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बॉलीवुड की 'मिस ब्रिगेंजा' Archana Puran Singh रात 12 बजे करने वाली थीं शादी, ऐसे आया कहानी में ट्विस्ट

2022-10-01 06:13:03 424

बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टDelhi Corona Update: दिल्ली में फिर फूटा 'कोरोना बम', 24 घंटे में 400 से ज्यादा नए केस******दिल्ली में गुरुवार (11 मार्च) को कोरोना वायरस संक्रमण के 409 नये मामले दर्ज किये गये जो लगभग पिछले दो महीनों में एक दिन में सबसे अधिक मामले है जबकि संक्रमण की दर बढ़कर 0.59 प्रतिशत हो गई।दिल्ली में अब कोरोना के एक्टिव मामले बढ़कर 2020 तक हो गए हैं। एक समय में दिल्ली में एक्टिव कोरोना मामलों का आंकड़ा 500 से भी नीचे आ गया था। बता दें कि, 8 जनवरी को दिल्ली में कोरोना वायरस के 444 मामले सामने आए थे और उसके बाद आज आए मामले सबसे ज्यादा हैं।महाराष्ट्र के बाद देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने कोरोना को लेकर चिंता बढ़ा दी है। में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 409 नए माामले सामने आए हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 286 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं वहीं 3 और कोरोना मरीजों की मौत हुई है। दिल्ली में मार्च में पहली बार कोरोना के नए मामले 400 से ज्यादा सामने आए हैं। दिल्ली में कोरोना के फिलहाल 2020 एक्टिव केस हैं। वहीं दिल्ली में कोरोना के अबतक कुल मामले 6,42,439 पहुंच चुके हैं। वहीं कुल 6,29,485 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। दिल्ली में कोरोना से अबतक कुल 10,934 लोगों की मौत हो चुकी है।दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस महामारी से तीन और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 10,934 पर पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी को 585 मामले सामने आये थे जबकि चार जनवरी को 384 मामले दर्ज किये गये थे। इसके बाद 11 जनवरी को 306 मामले और 12 जनवरी को 386 मामले सामने आये थे। राष्ट्रीय राजधानी में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 2,020 हो गई है जबकि संक्रमण की दर 0.59 प्रतिशत है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोरोना वायरस वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। राज्यों को कितनी वैक्सीन देनी है? इसका फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय दैनिक आधार पर करता है।देश में रिकवरी रेट 97% पर बना हुआ है। कोविड से होने वाली मृत्यु दर 1.4% है और सक्रिय मामलों की दर 1.6% है।मंत्रालय ने गुरुवार (11 मार्च) को बताया कि केरल में के उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगभग आधी हुई और महाराष्ट्र में दोगुनी से अधिक हुई। गुरुवार (11 मार्च) की अपराह्र एक बजे तक 2,56,90,545 लोगों को कोविड-19 टीके की खुराक दी गई जिनमें 67,86,086 बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45-60 आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। कोविड-19 टीके की अब तक दी गई कुल खुराकों में से, 28.77 प्रतिशत निजी अस्पतालों में, 71.23 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों में दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ने के बारे में चिंतित हैं। कोविड-उपयुक्त व्यवहार, नियंत्रण रणनीति, टीकाकरण इस महामारी से निपटने के लिए आवश्यक है।

बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टबांग्लादेश में मंदिर पर हमले का मामला, जानिए क्या था कारण, किसने क्या दावा किया?******बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक मंदिर को कट्टरपंथियों ने निशाना बनाया है। कट्टरपंथियों ने मंदिर में तोड़फोड़ की और लूटपाट की। इस मामले में राधाकांता इस्कॉन मंदिर के पुजारी कृष्ण दास ने आरोप लगाया है कि मंदिर पर उत्तेजित भीड़ के हमले के दौरान उनके दो सहायक घायल हो गए हैं। वहीं घटना के पीछे ज़मीन से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। स्थानीय धार्मिक संगठनों ने इस हमले का विरोध किया है। हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कहा है कि यह हमला मंदिर की ज़मीन को लेकर एक स्थानीय प्रभावशाली वर्ग से विवाद के कारण हुआ है। वहीं पुलिस का कहना है कि मारपीट के आरोप सही नहीं है।पुलिस के मुताबिक मंदिर की पुरानी दीवारें तब ढह गईं जब ज़मीन के मालिकाना हक़ वाला एक पक्ष वहां मरम्मत का काम करवा रहा था। हालांकि कथित हमले के बाद मंदिर की सुरक्षा में पुलिस तैनात कर दी गई है। यह मंदिर पुराने ढाका के वारी इलाक़े में है और 16 कट्ठे ज़मीन पर स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक़ ये मंदिर 200 साल पुराना है।गुरुवार को मंदिर में हुए घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे हैं। मंदिर के पुजारी कृष्ण दास का आरोप है कि गुरुवार की शाम कुछ लोगों ने मंदिर की चारदीवारी तोड़ दी। उनका दावा है कि जब मंदिर प्रशासन के दो सदस्य इसका विरोध करने गए तो उनके साथ मारपीट की गई।उनका आरोप है कि मंदिर की चारदीवारी तोड़ने के बाद कुछ उपद्रवी मंदिर परिसर में घुस गए थे और निर्माण कार्य के लिए आया लोहे का सरिया और एक मूर्ति ले गए।वहीं हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की एक टीम ने शुक्रवार को मंदिर का दौरा किया। परिषद का कहना है कि मंदिर की चारदिवारी टूटी है लेकिन मूर्ति लूटे जाने का कोई सबूत नहीं मिला है। परिषद के संयुक्त महासचिव मोनिंदर कुमार नाथ और 6 सदस्यों ने मंदिर का दौरा किया था।उन्होंने कहा कि मंदिर के जीर्ण-शीर्ण दीवार का एक हिस्सा हमलावरों ने तोड़ दिया था और इस दौरान मंदिर के दो सहायक घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि हमलावरों के मंदिर के भीतर किसी और घटना की कोई सूचना नहीं मिली है।क्या बताई जा रही हैं वजह?इस घटना के पीछे ज़मीन विवाद की बात सामने आ रही है। मोनिंदर नाथ कहते हैं कि एक स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति कई सालों से मंदिर के एक हिस्से पर अपना दावा कर रहा है। इसे लेकर पुराना विवाद है जो अभी निबटा नहीं है।वे दावा करते हैं कि मंदिर की ज़मीन पर अपना दावा करने वाले व्यक्ति से जुड़े लोगों ने ही हमला किया था और चारदिवारी के एक हिस्से को तोड़कर ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की थी। मंदिर के पुजारी कृष्ण दास भी कुछ इस तरह की बात ही बताते हैं। हालांकि स्थानीय पुलिस मंदिर पर किसी भी तरह के हमले से इनकार कर रही है।