में इसका मूल्य 8,700.15 करोड़ रुपये था। डॉलर के आधार पर चालू वित्त वर्ष की शुरुआती छमाही में भारत का मसाला निर्यात 137.39 करोड़ डॉलर रहा जो वित्त वर्ष 2016-17 की पहली छमाही में 129.99 करोड़ डॉलर था। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. ए. जयतिलक ने कहा कि मिर्च, जीरा, हल्दी, इलायची, लहसुन और मिंट उत्पाद इत्यादि सबसे ज्यादा मांग वाले भारतीय मसाले रहे हैं।

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स Azadi Ka Amrit Mahotsav: स्वतंत्रता के 75 सालों में सानिया मिर्जा की यह उपलब्धि भी किसी से कम नहीं******Highlightsटेनिस के खेल में भारत के लिए कभी भी कोई बहुत बड़ा नाम नहीं आया। यूं तो रामानाथन कृष्णन, विजय अमृत राज, रोहन बोपन्ना, सोमदेव बर्मन, निरुपमा संजीव कई खिलाड़ियों ने अपने खेल का लोहा मनवाया लेकिन सानिया मिर्जा ने जो किया वो शायद इनमें से कोई नहीं कर पाया। सानिया के नाम छह ग्रैंड स्लैम टाइटल हैं। उन्होंने तीन बार मिक्स्ड डबल्स और इतनी ही बार वुमेन्स डबल्स में ग्रैंड स्लैम टाइटल जीता है। वह भारत की इकलौती महिला टेनिस खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया।उनके अलावा पुरुष टेनिस स्टार महेश भूपति 12 बार (4 मेन्स डबल्स और 8 मिक्स्ड डबल्स) ग्रैंड स्लैम टाइटल जीते हैं तो लिएंडर पेस ने 8 बार मेन्स डबल्स का ग्रैंड स्लैम टाइटल जीता है। 1947 में आजादी के एक दशक के बाद तक यानी साल 1960 तक भारतीय टेनिस का कारवां थमा हुआ था। इसके बाद जब यह कारवां शुरू हुआ तो इसका श्रेय रामानाथन कृष्णन को जाता है। रामानाथन विंबलडन बॉयज़ एकल खिताब जीतने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बने थे। फाइनल में उन्होंने चार बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन एशले कूपर को हराया था।सानिया मिर्जा इस सूची में शामिल अकेली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक से ज्यादा बार ग्रैंड स्लैम टाइटल जीता। उन्हें भारत में महिला टेनिस के बदलाव का श्रेय दिया जाता है। 1998 के ऑस्ट्रेलिया ओपन में निरुपमा संजीव पहला ग्रैंडस्लैम मैच जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं। इसके अलावा देश के पास महिला टेनिस की उपलब्धि गिनवाने का दूसरा अवसर कोई नहीं था जब तक सानिया मिर्जा ने टेनिस की दुनिया में कदम नहीं रखा। सानिया ने 6 ग्रैंड स्लैम के साथ 42 डबल्यूटीए डबल्स टाइटल भी जीते। वह भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं जो डबल्यूटीए डबल्स रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज हुईं।सानिया मिर्जा ने महेश भूपति के साथ मिलकर 2009 ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिक्सड डबल्स का खिताब जीता। दो साल बाद इस जोड़ी ने फ्रेंच ओपन में भी यही कारनामा करके दिखाया। सानिया मिर्जा का तीसरा मिक्स्ड डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब साल 2014 में आया, जब उन्होंने अपने ब्राजीली पार्टनर ब्रूनो सोरेस के साथ मिलकर यूएस ओपन का खिताब जीता। साल 2015 में सानिया ने स्विस लीजेंड मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाई, इस शानदार जोड़ी ने लगातार 44 मैच जीतने के साथ ही 3 लगातार ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। जिनमें साल 2015 में विंबलडन ओपन और यूएस ओपन के साथ-साथ साल 2016 का फ्रेंच ओपन भी शामिल है।सानिया मिर्जा की यह उपलब्धियां भारत के लिए बेहद खास हैं। पुरुष टेनिस खिलाड़ी बहुत हुए जिन्होंने भारत के लिए टेनिस खेला और अपना लोहा भी मनवाया। लेकिन महिलाओं में कभी भी ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं हुआ था। लेकिन सानिया मिर्जा ने ऐसा किया और वह इस वक्त देश की सबसे बड़ी महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। आजादी के अमृत महोत्सव पर अगर आजादी के 75 सालों में खेल के क्षेत्र से आई खास उपलब्धियों पर हम गौर करेंगे तो उनमें से एक सानिया मिर्जा की ये उपलब्धि भी जरूर गिनी जाएगी।