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IPL 2022, GT vs RCB Dream 11: गुजरात और RCB के बीच मुकाबले में इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर जो मचा सकते हैं धमाल

2022-10-01 05:20:15 016

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालपरंपरागत हलवा रस्म के साथ शुरू हुई Budget 2019 दस्तावेजों की छपाई, जानिए Halwa Ceremony के बारे में******Printing of Budget 2019-20 documents begins with 'Halwa' ceremony के नेतृत्व में गठित केन्द्र की नयी सरकार के पहले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। में शनिवार को परंपरागत हलवा रस्म के साथ के बजट दस्तावेजों के प्रकाशन की शुरुआत हो गई। वित्त मंत्री , वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में नॉर्थ ब्लॉक में हलवा रस्म का आयोजन किया गया। वित्त मंत्रालय की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। आम चुनाव के बाद नवगठित संसद के 17 जून से शुरू हुये पहले सत्र में ही पांच जुलाई को पेश किया जायेगा। पिछली सरकार ने आम चुनाव की घोषणा होने से पहले एक फरवरी को 2019- 20 का अंतरिम बजट पेश किया था। बजट की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए बजट प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों को बजट पेश होने तक वित्त मंत्रालय के दफ्तर 'नॉर्थ ब्लॉक' में ही रहना होता है। बजट बनाने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने परिजनों तक से बातचीत करने अथवा मिलने की अनुमति नहीं होती है।इतना ही नहीं बजट दस्तावेजों को छापने का काम भी नॉर्थ ब्लॉक में बने छापेखाने में ही किया जाता है। के दौरान सीतारमण और ठाकुर के अलावा वित्त सचिव एस. सी. गर्ग, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे, वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार और निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अतनु चक्रवर्ती समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। हलवा रस्म के बाद सीतारमण ने छापेखाने का भी दौरा किया।हर साल बजट की प्रिंटिंग शुरू होने से पहले नॉर्थ ब्लॉक में बने वित्त मंत्रालय के ऑफिस में एक बड़ी कढ़ाई में हलवा बनाया जाता है और बांटा जाता है। वित्त मंत्री खुद इस कार्यक्रम की अगुवाई करते हैं। उनके अलावा वित्त मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी इस रस्म में शामिल होते हैं। इस रस्म के पीछे वजह है कि भारतीय परंपरा के मुताबिक, कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले मीठा खाना अच्छा माना जाता है, इसीलिए बजट प्रॉसेस में भी हलवा सेरेमनी की शुरुआत हुई। हलवा सेरेमनी के बाद बजट की प्रिंटिंग से जुड़े मंत्रालय के करीब 100 कर्मचारी के बेसमेंट में बनी प्रिटिंग प्रेस में अगले कुछ दिनों के लिए रहते हैं।

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालPM Modi in Germany: जी-7 समिट में रहा भारतीय प्रोडक्ट्स का जलवा, पीएम मोदी से उपहार पाकर गदगद हुए वर्ल्ड लीडर्स******Highlightsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 की बैठक में शामिल होने दो दिनों के लिए जर्मनी गए थे। इस दौरान यहां वर्ल्ड लीडर्स के साथ पीएम मोदी की मुलाकात की जो सुंदर तस्वीरें सामने आईं उसकी चर्चा काफी जोरों पर है । यहां वर्ल्ड नेताओं के साथ पीएम मोदी की गजब की केमिस्ट्री देखने को मिली। एक तरफ जहां अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन पीएम मोदी से मिलने के लिए काफी उतावले दिखे, वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम ने चाय पर चर्चा की। जर्मनी में मौजूद सभी नेताओं से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी उन्हें भारत से ले गए गिफ्ट भी दिए।पीएम मोदी ने किसको क्या गिफ्ट दिया?UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से ले गए प्लेटिनम पेंटेड हैंड पेंटेड टी सेट गिफ्ट किया। इस साल मनाई जा रही रानी की प्लेटिनम जयंती के सम्मान में क्रॉकरी को प्लेटिनम मेटल पेंट से रेखांकित किया गया।जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा को पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के निजामाबाद से साथ ले गए ब्लैक पॉटरी पीस गिफ्ट किए। निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी पूरे विश्व में अपना अलग स्थान रखती है। इसकी मांग देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों तक है।PM ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को जरदोजी के डिब्बे में ITR की बोतलें भेंट की। जरी जरदोजी बॉक्स पर फ्रांसीसी राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में खादी रेशम और साटन ऊतक पर हाथ से कढ़ाई की गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज को छत्तीसगढ़ से नंदी-थीम वाली डोकरा कला भेंट की। यह विशेष कला-कृति 'नंदी-द मेडिटेटिव बुल' की एक आकृति है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार नंदी को भगवान शिव का वाहन (mount) माना जाता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी, उत्तर प्रदेश से गुलाबी मीनाकारी ब्रोच और कफ़लिंक सेट उपहार में दिया है। ये कफ़लिंक राष्ट्रपति के लिए और मैंचिग ब्रोच फर्स्ट लेडी के लिए तैयार किए गए हैं। गुलाबी मीनाकारी एक GI-टैग कला है।प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को छत्तीसगढ़ से रामायण थीम वाली डोकरा कला भेंट की। डोकरा कला अलौह धातु की ढलाई कला है, जिसमें खोई हुई मोम की ढलाई तकनीक का उपयोग होता है। ऐसी धातु की ढलाई का उपयोग भारत में 4,000 से अधिक वर्षों से होता आ रहा है। written by shashi RaiगुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालBritain में JOB मिलना हुआ आसान, India-UK की सरकारों के बीच बनी अहम सहमति******में भारतीयों छात्रों को जाॅब मिलना आसान हो गया है। दरअसल, भारत सरकार और ब्रिटेन के बीच डिग्री को लेकर हुए अहम सहमति बनी है। इस समझौत के तहत भारत में स्नातक, मास्टर डिग्री और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के भारतीय छात्रों की डिग्रियों को अब ब्रिटेन के छात्रों के समान माना जाएगा। इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को ब्रिटेन में इस योग्यत वाली नौकरियों के लिए योग्य बनाएगा।दोनों पक्षों ने गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसके अनुसार इंडियन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्री-यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट को ब्रिटेन के उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए उपयुक्त माना जाएगा। इसी तरह भारत और ब्रिटेन की बैचलर्स डिग्री, मास्टर्स डिग्री और डॉक्टरेट की डिग्री को भी एक दूसरे के समकक्ष माना जाएगा। हालांकि, Doctor, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और फार्मेसी से संबंधित डिग्री को समझौता ज्ञापन के दायरे से बाहर रखा गया है। वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि नई दिल्ली मुक्त व्यापार समझौते में उनकी मान्यता के लिए बातचीत करेगी, जिसके लिए बातचीत अगस्त तक समाप्त होने की संभावना है। इसके साथ ही 31 और समझौते पर दिवाली तक हस्ताक्षर किए जाएंगे।समझौते के तहत अब से ब्रिटेन की डिग्री को भारतीय डिग्री के समकक्ष माना जाएगा। वहां डिग्री वाले छात्र भी भारत में रोजगार के लिए पात्र होंगे। सुब्रह्मण्यम ने संवाददाताओं से कहा, भारत में बैचलर और मास्टर्स ऑफ आर्ट्स (बीए, एमए) और विज्ञान (बीएससी, एमएससी) में डिग्री को ब्रिटेन में समान व्यवहार किया जाएगा। समझौता ज्ञापन में ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से प्राप्त डिग्री भी शामिल है। समझौता ज्ञापन दोनों देशों में विधिवत अनुमोदित और मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों के भीतर छात्रों द्वारा किए गए शैक्षिक योग्यता और अध्ययन की अवधि की पारस्परिक मान्यता प्रदान करता है।समझौते से दोनों देशों के हजारों युवाओं को लाभ होने की उम्मीद है। यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की उनकी 10 वर्षीय रूपरेखा का एक हिस्सा है। यूनिवर्सिटी यूके इंटरनेशनल (यूयूकेआई) की मुख्य कार्यकारी विविनी स्टर्न ने कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक समझौता है, जिसकी रूपरेखा कई वर्षों से तैयार की जा रही थी। छात्रों की योग्यताओं को दोनों देशों द्वारा मान्यता दी जाएगी, जिससे छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्राप्त करना और नौकरी पाना आसान होगा। यूयूकेआई, ब्रिटेन के 140 से अधिक विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करता है।

