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महिला अंडर-17 फुटबॉल टीम की फिटनेस से प्रभावित हुए कोच थॉमस

2022-10-01 07:03:34 570

महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसNo Petrol: श्रीलंका के पास पेट्रोल खरीदने का पैसा खत्म, सरकार ने कहा 'लोग तेल के लिए लाइन न लगाएं'******IOC Lankaश्रीलंका की डूबती अर्थव्यवस्था के ताबूत पर अंतिम कील शायद ठुक चुकी है। श्रीलंका अब पूरी तरह से कंगाल हो गया है। उसके पास अब पेट्रोल खरीदने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। वहां की सरकार ने आम लोगों से साफ कह दिया है कि वे पेट्रोल के लिए कतार में इंतजार न करें।श्रीलंका ने बुधवार को कहा कि उसके समुद्री किनारे पर लगभग दो महीने से पेट्रोल से लदा जहाज खड़ा है, लेकिन इसका भुगतान करने के लिए उसके पास विदेशी मुद्रा नहीं है। श्रीलंका ने अपने नागरिकों से अपील किया है कि वे इस ईंधन के लिए ‘कतार में खड़े होकर इंतजार नहीं करें।’’श्रीलंका सरकार ने कहा कि देश के पास डीजल का पर्याप्त भंडार है। ऑनलाइन पोर्टल ‘न्यूजफर्स्ट डॉट एलके’ ने बताया कि बिजली और ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकेरा ने संसद को बताया कि 28 मार्च से, श्रीलंकाई समुद्री क्षेत्र में पेट्रोल से लदा एक जहाज लंगर डाले हुए है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि देश में पेट्रोल की उपलब्धता की समस्या है।उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास पेट्रोल लदे जहाज का भुगतान करने के लिए अमेरिकी डॉलर नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा जनवरी 2022 में पिछली खेप के लिए उसी पोत की एक और 5.3 करोड़ डॉलर की राशि बकाया है। मंत्री ने कहा कि संबंधित शिपिंग कंपनी ने दोनों भुगतानों का निपटारा होने तक जहाज को छोड़ने से इनकार कर दिया है।मंत्री ने कहा, “यही कारण है कि हमने लोगों से अनुरोध किया कि वे ईंधन के लिए लाइन में इंतजार न करें। डीजल को लेकर कोई समस्या नहीं है। लेकिन, कृपया पेट्रोल के लिए लाइन में न रहें। हमारे पास पेट्रोल का सीमित स्टॉक है और इसे आवश्यक सेवाओं, विशेष रूप से एम्बुलेंस के लिए वितरित करने की कोशिश कर रहे हैं।”विजेसेकेरा ने कहा कि सभी फिलिंग स्टेशनों पर पेट्रोल के वितरण को पूरा करने में शुक्रवार से तीन दिन और लगेंगे। मंत्री ने कहा, जून, 2022 के लिए, श्रीलंका को ईंधन आयात के लिए 53 करोड़ डॉलर की आवश्यकता है।भले ही देश को भारतीय ऋण सुविधा का लाभ मिलता भी है, तो उसे दो साल पहले के प्रति माह 15 करोड़ डॉलर की तुलना में ईंधन खरीद के लिए 50 करोड़ डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका को ईंधन के पिछली आयात खेप के लिए 70 करोड़ डॉलर से अधिक राशि का भुगतान करना है।’’

महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसटाटा मोटर्स चालू वित्‍त वर्ष में करेगी 50 नए कॉमर्शियल वाहन पेश, 1900 करोड़ रुपए बचाने की है योजना******tata motors घरेलू वाहन निर्माता कंपनी की योजना चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 50 नए कॉमर्शियल वाहन पेश करने की है। कंपनी का लक्ष्य वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करना है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। कंपनी ने वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान कॉमर्शियल एवं पैसेंजर वाहन श्रेणी में लागत खर्च में कटौती का कदम उठाने के जरिये करीब 1,900 करोड़ रुपए की बचत की थी। कंपनी इस वित्त वर्ष में भी ऐसी बचत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। कंपनी चालू वित्त वर्ष में कॉमर्शियल वाहन सेगमेंट में करीब 1,500 करोड़ रुपए का पूंजीगत खर्च भी करने वाली है। इस राशि का इस्तेमाल शोध एवं विकास, क्षमता विस्तार तथा एक अप्रैल 2020 तक भारत स्टेज छह (बीएस-छह) के उत्सर्जन प्रावधानों की सरकारी समयसीमा के अनुपालन पर किया जाएगा।टाटा मोटर्स के अध्यक्ष (कॉमर्शियल वाहन कारोबार) गिरीश वाघ ने कहा कि पिछले साल हमने संस्करणों तथा बदले स्वरूपों समेत 50 से अधिक नए उत्पाद पेश किए थे। हम इस वित्त वर्ष में भी उत्पाद पेश करने के मामले में इसी रफ्तार को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि देश में नए उत्पाद पेश करने की दीर्घकालिक रणनीति के तहत कंपनी उत्पाद नियोजन की बेहद मजबूत प्रणाली तैयार करने की प्रक्रिया में है।वाघ ने कहा कि इस निकाय का जोर सिर्फ भविष्य पर रहेगा तथा यह उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों, वैश्विक बाजार की परिस्थिति और कारकों के बदलाव पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा कि निकाय को पंचवर्षीय उत्पाद योजना तैयार करने का काम दिया गया है।महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसNV Ramana: देश में सिमट रही है विपक्ष की जगह, राजनीतिक विरोध दुश्मनी में नहीं बदलनी चाहिए - लोकतंत्र की हालत पर CJI ने उठाए सवाल******Highlightsराजस्थान में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन.वी. रमण ने कहा कि राजनीतिक विरोध का शत्रुता में बदलना स्वस्थ लोकतंत्र के संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कभी सरकार और विपक्ष के बीच जो आपसी सम्मान हुआ करता था, वह अब कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि, ‘‘राजनीतिक विरोध, बैर में नहीं बदलना चाहिए, जैसा हम इन दिनों दुखद रूप से देख रहे हैं। ये स्वस्थ लोकतंत्र के संकेत नहीं हैं।"