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स खुदरा महंगाई दर रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर, नवंबर में CPI 3.63 फीसदी रहा****** खुदरा महंगाई दर को लेकर राहत भरी खबर है। नवंबर में खुदरा महंगाई दर यानीCPI 3.63 फीसदी के स्‍तर पर रही। यह रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर आ गई है। अक्‍टूबर में खुदरा महंगाई दर 4.2 फीसदी थी।कालाधन जमा करने वालों पर है नजर, सर्कुलेशन में आए सभी नए नोटों की ट्रैकिंग कर रहा है RBINew Initiative : चेकबुक पर होगा पैसे प्राप्‍त करने वाले का आधार नंबर, बैंक ऑफ इंडिया ने कर दी है शुरुआत

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स 55 की उम्र में चाहिए 25 की नजर तो स्वामी रामदेव से जानिए कारगर इलाज, हमेशा रहेगी आंखें हेल्दी******कहते है आंखें है पूरे जहान में रंग ही रंग है लेकिन आंखों की रोशनी न होने पर पूरी दुनिया बेरंग नजर आने लगती है। कई बार जाने अनजाने में हम अपनी आंखो को काफी नजरअंदाज करते है। लगातार मोबाइल, कंप्यूटर का इस्तेमाल करने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। गैजेट्स से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें आपकी आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। जिसके कारण आंखों में दर्द, जलन, आंखों से पानी आना, सुखापन, आंखों में खुजली जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं कई बार आंखों की रोशनी भी धीरे-धीरे कम हो जाती है।स्वामी रामदेव के अनुसार कई बारहाईपरटेंशन, शुगर, थायराइड, प्रदूषण, एलर्जी के कारण भी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योगासन और प्राणायाम काफी कारगर साबित हो सकते हैं। इन्हें करने से आपकी आंखे हेल्दी भी रहेगी। इसके साथ ही बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी भी नहीं जाएगी।अगर किसी को ग्लूकोमा की समस्या हैं और आंखों पर ज्यादा जोर पड़ रहा हैं तो शीर्षासन, सर्वांगासन नहीं करना है वह सिर्फ प्राणायाम करे।आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए त्राटक क्रिया सबसे ज्यादा कारगर है। रोजाना 5 से 15 मिनट करने से आंखों की खोई हुई द्रष्टि भी वापस आ जाती है। इसके साथ ही आंखों को जलन, आंखों के दर्द की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। इतना ही नहीं त्राटक क्रिया की शुरुआत 1 मिनट से करे और धीरे-धीरे करते हुए 20 मिनट तक कर सकते हैं। इसे 1 सप्ताह से 1 माह के अंदर आंखों में लगा मोटा चश्मा भी हट जाएगा। इस क्रिया के साथ आप अनुलोम विलोम भी कर सकते हैं। इससे आपको अधिक लाभ मिलेगा।आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए इंडेक्स फिंगर और मिडिल फिंगरके बीच में रोजाना 5 मिनट दबाएं।इस प्राणायाम को 3 तरह से किया जाता है। पहले में 5 सेकंड में सांस लें और 5 सेकंड में सांस छोड़े। दूसरे में ढाई सेकंड सांस लें और ढाई सेकंड में छोड़ें। तीसरा तेजी के साथ सांस लें और छोड़े। इस प्राणायाम को लगातार 5 मिनट करें। इस आसन को रोजाना 5-10 मिनट करें।रोजाना कपालभाति करने से आपके नर्वस सिस्टम के न्यूरॉन ठीक ढंग से काम करेंगे। इसके लिए रोजाना 10-15 मिनट कपालभाति करे।सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब दाएं हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाएं नाक पर रखें और अंगूठे को दाएं वाले नाक पर लगा लें। तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर मोड़ लें। अब बाएं नाक की ओर से सांस भरें और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। इसके बाद दाएं नाक की ओर से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। इस आसन को 15 मिनट से लेकर आधा घंटा कर सकते हैं।

