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Covid Update in China: चीन में कोरोना से फिर बिगड़ने लगे हालात, 6.5 करोड़ चीनी नागरिकों के आवागमन पर प्रतिबंध

2022-10-01 06:30:45 984

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधUttarakhand Bus Accident: तीर्थ यात्रियों के शव गांव पहुंचते ही मच गई चीख पुकार, एक साथ उठी 8 अर्थियां******Highlights मध्य प्रदेश के जिले के साटा बुद्ध सिंह गांव में मंगलवार को हर तरफ रुदन ही सुनाई दे रहा था। हर किसी की आंखें नम थीं तो अपनों के जाने का कोई भी शब्दों में बयां नहीं कर पा रहा था। इस गांव में जब से उत्तराखंड में हुए हादसे की सूचना पहुंची थी तभी से कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले थे। बता दें कि चारधाम की यात्रा पर गए लोगों की बस उत्तराखंड के उत्तरकाशी में रविवार की रात को हादसे का शिकार हो गई थी। जिसमें 26 लोगों की मौत हई थी, इसमें 24 पन्ना और एक छतरपुर जिले की निवासी थी।पन्ना जिले का साटा बुद्ध सिंह ऐसा गांव है, जहां के आठ लोगों ने इस हादसे में जान गंवाई। इस गांव के द्विवेदी परिवार के छह और राजेंद्र सिंह के परिवार के दो लोगों ने जान गंवाई। द्विवेदी परिवार सदमे में है क्योंकि उनके घर के तीन जोड़े चारधाम की यात्रा पर गए थे जिनका एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पहली चिता में दिनेश प्रसाद द्विवेदी, पत्नी प्रभा द्विवेदी, दूसरी चिता में उनकी मां, तीसरी चिता में चचेरे भाई हरि नारायण द्विवेदी, उनकी पत्नी हरि बाई, चौथी चिता में भाई रूपनारायण का दाह संस्कार किया गया।उत्तराखंड से भारतीय वायुसेना के विमान से सभी तीर्थयात्रियों के शवों को खजुराहो लाया गया था। जहां से प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस के जरिए उनके घरों तक भेजा गया था। इन सभी शवों को लेकर क्षेत्रीय सांसद विष्णुदत्त शर्मा देहरादून से खजुराहो पहुंचे थे। वहीं पन्ना के कलेक्टर संजय मिश्रा ने प्रभावित परिवारों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी।उत्तराखंड के हादसे की सूचना के बाद से उन सभी गांव जहां के लोग तीर्थयात्रा पर गए थे मातम छाया हुआ है। बुद्ध सिंह साटा गांव में तो मंगलवार को जो व्यक्ति भी पहुंचा उसकी आंखें नम हो गईं। महिलाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के रुदन ने गांव को पूरी तरह दुख के सागर में डुबो दिया।क्षेत्रीय सांसद ने हादसे का शिकार बने परिवारों के सदस्यों से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया। मृतकों के शवों पर पुष्पांजलि अर्पित की और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है। इसी तरह मोहेंद्रा गांव में भी हर तरफ मातम था क्योंकि यहां के चार लोगों ने उत्तराखंड हादसे में जान गंवाई थी। उनकी जब अंतिम यात्रा निकली तो हर कोई गमगीन हो गया। उत्तराखंड में हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजनों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी गई है। वहीं घायलों के उपचार का भी सरकार ने इंतजाम किया है।

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधकर्नाटक: कुमारस्वामी कैबिनेट का विस्तार, 25 मंत्रियों ने ली शपथ******कर्नाटक में की अगुवाई वालीजनता दल (सेकुलर)-कांग्रेस गठबंधन सरकार का बुधवार को विस्तार किया गया, जिसमें 25 विधायकों को के रूप में शामिल किया गया। इनमें दोनों सहयोगी दलों के 23 विधायकों को, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक तथा एक निर्दलीय विधायक को मंत्री बनाया गया है। मंत्री बनने वाले दोनों सहयोगी दलों के 23 विधायकों में कांग्रेस के 14 तथा जद (एस) के नौ विधायक शामिल हैं।राज्यपाल वजुभाई आर. वाला ने राजभवन में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वरिष्ठ कन्नड़ अभिनेत्री और कांग्रेस की विधान परिषद सदस्य जयमाला 27 सदस्यीय मंत्रिमंडल में इकलौती महिला हैं। बसपा के एन. महेश ने भी शपथ ली। बसपा चुनाव से पहले जद (एस) की सहयोगी है। इसके साथ ही बसपा का उसके गृह राज्य उत्तर प्रदेश के बाहर और दक्षिण भारत में पहला मंत्री बना है।गठबंधन का समर्थन करने वाले निर्दलीय विधायक आर. शंकर भी कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर शंकर ने पार्टी छोड़ दी थी और उन्होंने हावेरी जिले की राणेबन्नूर विधानसभा सीट पर पूर्व कांग्रेसी विधायक के.बी. कोलीवाड को हराया था।शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री जद (एस) के एच.डी. कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री कांग्रेस के जी. परमेश्वरा के अतिरिक्त दोनों सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता और विधायक, वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।कांग्रेस के 14 और जद (एस) के नौ विधायकों ने कन्नड़ में ईश्वर, अल्लाह, 14वीं शताब्दी के कन्नड़ समाज सुधारक बसवन्ना और माता-पिता के नाम पर शपथ ली। कांग्रेस से आर.वी. देशपांडे, डी.के. शिवकुमार, के.जी. जॉर्ज, कृष्णा बायरे गौड़ा, शिवशंकर रेड्डी, रमेश जरकीहोली, प्रियांक खड़गे, यू.टी. अब्दुल खादर, जमीर अहमद खान, शिवानंद पाटील, वेंकट रमनप्पा, राजशेखर बसवराज पाटील, पुत्तरंगा शेट्टी और जयमाला ने मंत्रीपद की शपथ ली।जद (एस) से एच.डी. रेवन्ना, बन्देप्पा काशेमपुर, जी.टी. देवेगौड़ा, डी.सी. तमन्ना, एम.सी. मनागुली, एस.आर. श्रीनिवास, वेंकटराव नादेगौड़ा, सी.एस. पुत्तराजू और एस.आर. महेश ने शपथ ली।संविधान के अनुसार राज्य में 34 मंत्री या 225 सदस्यीय विधानसभा के 15 फीसदी विधायक मंत्री बन सकते हैं। इनमें एक नामित विधायक भी शामिल होता है।सरकार के गठबंधन साझेदारों के बीच बनी सहमति के अनुसार, उपमुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के 21 मंत्री होंगे, जबकि जद (एस) के मुख्यमंत्री सहित 11 मंत्री होंगे। मंत्रिमंडल में बची हुईं सात रिक्तियों में कांग्रेस के हिस्से पांच और जद (एस) के हिस्से दो पद हैं।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "कुमारस्वामी संबंधित पार्टियों के नेताओं से विचार-विमर्श कर मंत्रियों को विभागों का आवंटन करेंगे।"