वारी थाने के प्रभारी कबीर हुसैन का कहना है कि मंदिर पर हमले के आरोप सही नहीं हैं। कबीर हुसैन के मुताबिक एक स्थानीय कारोबारी हाजी सफीउल्लाह मंदिर के पास स्थित एक स्थान पर अपने स्वामित्व का दावा करते हैं। कबीर हुसैन का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान प्राचीन दीवार का कुछ हिस्सा गिर गया था। वहीं मंदिर प्रशासन का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई मुक़दमा दर्ज नहीं किया है।बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टएंड्रॉयड के 800 ऐप बने 'जेवियर' मालवेयर के शिकार****** वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी ट्रेंड माइक्रो ने शुक्रवार को बताया कि उसने गूगल प्ले स्टोर के 800 से ज्यादा में ट्रोजन एंड्रायड मालवेयर 'जेवियर' की पहचान की है, जिन्हें अब तक लाखों बार डाउनलोड किया जा चुका है। 'जेवियर' मालवेयर संक्रमित मोबाइल के उपयोगकर्ता की जानकारियों को चुराता है।ट्रेंड माइक्रो ने एक बयान में कहा, "इस से संक्रमित होने वाले एप्लिकेशंस में यूटिलिटी एप से लेकर फोटो एप, वॉलपेपर एप और रिंगटोन चेंजर एप तक शामिल हैं। हम इस प्रकार के खतरों से प्रयोक्ता को बचाने के लिए मोबाइल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराते हैं।" ट्रेंड माइक्रो के जांच दल ने अपने 'मोबाइल ऐप रेपुटेशन सार्विस' के आंकड़ों में पाया कि 'जेवियर' किसी मोबाइल उपयोगकर्ता की जानकारियां चुरा रहा है, इसे जान पाना बेहद कठिन है।जांच दल का कहना है कि ऐसा जेवियर में मौजूद आत्म सुरक्षा प्रणाली के कारण है, जो स्ट्रिंग एनक्रिप्शन, इंटरनेट डेटा एनक्रिप्शन और इम्यूलेटर डिटेक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करता है।ट्रेंड माइक्रो के कंट्री मैनेजर (भारत एवं दक्षेस) नीलेश जैन का कहना है, " जैसे बेहद तीक्ष्ण मालवेयर से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि किसी अज्ञात स्रोत से प्राप्त एप्लिकेशन को डाउनलोड या इंस्टाल न करें, चाहे वह गूगल प्ले स्टोर से ही क्यों ना हो।"

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बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टमध्यप्रदेश में बनेंगी 300 स्मार्ट गोशालाएं, विदेशी कंपनी से बातचीत कर रही है कमलनाथ सरकार******के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने शनिवार को कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली नीत प्रदेश सरकार राज्य में 300 स्मार्ट बनाने के लिए एक विदेशी कंपनी से बातचीत कर रही है।यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम मध्यप्रदेश में 300 स्मार्ट गोशालाएं बनाने के लिए एक विदेशी कंपनी से बातचीत कर रहे हैं। इसके लिए हम उनसे समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे।’’उन्होंने कहा कि यह कंपनी प्रति वर्ष मध्यप्रदेश में 60 स्मार्ट गोशालाएं बनाएगी और पांच साल की अवधि में 300 स्मार्ट गोशालाएं बनाई जाएंगी।उन्होंने कहा कि ये स्मार्ट गोशालाएं पूरी तरह से वातानुकूलित (एसी) होंगे और इनके लिए धन जुटाने की खातिर एनआरआई से संपर्क किया जा रहा है।यादव ने बताया कि इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार भी खुद 1,000 गोशालाएं बनाएगी।कांग्रेस ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने ‘वचन पत्र’ में वादा किया था कि यदि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार आती है तो वह राज्य में गोशालाएं बनाएंगी।बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टटाटा समूह की कंपनी को हवाईअड्डा कारोबार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी जीएमआर इंफ्रा******Tata Group जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने गुरुवार को कहा कि वह हवाईअड्डा कारोबार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा समूह की कंपनी टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट को बेचेगी। कंपनी ने इससे पहले हवाईअड्डा कारोबार की 44.44 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी। कंपनी ने बीएसई को बताया कि उसने टाटा समूह की टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 44.44 प्रतिशत के बजाय 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है। इस सौदे को अभी नियामकीय मंजूरियां नहीं मिली हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने ओडिशा स्पोंज आयरन एंड स्टील की अपनी पूरी 18.46 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। ओडिशा स्पोंज आयरन एंड स्टील ने बीएसई को गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उसने कहा कि यह बिक्री बुधवार को हुई। ओडिशा स्पोंज आयरन एंड स्टील ओडिशा सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी इंडस्ट्रियल प्रमोशन एंड इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ ओडिशा लिमिटेड और टॉरस्टील रिसर्च फाउंडेशन इन इंडिया की संयुक्त इकाई है।बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टअलका लांबा ने आम आदमी पार्टी से दिया इस्तीफा, फिर कांग्रेस में हुई शामिल****** के चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से विधायक ने (आप) से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार शाम कहा कि उन्होंने का दामन थाम लिया है। आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद लांबा ने कहा कि उन्होंने शाम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भेंट कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। गांधी के आवास 10 जनपथ के बाहर लांबा ने कहा, ‘‘मैं छह साल कांग्रेस से दूर रही लेकिन हमेशा उसकी विचारधारा के साथ खड़ी रही। आज मैं कांग्रेस में लौट आयी हूं। कांग्रेस सदस्य के रूप में मैं पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करुंगी।’’ हालांकि कांग्रेस ने अभी तक लांबा के पार्टी के शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।लांबा ने शुक्रवार सुबह आप से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुये ट्वीट किया था, ‘‘आप को अलविदा कहने और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का समय आ गया है। मेरे लिए पिछले छह साल का सफ़र बड़े सबक सिखाने वाला रहा। सभी का शुक्रिया।’’ इसके कुछ समय बाद ही लांबा ने आप नेतृत्व को ट्विटर पर ही अपने इस्तीफे की घोषणा कर इसे स्वीकार करने का कहा। उन्होंने कहा कि अब यह पार्टी ‘‘खास आदमी पार्टी’’ बन गई है। उन्होंने आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज पर कटाक्ष किया, जिन्होंने कहा था कि लांबा अगर ट्विटर पर भी इस्तीफा देंगी तो इसे स्वीकार कर लिया जायेगा। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल जी, आपके प्रवक्ताओं ने मुझे आपकी इच्छा के अनुसार, पूरे अहंकार के साथ कहा था कि पार्टी ट्विटर पर भी मेरा इस्तीफा स्वीकार करेगी। इसलिए कृपया ‘आम आदमी पार्टी’ की प्राथमिक सदस्यता से मेरा इस्तीफा स्वीकार करें, जो अब ‘खास आदमी पार्टी’ बन गई है।”चांदनी चौक से आप विधायक लांबा ने पिछले महीने घोषणा की थी कि उन्होंने पार्टी छोड़ने और आगामी विधानसभा चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ने का मन बना लिया है। उल्लेखनीय है कि लांबा पिछले कुछ समय से आप नेतृत्व खासकर पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली से नाराज़ चल रही थीं। केजरीवाल पर पार्टी में मनमानी करने का आरोप लगते हुए उन्होंने कहा कि वह इसका सार्वजनिक तौर पर कई बार मुखर विरोध कर चुकी है। लांबा और आप के बीच पिछले कुछ समय से टकराव की स्थिति जो शुरू हुई, वह किसी न किसी रूप में चलती रही है। लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्होंने केजरीवाल से उनकी जवाबदेही का हवाला देते हुये कहा था कि पार्टी संयोजक होने के नाते उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके बाद लांबा को आप नेतृत्व ने पार्टी विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया था।उन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया था और उन्होंने केजरीवाल के रोडशो के दौरान मुख्यमंत्री की कार के पीछे चलने के लिए कहे जाने के बाद रोडशो में भाग नहीं लिया था। लांबा और आप के बीच सबसे पहले टकराव दिल्ली विधानसभा में उस समय उत्पन्न हुआ जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लिए जाने संबंधी आप विधायकों के प्रस्ताव का उन्होंने विरोध किया। उन्होंने दिसंबर 2018 में ट्वीट किया था कि आप नेतृत्व ने उन्हें इस प्रस्ताव का समर्थन करने को कहा। उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। लांबा ने कहा था कि वह इसके लिए किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू किया था। आप में शामिल होने से पहले उन्होंने करीब 20 साल कांग्रेस के छात्र संगठन से लेकर पार्टी में विभिन्न भूमिकाओं का निर्वाह किया।

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बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टदुबलेपन से नहीं मिल रहा छुटकारा तो अपनाएं ये 8 टिप्स, दिखेगा असर******दुबलापन कई बार इतना ज्यादा खटकता है कि अपने आप को आइने में देखने का मन भी नहीं करता। दुबलेपन के कई सारे कारण हो सकते हैं। कई बार लोग खाते तो ज्यादा हैं लेकिन उनके शरीर में खाना नहीं लगता। अगर आप भी दुबलेपन की समस्या से जूझ रहे हैं तो इन टिप्स को अपनाएं। ये टिप्स बहुत आसान हैं, इन्हें अपनाकर आप दुबलेपन की समस्या से निजात पा सकते हैं।1. जब भी आप सो के उठे तो दिन की शुरुआत एक्सरसाइज या फिर योगा से करें। ऐसा करने से आपको भूख लगेगी। साथ ही ये आपके दुबलेपन की समस्या से छुटकारा पाने में भी मदद करेगा।2. सुबह का पहला मील यानी कि आपका ब्रेकफास्ट हेल्दी होना चाहिए। इसमें आप कुछ चीजों को तो जरूर शामिल करें। जैसे कि दूध, मक्खन और घी। ये सभी आपका वजन बढ़ाने में मदद करेंगी।3. अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो अखरोट को अपनी डाइट में शामिल करें। इसमें अनसैचुरेटेड फैट होता है। जो आपके लिए लाभकारी होगा।4. केले को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। हो सके तो एक दिन में दो से तीन केले खाएं। रोजाना ऐसा करेंगे तो भी आपको कुछ दिनों में अपनी सेहत में असर दिखने लगेगा।5. वजन बढ़ाने के लिए आलू भी अच्छा ऑप्शन है। इसमें कॉर्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होता है। ऐसे में अगर आप इसका सेवन डाइट में बढ़ाएंगे तो वजन बढ़ाने में आपको मदद मिलेगी।6. कुछ दिनों के लिए आप जो भी खाएं उसे अगर आपको पकाना है तो आप नारियल के तेल का इस्तेमाल करें। इससे भी आपको दुबलेपन से निजात मिल सकती है।7. अपनी नींद जरूर पूरी करें। कम से कम 6 से 7 घंटे जरूर सोएं।8. इसके अलावा अगर आप खजूर या फिर छुहारे को दूध में उबालकर पिएंगे तो भी इससे आपको लाभ होगा।बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टStock Market LIVE: शुक्रवार को पॉजिटिव मूड में बाजार , सेंसेक्स 900 अंक चढ़ा निफ्टी भी हरे निशान पर******Stock Market Liveभारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी दिन हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर खुले। फिलहाल बीएसई सेंसेक्स 773.08 अंक या 1.46% बढ़कर 53565.31 पर ट्रेड कर रहा है। वहीं एनएसई निफ्टी 50240.40 अंक या 1.52% बढ़कर 16049.80 पर था।आज बढ़त दिखाने वाले शेयरों में टाटा स्टील, एसबीआई, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, एचयूएल और एलएंडटी है। आज सेंसेक्स के सभी शेयर उच्च स्तर पर खुले। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक 1.7% तक की बढ़त के साथ पॉजिटिव जोन में थे। जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और हीरो मोटोकॉर्प निफ्टी पर प्रमुख लाभ में थे।अमेरिकी बाजारों में गिरावट के चलते गुरुवार को सेंसेक्‍स में बड़ी गिरावट आई थी। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1,416 गिरकर 52,792 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 431 अंक (2.65 फीसदी) के नुकसान के साथ 15,809 पर जाकर बंद हुआ। सेंसेक्‍स अभी अपने पीक से करीब 10 हजार अंक नीचे चल रहा है।अमेरिका और यूरोप में गिरावट के बावजूद शुक्रवार को एशिया के सभी प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सिंगापुर स्‍टॉक एक्‍सचेंज 1.32 फीसदी की बढ़त पर कारोबार कर रहा, जबकि जापान का निक्‍केई 1.02 फीसदी की तेजी पर है। हांगकांग के शेयर बाजार में 1.74 फीसदी का उछाल दिख रहा तो ताइवान का स्‍टॉक एक्‍सचेंज 0.50 फीसदी की ऊंचाई पर है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 1.52 फीसदी की तेजी दिख रही, जबकि चीन का शंघाई कंप‍ोजिट 0.33 फीसदी की उछाल पर ट्रेडिंग कर रहा है।

बॉलीवुड की 'मिस ब्रिगेंजा' Archana Puran Singh रात 12 बजे करने वाली थीं शादी, ऐसे आया कहानी में ट्विस्ट

बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टकिसान के बेटे ने जीता गोल्ड, कभी बनना चाहते थे कबड्डी प्लेयर कैसे बन गए जेवलिन थ्रो में चैंपियन नीरज****** के ध्वजावाहक रहे नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही एशियन गेम्स में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हुए 18वें एशियाई खेलों के नौवें दिन जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। नीरज ने अपनी सर्वश्रेष्ठ थ्रो 88.06 मीटर की फेंकी और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। नीरज ने यह सोने का तमगा पांच में से दो कोशिशों में विफलता के बाद भी हासिल किया।नीरज ने अपने पहले प्रयास में 83.46 मीटर की थ्रो फेंकी। वहीं उनका दूसरा प्रयास फाउल हो गया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 88.06 मीटर की थ्रो फेंक अपना गोल्ड पक्का कर लिया था और हुआ भी यही। उनकी इस थ्रो के बाद कोई भी खिलाड़ी उनके आस-पास नहीं भटक सका। चौथी कोशिश में नीरज ने 83.25 मीटर की दूरी मापी। उनका आखिरी कोशिश भी फाउल रही लेकिन इससे नीरज के गोल्ड मेडल पर कोई असर नहीं पड़ा।हरियाणा के पानीपत जिले के खांडरा गांव के रहने वाले नीरज चोपड़ा के पिता सतीश चोपड़ा किसान हैं। नीरज पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। नीरज ने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से अपनी पढ़ाई की। आज जो नीरज जेवलिन थ्रो में दुनिया में भारत का नाम ऊंचा कर रहे हैं वो दरअसल एक कबड्डी खिलाड़ी बनना चाहते थे। लेकिन एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने कबड्डी छोड़ जेवलिन थ्रो में हाथ आजमाया। बस यहीं से एथलेटिक्स में नीजर का वो सफर शुरू हुआ जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।नीरज अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। 2016 में पोलैंड में हुए आइएएएफ U20 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। इस मेडल के साथ- साथ उन्होंने एक विश्व जूनियर रिकॉर्ड भी बनाया है। 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 82.23 मीटर तक भाला फेंक कर गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा उन्होंने 85.23 मीटर का भाला फेंककर 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में नीरज ने 86.47 मीटर भाला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और एशियन गेम्स में भी उन्होंने यही गोल्डन प्रदर्शन जारी रखा।नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड के गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रचने वाले युवा एथलीट नीरज चोपड़ा ने कहा कि उनका लक्ष्य एशियाई खेलों का रिकॉर्ड बनाना था जिसे वह मामूली अंतर से चूक गये। नीरज ने 88.06 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता। वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे रहे। उन्होंने भले ही आसानी से सोने का तमगा हासिल किया लेकिन नीरज ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कड़ी थी।इस 20 साल के एथलीट ने कहा,‘‘यह आसान नहीं था। अच्छे थ्रोअर भी थे लेकिन वे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाये। मैंने बहुत अच्छी तैयारी की थी और एशियाई रिकार्ड बनाना चाहता था लेकिन भाले की लंबाई मसला था और इस वजह से मैं इच्छित दूरी हासिल नहीं कर पाया।’’एशियाई खेलों का रिकार्ड 89.75 मीटर का है जो चीन के झाओ क्विंगगैंग ने 2014 में इंचियोन एशियाई खेलों में बनाया था। नीरज ने कहा,‘‘लेकिन मैं फिर भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने में सफल रहा और मैं खुश हूं। मैं आगे इसमें सुधार करने की कोशिश करूंगा। एक सफल थ्रो के लिये कई चीजों की जरूरत पड़ती है। जब आपकी तकनीक और स्पीड अच्छी होती है तो आप अच्छी थ्रो करते हो और ऐसा तीसरे प्रयास में हुआ।’’नीरज ने कहा कि हाल में अपने पूर्व कोच गैरी कालवर्ट के निधन से दुखी थे। इस युवा एथलीट ने कहा,‘‘उन्होंने (कालवर्ट) कहा था कि वह मुझसे एशियाई खेलों में मिलेंगे। मैं तब फिनलैंड में था जब मुझे उनके निधन की खबर मिली। मैं क्या कर सकता हूं, यह प्रभु की इच्छा थी। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।’’

बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टविराट कोहली बने आईसीसी की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान, इन भारतीय खिलाड़ियों को भी मिली जगह******साल 2019 में क्रिकेट के मैदान में धमाल मचाने वाले खिलाड़ियों के नाम अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् ( आईसीसी ) ने पुरस्कार की घोषणा कर दी है। जिसमें कप्तान विराट कोहली को आईसीसी स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट अवार्ड से नवाजा गया। इतना ही नहीं आईसीसी ने अवार्ड के साथ साल 2019 की बेस्ट वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान भी किया। जिसमें विराट कोहली को टेस्ट और वनडे दोनों टीमों का कप्तान नियुक्त किया गया। इन दोनों टीमों में गौर करने वाली बात ये रही कि टेस्ट और वनडे दोनों टीमों में साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान का एक भी खिलाड़ी जगह नहीं बना पाया। जबकि वनडे टीम में भारत के चार और टेस्ट टीम में भारत के दो खिलाड़ी जगह बना पाए। वहीं पाकिस्तान के एक मात्र खिलाड़ी बाबर आजम को आईसीसी की वनडे टीम में जगह मिली। रोहित शर्मा, शाई होप, विराट कोहली (कप्तान), बाबर आज़म, केन विलियमसन, बेन स्टोक्स, जोस बटलर (विकेटकीपर), मिशेल स्टार्क, ट्रेंट बोल्ट, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव।वहीं टेस्ट टीम की बात करें तो इसमें भारत के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल और कप्तान विराट कोहली को जगह मिली है। जबकि पाकिस्तान का एक भी खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह नहीं पा सका। मयंक अग्रवाल, टॉम लाथम, मार्नस लाबुशेन, विराट कोहली (कप्तान), स्टीव स्मिथ, बेन स्टोक्स, बीजे वाटलिंग (विकेटकीपर), पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, नेगन वैगनर, नाथन लियोन।