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स Holi Color removal Tips: इन 5 होममेड उबटन का इस्तेमाल करने से चुटकियों में निकल जाएगा होली का रंग, ऐसे करें तैयार******होली पर अपनों का साथ और खुशियों के रंग इसे खास बनाते हैं। इस दिन अबीर और गुलाल के रंग से हर कोई सराबोर नजर आता है, लेकिन कई बार जब होली के बाद इन रंगों को छुड़ाने की नौबत आती है, तब मुश्किल होती है। शरीर पर लगे रंग हम छुड़ाने में घंटों लग जाते हैं। वहीं, लंबें समय तक त्वचा पर रंग लगे रहने से खुजली, एलर्जी या फिर स्किन इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। ऐसे में रंगों को जल्दी साफ कर देना बहुत जरूरी होता है। होली के जिद्दी से जिद्दी रंग आप रसोई में मौजूद कुछ चीजों की मदद से आसानी से छुड़ा सकते हैं। आइए जानें रंग छुड़ाने को किन चीजों का इस्‍तेाल करना चाहिए।नींबू और बेसन का इस्तेमाल करके भी शरीर पर लगे रंग को आसानी से छुड़ाया जा सकता है। रंग छुड़ाने के लिए बेसन में नींबू और दूध मिला कर इसका पेस्ट बना लें।फिर इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं। करीब 20 मिनट तक यह पेस्ट लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से चेहरा अच्छी तरह से धो लें। आपका चेहरा बिल्कुल साफ हो जाएगा।जौ का आटा और बादाम के तेल से भी शरीर पर लगे जिद्दी रंगों को छुड़ाया जा सकता है. जौ का आटा, बादाम के तेल को त्वचा पर लगाकर रंग को साफ किया जा सकता है.इसके अलावा आप दूध में थोड़ा सा कच्चे पपीते को पीसकर मिलाएं। साथ ही थोड़ी सी मुलतानी मिट्टी और थोड़ा सा बादाम का तेल मिक्स करें और फिर इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। करीब आधे घंटे बाद चेहरा पानी से धो लें। रंग अपने आप उतर जाएगा।चेहरे पर लगे जिद्दी रंगों को दूर करने के लिए संतरे के छिलके, मसूर की दाल और बादाम को दूध में पीसकर इसका एक पेस्ट बना लें। इस तैयार उबटन को पूरी त्वचा पर मसलें और फिर पानी से धो लें। त्वचा साफ हो जाएगी और उसमें निखार भी आएगा।आज कल बाजार में खीरा आसानी से मिल जाएगा। इसका इस्तेमाल करके आप स्किन पर लगे रंग को छुड़ा सकते हैं। इसके लिए खीरे का रस निकालकर इसमें थोड़ा सा गुलाब जल और एक चम्मच सिरका मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। फिर इसे अपने चेहरे पर हल्‍के हाथ से मल लें। इसके इस्तेमाल से चेहरे का रंग भी छूट जाएगा और स्किन में निखार भी आएगा।रंग छुड़ाने के मामले में मूली भी आपका पूरा साथ देगी। इसके लिए मूली का रस निकालकर इसमें दूध, बेसन और मैदा मिलाकर इसका पेस्ट बना लें। इसके बाद इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। पेस्ट के सूखने पर चेहरा पानी से अच्छी तरह से धो लें। इससे चेहरा साफ हो जाता है। चेहरा ही नहीं शरीर के किसी भी अंग पर लगे रंग को छुड़ाना हो तो इस पेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स Happy Birthday Suhana Khan: सुहाना के बर्थडे पर Gauri Khan ने शेयर की खूबसूरत तस्वीर, बेटी पर यूं लुटाया प्यार******Highlightsबॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी सुहाना खान आज (22 मई) अपना 22वां बर्थडे मना रही हैं। इस मौके परसोशल मीडिया पर जश्न मनाते हुए गौरी खान ने अपनी बेटी की एक खूबसूरत तस्वीर साझा की। उन्होंने खूबसूरत शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा - 'बर्थडे गर्ल।'तस्वीर में सुहाना पिंक प्रिंटेड कोट में पिंक पैंट और मैचिंग हील्स के साथ बेहद खूबसूरत लग रही हैं। उन्होंने अपने लुक को गोल्डन हूप ईयररिंग्स से एक्सेसराइज किया।इस तस्वीर पर उनके फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्स ने भी कमेंट किया। मशहूर फिल्म निर्माता करण जौहर, जो शाहरुख के करीबी दोस्त हैं, ने लिखा- 'जन्मदिन मुबारक हो मेरी जान।' जाने-माने डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने कहा- 'जन्मदिन मुबारक एट-सुहानाखान2' , सोहेल खान की पूर्व पत्नी और गौरी की बीएफएफ सीमा किरण सजदेह ने लिखा, 'जन्मदिन मुबारक हो' और संजय कपूर ने लिखा, 'जन्मदिन मुबारक सुहाना।'