कुमारस्वामी और परमेश्वरा के 23 मई को शपथ ग्रहण करने के 14 दिनों बाद तथा मुख्यमंत्री द्वारा 25 मई को विश्वास मत जीतने के 12 दिनों बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है। हासन जिले की होलेनरसीपुर विधानसभा सीट से विधायक रेवन्ना जद (एस) प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा के दूसरे बेटे तथा कुमारस्वामी के बड़े भाई हैं।कलबुर्गी जिले की चित्तापुर विधानसभा सीट से विधायक प्रियांक लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं।देशपांडे, जॉर्ज, शिवकुमार, बायरेगौड़ा, खड़गे, और खादर पूर्ववर्ती सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में भी मंत्री थे, जबकि रेवन्ना, काशेमपुर और जी.टी. देवेगौड़ा पूर्ववर्ती जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार (2004-06) तथा जद (एस)-भाजपा गठबंधन सरकार (2006-07) में मंत्री रह चुके हैं।चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधShare Market में बजट रैली दूसरे दिन भी जारी, सेंसेक्स 696 अंक और उछला******sensexHighlightsबजट से उत्साहित शेयर बाजारों में तेजी का दौर बुधवार को भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स करीब 696 अंक उछलकर फिर 59,500 अंक के स्तर को लांघ गया। कारोबार के दूसरे सत्र में बैंक एवं वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली से सेंसेक्स को मजबूती मिली। इसके अलावा अनकूल वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को तेजी देने का काम किया। कारोबारियों के अनुसार, केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिये अधिक आवंटन के साथ पूंजीगत व्यय बढ़ने से मौजूदा आर्थिक पुनरुद्धार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसका बाजार ने स्वागत किया।बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के अंत में 695.76 अंक यानी 1.18 प्रतिशत बढ़कर 59,558.33 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 203.15 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,780.00 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से इंडसइंड बैंक 5.57 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक फायदे में रही। बजाज फिनसर्व, एचसीएल, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक में भी अच्छी तेजी रही। एचडीएफसी में 1.87 प्रतिशत की तेजी आयी। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 5,837 करोड़ रुपये रहने की खबर से इसके शेयर में मजबूती आयी। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, नेस्ले इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, एलएंडटी और सन फार्मा के शेयर 1.61 प्रतिशत तक नुकसान के साथ बंद हुए।सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 21 के शेयर लाभ में रहे जबकि नौ में घाटा उठाना पड़ा। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, घरेलू बाजार में बजट के अच्छे संकेत तथा वैश्विक स्तर पर सकारात्मक रुख से तेजी बनी रही। ज्यादातर क्षेत्र लाभ में रहे। हालांकि, तेजी में बैंक और वित्तीय शेयरों का योगदान ज्यादा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ कंपनियों के बेहतर परिणाम से निवेशकों ने भू-राजनीतिक तनाव को ज्यादा महत्व नहीं दिया। कंपनियों के तिमाही परिणाम के अलावा निवेशकों को तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उनके सहयोगी देशों की बैठक के नतीजे का इंतजार है। इसके अलावा यूरो क्षेत्र के मुद्रास्फीति के आंकड़े की भी प्रतीक्षा है।रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय बजट के बाद बाजार में उत्साह रहा। इसके अलावा, वैश्विक पुनरुद्धार और कंपनियों के अनुकूल परिणाम तेजी को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, इन सबके बीच यह नहीं भूलना चाहिए कि निफ्टी सूचकांक अभी भी 18,000-18,300 के नीचे कारोबार कर रहा है और यह एक बाधा के रूप में काम करेगा। हमें लगता है कि निवेशकों को उन क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए जो सूचकांक के अनुरूप कारोबार कर रहे हैं। इनमें बैंक तथा वित्तीय क्षेत्र प्रमुख हैं। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की लाभ में रहा। वहीं चीन, हांगकांग एवं दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष के मौके पर बंद रहे। यूरोप के बाजारों में दोपहर के सत्र में तेजी का दौर देखने को मिला। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत बढ़कर 89.40 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया एक पैसे के नुकसान के साथ 74.83 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

Covid Update in China: चीन में कोरोना से फिर बिगड़ने लगे हालात, 6.5 करोड़ चीनी नागरिकों के आवागमन पर प्रतिबंध

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधभारत को 5 अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने से भी बड़ा है लक्ष्‍य, भारतीय उद्यमियों का होगा नया दशक: मोदी******प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत को 5 अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने का लक्ष्‍य केवल एक पड़ाव है, हमारा लक्ष्‍य से इससे भी बड़ा और ऊंचा है। उन्‍होंने कहा कि आज जब हम एक नए वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, नए दशक में प्रवेश कर रहे हैं, तो मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं कि ये दशक भारतीय उद्यमियों का होगा। ने कहा कि ये जरूरी नहीं की जो कंपनी सफल न हो रही हो, उसके पीछे कोई साजिश ही हो, कोई लालच ही हो। देश में ऐसे उद्यमियों के लिए एक रास्ता तैयार करना आवश्यक था और आईबीसी ने इसी का आधार तय किया है।देश के लोगों का सही सामर्थ्य तभी सामने आ सकता है, जब सरकार, इंडिया, इंडियन और इंडस्ट्रीज के आगे बाधा बनकर नहीं, बल्कि उनका साथी बनकर खड़ी रहे। बीते वर्षों में देश ने यही मार्ग अपनाया है।