राजस्थान के जयपुर में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के 'संसदीय लोकतंत्र के 75 वर्ष' कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "सरकार और विपक्ष के बीच आपसी आदर-भाव हुआ करता था। दुर्भाग्य से विपक्ष के लिए जगह कम होती जा रही है।" उन्होंने विधायी प्रदर्शन की गुणवत्ता में गिरावट पर भी चिंता जताई। न्यायमूर्ति रमण ने कहा, ‘‘दुख की बात है कि देश विधायी प्रदर्शन की गुणवत्ता में गिरावट देख रहा है।" उन्होंने कहा कि कानूनों को व्यापक विचार-विमर्श और जांच के बिना पारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य की प्रत्येक शाखा दक्षता और जिम्मेदारी के साथ काम करती है, तो दूसरों पर बोझ काफी कम हो जाएगा। यदि कोई अधिकारी सामान्य प्रशासनिक कामकाज कुशलता से करता है, तो एक विधायक को अपने मतदाताओं के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए परिश्रम करने की आवश्यकता नहीं होगी।उन्होंने कहा कि संविधान में यह उल्लेख नहीं है एक साल में राज्य विधानसभा की कितनी बैठकें होनी चाहिए, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि सदन में ज्यादा चर्चा होने से नागरिकों को निश्चित रूप से लाभ होगा। संसदीय बहस और संसदीय समितियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए विपक्ष को भी मजबूत करना होगा। न्यायमूर्ति रमण ने कहा,‘‘विपक्ष के नेता बड़ी महत्ती भूमिका निभाते रहे हैं। सरकार और विपक्ष के बीच काफी आपसी सम्मान हुआ करता था। दुर्भाग्य से विपक्ष की गुंजाइश कम होती जा रही है। हम देख रहे हैं कि कानूनों को बिना व्यापक विचार-विमर्श और पड़ताल के पारित किया जा रहा है।’’इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में अदालतों में बड़ी संख्या में मामले लंबित होने का मुख्य कारण न्यायिक पदों की रिक्तियों को न भरा जाना, न्यायिक बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं करना है। साथ ही उन्होंने देश में विचाराधीन कैदियों की बड़ी संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आपराधिक न्याय प्रणाली को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि उन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना होगा, जिनके चलते लोगों को बिना मुकदमे के लंबे समय तक जेल में रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के 6.10 लाख कैदियों में से करीब 80 प्रतिशत विचाराधीन कैदी हैं। सीजेआई ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली में प्रक्रिया ''एक सजा'' है।

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महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसआ गई गर्मी! ऐसे बनाए कस्टर्ड से बनी ये हेल्दी डिश, जानिए तरीका******Highlightsसर्दियों का मौसम जा रहा है अब मौसम में गर्माहट आने लगी है। जिसके मद्देनजर अपने खानपान पर भी ध्यान रखना जरूरी है। हमें उन चीजों का सेवन करनाचाहिए जिससे हमारी बॉडी गर्मियों से होने वाली परेशानियों से लड़ सके। खास तौर पर गर्मियों में ठंडी चीजें खाने में लोग खूब पसंद करते हैं। गर्मियों में कस्टर्ड एक बेहतर ऑप्शन होता है। इसे कई तरह से तैयार किया जाता है। फ्रूट कस्टर्ड बहुत ही फेमस रेसिपी है। कस्टर्ड को एक नया ट्विस्ट देने के लिए उसमें ओट्स और अंडों को भी मिला के तैयार कर सकते हैं। अगर आप चाहें तो इस डिश को बिना अंडे के साथ भी बना सकते हैं।महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसRecipe: हेल्दी के साथ टेस्टी है खाना तो बनाएं अखरोट का हलवा, फिट रहेंगे आप****** आज कल लोग अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए हेल्दी खाना-खाना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर आपको हेल्दी के साथ-साथ टेसेटी खाना दे दिया जाएं तो सोने पे सुहागा हो जाएगा न? वहीं भारत में कुछ भी चीज की शुरूआत मीठे से होती जैसे पेपर देने गए, लड़की देखने गए, गाड़ी आई और पता नहीं क्या-क्या... चालिए आज हम आपको हेल्दी के साथ-साथ टेस्टी मतलब अखरोट के हलवे की रेसिपी बताएंगे। अखरोट का हलवा खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगता है अगर आप चाहे तो कुछ ही मिनटों में इसे घर पर भी बना सकते हैं।महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसहोली 2020: रंगों के त्योहार पर मेहमानों को दही भल्ला खिलाकर लूट लें वाहवाही******भले ही रंगों का त्योहार होता है, लेकिन इस दिन हर घर में ढेर सारे पकवान बनते हैं। इस साल 10 मार्च को पूरे देश में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। ऐसे में अगर आपके भी घर में मेहमानों का तांता लगने वाला है तो फिक्र की कोई बात नहीं हैं। हम आपको ऐसी आसान डिश के बारे में बताने जा रहे हैं, जो फटाफट और आसानी से बन जाती है और आप मेहमानों की वाहवाही भी लूट सकती हैं।होली पर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इसी वजह से मेहमानों के पेट में ज्यादा जगह नहीं बचती। ऐसे में इस मस्ती भरे दिन पर आप दही भल्लाभी बना सकती हैं। इसकी रेसिपी काफी आसान है और हल्की-फुल्की डिश खाकर सभी खुश भी हो जाएंगे।दही - एक लीटरउड़द की दाल- 250 ग्रामचीनी- 2 बड़े चम्मचकिशमिश- 1 बड़ा चम्मचभुना जीरा- डेढ़ चम्मचहरी मिर्च- तीनहींग- आधा चम्मचचाट मसाला- दो छोटे चम्मचनमक- स्वादानुसारभीगी हुई इमली- 500 ग्रामगुड़- 100 ग्रामभुना जीरा- एक छोटा चम्मचपिसी लाल मिर्च- एक छोटा चम्मचनमक-स्वादानुसारदही भल्लाबनाने के लिए सबसे पहले उड़द की दाल को 8-10 घंटे के लिए पानी में भिगाकर रख दें। इसके बाद ग्राइंडर में दाल, हरी मिर्च, भुना जीरा और हींग डालकर पीस लें। फिर पिसे हुए मिक्सचर में किशमिश मिलाएं और छोटे-छोटे बड़े बनाकर फ्राई पैन में गर्म-गर्म तेल में भूरा होने तक फ्राई कर लें। इसके बाद बड़ों को 2-3 मिनट के लिए पानी में भिगोकर बाहर निकाल लें।अब एक बर्तन में दही को अच्छी तरह से फेंट लें। उसमें चीनी और भुना हुआ जीरा डाल दें। दही का गाढ़ा घोल बनाने के बाद उसमें सारे बड़े डाल कर धीमे-धीमे अच्छी तरह से मिला दें। इसके बाद थोड़ी देर के लिए दही बड़ा को फ्रिज में रख दें। ठंडा होने के बाद इसका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है।दही भल्लाकी चटनी बनाने के लिए भीगी हुई इमली को मसल लें और बीज निकालकर अलग कर दें। अब गुड़ के छोटे-छोटे टुकड़ों को इमली के रस में मिलाएं। इसमें भुना हुआ जीरा, लाल मिर्च, पानी और स्वादानुसार नमक मिलाएं। फिर इस मिश्रण को पकाएं। चटनी ना तो ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए और ना ही ज्यादा पतली। आप चटनी और चाट मसाला को दही भल्लाके ऊपर डालकर सर्व कर सकते हैं।