बता दें कि सुहाना, जोया अख्तर निर्देशित 'द आर्चीज' से बॉलीवुड में अपनी शुरूआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिसे इसी नाम की प्रसिद्ध कॉमिक सीरीज से रूपांतरित किया गया है। जोया अख्तर और रीमा कागती की टाइगर बेबी फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म में बी-टाउन के कुछ सबसे चर्चित चेहरों के बच्चे दिखाई देंगे।कलाकारों में अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा और दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और बोनी कपूर की छोटी बेटी खुशी कपूर भी शामिल हैं। इसके अलावा, फिल्म में मिहिर आहूजा, डॉट, युवराज मेंडा और वेदांग रैना भी मुख्य भूमिकाओं में होंगे। युवा अभिनेता बेहद लोकप्रिय आर्ची कॉमिक्स के प्रिय किरदार निभाएंगे।1960 के दशक में बनी 'द आर्चीज' एक म्यूजिकल ड्रामा है, जिसका प्रीमियर नेटफ्लिक्स पर होगा। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने शनिवार को अपने कलाकारों की घोषणा करते हुए एक टीजर भी साझा किया।

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स PFI Ban: एक पखवाड़े पहले तक गुलजार रहता था PFI का कोझिकोड दफ्तर, अब पड़ा है वीरान******Highlights केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मुस्लिम संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को बैन कर दिया है। केंद्र सरकार के इस कदम के बाद 2 हफ्ते पहले तक PFI का जो दफ्तर गहमा गहमी से भरा रहता था, आज वहां वीराना है। बता दें कि कुछ दिन पहले तक PFI के केरल हेडक्वॉर्टर पर 17 सितंबर की रैली को लेकर काफी चहल पहल हुआ करती थी, और यहां आने वालों का जमावड़ा लगा रहता था। हालांकि 17 सितंबर को हुई यह रैली PFI के लिए घातक साबित हुई है।बता दें कि इस रैली में और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं ने राष्ट्रीय स्वयं संघ (RSS) के खिलाफ जमकर भड़काऊ भाषण दिए थे। इसके कुछ ही दिन बात NIA के नेतृत्व में कई एजेंसियों ने मिलकर देशभर में इस कट्टर इस्लामिक संगठन के खिलाफ कार्रवाई की और एक दशक पहले संगठन की स्थापना करने वाले इसके नेताओं सहित कई प्रमुख लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद से PFI के मीनचंथा स्थित दफ्तर में बहुत हलचल नहीं दिखी और इस्लामिक स्टेट से संबंध होने के आरोप में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बुधवार को यहां वीराना छाया रहा।आपको बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का हेडक्वॉर्टर दिल्ली में है, लेकिन अध्यक्ष ओएम अब्दुल सलाम, महासचिव नसरुदीन इलामारम, पूर्व अध्यक्ष ई. अबूबाकर और ई. एम. अब्दुल रहीम और संगठन के विचारक पी. कोया ज्यादातर काम केरल हेडक्वॉर्टर से ही करते थे, जिसे ‘यूनिटी हाउस’ के नाम से जाना जाता है। संगठन मुस्लिम समुदाय के कुछ धड़ों में बहुत लोकप्रिय है जिसकी वजह से हजारों लोगों ने ‘गणतंत्र की रक्षा’ थीम से आयोजित रैली में हिस्सा लिया।17 सितंबर की रैली में सक्रिय रहे कुछ स्थानीय लेकिन प्रमुख नेता PFI से जुड़ी पहचान को छिपा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का हिस्सा है। SDPI, PFI की राजनीतिक शाखा है और उस पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। PFI के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मौजूदा नेताओं और उनकी गतिविधियों की जानकारी नहीं है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 2006 में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के 3 संगठनों का विलय कर की गयी थी।बता दें कि 16 साल पुराने संगठन PFI के खिलाफ मंगलवार को 7 राज्यों में छापेमारी के बाद 150 से ज्यादा लोगों लोगों को पकड़ा गया था। इससे 5 दिन पहले भी देशभर में PFI से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और करीब 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था, और संपत्तियों को भी जब्त किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक, PFI के कुछ संस्थापक सदस्य ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (SIMI) के नेता हैं और PFI के तार जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से भी जुड़े हैं। JMB और SIMI दोनों ही प्रतिबंधित संगठन हैं।