भारतीय उद्योग, एक पारदर्शी माहौल में भय के बिना, बाधा के बिना, आगे बढ़े, देश के लिए संपत्ति का सृजन करे, खुद के लिए संपत्ति का सृजन करे, यही हम सभी का प्रयास रहा है और आगे भी बना रहेगा।मोदी ने कहा कि ये निरंतर कोशिश की गई है कि भारतीय उद्योग जगत को कानूनों के जाल से मुक्ति मिले। कुछ कर गुजरने की ये भावना, जोखिम उठाने की ये भावना, नए-नए क्षेत्रों में अपना विस्तार करने की ये भावना, आज भी हर भारतीय उद्यमी की पहचान है। भारत का उद्यमी अधीर है देश के विकास के लिए, अपनी क्षमताओं और सफलताओं के विस्तार के लिए।मोदी ने कहा कि हमारे टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता आए, दक्षता आए, जिम्‍मेदारी बढ़े, करदाता और कर विभाग के बीच मानव इंटरफेस समाप्त हो, इसके लिए एक नई व्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है। आज देश में कॉरपोरेट टैक्‍स की दर जितनी कम है, उतनी पहले कभी नहीं थी।पिछले पांच सालों में, देश में निष्ठा के साथ काम करने का, पूरी ईमानदारी के साथ काम करने का, पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने का एक माहौल बना है। इस माहौल ने देश को बड़े लक्ष्य तय करने, और तय समय पर प्राप्त करने का हौसला दिया है। बीते कुछ वर्षों में देश में एक और बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। ये परिवर्तन आया है युवा उद्यमियों की संख्या में। आज देश के युवा उद्यमी, नए विचारों, नए बिजनेस मॉडल्‍स लेकर सामने आ रहे हैं।श्रम संहिता को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित श्रम संहिता से मजदूरों और उद्योगपतियों दोनों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में कॉरपोरेट कर की दरें सबसे कम हैं ताकि कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में यूपीआई के जरिये करीब नौ लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। इस वित्त वर्ष में दिसंबर तक ही यह आंकड़ा 15 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधबलिया में युवक की पिटाई को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प, 6 पुलिसकर्मियों समेत 12 घायल******उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा कस्बे में पुलिस द्वारा एक युवक की कथित पिटाई की घटना को लेकर गुरुवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई। इस दौरान एक अस्थाई पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की गई तथा करीब आधा दर्जन वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि रसड़ा कस्बे में लोगों ने पुलिस पर पन्ना लाल नामक युवक की पिटाई का आरोप लगाते हुए लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर स्थित कोटवारी मोड़ पर रास्ता जाम कर दिया।संजय यादव ने बताया कि इसकी सूचना मिलने पर वह और पुलिस उपाधीक्षक केपी सिंह मौके पर पहुंचे। बातचीत में जाम हटाने को लेकर सहमति बनी तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पुलिस ने जैसे ही जाम के लिए सड़क पर रखे गए अवरोधकों को हटाना शुरू किया ग्रामीण फिर उग्र हो गए। यादव ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो ग्रामीणों ने शुरू कर दिया।यादव ने बताया कि उग्र भीड़ ने अस्थाई पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की तथा 6 मोटरसाइकिलों को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि इस में वह खुद भी घायल हो गए। इसके अलावा 5 अन्य पुलिसकर्मियों और 2 पत्रकारों समेत कुल 12 लोग जख्मी हुए हैं। उहोंने बताया कि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिलाधिकारी एचपी शाही और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ मौके पर गए।पुलिस अधीक्षक नाथ ने बताया कि कस्बे की राम दुलारी देवी ने अपने पति के भतीजे पन्नालाल के विरुद्ध पुलिस से शिकायत की थी कि वह उनके घर में जबर्दस्ती रह रहा है। इस सूचना के बाद पुलिस पन्नालाल को बुधवार को पुलिस चौकी पर ले आई। पन्नालाल का आरोप है कि पुलिस चौकी पर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की तथा दुर्व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि पुलिस पर पथराव करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधरक्षा बजट पहली बार 3 लाख करोड़ रुपए के पार, वन रैंक-वन पेंशन के लिए 35,000 करोड़ रुपए आवंटित******defence budget वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के में बहुत अधिक वृद्धि करने की घोषणा की है। शुक्रवार को संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश करते हुए गोयल ने कहा कि देश का रक्षा बजट पहली बार 2019-20 के लिए तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक किया गया है। लोकसभा में 2019-20 के बजट पेश करते हुए गोयल ने यह भी कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के लिए सरकार पहले से ही 35,000 करोड़ रुपए से अधिक आवंटित कर चुकी है। सरकार सभी सैन्‍यकर्मियों की सैन्‍य सेवा वेतनमान (एमएसपी) में महत्‍वपूर्ण रूप से बढ़ोतरी और अत्‍यधिक जोखिम से भरे क्षेत्रों में तैनात नौसेना और वायुसेना कर्मियों को विशेष भत्‍ते दिए जाने की घोषणा कर चुकी है।उन्होंने कहा कि 2018-19 के बजट अनुमानों में प्रदत्‍त 2,82,733 करोड़ रुपए की तुलना में 2019-20 के लिए बजट अनुमानों में 3,05,296 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं। इन आकड़ों को वर्ष 2018-19 के संशोधित अनुमानों में 2,85,423 करोड़ रुपए तक संशोधित किया गया था। गोयल ने कहा कि हमारा रक्षा बजट 2019-20 में पहली बार 3,00,000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि हमारी सीमाओं को सुरक्षित करने और उच्‍चतम स्‍तर की तैयारियों को बनाये रखने के लिए यदि आवश्‍कता होती है तो अतिरिक्‍त निधियां प्रदान की जाएंगी।

Covid Update in China: चीन में कोरोना से फिर बिगड़ने लगे हालात, 6.5 करोड़ चीनी नागरिकों के आवागमन पर प्रतिबंध