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महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसIPL 2022: सीएसके के इस गेंदबाज के खिलाफ रिस्क नहीं लेना चाहते थे आयुष बडोनी, मैच जिताऊ पारी के बाद किया खुलासा******Highlightsलखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज और इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक खास प्रभाव छोड़ने वाले आयुष बडोनी ने खुलासा किया कि चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने ड्वेन ब्रावो के सामने जोखिम नहीं उठाने का फैसला किया था। बडोनी ने नौ गेंदों पर नाबाद 19 रन बनाये तथा इविन लुईस (23 गेंदों पर 55 रन) के साथ मिलकर लखनऊ को छह विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।बडोनी ने मैच के बाद वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं अपनी भूमिका जानता हूं और मुझे केवल अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिये कहा गया था। वे जानते थे कि यदि मैं और इविन अपने शॉट खेलते हैं तो हम जीत सकते हैं। इसलिए कोई विशेष संदेश नहीं था, हमें बस अपने शॉट् खेलने थे और हमने ऐसा किया।’’अनुभवी ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो ने 18वें ओवर में खतरनाक दीपक हुड्डा को आउट किया और आईपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। लखनऊ को आखिरी दो ओवर में 34 रन चाहिए थे। बहुत अधिक ओस गिरने के कारण चेन्नई के कप्तान रविंद्र जडेजा ने शिवम दुबे को गेंद सौंपी जिन्होंने 19वें ओवर में 25 रन लुटा दिये।बडोनी ने कहा, ‘‘जब ब्रावो गेंदबाजी कर रहे थे तब हम जोखिम नहीं लेना चाहते थे। हम आखिरी दो ओवर में अपने शॉट खेलना चाहते थे क्योंकि हमें 28 (34) रन चाहिए थे। मुझे लगता है कि 210 का स्कोर अच्छा था लेकिन हमने अच्छी तरह से इसे हासिल किया।’’महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसIPL 2018: SRH vs RR, कब और कहां देख सकते हैं मैच, HD Online free on Hotstar, JioTV, Airtel TV app and TV****** IPL 2018 सीज़न 11 के चौथे मैच में सोमवार को दो ऐसी टीमें आमने- सामने होंगी जिनके कप्तान टूर्नामेंट शुरू होने कुछ दिन पहले ही बदलने पड़े. बॉल टेंपरिंग की वजह से सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान स्टीव स्मिथ को अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ साथ आईपीएल से भी हाथ धोना पड़ा.स्मिथ की ग़ौरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे राजस्थान का नेतृत्व करेंगे जबकि न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन हैदराबाद की अगुवाई करेंगे. दोनों ही टीमें अब भी कागज पर काफी संतुलित दिख रही हैं.

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महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसPF सदस्यों के लिए बड़ी खबर: 15,000 रुपये से अधिक वेतन वालों के लिए नई पेंशन योजना लाने की तैयारी******new pension schemeHighlightsकर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) संगठित क्षेत्र के 15,000 रुपये से अधिक का मूल वेतन पाने वाले तथा कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत अनिवार्य रूप से नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी जिनका मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) 15,000 रुपये तक है, अनिवार्य रूप से ईपीएस-95 के तहत आते हैं। एक सूत्र ने कहा, ईपीएफओ के सदस्यों के बीच ऊंचे योगदान पर अधिक पेंशन की मांग की गई है। इस प्रकार उन लोगों के लिए एक नया पेंशन उत्पाद या योजना लाने के लिए सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है, जिनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक है।सूत्र के अनुसार, इस नए पेंशन उत्पाद पर प्रस्ताव 11 और 12 मार्च को गुवाहाटी में ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में आ सकता है। बैठक के दौरान सीबीटी द्वारा नवंबर, 2021 में पेंशन संबंधी मुद्दों पर गठित एक उप-समिति भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सूत्र ने बताया कि ऐसे ईपीएफओ अंशधारक हैं जिन्हें 15,000 रुपये से अधिक का मासिक मूल वेतन मिल रहा है, लेकिन वे ईपीएस-95 के तहत 8.33 प्रतिशत की कम दर से ही योगदान कर पाते हैं। इस तरह उन्हें कम पेंशन मिलती है। ईपीएफओ ने 2014 में मासिक पेंशन योग्य मूल वेतन को 15,000 रुपये तक सीमित करने के लिए योजना में संशोधन किया था। 15,000 रुपये की सीमा केवल सेवा में शामिल होने के समय लागू होती है।संगठित क्षेत्र में वेतन संशोधन और मूल्यवृद्धि की वजह से इसे एक सितंबर, 2014 से 6,500 रुपये से ऊपर संशोधित किया गया था। बाद में मासिक मूल वेतन की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग हुई और उसपर विचार-विमर्श किया गया, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई। उद्योग के अनुमान के अनुसार, पेंशन योग्य वेतन बढ़ाने से संगठित क्षेत्र के 50 लाख और कर्मचारी ईपीएस-95 के दायरे में आ सकते हैं। पूर्व श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दिसंबर, 2016 में लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा था, कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ‘कवरेज’ के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25,000 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव ईपीएफओ ने पेश किया था, लेकिन इसपर कोई निर्णय नहीं हुआ।सूत्र ने कहा कि उन लोगों के लिए एक नए पेंशन उत्पाद की आवश्यकता है जो या तो कम योगदान करने के लिए मजबूर हैं या जो इस योजना की सदस्यता नहीं ले सके हैं, क्योंकि सेवा में शामिल होने के समय उनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक था।

महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसकेरल के CM पिनराई विजयन कोरोना वायरस से संक्रमित, बेटी-दामाद भी निकले थे पॉजिटिव****** केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन गुरुवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। उन्होंने स्वयं ट्वीट करके यह जानकारी साझा की। विजयन ने पिछले महीने कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली थी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, 'कोविड-19 जांच में मेरे संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। मैं कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में उपचार कराऊंगा।' उन्होंने हाल ही में उनके संपर्क में आए लोगों से अपनी जांच कराने की भी अपील की।विजयन ने विधानसभा चुनाव के दौरान पूरे राज्य में घूमकर प्रचार किया था। उन्होंने 3 मार्च को वैक्सीन की पहली खुराक ली थी।मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि विजयन वर्तमान में उत्तर केरल के कन्नूर स्थित अपने आवास में हैं और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं।इससे पहले विजयन की बेटी वीना विजयन और उनके दामाद पीए मोहम्मद रियास कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। वहीं, में गुरुवार को 4,353 और लोग से संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही राज्य में महामारी के मामले हो गए। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार लगभग 2,205 लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या 11,10,283 हो गई। राज्य में उपचाराधीन रोगियों की संख्या 33,621 है। विज्ञप्ति के अनुसार, संक्रमण के चलते 18 और रोगियों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 4,728 हो गई है।महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसRajat Sharma’s Blog: क्या KCR सचमुच अंधविश्वास और परिवारवाद में यकीन रखते हैं?******तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) को टोना-टोटका और '6' नंबर को लकी मानने के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने ज्योतिषी की सलाह पर पिछले 5 साल से राज्य के सचिवालय में कदम नहीं रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए KCR पर परिवारवाद की राजनीति करने और अंधविश्वास के आधार पर फैसले लेने के लिए निशाना साधा।मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के बाद से सचिवालय नहीं गए हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इस भवन का वास्तु उनके लिए ठीक नहीं है। उन्होंने 2016 में 50 करोड़ की लागत से घर पर ही एक वास्तुसम्मत कार्यालय बनवाया। उन्होंने सचिवालय में कभी कदम नहीं रखा जबकि उनके मंत्री और नौकरशाह वहीं से काम करते हैं। उन्होंने बेगमपेट में अपने कैंप ऑफिस की मरम्मत कराई और इसे 5 मंजिल ऊंचा और 6 ब्लॉक्स तक बढ़ा दिया। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, KCR का मानना है कि ‘शासक को ऐसी जगह से काम करना चाहिए जो दूसरों की तुलना में ज्यादा ऊंचाई पर हो।’KCR ने एक नया सचिवालय बनवाने की कोशिश की लेकिन उन्हें जनता का विरोध झेलना पड़ा। वह नए सचिवालय के निर्माण के लिए सेना की जमीन का अधिग्रहण करना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने पूरे सचिवालय को वास्तुसम्मत बनाने के लिए उसकी मरम्मत करवानी शुरू कर दी। पिछले 5 साल से KCR सचिवालय की बजाय अपने सरकारी आवास से काम कर रहे हैं।लोगों को लगता है कि चंद्रशेखर राव 6 को अपने लिए लकी अंक मानते हैं, इसीलिए उनके काफिले में जितनी गाड़ियां होती हैं, उनका नंबर या तो 6 है या सभी अंकों का जोड़ 6 है। चंद्रशेखर राव कोई भी काम मुहूर्त देखे बिना नहीं करते। मुहूर्त में भी इस बात का ख्याल रखा जाता है कि टाइम ऐसा हो, जिसका जोड़ 6 हो। जब वह पहली बार CM बने तो उन्होंने दोपहर 12:57 मिनट पर शपथ ली, जिसके अंकों का जोड़ 6 होता है। एक बार वह महबूब नगर जिला गए तो वहां 51 बकरों की बलि चढ़ाई गई। लोगों का दावा है कि 51 बकरों की बलि इसीलिए चढ़ाई गई क्योंकि इसका जोड़ भी 6 होता है। चंद्रशेखर राव जो कमेटियां बनाते हैं, उनके सदस्यों की संख्या भी इस तरह रखते हैं जिसके अंकों का जोड़ 6 हो। शायद यही वजह है कि उन्होंने किसानों के लिए जो को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाई उसमें 15 सदस्य रखे। उनकी पार्टी की जिला समिति में 24 सदस्य हैं, राज्य स्तरीय समिति में 42 सदस्य हैं और इन सबका जोड़ 6 है।तेलंगाना के सियासी जानकारों के मुताबिक, KCR हैदराबाद की मशहूर हुसैन सागर झील कभी नहीं जाते, क्योंकि कहा जाता है कि हुसैन सागर झील जाने के बाद ही एनटी रामाराव से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की गद्दी छिन गई थी।