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स Jabariya Jodi Movie Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा मनोरंजन करने में हुए फेल******Jabariya Jodi Movie Reviewजब आप 'पकड़वा विवाह' जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दा उठाते हैं और इसे ढाई घंटे के माइंडलेस एंटरटेनमेंट में बदल देते हैं तब तैयार होती है '' जैसी फिल्म। निर्देशक प्रशांत सिंह जिन्होंने रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'जबरिया जोड़ी' बनाई है उन्होंने ह्यूमर और पंचलाइन का ख्याल तो फिल्म की कहानी में बखूबी रखा है लेकिन स्क्रिप्ट पर मेहनत करना भूल गए।जबरिया जोड़ी बिहार में होने वाले जबरन विवाह पर बेस्ड है, जहां योग्य लड़के का किडनैप कराकर गन प्वाइंट पर उसकी शादी करा दी जाती है, उस लड़की से जिसके घरवाले लड़केवालों की मांग पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। फिल्म में अभय सिंह के रोल में हैं जो पटना के बड़े बाहुबली नेता हुकुम देव सिंह (जावेद जाफरी) के बेटे हैं। अभय लोगों को पकड़कर उनकी जबरदस्ती शादी कराता है, वो इस क्राइम को सोशल वर्क समझकर करता है। तभी उसकी जिंदगी में वापसी होती है बचपन की गर्लफ्रेंड बब्ली यादव () की।सिद्धार्थ मल्होत्रा की इमेज चॉकलेटी बॉय की है और उन्होंने 'एक विलेन', 'इत्तेफाक' और 'अय्यारी' जैसी फिल्मों के बाद अपनी इमेज से हटकर एक टपोरी की भूमिका निभाने की कोशिश की है, लेकिन वाइट पैंट और रंग-बिरंगी टीशर्ट पहनने से कोई बिहारी नहीं बन जाता है, सिद्धार्थ स्माल-टाइन बॉय के रोल में मिसफिट लगे हैं (वो फिल्म में हॉट जरूर लगे हैं)। फिर भी सिद्धार्थ का एक्सेंट और मेहनत परिणीति से कहीं बेहत था, लाल रंग के बाल और चमकीले-भड़कीले कपड़ने पहनकर परिणीति कहीं से बिहारी नहीं लग रही हैं। पूरी फिल्म में उन्हें एक्सेंट पर जोर देते देखा जा रहा है। बिहार में जहां बाकी लड़कियों की हालत बहुत अच्छी नहीं है वहां बब्ली 'बम' जैसी है, जो लड़कों को पीट भी देती है, बावजूद इन सबके बब्ली का किरदार हमारे दिल तक उतरने में कामयाब नहीं हुआ। अपारशक्ति खुराना के पास करने के लिए कुछ था नहीं उन्होंने क्यों ये फिल्म साइन की है इसका जवाब वही दे सकते हैं।परिणीति के पिता के रोल में संजय त्रिपाठी ने महफिल लूट ली, जब-जब वो स्क्रीन पर आते हैं फिल्म इंट्रेस्टिंग लगने लगती है। जावेद जाफरी का काम भी बढ़िया है।फिल्म में कई झोल दिखते हैं, एक जगह दिखाया है कि बब्ली यादव के पिता दुनिया लाल के पास दहेज देेने के लिए पैसे नहीं हैं लेकिन उन्होंने जबरिया शादी के लिए 20 लाख रुपयेगुंडो को दिए हैं।फिल्म में कलरफुल बैकग्राउंड है जो आपकी आंखों को जरूर अच्छे लगेंगे। फिल्म में पंचलाइन काफी शानदार है। कुछ एक डॉयलॉग तो इतने ज्यादा फनी हैं कि आप खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक पाएंगे। फिल्म का म्यूजिक भी अच्छा है।जबरिया जोड़ी की स्क्रिप्ट और डायरेक्शन में कई झोल हैं, फिल्म फनी है लेकिन एंटरटेनमेंट के नाम पर कुछ खास हमें देती नहीं है। सिर्फ फिल्म के शानदार डॉयलॉग्स ही हैं जो फिल्म की इज्जत बचा लेते हैं। इंडिया टीवी इस फिल्म को देता है 5 में से 2 स्टार।

मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स IMD Delhi Weather: सुबह-सुबह बारिश से भीगी दिल्ली, सुहावना हुआ मौसम, जानिए कब तक रहेगा ऐसा ही वेदर******Highlightsदिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों की गुरुवार की सुबह बारिश के साथ हुई। राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में बरसात होने के चलते मौसम खुशनुमा हो गया है। बुधवार को भी कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई, इससे मौसम सुहावना हो गया। साथ ही दिल्ली एनसीआर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। इसी बीच मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक अगले तीन दिनों तक राजधानी में बारिश की संभावना जताई गई है।