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधRajat Sharma’s Blog : क्या मोदी रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता करेंगे ?******आज सारी दुनिया की निगाहें भारत की ओर हैं। दुनिया भारत को इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर देख रही है। शुक्रवार को रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का 38 वां दिन था और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मोदी ने लावरोव से कहा कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने की कोशिशों में हर तरह के योगदान के लिए तैयार है। लावरोव मोदी के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का खास संदेश लेकर आए थे।जहां एक ओर रूस चाहता है कि भारत यूक्रेन संकट के मामले में मध्यस्थता करे, वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से दूर रहे और पुतिन के विरोध में पश्चिमी गुट में शामिल हो जाए। ब्रिटेन भी चाहता है कि भारत को यूरोपीय देशों के साथ खड़े होना चाहिए जो रूस के आक्रमण का विरोध कर रहे हैं। चीन भी भारत के साथ शांति चाहता है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी अचानक दिल्ली के दौरे पर पहुंचे थे। उधर, पाकिस्तान में एक बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहे प्रधानमंत्री इमरान खान भी बार-बार भारत की आज़ाद विदेश नीति की तारीफ कर रहे हैं और यह चाहते हैं कि उनका देश भी भारत की तरह किसी बाहरी दबाव में न आए।के विदेश मंत्री ने दिल्ली में कहा, 'भारत की अपनी आजाद विदेश नीति है और यह सही मायने में आजाद और अपने हितों को सबसे ऊपर रखने वाली है...अगर भारत रूस से कुछ भी खरीदना चाहता है तो हम इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं।'लावरोव की यह टिप्पणी अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह की भारत, रूस और चीन के बारे में की गई विवादास्पद टिप्पणी के मद्देनजर आई है।अमेरिकी डिप्टी एनएसए दलीप सिंह ने भारत को आंख दिखाने की कोशिश की। दलीप सिंह को बायडेन प्रशासन ने रूस के खिलाफ अन्तरराष्ट्रीय पाबंदियों को लागू कराने के लिए नियुक्त किया है। भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से मुलाकात के बाद दलीप सिंह ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था, ' चीन रऊस से जितना ज्यादा फायदा उटाएगा, उतना ही यह भारत के लिए कम अनुकूल होगा। मुझे नहीं लगता कि कोई भी इस बात पर यकीन करेगा कि अगर चीन ने एक बार फिर वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया तो रूस भारत की रक्षा के लिए दौड़ा आएगा।' राजनयिक हलकों में इस तरह की टिप्पणी को परोक्ष रूप से धमकी माना जाती है।भारत ने शुक्रवार को इस संबंध में अमेरिका को स्पष्ट संदेश दे दिया, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लावरोव से मुलाकात की और इस मुलाकात के बाद लावरोव ने पीएम मोदी से मुलाकात की। कूटनीतिक भाषा और लहज़े में इससे ज्यादा साफ संकेत और कुछ नहीं हो सकता था। भारत ने बिना कुछ बोले, बिना कुछ कहे डिपलोमैसी की भाषा में अमेरिका को कड़ा संदेश दे दिया। भारत का संदेश था- जहां तक विदेश नीति का संबंध है, हमें डराया नहीं जा सकता। पीएम मोदी के शब्दों में-'भारत न किसी से आंख उठाकर बात करेगा, न किसी से आंख झुका कर बात करेगा, भारत आंख में आंख डाल कर बात करेगा।'अमेरिका भारत को यह डर दिखाने की कोशिश कर रहा है कि जैसे रूस ने यूक्रेन की सीमा का अतिक्रमण किया वैसे ही चीन भी भारत की सीमा का अतिक्रमण कर सकता है। लेकिन अमेरिका यह भूल गया कि भारत, यूक्रेन नहीं है। यह बात चीन भी समझता है और अमेरिका को भी समझनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण स्पष्ट है, नीयत साफ है और नीति भी साफ है। हम वही करेंगे जिसमें भारत का फायदा है। न किसी पर दबाव डालेंगे और न किसी के दबाव में आएंगे।अमेरिका के डिप्टी एनएसए ने शायद यह सोचा था कि भारत इस तरह की धमकी से डर जाएगा और वह रूस के साथ अपनी दोस्ती से पैर पीछे खींच लेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। भारत के साथ तेल के सौदे पर रूस के विदेश मंत्री ने कहा- 'हम भारत को किसी भी तरह के सामान की आपूर्ति करने के लिए तैयार रहेंगे जो भारत खरीदना चाहता है.. मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि अवैध और एकतरफा प्रतिबंध लगाकर पश्चिम द्वारा बनाई गई कृत्रिम बाधाओं को दूर करने का कोई रास्ता निकाला जाएगा।'भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है।24 फरवरी को रूस ने जब यूक्रेन पर हमला किया, तब से लेकर अब तक भारत स्पॉट टेंडर के जरिए डिसकाउंट पररूस से तेल खरीद रहा है। उस समय से लेकर अभी तक भारत ने भारी डिस्काउंट के साथ 1 करोड़30 लाख बैरल रूसी तेल खरीदा है। तुलना कीजिए, वर्ष 2021 की पूरी अवधि में भारत ने रूस से कुल 1 करोड़ 60 लाख बैरल तेल की खरीद की थी।रूस के खिलाफ अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण अन्य देश रूस से तेल नहीं खरीद सकते । अमेरिकी प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि रूस से तेल खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि होने पर ही भारत खुद को जोखिम से घिरा पा सकता है... भारत द्वारा रूस से तेल खरीदे, इस पर अमेरिका को कोई आपत्ति नहीं है बशर्ते वह पिछले वर्षों की तुलना में अपनी खरीद में कोई ज्यादा बढ़ोत्तरी न करे ।"अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण रूस भारत के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना चाहता है। लावरोव ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए अब भारत और रूस रुबल और रूपए में व्यापार करने पर बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रूबल-रुपये का व्यापार वर्षों पहले शुरू हुआ था और अब पश्चिमके पेमेंट सिस्टम को दरकिनार करने के प्रयास तेज किए जाएंगे।