आईसीसी मेन्स क्रिकेटर ऑफ़ द इयर - बेन स्टोक्स (इंग्लैंड)आईसीसी पुरुष वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर - रोहित शर्मा (भारत)आईसीसी पुरुष टेस्ट क्रिकेटर ऑफ़ द इयर - पैट कमिंस (ऑस्ट्रेलिया)आईसीसी मेन्स T20I में पिछले साल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अवार्ड - दीपक चाहर ( 6/7 बनाम बांग्लादेश )आईसीसी पुरुषों में उभरते क्रिकेटर ऑफ़ द इयर - मार्नस लाबुशेन (ऑस्ट्रेलिया)आईसीसी मेंस एसोसिएट क्रिकेटर ऑफ़ द इयर - काइल कोइज़र (स्कॉटलैंड)आईसीसी स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट अवार्ड - विराट कोहली ( भारत )आईसीसी डेविड शेफर्ड अंपायर ऑफ़ द इयर - रिचर्ड इलिंगवर्थ (इंग्लैंड)बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्ट113 शीर्ष कंपनियों ने PM Cares Fund में दिया 4,316 करोड़ रुपए का योगदान, माना जाएगा CSR खर्च******Rs 4,316 cr as India Inc's COVID-19 spends went to PM-CARES Fundकोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग में उद्योग जगत ने भी बढ़चढ़ कर योगदान दिया है। कंपनियों द्वारा जताई गई कुल प्रतिबद्धता में से आधे से अधिक यानी 4,316 करोड़ रुपए का योगदान प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) में दिया गया है। क्रियिल फाउंडेशन ने सीएसआर पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि 113 कंपनियों ने नकद या अन्‍य रूप से सहायता का संकल्‍प जताया है। इनमें से 84 कंपनियों ने कुल 7,537 करोड़ रुपए का योगदान दिया है। यह खर्च सीएसआर के अंतर्गत माना जाएगा। इस कुल 7,537 करोड़ रुपए में से कंपनियों ने 4,316 करोड़ रुपए पीएम केयर्स फंड में दिए हैं, जबकि 3,221 करोड़ रुपए कोरोना वायरस से जुड़े अन्‍य राहत कार्यों में दिए गए। पिछले महीने सरकार ने से 3,100 करोड़ रुपए विभिन्न उपायों के लिए आबंटित करने की घोषणा की है। इसमें 2,000 करोड़ रुपए वेंटिलेटर की खरीद, 1,000 करोड़ रुपए प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए तथा 100 करोड़ रुपए की मदद टीका विकास के लिए दी गई। क्रिसिल ने कहा कि उसने 130 कंपनियों के सामाजिक क्षेत्र पर व्यय का विश्लेषण किया। इसमें से 113 ने नकद या अन्य रूप से सहायता का संकल्प जताया। उनमें से 84 ने 7,537 करोड़ रुपए का योगदान दिया। इसे सीएसआर खर्च के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। शेष 29 कंपनियों ने 373 करोड़ रुपए अन्य कोष में दिए। 84 करोड़ रुपए का योगदान स्वैच्छिक दान के रूप में दिया गया जो सीएसआर खर्च की श्रेणी में नहीं आएगा।इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष में भी योगदान देने की रिपोर्ट है। उसे सीएसआर खर्च के अंतर्गत नहीं रखा गया है। क्रिसिल रिपोर्ट के अनुसार खर्च करने वाली 84 इकाइयों में 67 प्रतिशत यानी 56 इकाइयां निजी क्षेत्र की हैं और कुल 7,537 करोड़ रुपए के योगदान में उनकी हिस्सेदारी दो तिहाई है। वहीं 24 कपनियां सार्वजनिक क्षेत्र की हैं और उनकी हिस्सेदारी 30 प्रतिशत रही। सात विदेशी कंपनिंयां हैं।नकद में सहायता का संकल्प जताने वाली 84 कंपनियों में से 36 महाराष्ट्र से हैं। उनका योगदान 4,728 करोड़ रुपए रहा, जो 63 प्रतिशत है। उसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का स्थान रहा। दिल्ली की 13 कंपंनियों ने 17 प्रतिशत का योगदान दिया। जबकि नौ कंपनियां गुजरात की थी जिन्होंने 7,537 करोड़ रुपए में से 7 प्रतिशत का योगदान दिया।रिपार्ट के अनुसार इन 84 कंपनियों में से 48 ने कोविड-19 के लिए कंपनी के स्तर पर खर्च किया न कि समूह स्तर पर। इनमें से 28 ने 2018-19 के कुल सीएसआर खर्च के मुकाबले आधे से अधिक व्यय किया। वहीं 16 कंपनियों ने 2018-19 के बराबर या उससे अधिक खर्च किया। कुल सूचीबद्ध 4,817 कंपनियों में से 1,976 अनिवार्य रूप से सीएसआर खर्च के मानदंड को पूरा करती हैं। इनमें से 1,276 वास्तविक रूप से खर्च करती हैं। वहीं 129 परियोजना की पहचान करने में कठिनाई का हवाला जैसे कारण देते हुए खर्च नहीं कर रहीं। 102 ने अपनी सालाना रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं किया है, जबकि 150 ने कहा कि उन्हें खर्च करने की जरूरत नहीं है।

बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टRajat Sharma’s Blog | द कश्मीर फाइल्स: जगमोहन को दोष क्यों?******नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को एक ऐसी बात कह दी, जिसने नब्बे के दशक के दौरान घाटी से पलायन कर गए कश्मीरी पंडितों के जख्मों को फिर से हरा कर दिया। उन्होंने कहा कि 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म 'झूठ का पुलिंदा' है और इसकी कहानी हकीकत से दूर है।उमर ने कहा, ‘मैं इस फिल्म के निर्माताओं से सिर्फ यह पूछना चाहता हूं कि यह एक डॉक्यूमेंट्री है या कोई कमर्शल फिल्म। अगर यह एक डॉक्यूमेंट्री है, तो हम समझेंगे कि यह सब सच है, लेकिन फिल्म के निर्माता खुद कह रहे हैं कि यह कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बल्कि वास्तविकता पर आधारित फिल्म है। यह फिल्म कश्मीरी पंडितों के पलायन के समय के राजनीतिक परिदृश्य को गलत तरीके से दर्शाती है। सच तो यह है कि जब पलायन हुआ तब फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री नहीं थे। यह गवर्नर राज के दौरान हुआ था, और तब जगमोहन साहब गवर्नर थे। वी. पी. सिंह केंद्र में सत्ता में थे, और उन्हें समर्थन किसका था, बीजेपी का।’उमर ने पूछा कि फिल्म में यह क्यों नहीं दिखाया गया कि जब कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ तब बीजेपी केंद्र में वी.पी.सिंह की सरकार का समर्थन कर रही थी। उन्होंने कहा, ‘सच्चाई को तोड़े-मरोड़े नहीं। यह सही चीज नहीं है।’उमर ने कहा कि उस समय केवल कश्मीरी पंडित ही आतंकवाद के शिकार नहीं थे। उन्होने कहा, ‘हमें उन मुसलमानों और सिखों के संघर्ष को भी नहीं भूलना चाहिए, जिन्हें उसी बंदूक से निशाना बनाया गया था। कई मुसलमानों और सिखों ने भी कश्मीर से पलायन किया और आज तक वापस नहीं लौटे।’पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि कश्मीरी पंडितों का जबरन पलायन 'अफसोसनाक था, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कश्मीरी पंडितों को सुरक्षित वापस लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश की है और यह कोशिश अब भी जारी है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस फिल्म के निर्माता विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी चाहते हैं, वे चाहते हैं कि वे हमेशा घाटी से बाहर ही रहें।'कुल मिलाकर उमर अब्दुल्ला ने अपने पिता फारूक अब्दुल्ला को क्लीन चिट दे दी, जो राज्यपाल शासन लागू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री थे। उनके 2 मिनट के बयान ने पिछले तीन दशकों से पीड़ित कश्मीरी पंडितों के दुख को, उनके दर्द को और बढ़ा दिया।