नोएडा, ग्रेटर नोएडा में सुबह से बारिश का दौर जारीदिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी आज सुबह से ही बारिश का दौर बना हुआ है। सुबह से ही आकाश में घने बादल छाए रहे और रुक रुककर रिमझिम बारिश का दौर जारी है। इससे लोगों को उमस से राहत मिली है। बुधवार को राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में मध्यम दर्जे की बारिश हुई। इससे कई जगह जलभराव की स्थिति भी बनी। कई जगह ट्रैफिक पर भी इसका असर पड़ा।दिल्ली की हवा साफ और मौसम खुशनुमादिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला ने बुधवार को दिनभर में 2.8 मिमी बारिश दर्ज की। पालम, लोधी रोड, रिज, आयानगर, मुंगेशपुर, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और मयूर विहार के मौसम केंद्रों में क्रमशः 5.9 मिमी, 3.2 मिमी, 2.6 मिमी, 2 मिमी, 10 मिमी, 5.5 मिमी और 6.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे सितंबर माह में हुई अब तक की बारिश के आंकड़ों में इजाफा होने में मदद मिलेगी। हवा भी साफ रहेगी और मौसम भी खुशनुमा रहेगा। दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमानर 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री रहा। 24 घंटे की हवा की औसत गुणवत्ता की बात की जाए तो इसका गुणवत्ता सूचकांक बुधवार शाम 4 बजे 109 पर बंद हुआ, जो कि मध्यम श्रेणी का रहा।दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर, लेकिन सामान्य से कममौसम विभाग यानी आईएमडी ने कहा कि गुरुवार को भी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली के प्राथमिक मौसम विज्ञान केंद्र सफदरजंग वेधशाला में सितंबर में अब तक केवल 52.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो कि सामान्य 104.8 मिमी के मुकाबले काफी कम है। अगस्त के महीने में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी जो पिछले 14 वर्षों के दौरान सबसे कम है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में एक जून से मानसून के आगमन के बाद से अब तक कुल 405.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है जबकि सामान्य तौर पर राजधानी में इस दौरान 621.7 मिमी बारिश दर्ज की जाती है।मुंबईइंडियंसvsराजस्थानरॉयल्स Equity MF से नवंबर में 12,917 करोड़ रुपये की हुई निकासी, उद्योग का AUM 30 लाख करोड़ हुआ******Equity MFs log Rs 12,917 cr outflow in Nov, industry AUM reaches Rs 30 lakh cr markइक्विटी म्यूचुअल फंड से नवंबर में 12,917 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। इसके बावजूद उद्योग के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) 30 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। यह लगातार पांचवां महीना है, जब इक्विटी म्यूचुअल फंड से निकासी हुई है। हालांकि, निवेशकों ने पिछले महीने ऋण या बांड म्यूचुअल फंड में 44,984 करोड़ रुपये डाले हैं। अक्टूबर में निवेशकों ने बांड म्यूचुअल फंड में 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था। (एम्फी) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। कुल मिलाकर म्यूचुअल फंड उद्योग में नवंबर में सभी खंडों में शुद्ध रूप से 27,914 करोड़ रुपये का निवेश आया है। अक्टूबर में म्यूचुअल फंड उद्योग को कुल मिलकार 98,576 करोड़ रुपये का निवेश मिला था। म्यूचुअल फंड उद्योग के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) नवंबर के अंत तक बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अक्टूबर के अंत तक यह 28.23 लाख करोड़ रुपये थीं।आंकड़ों के अनुसार इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी ओपन एंडेड योजनाओं से नवंबर में 12,917 करोड़ रुपये की निकासी हुई। अक्टूबर में इन योजनाओं से 2,725 करोड़ रुपये निकाले गए थे। पिछले महीने सभी इक्विटी योजनाओं से निकासी हुई है।