अपनी जनसभा में KCR पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा, 'आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के इस युग में .. अभी भी, 21वीं सदी में भी, जो लोग अंधविश्वास के गुलाम बने हुए हैं, वो अपने अंधविश्वास में किसी का भी नुकसान कर सकते हैं। ये अंधविश्वासी लोग तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ कभी न्याय नहीं कर सकते। मुझे याद है जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था, तो वहां भी कुछ शहरों की पहचान बना दी गई थी कि उस शहर में कोई मुख्यमंत्री जा नहीं सकता है। अगर वहां जाएगा तो उसकी कुर्सी चली जाएगी। मैं डंके की चोट पर वहीं पर जाता था, बार-बार जाता था।' ने कहा- 'मैं विज्ञान …टेक्नोलॉजी में विश्वास करता हूं। मैं तो आज तेलंगाना की इस धरती से उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को भी बधाई देता हूं। वो तो संत परंपरा से हैं, सन्यासी परंपरा से हैं। उनके कपड़े और भेषभूषा देखकर के कोई भी बात मान लेगा। जब उनके सामने आया कि फलानी जगह पर नहीं जाना है, ढिकानी जगह पर नहीं जाना चाहिए। योगी जी ने कहा, मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, वे चले गए और दोबारा जीतकर मुख्यमंत्री बने।' मोदी ने कहा, 'अंधविश्वास को इस प्रकार से तवज्जो देने वाले लोग, उसके भविष्य को कभी संवार नहीं सकते हैं। ऐसे अंधविश्वासी लोगों से हमारे तेलंगाना को हमें बचाना है।.. अंधविश्वासी लोग कभी तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ न्याय नहीं कर सकते। कुछ लोग हैं जो अंधविश्वास पर भरोसा करते हुए कुछ जगहों पर नहीं जाते।'मोदी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘परिवारवाद और परिवारवादी पार्टियां, देश के लोकतंत्र और देश के युवा, दोनों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं। देश ने देखा है, तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि एक परिवार को समर्पित पार्टियां जब सत्ता में आती हैं तो कैसे उस परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार, उसका सबसे बड़ा चेहरा बन जाते हैं। तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि परिवारवादी पार्टियां किस तरह सिर्फ अपना विकास करती हैं, अपने परिवार के सदस्यों की तिजोरियां भरती हैं। इन परिवारवादी पार्टियों को गरीब के दर्द की, गरीब की तकलीफों की, न उनको कोई चिंता नहीं होती है, न परवाह होती है।’मोदी ने कहा, 'इनकी राजनीति सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि एक परिवार लगातार किसी भी तरह सत्ता पर कब्जा करके लूट सके तो लूटता रहे। इसके लिए, ये लोग समाज को बांटने की साजिशें रचतें हैं, जनता के विकास में उनकी कोई रूची नहीं होती है। पिछड़ेपन, समाज पीछे रहे उसी में उनका भला देखते हैं। परिवारवाद की वजह से देश के युवाओं को, देश की प्रतिभाओं को राजनीति में आने का अवसर भी नहीं मिलता। परिवारवाद उनके हर सपनों को कुचलता है, उनके लिए हर दरवाजे बंद करता है। इसलिए, आज 21वीं सदी के भारत के लिए परिवारवाद से मुक्ति, परिवारवादी पार्टियों से मुक्ति एक संकल्प भी है, और एक नैतिक आंदोलन भी है। जहां जहां परिवारवादी पार्टियां हटी हैं, वहां वहां विकास के रास्ते भी खुले हैं।'मोदी परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ पूरे अधिकार से बोल सकते हैं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति से दूर रखा है। लोग उनके भाइयों, भतीजों या अन्य करीबी रिश्तेदारों के नाम भी नहीं जानते हैं। न ही मोदी के रिश्तेदार उनके पद का कोई फायदा उठा सके। वंशवाद की राजनीति के मुद्दे पर कोई भी मोदी को नहीं घेर सकता। इसके उलट भारत में जितनी क्षेत्रीय पार्टियां हैं, वे ज्यादातर परिवारवाद की शिकार हैं। वे चाहें लालू प्रसाद यादव हों, मुलायम सिंह यादव हों, ओम प्रकाश चौटाला हों, प्रकाश सिंह बादल हों, एम करुणानिधि हों, एच डी देवेगौड़ा हों, उद्धव ठाकरे हों या डॉ फारूक अब्दुल्ला हों।KCR ने अपने परिवार के कई सदस्यों को विधायक, सांसद या मंत्री बनाया है। KCR खुद मुख्यमंत्री हैं, उनके बेटे KTR (के.टी.राम राव) तेलंगाना राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और अपने पिता के मंत्रिमंडल में ताकतवर मंत्री भी हैं। KCR की बेटी के. कविता सांसद थीं। वह पिछला चुनाव हार गईं, लेकिन उनके पिता ने उन्हें MLC बना दिया और उन्हें जल्द ही मंत्री भी बनाया जा सकता है। KCR के भतीजे टी. हरीश राव भी उनकी सरकार में मंत्री हैं। KCR के एक और भतीजे जोगिनापल्ली संतोष कुमार सांसद हैं। केसीआर ने उन्हें राज्यसभा में भेजा है। इसलिए उनके परिवार के 5 लोग तो अब महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। अब चर्चा यह है कि KCR अपने एक और भतीजे वामसी को सक्रिय राजनीति में लाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अंधविश्वास के चलते वामसी को राजनीति में ला रहे हैं। लोगों का कहना है कि KCR 6 नंबर को लकी मानते हैं, इसलिए वह '6' तक पहुंचने के लिए परिवार के एक और सदस्य को सियासत में लाना चाहते हैं।KCR कई बार पीएम नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर मिलने से बचने की कोशिश कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि ऐसा वह ज्योतिषियों की सलाह की वजह से कर रहे हैं। जब भी मोदी तेलंगाना के दौरे पर जाते हैं, तो KCR कोई न कोई बहाना बनाकर तेलंगाना से बाहर चले जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ऐसी किसी भी मुलाकात को अपने लिए 'अनलकी' मानते हैं। जब मोदी इस साल फरवरी में 11वीं सदी के संत श्री रामानुजाचार्य की स्मृति में स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी के उद्घाटन के लिए तेलंगाना गए थे, तब KCR बीमारी की बात कहकर एयरपोर्ट पर पीएम का स्वागत करने नहीं पहुंचे थे। गुरुवार को जब मोदी हैदराबाद पहुंचे, KCR उससे 3 घंटे पहले ही एच. डी. देवेगौड़ा और उनके बेटे से मिलने बेंगलुरु के लिए रवाना हो चुके थे। वहां उनका कोई सरकारी काम भी नहीं था। KCR ने मोदी की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए बेंगलुरु में कहा, ‘भाषणबाजी और वादों के अलावा हकीकत क्या है। उद्योग बंद हो रहे हैं, जीडीपी नीचे जा रही है, महंगाई मुंह उठा रही है और रुपया बुरी तरह गिर गया है। आज कोई खुश नहीं है, चाहे किसान हों, दलित हों, आदिवासी हों। राष्ट्रीय स्तर पर जल्द ही बदलाव होगा। 2-3 महीने बाद आपको सनसनीखेज खबर मिलेगी।’