यह सच है कि 19 जनवरी 1990 को जब मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से दी जा रही धमकियों, आगजनी और हत्याओं से डरे लाखों कश्मीरी पंडित जान बचाकर भाग रहे थे, तब घाटी में राज्यपाल शासन था। जगमोहन ने कुछ देर पहले ही राज्यपाल का पद संभाला था, लेकिन क्या उन्हें पलायन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?उमर अधूरा सच बता रहे हैं। ये सही है कि घाटी में पलायन के शुरू होने के वक्त उनके पिता मुख्यमंत्री नहीं थे, लेकिन उमर पूरा सच जानते हुए भी बताना नहीं चाहते। सच ये है कि 19 जनवरी 1990 को जब मस्जिदों से ऐलान होने लगा, कश्मीरी पंडितों से घाटी छोड़ने को कहा गया, उनके घर जलाए जाने लगे, उनका कत्ल होने लगा, उससे ठीक 10 घंटे पहले तक फारूक अब्दुल्ला ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने 18 जनवरी को इस्तीफा दिया और तुरंत लंदन चले गए। 19 जनवरी को जब जगमोहन को जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब तक हिंसा शुरू हो चुकी थी। नए-नए राज्यपाल बने जगमोहन कुछ ही घंटों में क्या कर लेते? क्या जगमोहन को कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्मों के लिए जिम्मेदार ठहराना अन्याय नहीं है?मुझे यह देखकर भी हैरानी होती है कि उमर ने कहा कि आतंकवादियों ने तो मुसलमानों को मारा और उनका भी घाटी से पलायन हुआ। जब भी कश्मीरी पंडितों की बात होती है तभी ये सवाल क्यों उठाए जाते हैं? ये कश्मीरी पंडितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।जब उमर कहते हैं कि उनकी पार्टी घाटी में पंडितों के पुनर्वास के लिए काम कर रही है, तो यह मुझे हास्यास्पद लगता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना तैयार की थी, लेकिन उमर के पिता फारूक अब्दुल्ला इसके विरोध में थे। यहां तक कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए अलग से जमीन की तलाशी जा रही थी, लेकिन उमर की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस ने इसका तीखा विरोध किया था। के आरोपों का पीएमओ में मंत्री जितेंद्र सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘जो लोग भी ऐसी बातें कह रहे हैं वे या तो इतिहास भूल गए हैं या जो हुआ था उसके बारे में उन्होंने पढ़ा ही नहीं है। देश के बंटवारे के बाद से कश्मीर पर सभी बड़े फैसले तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ शेख अब्दुल्ला ने लिए थे, और अस्सी के दशक के दौरान, कश्मीर पर सभी बड़े फैसले राजीव गांधी और फारूक अब्दुल्ला ने लिए थे। आतंकवाद के लिए ट्रिगर पॉइंट 1987 बना जब घाटी में चुनावों में धांधली हुई थी क्योंकि कांग्रेस को लगा था कि फारूक हार रहे हैं। चुनावों में धांधली के चलते हारने वाले लोग बाद में JKLF में शामिल हो गए।जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘जो लोग कह रहे हैं कि इस सबके पीछे बीजेपी थी, उन्हें पता होना चाहिए कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष टीका लाल टपलू पहले ऐसे नेता थे जिनकी आतंकियों ने हत्या की थी। आतंकियों के हाथों जान गंवाने वाले दूसरे नेता बीजेपी समर्थक प्रेम नाथ भट्ट थे। आतंकियों के तीसरे शिकार जस्टिस नीलकंठ गंजू थे। क्या विपक्ष यह कहना चाहता है कि बीजेपी ने आतंकियों से कहकर अपने ही समर्थकों की हत्या करवाई?’शुक्रवार को शहीद टीका लाल टपलू के बेटे आशुतोष टपलू ने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला के शासन के दौरान ही कश्मीरी पंडितों की हत्याएं शुरू हुईं। उन्होंने कहा, 'यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। इस साजिश के तहत फारूक अब्दुल्ला इस्तीफा देने के तुरंत बाद लंदन के लिए रवाना हो गए। कश्मीरी पंडितों को तो आज बी लगता है कि फारूक को कश्मीरी पंडितों पर होने वाले हमले की पूरी जानकारी थी। शायद इसीलिए जैसे ही उन्होंने इस्तीफा दिया, उसके कुछ ही घंटे बाद कश्मीरी पंडितों की हत्याएं और पलायन शुरू हो गया।’जम्मू-कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता कविंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों के बीच नफरत की गहरी खाई 1990 में हुए पलायन से कई साल पहले खोद दी गई थी। घाटी में मुसलमानों को सियासी फायदे के लिए उकसाया गया था। शुक्रवार की रात हमारे शो 'आज की बात' में दिखाया कि कुछ महीने पहले ही फारूक अब्दुल्ला अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों के बीच बढ़ी नफरत की बात कर रहे थे।अपने शो में हमने नरेंद्र मोदी की करीब 8 साल पुरानी साउंडबाइट भी दिखाई जिसमें वह कह रहे थे, ‘जम्मू कश्मीर में जिस तरह से धर्म के आधार पर पहचान करके लोगों को घर-बार छोड़कर भागने पर मजबूर किया गया, ऐसा जुल्म दुनिया में कहीं नहीं हुआ, कभी नहीं हुआ। फारूक अब्दुल्ला शीशे का सामने खड़े होकर, चेहरा देखेंगे तो उन्हें गुनाहों के दाग नजर आएंगे। फारूक के पिता (शेख अब्दुल्ला) का इसमें क्या रोल था, ये भी फारूक जानते होंगे।’यह एक स्थापित तथ्य है कि घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम हुआ, उन्हें धमकाया गया और घाटी से भागने के लिए मजबूर किया गया। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 1989 में घाटी में 3.35 लाख कश्मीरी पंडित रह रहे थे। अब यह आंकड़ा घटकर 3,000 से भी कम हो गया है। 1990 में जब जगमोहन को राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब तक पंडितों को घाटी से निकालने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी थी। कश्मीरी पंडितों को न तो पुलिस पर भरोसा था, न ही प्रशासन पर और राज्यपाल भी बेबस थे।आपातकाल के दौरान जगमोहन संजय गांधी के भरोसेमंद साथी थे, और जब राजीव गांधी 1984 में कांग्रेस के महासचिव थे, तब उन्हें 5 साल के लिए जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल नियुक्त किया गया। जगमोहन उस समय तक राजीव गांधी को चेतावनी दे चुके थे कि कश्मीर में एक तूफान के आसार दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी किताब में जिक्र किया है कि कैसे उन्होंने चिट्ठी लिखकर राजीव गांधी से कहा था कि आप और आपके दोस्त फारूक अब्दुल्ला पूरे मुल्क के सामने कश्मीर की झूठी तस्वीर पेश करने पर तुले हुए हैं। जगमोहन को यकीन था कि न तो राजीव और न ही ने को बचाने की कोशिश की। जब तक वी. पी. सिंह प्रधानमंत्री बने, और जगमोहन को दूसरी बार राज्यपाल के रूप में भेजा गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।