इक्विटी स्‍कीमों में से निवेशकों ने सितंबर में 734 करोड़ रुपये, अगस्‍त में 4000 करोड़ रुपये और जुलाई में 2480 करोड़ रुपये की निकासी की थी। इससे पहले जून में इन स्‍कीमों में 240.55 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि इक्विटी मार्केट में आए उछाल की वजह से निवेशकों ने मुनाफावसूली की और इसी ने नवंबर में निकासी का नेतृत्‍व किया। इक्विटी के अलावा गोल्‍ड एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड्स में से भी नवंबर के दौरान 141 करोड़ रुपये की निकासी की गई। मार्च के बाद यह पहला महीना रहा, जब गोल्‍ड ईटीएफ में से निकासी की गई। अक्‍टूबर में गोल्‍ड ईटीएफ में 384 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था।

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2022-10-01 04:12
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न्यूजीलैंड क्रिकेट के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से इन खिलाड़ियों की हुई छुट्टी, देखें किसे मिली है जगह******ऑलराउंडर जिमी नीशाम को तीन साल में पहली बार न्यूजीलैंड क्रिकेट के अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से हटा दिया गया है और उनकी जगह वेलिंगटन के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल को दी गयी है। इकतीस वर्षीय नीशाम ने 12 टेस्ट, 66 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल के सुपर ओवर में मार्टिन गुप्टिल के साथ बल्लेबाजी की थी।नीशाम नीदरलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में नहीं खेले थे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति दी थी। ब्रेसवेल ने मार्च में नीदरलैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया और उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिये भी टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उन्हें पहली बार अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची में जगह मिली है।ीन्यूजीलैंड क्रिकेट ने शुकवार को 20 अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची जारी की। इस सूची में स्पिनर अयाज पटेल भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में भारत के खिलाफ एक पारी में 10 विकेट लिये थे। वह टेस्ट मैचों में ऐसा कारनामा करने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। पटेल को पिछले सत्र में अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया गया था।न्यूजीलैंड के अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है : टॉम ब्लंडेल, ट्रेंट बोल्ट, माइकल ब्रेसवेल, डेवोन कॉनवे, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, लॉकी फर्ग्यूसन, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, टॉम लैथम, डेरिल मिशेल, हेनरी निकोल्स, अयाज पटेल, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल सेंटनर, ईश सोढ़ी, टिम साउदी, नील वैगनर, केन विलियमसन, विल यंग।
2022-10-01 04:12
उद्धरण 2 इमारत
सिंगर शान की मां सोनाली मुखर्जी का निधन, खुद भी थीं शानदार गायक******Highlightsबॉलीवुड सिंगर की मां सोनाली मुखर्जी का निधन हो गया है। मां सोनाली मुखर्जी के निधन परशान ने इंस्टाग्राम पर एकपोस्ट शेयर की है।शान ने लिखा, ''हम अपनी मां सोनाली मुखर्जी के निधन से बहुत दुखी और हतप्रभ हैं। वह नींद में ही शांति से गुजर गई। वह एक एक दयालु आत्मा, महान इंसान और एक प्यारी मां है। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। जब तक हम उन्हें अंतिम अलविदा कहने की कोशिश करते हैं, हम चाहते हैं कि आप कोविड प्रतिबंधों को ध्यान में रखें और विनम्रतापूर्वक आपसे अनुरोध करते हैं कि आप उनके लिए प्रार्थना करें।'कैलाश खेर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि सोनाली मुखर्जी का निधन बुधवार रात को हुआ। इस खबर के बाद शान के फैंस में दुख का माहौल है।कैलाश खेर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा - "बड़े भाई शान की मां का देहावसान हो गया है। परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की सद्गति की प्रार्थनाएं। तीनों लोक के अधिपति भगवान शिव से प्रार्थना है कि हमारे शान भैया के परिवार को ये दुख सहन करने की शक्ति मिले। अनन्त प्रार्थना ॐ।"