आपने वीडियो में देखा होगा कि KCR जब एच. डी. देवगौड़ा और उनके बेटे की मौजूदगी में मीडिया से बात कर रहे थे तो उनकी बाजू पर एक चमकीला कपड़ा बंता हुआ था। मुझे इसके बारे में पता चला कि चंद्रशेखर राव जब भी किसी विशेष मिशन पर जाते हैं, या किसी जरूरी मीटिंग में जाते हैं तो इस तरह का बाजूबंद उनकी बांह पर होता है। यह बाजूबंद केसीआर की सरकार में होम मिनिस्टर महमूद अली उन्हें देते हैं। इस बाजूबंद को ‘इमाम-ए-ज़ामिन’ कहा जाता है। KCR को यकीन है कि ‘इमाम-ए-ज़ामिन’ उनकी रक्षा करता है और वह जिस काम से जाते हैं, वह पूरा हो जाता है।KCR केंद्र में जिस ‘बदलाव’ की बात कर रहे हैं उसके बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। KCR ने भविष्यवाणी की थी कि देवेगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे, औऱ वह बन भी गए। लेकिन उन्होंने यह भविष्यवाणी नहीं की थी कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कुमारस्वामी बार-बार रोएंगे, इसके बाद बगावत होगी और उनकी सरकार चली जाएगी। जबकि ऐसा ही हुआ था। KCR ने यह भी नहीं बताया कि उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह की बातें बोली थीं, देवगौड़ा और दूसरे नेताओं से मिलने के बाद मोदी को मात देने का ऐलान किया था। लेकिन क्या हुआ, पूरी दुनिया ने देखा।मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद में जो भी कहा, साफ कहा: जो करना है कर लो, जितनी ताकत लगानी है लगा लो, जो टोने-टोटके करने हैं कर लो, लेकिन बीजेपी के उखाड़ नहीं पाओगे। बीजेपी ने पिछले 8 सालों में जनता के दिल में जगह बना ली है।

महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसकमाल का पेनकिलर है अदरक, माइग्रेन, आर्थराइटिस और पीरियड्स के दर्द से यूं मिल सकता है छुटकारा******सर्दी खांसी, जुकाम, पेट दर्द, मोशन सिकनेस, जी मिचलाना और अपचन होने पर हम सबसे ज्यादा अदरक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि अदरक दुनिया के तमाम दर्द निवारकों (पेन किलर्स) में से एक बेहतरीन दर्द निवारक ऑप्शन है। इसकी वजह है इसमें पाए जाने वाले कमाल के फाइटोकेमिकल्स। जिन्जेरॉल्स और शोगोल्स ऐसे नेचरल कंपाउंड्स हैं जिनके पाए जाने की वजह अदरक को खास बनाती है।साइंटिस्ट और हर्बल मेडिसिन एक्सपर्ट दीपक आचार्य के मुताबिक अदरक कमाल का दर्द निवारक भी है। यह आइबूप्रोफेन, ट्रिप्टान और NSAID (नॉन स्टेरॉइडल एंटीइंफ्लेमेटरी ड्रग) के टक्कर का है। उन्होंने बताया कि तकरीबन 20 ग्राम अदरक कुचलकर आधा कप रस अगर आप पी लें और कुचले हुए अदरक को माथे पर लेप की तरह लगा लें तो यकीन आपका सिर दर्द गायब हो जाएगा। एक क्लिनिकल स्टडी बताती है कि माइग्रेन में आराम दिलाने वाली मेडीसिन ट्रिप्टान और अदरक का असर बिल्कुल एक जैसा है। इस क्लीनिकल स्टडी में माइग्रेन के रोगियों के दो ग्रुप बनाए गए, एक को ट्रिप्टान और दूसरों को सोंठ (सुखाया हुआ अदरक) का पाउडर दिया गया, दोनों दवाओं को लेने के 2 घंटे के भीतर दर्द में सभी लोगों को आराम मिल गया। एक है नेचरल ऑप्शन और दूसरा सिंथेटिक, अब चॉइस आपकी है।एक और स्टडी बताती है कि पीरियड्स में दर्द की शिकायत वाली 150 महिलाओं के दो ग्रुप्स में से एक को अदरक और दूसरे को आइबूप्रोफेन या NSAID दिए गए और पाया गया कि दोनों ही ग्रुप की महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में बराबरी से दर्द में राहत मिली। अब चॉइस आपकी है कि आप नेचुरल अदरक से अपना दर्द ठीक करना चाहते हैं या फिर दवाई खाना चाहते हैं। अदरक तो बेशक कमाल का पेन किलर है, आर्थराइटिस से त्रस्त लोगों को भी इससे बहुत आराम मिलता है। सबसे बड़ी बात है कि आपको हाईडोज पेनकिलर भी नहीं खाना होगा और बिना साइडइफेक्ट्स के आप ठीक हो सकते हैं। हेवी डोज़ ड्रग्स की वजह से पेट की भीतरी लाइनिंग के डैमेज को कम करने या उसे ठीक करने में अदरक के फाइटोकेमिकल्स कमाल का काम करते हैं।अगर आपको भी कभी दर्द सताए तो 15-20 ग्राम कुचलें अदरक, रस निकालें और पी जाएं, दर्द वाले हिस्से पर बचे हिस्से का लेप करके रखें, आधा घंटे में आपको असर दिखेगा। सोंठ का पाउडर भी रसोई में रखें, पाउडर की 5-7 ग्राम (एक चम्मच) मात्रा एक कप गुनगुने में मिक्स करके पी जाएं, ध्यान रहे, तब करना है ये सब, जब दर्द सता रहा हो।महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसबेंगलुरु के अस्पताल में संक्रमित मांओं से 160 कोविड-फ्री शिशुओं का जन्म******शहर के एक अस्पताल में संक्रमित माताओं से 160 से अधिक कोविड मुक्त शिशुओं का प्रसव कराया गया। वाणी विलास अस्पताल के एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया, "हमने कोरोनावायरस से मुक्त 160 से अधिक शिशुओं का सफलतापूर्वक प्रसव कराया है। जबकि उनकी मांएं कोविड-19 संक्रमित थीं।"बच्चे कोरोनावायरस से संक्रमित न हों इसलिए अस्पताल में डॉक्टरों ने ज्यादातर मामलों में नवजात शिशुओं को उनकी संक्रमित माताओं से तुरंत अलग कर दिया। अधिकारी ने कहा, "यही एक कारण है जिसके कारण बच्चे कोरोनावायरस मुक्त हैं। हमने उन्हें नवजात देखभाल इकाई में स्थानांतरित कर दिया है।"उन्होंने आगे कहा, "शिशुओं का पांचवें और 14वें दिन कोविड के लिए परीक्षण किया जाएगा। यदि वे नकारात्मक हैं तो शिशुओं को उनके रिश्तेदारों या अटेंडेंट्स को सौंप दिया जाता है।" कुछ को छोड़कर ज्यादातर शिशु स्वस्थ हैं।वहीं नौ शिशुओं के एक समूह का परीक्षण पॉजिटिव आया था। वे हाई रिस्क वाले कोविड-19 जोन में रहते थे। उन्होंने कहा, "बिना लक्षण वाली संक्रमित माताओं से पैदा होने वाले शिशुओं को माताओं के पास रहने देना चाहिए। लेकिन इस दौरान हाथ और स्तन की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।"

महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसदिल्ली सरकार ने 70 विधानसभा क्षेत्रों में ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान की शुरुआत की******दिल्ली सरकार ने दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान सोमवार को सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में शुरू किया। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इंडिया गेट के पास राजपथ क्रॉसिंग से इस अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के बारे में गोपाल राय ने कहा, "प्रदूषण की समस्या सिर्फ आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार की नहीं, बल्कि सब की है, जो पार्टी और सरकार से ऊपर है।"उन्होंने सरकारों के साथ-साथ सभी जन प्रतिनिधियों और दिल्ली के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह सब की जिम्मेदारी है कि सभी प्रदूषण को कम करने में अपने हिस्से का योगदान दें।उन्होंने कहा, "ट्रैफिक सिग्नल्स पर एक वाहन करीब 15 से 20 मिनट तक रुकता है। उस दौरान वाहनों से धुआं निकलता है और वाहन का ईंधन भी जलता है। इस अभियान का उद्देश्य रेड लाइट पर खड़े वाहनों को बंद कर 15 से 20 प्रतिशत तक प्रदूषण को कम करना है।"दिल्ली सरकार 2 नवंबर से दिल्ली के सभी 272 वार्डो में इस अभियान को शुरू करने जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में अपनी भागीदारी दे सकें।आने वाले दिनों में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष और दिल्ली के अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ सभी विधायक भी इस अभियान में शामिल होंगे। दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान में शामिल होकर रेड लाइट पर अपने वाहनों को बंद करके अपनी हिस्सेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।पर्यावरण मंत्री राय ने सोमवार को सी हेक्सागन, राजपथ क्रॉसिंग पर 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, "दिल्ली के अंदर 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान आज से सभी 70 विधानसभाओं में शुरू हो रहा है। दिल्ली के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान से बड़ी तादाद में दिल्ली के लोग जुड़ रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।"'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान 21 अक्टूबर से शुरू किया था। अब यह अभियान दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ शुरू हुआ है। 2 नवंबर से इस अभियान को दिल्ली के 272 वार्डो में लेकर जाया जाएगा, जिससे कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में हिस्सा ले सकें।दिल्ली सरकार का यह मानना है कि अगर प्रदूषण की समस्या दिल्ली के दो करोड़ लोगों की है, तो इसके समाधान के लिए सभी लोगों को आगे बढ़कर आना पड़ेगा। इसीलिए इस अभियान को आज से और तेज किया जा रहा है। इसके बाद 2 नवंबर से वार्ड स्तर पर इस अभियान को शुरू किया जाएगा।पर्यावरण मंत्री ने कहा, "वैज्ञानिक प्रदूषण का पूरा आकलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक दुनिया और भारत के अंदर वैज्ञानिकों का जो अध्ययन रहा है, उसके मुताबिक रेड लाइट पर 15 से 20 मिनट तक गाड़ी खड़ी होती है, इससे काफी वाहन प्रदूषण पैदा होता है। ऐसे में दिल्ली के अंदर एक गाड़ी को औसतन 15 से 20 मिनट तक चौराहों पर गुजारना पड़ता है। अगर इस दौरान गाड़ी चालू रहती है, तो 15 से 20 फीसदी वाहन प्रदूषण बेवजह होता है। अगर गाड़ी बंद की जाए, तो हम 15 से 20 फीसदी वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने में सफल होंगे।"'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान में भाजपा के सांसदों और विधायकों की भागीदारी न होने संबंधी मीडिया के सवालों का जवाब देनते हुए गोपाल राय ने कहा, "मैंने सभी विधायकों को भी फोन करवाया था, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है, लेकिन मुझे इस बात की उम्मीद है कि वे लोग अपने स्तर पर भी प्रदूषण कम करने को लेकर कार्य कर रहे होंगे। यह समस्या केवल आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार की नहीं, बल्कि सबकी है। इसलिए सभी लोग अपने अपने स्तर पर इसमें सहभागिता करते हैं, तो काफी हद तक सफलता मिलेगी।"महिलाअंडर17फुटबॉलटीमकीफिटनेससेप्रभावितहुएकोचथॉमसरिजर्व बैंक ने पांच विदेशी बैंकों पर लगाया जुर्माना, फेमा नियमों का किया था उल्‍लंघन****** भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में कार्यरत पांच विदेशी बैंकों पर आज जुर्माना लगाया है। इन विदेशी बैंकों में बैंक ऑफ अमेरिका, बैंक ऑफ टोक्‍यो मित्‍सुबिशी, डॉयचे बैंक, रॉयल बैंक ऑफ स्‍कॉटलैंड तथा स्‍टैंडर्ड चार्टर्ड शा‍मिल हैं। इन सभी बैंकों ने फेमा नियमों का उल्‍लंघन किया है।रिजर्व बैंक ने अपने एक बयान में कहा है कि फॉरेन एक्‍सचेंज मैनेजमेंट एक्‍ट, 1999 (फेमा) के अनुसार रिपोर्टिंग रिक्‍वायरमेंट के तहत जारी दिशा-निर्देशों का इन सभी बैंकों ने उल्‍लंघन किया है, इसलिए इन पर यह जुर्माना लगाया गया है।

नवीनतम उत्तर (2)
2022-10-01 06:27
उद्धरण 1 इमारत
कुत्ते के काटने से भैंस की मौत, रेबीज टीका लगवाने के लिए अस्पताल भागे लोग******Highlights मध्य प्रदेश के एक गांव में कुत्ते के काटने से एक भैंस और उसके बछड़े की मौत ने लोगों में दहशत पैदा कर दी, जिससे उन्हें रेबीज के टीके के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। घटना ग्वालियर जिले के एक गांव की है। गुरुवार को भैंस और उसके बछड़े की मौत की खबर फैलते ही गांव के लोग चिंतित हो गए। वे घबरा गए और एक स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे क्योंकि उन्होंने मरने वाली भैंस का दूध पी लिया था।