यदि आप जगमहोन की किताब ‘My Frozen Turbulence In Kashmir’ पढ़ेंगे तो यह जानकर कांप उठेंगे कि गवर्नर पूरी रात सो नहीं सके, क्योंकि उनके टेलीफोन की घंटी लगातार बज रही थी और कश्मीरी पंडित उनकी मदद मांग रहे थे। कई कश्मीरी पंडितों ने उन्हें फोन पर बताया कि वे काफी डरे हुए हैं और उनमें से कुछ ने उनसे कहा, 'आज की रात हमारी आखिरी रात हो सकती है।' इसके बाद गवर्नर के रूप में जगमोहन के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचा था कि वह किसी तरह कश्मीरी पंडितों को घाटी से सुरक्षित निकलने में उनकी मदद करें। संक्षेप में कहें तो '' इसी बारे में है कि सियासी लोग कैसे आधा-अधूरा सच दिखाकर अपनी कमियों और साजिशों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टOld Car New Rule: पुरानी कार या बाइक खरीदने से पहले सावधान! कानून में बड़े बदलाव करने जा रही है सरकार******Highlightsदेश में पुराने वाहनों का कारोबार काफी पुराना है, लेकिन हाल के दिनों में नई कारों की लंबी वेटिंग और बढ़ती महंगाई के बीच ग्राहकों का पुराने वाहनों की ओर आकर्षण तेजी से बढ़ा है, वहीं ऑनलाइन एप्स की मदद से झंझट मुक्त बाय और सेल के चलते पुरानी कारों का बाजार तेजी से गुलजार हुआ है। लेकिन मूलतः असंगठित स्वरूप वाले इस कारोबार में धोखाधड़ी की संभावना सबसे अधिक होती है। कई बार ग्राहक खराब वाहन खरीद कर ठगे जाते हैं तो कभी अनजाने में चोरी के वाहनों को खरीदने के बाद पुलिसिया कार्रवाई भी झेलनी पड़ती है। इस कारोबार में इन्हीं आशंकाओं और धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार पुरानी कारों के कारोबार से जुड़े नियमों को बदलने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने नए नियमों का मसौदा तैयार किया है, जिससे खरीद बिक्री की प्रक्रिया को पारदर्शी और सेकेंड हैंड डीलर्स को अधिक जिम्मेदार बनाया जाएगा।सरकार ने सेकेंड हैंड कार डीलर को वैधता प्रदान करने के लिए इनके लिए लाइसेंस अनिवार्य किए हैं। इस नियम के तहत यूज्ड वाहन डीलर्स को आरटीओ से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। यह लाइसेंस 5 साल के लिए ही वैध होगा। लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही डीलर पुराने वाहन पेच सकेगा। इसके साथ ही पुराना वाहन नए ग्राहक को बेचने से पहले गाड़ी को नए मालिक के नाम पर पंजीकृत करवाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।नए नियमों के अनुसार कोई कार मालिक अपनी गाड़ी को डीलरशिप के माध्यम से बेचने के लिए देता है तो इसकी जानकारी भी डीलर, आरटीओ में देगा। यानि अभी की तरह डीलर बायर और सेलर के बीच मध्यस्थ नहीं होगा। वह इस पूरी प्रक्रिया में एक पक्ष होगा। यह नियम लागू होने के बाद जब तक कार बिक नहीं जाती, इसकी जिम्मेदारी डीलर की होगी, न कि वाहन के पुराने मालिक की।नए नियमों के तहत जब पुरानी गाड़ी बिक जाती है तो उसके बाद नए मालिक से जुड़ी सभी जानकारी को आरटीओ में देने की जिम्मेदारी डीलर की ही होगी। साथ ही पुरानी गाड़ी के सभी दस्तावेज जैसे आरसी, एनओसी फॉर्म, फिटनेस आदि की जानकारी डीलर को ही आरटीओ में देना होगा।जहां नए नियम में डीलर को वाहन का अस्थाई मालिक बनाया गया है, लेकिन डीलर इसे मनचाहा इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। गाड़ी को केवल मेंटेनेस और ट्रायल रन के लिए सड़क पर उतारने का अधिकार होगा। अन्य किसी भी कारण से डीलर गाड़ी का उपयोग नहीं कर पाएगा।नए नियमों को लेकर गाजियाबाद स्थित एक कार डीलर अरविंद गौतम बताते हैं कि इस कारोबार में विश्वास सबसे अहम होता है। नियम आने के बाद से डीलर्स पर खरीदने और बेचने दोनों ही ग्राहकों को विश्वास मिलेगा। वहीं इस पूरे कारोबार में पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा नए ग्राहक को कागजों की वैधता को लेकर भी परेशान नहीं होना पड़ेगा।

बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टधारा 370 हटने के बाद PoK में हड़कंप, फारूक हैदर ने कहा रोका नहीं गया तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर ऐसा होगा******जम्मू-कश्मीर से हटाने के सरकार के फैसले के बाद के कब्जे वाले कश्मीर में भी हड़कंप मचा हुआ है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के प्रधानमंत्री फारूक हैदर ने बयान दिया कि धारा 370 को खत्म करके भारत ने एक रणनीतिक चाल चली है। फारुख हैदर ने मीडियाको संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने जो कश्मीर में किया वह सीज फायकर लाइन (LoC) के उस तरह तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह खिसककर PoK (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) में भी आएगा, अगर आजाद कश्मीर में आया तो भारत और पाकिस्तान के बीच भी यह मुद्दा पैदा होगा।इसके अलावापाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के इस कदम के बादकहा कि इस अंतरराष्ट्रीय विवाद के पक्ष में पाकिस्तान अवैध कदमों का मुकाबला करने के लिए सभी संभावित विकल्पों का प्रयोग करेगा। पाकिस्तान ने कश्मीर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कल कश्मीर पर भारत सरकार के कदम को लेकर संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है।बॉलीवुडकीमिसब्रिगेंजाArchanaPuranSinghरात12बजेकरनेवालीथींशादीऐसेआयाकहानीमेंट्विस्टIND vs PAK: पाकिस्तान के इस प्लान का तोड़ नहीं ढूंढ पाई टीम इंडिया, हाथ से गंवाया जीता हुआ मैच******Highlightsभारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में रविवार को दूसरी बार भिड़ंत हुई। हमेशा की तरह इस बार भी दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और आखिरी तक मैच का रोमांच बना रहा। हालांकि सुपर 4 राउंड के इस मुकाबले में टीम इंडिया को निराशा हाथ लगी और उसे पांच विकेट से मैच गंवाना पड़ा। दुबई में खेले गए मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत जबरदस्त रही थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान ने वापसी करते हुए टीम इंडिया की गलतियों का पूरा फायदा उठाया और अंत में बाजी अपने नाम कर ली।टीम इंडिया के खिलाफ बाबर एंड कंपनी ने मैच में खास योजना बनाई थी, जिसने उसकी जीत में अहम भूमिका निभाई। यह योजना थी मोहम्मद नवाज को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने की। भारत के 182 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने अपने नीचले क्रम के खिलाड़ी मोहम्मद नवाज को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारकर एक बड़ा जुआ खेला। पाकिस्तान की इस चाल का भारतीय गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था और वह इसमें बुरी तरीके से फंस गए।