सोनाली मुखर्जी खुद भी शानदार सिंगर थी। कहा जाता है कि शान उस वक्त महज 13 साल के थे जब उनके पिता का निधन हो गया था। तब मां सोनाली ने ही सिंगिंग के जरिए बच्चों की परवरिश की। वो बॉलीवुड में कोरस सिंगर के तौर पर गाया करती थी। उन्होंने साल 2000 तक बतौर कोरस सिंगर गाने गाए।शान औऱ उनकी बहन को शानदार परवरिश देने में सोनाली ने काफी मेहनत की। और इसी का नतीजा है कि शान औऱ उनकी बहन ने बॉलीवुड में सिंगिंग के क्षेत्र में खास जगह बनाई। बॉलीवुड गानों के अलावा शान ने टीवी के लिए सारेगामापा, स्टार वॉइस ऑफ इंडिया जैसे रियलटी शो भी होस्ट किए हैं।
2022-10-01 04:11
उद्धरण 3 इमारत
PFI Ban: एक पखवाड़े पहले तक गुलजार रहता था PFI का कोझिकोड दफ्तर, अब पड़ा है वीरान******Highlights केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मुस्लिम संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को बैन कर दिया है। केंद्र सरकार के इस कदम के बाद 2 हफ्ते पहले तक PFI का जो दफ्तर गहमा गहमी से भरा रहता था, आज वहां वीराना है। बता दें कि कुछ दिन पहले तक PFI के केरल हेडक्वॉर्टर पर 17 सितंबर की रैली को लेकर काफी चहल पहल हुआ करती थी, और यहां आने वालों का जमावड़ा लगा रहता था। हालांकि 17 सितंबर को हुई यह रैली PFI के लिए घातक साबित हुई है।बता दें कि इस रैली में और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं ने राष्ट्रीय स्वयं संघ (RSS) के खिलाफ जमकर भड़काऊ भाषण दिए थे। इसके कुछ ही दिन बात NIA के नेतृत्व में कई एजेंसियों ने मिलकर देशभर में इस कट्टर इस्लामिक संगठन के खिलाफ कार्रवाई की और एक दशक पहले संगठन की स्थापना करने वाले इसके नेताओं सहित कई प्रमुख लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद से PFI के मीनचंथा स्थित दफ्तर में बहुत हलचल नहीं दिखी और इस्लामिक स्टेट से संबंध होने के आरोप में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बुधवार को यहां वीराना छाया रहा।आपको बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का हेडक्वॉर्टर दिल्ली में है, लेकिन अध्यक्ष ओएम अब्दुल सलाम, महासचिव नसरुदीन इलामारम, पूर्व अध्यक्ष ई. अबूबाकर और ई. एम. अब्दुल रहीम और संगठन के विचारक पी. कोया ज्यादातर काम केरल हेडक्वॉर्टर से ही करते थे, जिसे ‘यूनिटी हाउस’ के नाम से जाना जाता है। संगठन मुस्लिम समुदाय के कुछ धड़ों में बहुत लोकप्रिय है जिसकी वजह से हजारों लोगों ने ‘गणतंत्र की रक्षा’ थीम से आयोजित रैली में हिस्सा लिया।17 सितंबर की रैली में सक्रिय रहे कुछ स्थानीय लेकिन प्रमुख नेता PFI से जुड़ी पहचान को छिपा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का हिस्सा है। SDPI, PFI की राजनीतिक शाखा है और उस पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। PFI के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मौजूदा नेताओं और उनकी गतिविधियों की जानकारी नहीं है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 2006 में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के 3 संगठनों का विलय कर की गयी थी।बता दें कि 16 साल पुराने संगठन PFI के खिलाफ मंगलवार को 7 राज्यों में छापेमारी के बाद 150 से ज्यादा लोगों लोगों को पकड़ा गया था। इससे 5 दिन पहले भी देशभर में PFI से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और करीब 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था, और संपत्तियों को भी जब्त किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक, PFI के कुछ संस्थापक सदस्य ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (SIMI) के नेता हैं और PFI के तार जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से भी जुड़े हैं। JMB और SIMI दोनों ही प्रतिबंधित संगठन हैं।
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