कुल मिलाकर संक्षेप में कहें तो भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए अपनी विदेश नीति पर चलेगा। बाहरी ताकतों के धमकाने या डराने का कोई असर नहीं होनेवाला है। अपनी ओर से भारत ने रूस से कहा है कि यूक्रेन में युद्ध खत्म कर जल्द से जल्द शांति बहाली के उपाय किए जाने चाहिए। वहीं लावरोव ने कहा-'भारत एक महत्वपूर्ण देश और उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि भारत यूक्रेन के साथ रूस के विवाद को सुलझाने में निष्पक्ष और न्यायसंगत भूमिका निभा सकता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए एक न्यायसंगत और तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाया है और वह इस तरह की (शांति) प्रक्रिया का समर्थन कर सकता है।चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधIPL 2022: रियान पराग के नाम दर्ज हुआ बड़ा रिकॉर्ड, रविंद्र जडेजा और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों को छोड़ा पीछे******राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ी रियान पराग इंडियन प्रीमियर लीग 2022 में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। रियान पराग आईपीएल में इतिहास में एक सीजन में सबसे अधिक कैच लेने वाले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने इस मामले में रविंद्र जडेजा और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पराग ने दो शानदार कैच लपक कर यह कारनामा किया।आईपीएल के 15वें सीजन में पराग अब तक कुल 14 कैच लपक चुके हैं। इससे पहले रविंद्र जडेजा ने साल 2015 और 2021 में 13-13 कैच लपके थे। वहीं मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा भी एक सीजन में सबसे अधिक कैच लपकने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।रोहित ने साल इंडियन प्रीमियर लीग 2012 में मुंबई के लिए एक सीजन में कुल 13 लपके थे।हालांकि आईपीएल के एक सीजन में सबसे अधिक कैच लेने का कीर्तिमान साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स के नाम है। डिविलियर्स ने साल 2016 के आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हुए 16 मुकाबलों में कुल 19 कैच लपके थे।आपको बता दें आईपीएल 2022 के अपने आखिरी लीग मैच में सीएसके को पांच विकेट से हराकर प्लेऑफ में जगह बनाने वाली तीसरी टीम बनी। मैच में सीएसके ने 150 रन का स्कोर खड़ा किया था जिसे राजस्थान ने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।

Covid Update in China: चीन में कोरोना से फिर बिगड़ने लगे हालात, 6.5 करोड़ चीनी नागरिकों के आवागमन पर प्रतिबंध

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधपढ़ने के लिए बच्चों को दिया मोबाइल अब वापस लेना मुश्किल? जानिए क्या कहते हैं एक्स्पर्ट्स******Highlights देश की राजधानी दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी एडमिशन की लिस्ट आज जारी होगी। आज दूसरी लिस्ट जारी की जाएगी। कोविड के लंबे दौर के बाद अब स्कूल फिर खुल रहे हैं। बात सिर्फ नर्सरी एडमिशन की ही नहीं, सवाल यह भी है कि इतने लंबे समय के बाद स्कूल खोलने से पिछले दो साल से घर बैठे बच्चे अब किस तरह महसूस करेंगे। उनकी लर्निंग प्रोसेस पर कितना प्रभाव पड़ेगा। ​जानिए क्या कहते हैं मनोचिकित्सक और टीचर्स।वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक और मनोविज्ञान के प्राध्यापक विनय मिश्रा कहते हैं कि अब तक हम मनोवैज्ञानिक यही कहा करते थे कि छोटे बच्चों को मोबाइल नहीं देना चाहिए। लेकिन कोरोना महामारी के बाद अब हम ही अपनी बात से उलट बोल रहे हैं कि बच्चों को दो साल पढ़ाई के लिए मोबाइल हाथ में दिया, लेकिन अब उनसे वापस लेना मुश्किल है। ऐसे में जबकि स्कूल खुल गए हैं, अब यह जरूरी है कि बच्चों को मोबाइल के उपयोग की तमीज और तहजीब सिखाएं।जितना समय बच्चों ने कोरोना काल में घर में बिताया। इतना ही समय इन्हें पूरी तरह उबरने में लगेगा। मैें यह कह सकता हूं कि आॅनलाइन पढ़ने वाले इन बच्चों में 2024 तक ही न्यूट्रालिटी आएगी। वहीं टीचर्स और पेरेंट्स के लिए यह जरूरी है कि बच्चों को प्रेरित करें उनसे बात करें, उन्हें खेलने, स्टेज परफॉर्म करने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को बताएं कि वे क्लास में प्रजेंटेशन करें। इससे वे फोकस्ड होंगे। इस चीज में ढीलापन छोड़ दिया तो बच्चों को पहले जैसी रिद्म पाने में बहुत मुश्किल हो जाएगी। अहम बात यह है कि पेरेंट्स को बच्चों को सैनेटाइजर, टिफिन शेयरिंग न करना और किसी की बॉटल से पानी नहीं पीना है, इन प्रिकॉशंस को बार—बार बताना है। हालांकि स्कूल भी बहुत ध्यान रख रहे हैं।वहीं कुछ स्कूल टीचर्स और मनोचिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को अपनी उम्र के बच्चों के साथ मिलना और बात करना सहज लगता है। लंबे समय से वे घरों में कैद थे, खासतौर पर छोटे बच्चे। अब स्कूल खुलने पर वे अपनी उम्र के दूसरे बच्चों से इंटरेक्ट करेंगे तो उनमें काफी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। साथ ही स्वस्थ कॉम्पीटिशन की भावना भी बच्चों में आती है। फिर टीचर्स जब आमने-सामने बैठकर बच्चों को पढ़ाते हैं तो उसका प्रभाव भी साफ नजर आता है। कमजोर बच्चे को क्लासरूम आसानी से आइडेंटिफाई किया जा सकता है और उसे अतिरिक्त मोरल सपोर्ट और एजुकेट किया जा सकता है। ये सभी बातें अब स्कूल खुलने के बाद पेरेंट्स और टीचर्स दोनों के लिए समझने वाली होंगी।