भैंस की मौत की खबर सुनते ही एक के बाद एक लोग रेबीज का टीका लगाने के लिए दौड़ पड़े। बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने से मेडिकल स्टाफ हैरान रह गया और उन्हें पता चला कि एक पागल आवारा कुत्ते के काटने से एक भैंस और उसके बछड़े की मौत हो गई है। जिले के डबरा कस्बे में अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर ने कहा, "इससे तब गांव में हड़कम्प गया जब सैकड़ों लोगों को पता चला कि एक धार्मिक समारोह में उन्होंने जो 'रायता' खाया था, वह उसी भैंस के दही से बनाया गया था। इसलिए, वे टीका लगाने के लिए अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।"रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ही भैंस का दूध भी कई घरों में पहुंचाया गया। लोग यह जानकर घबरा गए कि जिस कुत्ते ने उन्हें काटा था, वह पागल था। यह खबर फैलते ही लोगों को डर लगने लगा कि कहीं दूध और दही से उन्हें रेबीज न हो जाए।रेबीज के टीके के सीमित स्टॉक के साथ, वहां एकत्र हुए लगभग 1,000 लोगों को चिकित्सा कर्मचारियों को लोगों को समझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वे सभी खुद को बचाने के लिए टीका लगवाना चाहते थे।स्थिति बिगड़ने पर ग्वालियर मेडिकल कॉलेज और संक्रामक रोग केंद्र के अधिकारियों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डबरा क्षेत्र जाना पड़ा।रेबीज इंजेक्शन की उच्च मांग के साथ, पीएचसी में रेबीज रोधी स्टॉक भी समाप्त हो गया। उन्होंने आगे कहा कि लगभग 1,000 लोग एंटी-रेबीज डोज लेना चाहते थे, लेकिन उनमें से केवल एक को ही टीका लग पाया। हालांकि 150 लोग नहीं माने और उन्हें टीका लगाया गया। जिन्हें टीका नहीं लगा, उनमें से कई ने टीकाकरण के लिए निजी अस्पतालों से संपर्क भी किया।
2022-10-01 05:53
उद्धरण 2 इमारत
इलाहाबाद बैंक को पहली तिमाही में 1,944 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा, पिछले साल इसी अवधि में हुआ था 28.84 करोड़ का लाभ******Allahabad Bank सार्वजनिक क्षेत्र के को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1,944.37 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की इसी अवधि में बैंक को 28.84 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। शेयर बाजार को दी जानकारी के अनुसार समीक्षाधीन अवधि में बैंक की कुल आय घटकर 4,794.04 करोड़ रुपए रही जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,968.57 करोड़ रुपए थी। हालांकि, ब्याज से बैंक की आय इस दौरान बढ़कर 4,599.50 करोड़ रुपए हो गई जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,147.85 करोड़ रुपए थी। समीक्षावधि में बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) उसके सकल ऋण का 15.97 प्रतिशत रही हैं, इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 13.85% था।बैंक का शुद्ध एनपीए उसके शुद्ध ऋण का 7.32% रहा जो इससे पिछले वित्त वर्ष में इस दौरान 8.96% था। बैंक ने फंसे कर्ज के लिए प्रावधान को बढ़ाकर 2,590.37 करोड़ रुपए किया है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,686.70 करोड़ रुपए था।
2022-10-01 05:50
उद्धरण 3 इमारत
ट्रंप ने COVID-19 राहत पैकेज बिल को लौटाया, रखी अमेरिकी नागरिकों को 2000 डॉलर देने की शर्त******Donald Trump refuses to sign COVID-19 relief bill, seeks USD 2,000 stimulus paymentअमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप नेCOVID-19 राहत पैकेज बिल पर हस्‍ताक्षर करने से इनकार कर दिया है। उन्‍होंने कहा है कि इस बिल में अमेरिकी नागरिकों को 600 डॉलर देने का प्रावधान पर्याप्‍त नहीं है और उन्‍होंने कांग्रेस से इस राहत राशि को बढ़ाकर 2000 डॉलर करने को कहा है। ट्रंप ने मंगलवार रात ट्वीटर पर एक वीडियो पोस्‍ट किया है, जिसमें उन्‍होंने कहा है कि बिल में विदेशी देशों को बहुत अधिक धन देने का प्रावधान किया गया है लेकिन अमेरिकंस के लिए दी जाने वाली राशि बहुत कम है। इस वीडियो संदेश में कहा है कि 900 अरब डॉलर का राहत पैकेज एक फजूल का खर्च है और इसमें कठोर मेहनत कर टैक्‍स देने वाले अमेरिकन नागरिकों को राहत के रूप में केवल 600 डॉलर दिए जा रहे हैं। इस बिल में छोटे उद्योगों को पर्याप्‍त राहत देने का कोई प्रावधान नहीं है, खासकर उन रेस्‍टॉरेंट्स मालिकों के लिए जो बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ट्रंप ने कांग्रेस से मांग की है कि वह इस बिल में संशोधन करें और राहत राशि को 600 डॉलर से बढ़ाकर 2000 डॉलर या 4000 डॉलर प्रति जोड़ा करें।अमेरिकी कांग्रेस ने महीनों चली लंबी बातचीत के बाद सोमवार को ही 900 अरब डॉलर के कोविड राहत बिल को मंजूरी दी थी। इससे कारोबारियों और आम लोगों की नकदी संबंधी जरूरत पूरी होने और सभी तक वैक्सीन पहुंचाने में मदद मिलने की संभावना जताई गई थी। इस राहत बिल को सोमवार की दोपहर में सदन में रखा गया, जहां सीनेट ने पैकेज को 92-6 के भारी बहुमत से मंजूरी दी, जबकि दूसरे सदन में इसके पक्ष में 359 वोट और विपक्ष में 53 वोट पड़े।कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रभावित हुए लोगों की मदद करने और अर्थव्यवस्था में गति देने के इरादे से नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन इस समझौते को लागू करने के पक्ष में थे और उन्होंने अपनी पार्टी से इस संबंध में डेमोक्रेट के साथ सहमति बनाने की अपील की थी। इस राशि का इस्तेमाल कोरोना वायरस महामारी के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुए कारोबारियों एवं जरूरतमंद लोगों की मदद करने और टीका मुहैया कराने के अभियान में किया जाएगा।इस पैकेज के तहत बेरोजगारों को हर हफ्ते 300 डॉलर और जरूरतमंद लोगों को 600 डॉलर की सहायता प्रदान की जाएगी। नए प्रावधानों के तहत सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले थियेटर जैसे कारोबारों, स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं की भी मदद की जाएगी। इस विधेयक में 5,593 पन्ने हैं और इसे अमेरिका के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विधेयक कहा जा रहा है।
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