दरअसल, पाकिस्तान को नौवें ओवर में 63 के स्कोर पर दूसरा झटका लगा तो सभी को उम्मीद थी कि पाकिस्तान अपने सीनियर और मंझे हुए खिलाड़ियों को बल्लेबाजी के लिए भेजेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पाकिस्तान ने बाएं हाथ के खिलाड़ी मोहम्मद नवाज को भेजा दिया। नवाज ने इससे पहले कभी भी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी नहीं की थी, लेकिन इस मैच में उन्होंने पहली ही गेंद से मारना शुरू किया और 20 गेंदों में 42 रन जड़ दिए। उन्होंने रिजवान के साथ मिलकर 41 गेंदों में 73 रन की साझेदारी भी की। नवाज ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के भी लगाए। नवाज ने हार्दिक और चहल को खासतौर पर निशाना बनाया। और मैच का रूख पलटकर रख दिया।नवाज का इस मैच से पहले बेस्ट स्कोर 30* रन था जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए थे। जबकि इस मैच से पहले तक वह 32 मैचों में 124 रन ही बना पाए थे, लेकिन इस मैच में उन्होंने अपना बेस्ट स्कोर भी बनाया।नवाज को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के सवाल पर पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम ने कहा कि उन्होंने भारत के लेग स्पिनरों का सामना करने के लिए ऐसा किया था। बता दें कि भारत की तरफ से कल के मैच रवि बिश्नोई और युजवेंद्र चहल दो लेग स्पिनर खेल रहे थे और शुरूआत में पाकिस्तानी बल्लेबाजों पर हावी रहे थे। लेकिन नवाज ने बाबर के फैसले पर मुहर लगाते हुए दोनों गेंदबाजों को कमजोर कर दिया।टीम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज के पहले मैच में ठीक यह रणनीति अपनाते हुए रवींद्र जडेजा को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा था और तब भारतीय टीम को इसका फायदा मिला था।

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2022-10-01 06:19
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IND vs SA 3rd Test, Day 2 हाइलाइट्स: दूसरे दिन का खेल समाप्त, भारत (223 & 57/2) ने साउथ अफ्रीका (210) पर हासिल की 70 रन की लीड******Highlightsभारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैच की सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला केपटाउन में खेला जा रहा है। भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट के नुकसान पर 57 रन बना लिए हैं। कोहली 14 और पुजारा 9 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने मेजबानों पर अब कुल 70 रनों की बढ़त हासिल कर ली है। भारत को दो झटके मयंक अग्रवाल और केएल राहुल के रूप में लगे जिन्हें क्रमश: कगिसो रबाडा और मार्को जेनसन ने पवेलियन का रास्ता दिखाया। इससे पहले टीम इंडिया ने पहली पारी में 223 रन बनाने के बाद मेजबानों को 210 रनों पर ढेर किया। भारत की और से जसप्रीत बुमराह ने सबसे अधिक 5 विकेट लिए, वहीं मेजबानों के लिए पीटरसन ने सर्वाधिक 72 रन बनाए। तीसरा दिन टीम इंडिया के लिए अहम रहने वाला है।
2022-10-01 05:09
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एंड्रॉयड के 800 ऐप बने 'जेवियर' मालवेयर के शिकार****** वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी ट्रेंड माइक्रो ने शुक्रवार को बताया कि उसने गूगल प्ले स्टोर के 800 से ज्यादा में ट्रोजन एंड्रायड मालवेयर 'जेवियर' की पहचान की है, जिन्हें अब तक लाखों बार डाउनलोड किया जा चुका है। 'जेवियर' मालवेयर संक्रमित मोबाइल के उपयोगकर्ता की जानकारियों को चुराता है।ट्रेंड माइक्रो ने एक बयान में कहा, "इस से संक्रमित होने वाले एप्लिकेशंस में यूटिलिटी एप से लेकर फोटो एप, वॉलपेपर एप और रिंगटोन चेंजर एप तक शामिल हैं। हम इस प्रकार के खतरों से प्रयोक्ता को बचाने के लिए मोबाइल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराते हैं।" ट्रेंड माइक्रो के जांच दल ने अपने 'मोबाइल ऐप रेपुटेशन सार्विस' के आंकड़ों में पाया कि 'जेवियर' किसी मोबाइल उपयोगकर्ता की जानकारियां चुरा रहा है, इसे जान पाना बेहद कठिन है।जांच दल का कहना है कि ऐसा जेवियर में मौजूद आत्म सुरक्षा प्रणाली के कारण है, जो स्ट्रिंग एनक्रिप्शन, इंटरनेट डेटा एनक्रिप्शन और इम्यूलेटर डिटेक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करता है।ट्रेंड माइक्रो के कंट्री मैनेजर (भारत एवं दक्षेस) नीलेश जैन का कहना है, " जैसे बेहद तीक्ष्ण मालवेयर से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि किसी अज्ञात स्रोत से प्राप्त एप्लिकेशन को डाउनलोड या इंस्टाल न करें, चाहे वह गूगल प्ले स्टोर से ही क्यों ना हो।"
2022-10-01 04:41
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दिल्ली सरकार के स्कूलों में 28 जून से शुरू होगा नर्सरी एडमिशन, ध्यान रखें ये बातें******दिल्ली स्थित सरकारी सर्वोदय विद्यालयों कीनर्सरी कीकक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया 28 जून से शुरू होगी। इसकी घोषणा शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को की। शिक्षा निदेशालय ने आधिकारिक आदेश में कहा, ‘‘सरकारी सर्वोदय विद्यालयों की शुरुआती कक्षाओं-नर्सरी, केजी और पहली- में प्रवेश के लिए 28 जून से 12 जुलाई तक आवेदन संबंधित स्कूल से प्राप्त किए जा सकेंगे। में रह रहे बच्चे जिनका आवास स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में है वे आवेदन करने के पात्र हैं। अगर इस दायरे में सर्वोदय विद्यालय नहीं है तो तीन किलोमीटर के दायरे में अवस्थित स्कूल में बच्चे के प्रवेश के लिए आवेदन किया जा सकता।’’सरकार ने हेल्प डेस्क की भी स्थापना की है जिसमें शिक्षक और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को शामिल किया गया है जो अभिभावकों का मार्गदर्शन करेंगे। आदेश में कहा गया, ‘‘आवेदक के माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे हेल्पडेस्क सदस्यों से जांचे गए आवेदन ही प्राप्त करें।’’शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि है कि किसी भी दिव्यांग, निराश्रित, शरणार्थी या शरण के इच्छुक, प्रवासी या जरूरतमंद बच्चे को प्रवेश के समय आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में प्रवेश देने से इनकार नहीं किया जाएगा। प्रवेश के लिए बच्चे का चयन 20 जुलाई को ड्रॉ के जरिये किया जाएगा।
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