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधRBI ने म्‍यूचुअल फंड्स के लिए शुरू की विशेष ऋण सुविधा, उपलब्‍ध कराएगा 50000 करोड़ रुपए का लोन******RBI Announces 50000 crore Special Liquidity Facility for Mutual Fundsकोरोना वायरस महामारी के चलते पूंजी बाजार में अधिक अस्थिरता के कारण म्‍यूचुअल फंड उद्योग में तरलता का संकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह से फ्रैंकलीन टेम्‍पलटन ने अपनी छह ऋण योजनाओं को बंद कर दिया है। जिसकी वजह से म्‍यूचुअल फंड निवेशकों में घबराहट है। इस घबराहट को कम करने के लिए सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक आगे आया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को म्‍यूचुअल फंड्स के लिए एक विशेष ऋण योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत उन्‍हें 50,000 करोड़ रुपए का लोन उपलब्‍ध कराया जाएगा, ताकि उद्योग में तरलता का संकट न खड़ा हो। ने सोमवार को जारी अपने एक बयान में कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से पूंजी बाजारों में अत्‍यधिक अस्थिरता की वजह से म्‍यूचुअल फंड्स में तरलता संकट छा गया है। हालांकि इस समय यह संकट उच्‍च जोखिम वाले ऋण म्‍यूचुअल फंड्स में ही है, जबकि शेष उद्योग में तरलता बनी हुई है।आरबीआई ने कहा कि वह सतर्क है और कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। म्‍यूचुअल फंड्स पर तरलता का दबाव कम करने के उद्देश्‍य से 50,000 करोड़ रुपए की एक विशेष तरलता सुविधा खोलने का निर्णय लिया गया है।स्‍पेशल लिक्विडिटी फंड-एमएफ के तहत आरबीआई फ‍िक्‍स रेपो रेट पर 90 दिन की अवधि का एक रेपो ऑपरेशन शुरू करेगा। एसएलएफ-एमएफ ऑन-टॉप और ओपन-एंडेड है और बैंक सोमवार से शुक्रवार तक किसी भी दिन वित्‍त हासिल करने के लिए अपनी बोली जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और 11 मई, 2020 तक चालू रहेगी। बाजार परिस्थितियों के मुताबिक केंद्रीय बैंक इसकी समय-सीमा और कोष में वृद्धि करने पर विचार करेगा।उल्‍लेखनीय है कि यूनिट वापस लेने के दबाव और बांड बाजार में नकदी की कमी का हवाला देते हुए फ्रैंकलिन टेम्‍पलटन म्‍यूचुअल फंड ने अपनी छह ऋण योजनाओं को बंद करने की घोषणा की है। इसके बाद एम्फी ने एक बयान में कहा कि निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए। उद्योग निकाय ने यह परामर्श भी दिया कि एक कंपनी की कुछ योजनाओं के बंद होने से विचलित नहीं होना चाहिए। ज्यादातर म्यूचुअल फंडों की फिक्स्ड इनकम योजनाओं में बेहतर ऋण गुणवत्ता होती है, जिसकी पुष्टि स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा की जाती है और इनमें चुनौतीपूर्ण समय में भी काफी नकदी बनी रहती है।चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधBJP को कर्नाटक में सरकार बनाने का न्योता, कांग्रेस ने कह डाली ये बात, देखें वीडियो******कर्नाटक में राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा बीजेपी को सरकार बनाने के न्योते पर कांग्रेस ने कह दिया है कि अगर गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दे दिया तो साफ हो जाएगा कि गवर्नर के फैसले के पीछे दूसरी ताकतो का हाथ है। कांग्रेस नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि बीजेपी को मौका देने पीछे तोड़फोड़ करना मकसद है। सिब्बल ने सीधे सीधे नरेन्द्र मोदी का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारा उनकी ही की तरफ था। सिब्बल ने कहा कि अब मन की बात धन की बात तक पहुंच गई है कर्नाटक में बीजेपी धनबल के इस्तेमाल से सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। सिब्बल ने कहा कि चिट्ठी देने के बाद भी राज्यपाल ने हमारी बात नहीं मानी।आपको बता दें कर्नाटक में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। 104 सीट जीतकर बीजेपी सबसे बड़ा दल बनी है वहीं दूसरी ओर जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन ने राज्यपाल के समाने सरकार बनाने का दावा पेश किया था लेकिन राज्यपाल ने सबसे बड़े दल बीजेपी को सरकार गठन का न्योता दिया है।कर्नाटक में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और कल सुबह साढ़े नौ बजे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बेंगलुरु में कल सुबह शपथ ग्रहण समारोह होगा। कर्नाटक के गवर्नर वजुभाई वाला ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नेता बीजेपी को सरकार बनाने का न्यता देने का फैसला कर लिया है और इसकी औपचारिक घोषणा थोड़ा देर में होने की संभावना है। जानकारी ये भी मिली है कि राजभवन में शपथग्रहण की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। बीजेपी के नेताओं ने भी इस खबर को पक्का किया है। बीजपी के विधायक सुरेश कुमार ने अब से थोड़ी देर पहले ट्वीट करके बीजेपी की सरकार बनने की बात कही। उन्होंने लिखा कल सुबह 9 बजे येदियुरप्पा शपथ लेंगे।

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधइनफोकस के स्‍नैप 4 और टर्बो 5 स्‍मार्टफोन पर मिल रहा है 2000 रुपए का डिस्‍काउंट, ये है नई कीमत****** स्‍मार्टफोन खरीदने का शानदार मौका है। मात्र 2 महीने पहले लॉन्‍च किए गए स्‍मार्टफोन पर 2000 रुपए की भारी छूट मिल रही है। ये फोन हैं इनफोकस स्‍नैप 4 और टर्बो 5 स्‍मार्टफोन। ये फोन सितंबर महीने में भारत में लॉन्‍च किए गए थे। लेकिन अब कंपनी इन पर डिस्‍काउंट दे रही है। पहले बात करें स्‍नैप 4 की तो कंपनी ने इसे 11,999 रुपए में लॉन्‍च किया था। लेकिन अब यह 9999 रुपए में उपलब्‍ध है। वहीं टर्बो 5 स्‍मार्टफोन 8999 रुपए में लॉन्‍च हुआ था। अब ये 7999 रुपए में उपलब्‍ध है। हालांकि कंपनी इसे सीमित समय की कटौती के तहत बेच रही है। ये दोनों स्मार्टफोन अमेजन पर उपलब्ध हैं। वहीं कम कीमत के साथ अमेजन पर ये केवल 1 से 4 नवंबर तक ही खरीदारी की जा सकती है।स्पेसिफिकेशंस पर गौर करें तो इनफोकस स्नैप 4 की सबसे बड़ी खासियत इसका क्वाड कैमरा सैटअप है। यानि कि ये फोन चार कैमरों के साथ आता है, दो आगे और दो पीछे। इसके डुअल रियर कैमरे में एक कैमरा 13 मेगापिक्सल का और दूसरा 8 मेगापिक्सल का है। वहीं फ्रंट के लिए इसमें 8 मेगापिक्सल के दो कैमरा दिए गए हैं। इस स्मार्टफोन में 5.2 इंच का ऑन-सैल HD डिस्प्ले है जिसके साथ इसमें ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 4GB की रैम है, वहीं 64GBकी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। फोन में 3000mAh की बैटरी है और फोन के पिछले भाग पर फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।वहीं टर्बो 5 की खासियतों की बात की जाए तो इसमें सबसे अहम इसकी बैटरी है। पावर बैकअप के लिए इसमें 5000 एमएएच की बैटरी दी गई है। यह फोन एंड्रॉयड के लेटेस्‍ट वर्जन 7.0 नोगेट को सपोर्ट करता है। यह एक फुल मैटल बॉडी वाला डुअल सिम फोन है। इसके दोनों सिम स्‍लॉट में नैनो सिम का इस्‍तेमाल किया जाता है। सेफ्टी फीचर के रूप में इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है। इस सेंसर की मदद से आप फोटो भी क्लिक कर सकते हैं साथ ही यह फ्लैशलाइट के काम भी आती है।