IPL 2022, GT vs RCB Dream 11: गुजरात और RCB के बीच मुकाबले में इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर जो मचा सकते हैं धमाल

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालBumper Package: सिगरेट बनाने वाली इस कंपनी में 220 कर्मचारी लेते हैं 1 करोड़ की सैलरी, MD का वेतन जानकर आप चौंक जाएंगे******सिगरेट से लेकर होटल और एफएमसीजी सेक्टर में काम करने वाली आईटीसी समूह में वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान प्रति वर्ष एक करोड़ रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों की संख्या 44 प्रतिशत बढ़ गई। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। आईटीसी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया कि 2020-21 में प्रति माह 8.5 लाख रुपये या प्रति वर्ष एक करोड़ रुपये से अधिक वेतन पाने वाले आईटीसी कर्मचारियों की कुल संख्या 220 थी, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 153 थी। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया, 220 ऐसे कर्मचारी थे, जो पूरे वित्त वर्ष में कार्यरत थे और जिन्हें इस दौरान कुल मिलाकर 102 लाख रुपये यानी प्रति माह 8.5 लाख रुपये या इससे अधिक पारिश्रमिक मिला।कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में आईटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी को मिला सकल पारिश्रमिक 5.35 प्रतिशत बढ़कर 12.59 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 2.64 करोड़ रुपये का समेकित वेतन, 49.63 लाख रुपये का अनुलाभ/अन्य लाभ और 7.52 करोड़ रुपये का प्रदर्शन बोनस शामिल है। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया कि पुरी का वेतन सभी कर्मचारियों के पारिश्रमिक के औसत के मुकाबले 224 गुना था। उनका सकल पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2020-21 में 11.95 करोड़ रुपये था। आईटीसी के कर्मचारियों की कुल संख्या 31 मार्च, 2022 तक 23,829 थी, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8.4 प्रतिशत कम है।गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालबॉक्स ऑफिस पर 'केजीएफ चैप्टर 2' की धमाकेदार कमाई जारी, 300 करोड़ के क्लब में पहुंची फिल्म******रिलीज के 10 दिन बाद भी, ' हिंदी फिल्म के दर्शकों पर अपना जादू बिखेर रही है। इसके साथ ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म 14 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन इसका क्रेज आज भी कायम है। KGF: चैप्टर 2 को समीक्षकों और दर्शकों से जबरदस्त तारीफ मिल रही है। फिल्म ने दूसरे हफ्ते भी अपना जादू कायम रखा। फिल्म ने रिलीज के दूसरे शनिवार को बीते दिन की तरह ही शानदार प्रदर्शन करते हुए हिंदी में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लिया है।पहले दिन (गुरुवार) 50 करोड़ रुपएदूसरे दिन (शुक्रवार) 100करोड़चौथे दिन (रविवार) 150 करोड़5वें दिन (सोमवार) 200 करोड़6वें दिन (मंगलवार) 225 करोड़7वें दिन यानी बुधवार को 250 करोड़9वें दिन (शुक्रवार) 275 करोड़11वें दिन (रविवार) 300 करोड़इससे पहले ऋतिक रोशन और टाइगर श्राफ की लीड रोल वाली फिल्म वॉर ने 2019 में 300 करोड़ का आंकड़ा पार किया था।बता दें कि KGF 2 साल 2018 में आई यश की सुपरहिट फिल्म का सीक्वल है। फिल्म में यश मुख्य किरदार में हैं। वहीं, संजय दत्त, रवीना टंडन और श्रीनिधि सहित कई कलाकार भी फिल्म में मुख्य किरदार निभाते हुए नजर आए। फिल्म 14 अप्रैल को कन्नड़, तेलुगू, हिंदी, तमिल और मलयालम में रिलीज की गई। फिल्म प्रशांत नील द्वारा लिखित और निर्देशित है। केजीएफ-2 को रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट और एए फिल्म्स द्वारा उत्तर-भारतीय बाजारों में प्रस्तुत किया जा रहा है। एक्सेल ने दिल चाहता है, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, दिल धड़कने दो और गली बॉय जैसी सुपरहिट फिल्में दी हैं।गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालBihar News: पोस्टमॉर्टम के लिए शव को रस्सी से घसीटकर अस्पताल ले जाने के मामले में पुलिस अधिकारी निलंबित******Highlightsबिहार के बेगूसराय जिले में एक व्यक्ति के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रस्सी से बांधकर खींचते हुए अस्पताल ले जाने के मामले में SI को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो के वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रस्सी से खींचकर अस्पताल ले जाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश पैदा हो गया।मामले में SI निलंबितअधिकारियों ने बताया कि लाखो थाना क्षेत्र के निपनिया गांव में बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क किनारे मिला। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया, ‘‘उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह को मामले की जांच करने और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए कहा गया था। उन्होंने दो सफाई कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया, जिन्होंने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल ले जाते समय रस्सी से घसीटा।’’ कुमार ने कहा कि यह एक अमानवीय कृत्य है और एक पुलिस अधिकारी को शव के साथ इस तरह का बर्ताव करने अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंह को निलंबित कर दिया गया है।पुलिस ने कहा कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे आक्रोश फैल गया। उन्होंने कहा कि इसने पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि शव को मुर्दाघर में ले जाने के दौरान भी पैरों में रस्सी बांधकर उसे खींचा गया था।

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गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालBasant Panchami 2022: बसंत पंचमी पर बन रहा खास योग, जानिए शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि******Highlightsमाघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिनविद्या और कला की देवी सरस्वती जी की पूजा का विधान है। बसंत पंचमी से वसंतोत्सव की शुरूआत हो जाती है। ये वसंतोत्सव होली तक चलता है। इस उत्सव को मदनोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस उत्सव की शुरूआत रतिकाम महोत्सव से होती है।शास्त्रों के अनुसार के ही दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की भी रचना की थी।इसलिए इस दिन से नए कार्यों की शुरूआत करना अच्छा माना जाता है। विशेषतौर पर कोई नई विद्या आरंभ करना, कोई नया काम शुरू करना, बच्चों का मुंडन संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, गृह प्रवेश या अन्य कोई शुभ काम करना बड़ा ही अच्छा माना जाता है।पंचमी तिथि प्रारंभ- 5 फरवरी तड़के 3 बजकर 48 मिनट से शुरूपंचमी तिथि समाप्त- 6 फरवरी तड़के 3 बजकर 46 मिनट तकशाम 5 बजकर 42 मिनट तक6 फरवरी को शाम 4 बजकर 52 मिनट तकबसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के लिए सबसे पहले एक जगह को साफ कर लें और सरस्वती की प्रतिमा रखें। कलश स्थापित कर सबसे पहले भगवान गणेश का नाम लेकर पूजा करें। सरस्वती माता की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचवन और स्नान कराएं। माता को पीले रंग के फूल अर्पित करें, माला और सफेद वस्त्र पहनाएं फिर मां सरस्वती का पूरा श्रृंगार करें। माता के चरणों पर गुलाल अर्पित करें। सरस्वती मां पीले फल या फिर मौसमी फलों के साथ-साथ बूंदी चढ़ाएं। माता को मालपुए और खीर का भोग लगाएं। सरस्वती ज्ञान और वाणी की देवी हैं। पूजा के समय पुस्तकोंया फिर वाद्ययंत्रों का भी पूजन करें।कई लोग बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन हवन से करते हैं। अगर आप हवन करें तो सरस्वती माता के नाम से 'ओम श्री सरस्वत्यै नम: स्वहा" इस मंत्र से एक सौ आठ बार जाप करें, साथ ही संरस्वती मां के वंदना मंत्र का भी जाप करें।ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।वन्दे भक्तया वन्दिता च।।