जियो का शानदार ऑफर, Google Pixel 2 के प्री ऑर्डर पर मिल रहा है 35000 रुपए का लाभसस्‍ते में Xiaomi Mi Max 2 स्‍मार्टफोन खरीदने का है मौका, फ्लिपकार्ट पर मिल रहा है बंपर डिस्‍काउंट और एक्‍सचेंज बोनसचीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधपीएम मोदी ने जस्टिन ट्रूडो से कहा, भारत कनाडा के टीकाकरण प्रयासों में पूरा सहयोग करेगा******कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पीएम नरेंद्र मोदी को बुधवार को फोन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एकट्वीट में लिखा, ‘मेरे दोस्त जस्टिन ट्रूडो का फोन आने पर मुझे खुशी हुई। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि कनाडा ने कोविड वैक्सीन की जितनी खुराकों की मांग की है उनकी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए भारत पूरी कोशिश करेगा। इसके साथ ही हमने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की।' बता दें कि भारत कई मित्र देशों को कोरोना की वैक्सीन सप्लाई कर रहा है।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक बयान के मुताबिक, पीएम मोदी ने बुधवार को अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो को आश्वस्त किया कि भारत कनाडा के टीकाकरण प्रयासों में पूरा सहयोग करेगा। कनाडाई प्रधानमंत्री ने मोदी को फोन कर अपने देश में की आवश्यकताओं के बारे में बताया था। बयान के मुताबिक मोदी ने जस्टिन ट्रूडो को आश्वस्त करते हुए कहा, ‘भारत ने जैसे कई अन्य राष्ट्रों के लिए किया, ठीक उसी तरह कनाडा के प्रयासों को सहयोग देने में अपना सर्वश्रेष्ठ करेगा।’ दोनों नेता इस साल के अंत में विभिन्न महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे से मुलाकात करने, और आपसी हित के सभी मुद्दों पर अपनी चर्चा जारी रखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।बता दें कि के प्रधानमंत्री ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में चल रहे किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। ट्रूडो ने कहा था, 'कनाडा दुनिया में कहीं भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहेगा।' भारत ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'हमने कनाडाई नेताओं द्वारा भारत में किसानों से संबंधित कुछ ऐसी टिप्पणियों को देखा है जो भ्रामक सूचनाओं पर आधारित है। इस तरह की टिप्पणियां अनुचित हैं, खासकर जब वे एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित हों।'

चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधतमिलानाडु में रथ उत्सव के दौरान बड़ा हादसा, हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से 11 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान******Highlightsतंजावुर : तमिलनाडु के तंजावुर में वार्षिक रथ उत्सव के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में 6 से ज्यादा लोग ज़ख्मी हुए हैं।मृतकोंमेंबच्चेभीशामिलहैं।तंजावुर जिले के कालईमेडु इलाके में स्थित मंदिर में रथ यात्रा निकाली गई थी।पुलिस के मुताबिक रथ का एक हिस्सा ऊपर से जा रहे हाई वोल्टेज करंट के तार के सम्पर्क में आ गया जिसके चलते पूरे रथ में करंट फैल गया।उस वक्त जितने भी लोग रथ को छूकर खड़े वे करंट की चपेट में आ गए। फिलहाल जिला प्रशासन की टीम मौके पर राहत के काम में जुटी हुई है। वहीं इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।पुलिस ने बुधवार को बताया कियह दुखद घटना कलीमेदु के समीप बुधवार तड़के हुई जब अप्पार मंदिर की रथयात्रा निकाली जा रही थी। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रथ को मोड़ा जा रहा था और इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रहे बिजली के एक तार के संपर्क में आ गया,जिससे रथ में मौजूद लोगों को करंट लग गया। घटना में घायल हुए तीन लोगों को तंजावुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। पीएम मोदी ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के तंजावुर में हुए हादसे से गहरा दुख हुआ। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मुझे उम्मीद है कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएंगे।चीनमेंकोरोनासेफिरबिगड़नेलगेहालात65करोड़चीनीनागरिकोंकेआवागमनपरप्रतिबंधपीएसजी की बढ़ी मुश्किलैं, 3 और कोविड-19 मामले की हुई पुष्टि******पेरिस। फ्रेंच फुटबॉल क्लब पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) में तीन और खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे अब टीम में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने फ्रेंच लीग 1 विजेता पीएसजी के हवाले से कहा, " पेरिस सेंट जर्मेन टीम में हाल में किए गए कोविड-19 टेस्ट में तीन नए मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। खिलाड़ी स्वास्थ्य नियमों का पालन कर रहे हैं।"क्लब ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए खिलाड़ियो के नामों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन फ्रांस की खेल दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील के डिफेंडर मार्क्विनहॉस, अर्जेंटीना के स्ट्राइकर मौरो इकार्डी और कोस्टा रिका के गोलकीपर केइलर नवास शामिल हैं।इससे पहले, ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार, एंजल डी मारिया और लीएंड्रो पेरेडेज पेरिस सेंट जर्मेन के उन तीन खिलाड़ियों में शामिल थे, जो कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे।पेरिस सेंट जर्मेन में कोरोना पॉजिटिव का मामला ऐसे समय में आया है जब आठ दिन बाद टीम को 2020-21 सीजन में लीग1 मैच के लिए लेंस का दौरा करना है।गौरतलब है कि 23 अगस्त को बायर्न म्यूनिख के खिलाफ खेले गए चैम्पियंस लीग फाइनल के बाद नेमार, मारिया और पेरेडेज स्पेन में अपनी छुट्टियां बिता रहे थे।पीएसजी को 10 सितंबर को लेंस में नए सीजन का अपना पहला मैच खेलना है।

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2022-10-01 07:20
उद्धरण 1 इमारत
VHP का दावा- बंगाल में हिंसा से प्रभावित हुए 3500 गांवों के 40 हजार से अधिक हिंदू******विश्व हिंदू परिषद () ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा से 40 हजार से अधिक हिंदुओं के प्रभावित होने का दावा किया है। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने शनिवार को कहा है कि दुर्भाग्य से में दो मई से प्रारंभ हुई क्रूर राजनैतिक हिंसा का शिकार राज्य का हिंदू समाज अब तक हो रहा है। 3500 से अधिक गांवों के 40 हजार से अधिक हिंदू हिंसा से प्रभावित हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या में दलित हैं।उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर महिलाओं पर क्रूर अत्याचार हुए हैं। खेत नष्ट किए गए हैं। दुकानें व घर ध्वस्त किए गए हैं। मछली व्यवसाईयों के तालाबों में जहर डाला गया। लूट और मारपीट से बचाने के लिए जबरन पैसे वसूले जा रहे। इतने दिनों से चल रही वीभत्स हिंसा पर राज्य शासन-प्रशासन का रवैया पूरी तरह से तिरस्कार पूर्ण तथा उदासीनता का ही दिख रहा है।विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि समाज में भय का वातावरण है। जिसके कारण व पुलिस के असहयोग के चलते पीड़ितों की शिकायतों को दर्ज नहीं करने दिया जा रहा। इसी रवैया को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद राज्य की न्यायपालिका का आवाहन करती है कि वह लोकहित में, नागरिकों की रक्षार्थ, मामले का स्वत: संज्ञान लेकर राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन को उनके कर्तव्यों के पालन के प्रति कठोरता से निर्देश दे। दंगाइयों पर शीघ्र अंकुश लगा कर उन्हें कठोरतम सजा होनी ही चाहिए। साथ ही हिंसा व आक्रमण के शिकार हिंदू समाज की रक्षा की पुख्ता व्यवस्था, उनके जान-माल के नुकसान की भरपाई तथा पुनर्वास की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा शीघ्रता से होनी चाहिए।
2022-10-01 06:12
उद्धरण 2 इमारत
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं 90 प्रतिशत उपभोक्ता : रिपोर्ट******इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने की उम्मीदनई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर अगले 12 माह में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री में जबर्दस्त बढ़ोतरी की संभावना है। कंसल्टेंसी फर्म ईवाई का कहना है कि भारत में भी करीब 90 प्रतिशत उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं। ईवाई के मोबिलिटी कंज्यूमर इंडेक्स (एमसीआई) सर्वे में 13 देशों के 9,000 से अधिक लोगों की प्रतिक्रिया ली गई। इसमें भारत से 1,000 लोगों की राय ली गई है। यह सर्वे जुलाई की दूसरे पखवाड़े में किया गया। सर्वे में 40 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए अन्य वाहनों की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक खर्च करने को तैयार हैं।सर्वे के अनुसार, ‘‘भारत में 10 में से तीन कार खरीदारों ने कहा कि वे इलेक्ट्रिक/हाइड्रोजन वाहन खरीदना पसंद करेंगे।’’ सर्वे में शामिल ज्यादातर भारतीय उपभोक्ताओं का कहना था कि वे पूरी तरह चार्ज इलेक्ट्रिक वाहन से 100 से 200 मील चलने की उम्मीद करते हैं। सर्वे में कहा गया है कि भारत में 90 प्रतिशत उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं। इनमें से 40 प्रतिशत उपभोक्ता इन वाहनों के लिए 20 प्रतिशत तक अधिक खर्च करने को तैयार है।। मौजूदा और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन के मालिक डिजिटल चैनल को अधिक प्राथमिकता देने की बात करते हैं।ईवाई इंडिया के भागीदार और ऑटोमोटिव क्षेत्र के लीडर विनय रघुनाथ ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रिक और अन्य प्रौद्योगिकी मंचों वाले वाहनों के स्वामित्व की लागत का अंतर घट रहा है। वहीं बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब पर्यावरण के प्रति जागरूक हैं। इस वजह से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने को लेकर उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव आ रहा है।यह भी पढ़ें:
2022-10-01 04:59
उद्धरण 3 इमारत
IPL 2022: रियान पराग के नाम दर्ज हुआ बड़ा रिकॉर्ड, रविंद्र जडेजा और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों को छोड़ा पीछे******राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ी रियान पराग इंडियन प्रीमियर लीग 2022 में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। रियान पराग आईपीएल में इतिहास में एक सीजन में सबसे अधिक कैच लेने वाले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने इस मामले में रविंद्र जडेजा और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पराग ने दो शानदार कैच लपक कर यह कारनामा किया।आईपीएल के 15वें सीजन में पराग अब तक कुल 14 कैच लपक चुके हैं। इससे पहले रविंद्र जडेजा ने साल 2015 और 2021 में 13-13 कैच लपके थे। वहीं मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा भी एक सीजन में सबसे अधिक कैच लपकने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।रोहित ने साल इंडियन प्रीमियर लीग 2012 में मुंबई के लिए एक सीजन में कुल 13 लपके थे।हालांकि आईपीएल के एक सीजन में सबसे अधिक कैच लेने का कीर्तिमान साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स के नाम है। डिविलियर्स ने साल 2016 के आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हुए 16 मुकाबलों में कुल 19 कैच लपके थे।आपको बता दें आईपीएल 2022 के अपने आखिरी लीग मैच में सीएसके को पांच विकेट से हराकर प्लेऑफ में जगह बनाने वाली तीसरी टीम बनी। मैच में सीएसके ने 150 रन का स्कोर खड़ा किया था जिसे राजस्थान ने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।
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