या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दितासा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनींवीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥२॥जो लोग अपने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार करवाना चाहते हैं, वो बसंत पंचमी के दिन कर सकते हैं। दरअसल, जो बच्चे अभी तक केवल अपनी माता का दूध पीते हैं, लेकिन अब आप उन्हें अन्न खिलाना शुरू करना चाहते हैं, तो आज का दिन बड़ा ही अच्छा है।बसंत पंचमी के दिन दूध चावल की खीर बनाकर सबसे पहले देवी सरस्वती को उसका भोग लगाएं। फिर बच्चे को नये कपड़े पहनाकर, लकड़ी की चौकी पर बिठाकर, चांदी की कटोरी में चांदी की चम्मच से घर के बड़े-बुजुर्ग अपने हाथ से बच्चे को खीर खिलाएं। अगर चांदी की कटोरी और चम्मच में खिलाना संभव न हो तो घर में मौजूद स्टील की कटोरी, चम्मच से भी खिला सकते हैं।गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालIndia and China News: चीन के फाइटर जेट को मुंहतोड़ जवाब देगा भारत, सीमा पर तैनात करेगा दूसरा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम******HighlightsIndia and China News: चालबाज चीन की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत हर समय तैयार है। चीन के खिलाफ भारत ने जहां सैन्य तैयारियां भी अच्छी तरह से की हैं, वहीं भारत और चीन की सीमा पर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर भी दुरुस्त किया है। इसी बीच चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। हमारी सीमा पर लगातार फाइटर जेट भेज रहे चीन को सबक सिखाने के लिए भारत ने अपनी तैयारी और पुख्ता कर दी है। भारत अगले दो से तीन माह में दूसरे एस 400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चीन की सीमा पर सक्रिय कर देगा।भारत की सीमा में लगातार फाइटर जेट भेज रहे चीनी ड्रैगन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने अपनी तैयारी को और पुख्‍ता करना तेज कर दिया है। भारत अगले दो से तीन महीने में अपने दूसरे एस 400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्‍टम को चीन की सीमा पर सक्रिय कर देगा। एस 400 की तैनाती से भारतीय वायुसेना चीन के फाइटर जेट, रणनीतिक बॉम्‍बर, म‍िसाइलों और ड्रोन विमानों की न केवल बहुत दूर से पहचान कर सकेगी, बल्कि उन्‍हें पलक झपकते ही तबाह कर सकेगी।रूस से आ रही एस 400 की दूसरी खेपसूत्रों ने बताया कि दूसरे एस 400 स्‍क्‍वाड्रन की जहाजों और विमानों के जरिए डिल‍िवरी रूस से चल रही है। 24 फरवरी को यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार एस.400 सिस्‍टम की दूसरी खेप आ रही है। भारत का पुराना दोस्त रूस ऐसे समय में भारत को एस 400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति कर रहा है जब चीन ने भारत की सीमा पर गतिविधियों को और बढ़ाना शुरू कर दिया है। चीन के फाइटर विमान अक्सर एलएसी यानी भारत और चीन के बीच की लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल के पास 10 किमी के नो फ्लाई जोन इलाके में आ रहे हैं। यह सीधे तौर पर दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बहाली के उपायों का उल्लंघन है।चीन के फाइटर जेट नो फ्लाइंग जोन में, हमारा राफेल भी है तैयारइससे पहले भारत ने एस 400 सिस्टम को पश्चिमोत्तर सीमा पर तैनात किया था। जिससे कि पाकिस्तान और चीन दोनों से होने वाले हवाई खतरों से निपटा जा सके।रूस ने एस.400 की पहली खेप भेजी थी, जिसे हजारों कंटेनर की मदद से दिसंबर महीने में भारत पहुंचाया गया था। यही नहीं भारतीय वायुसेना को इस साल अप्रैल और मई महीने में सिमुलेटर और कई अन्‍य उपकरण मिले थे, ताकि एस.400 की ट्रेनिंग दी जा सके। रक्षा सूत्रों ने बताया कि एस.400 की दूसरी खेप को चीन के मोर्चे पर खासतौर से हवाई सुरक्षा मुहैया कराने के लिए तैनात किया जाएगा।लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के इलाकों में आए दिन मंडराते हैं चीनी फाइटर जेटसूत्र बताते हैं कि चीन द्वारा 3488 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे मैकमोहन लाइन कहा जाता है, उस पर फाइटर जेट की तैनाती और उसकी उड़ान लद्दाख और अरूणाचल प्रदेश के इलाकों काफी बढ़ गई है। वे लगभग रोजाना सीमा पर मंडरात रहते हैं। एक चीनी फाइटर जेट तो 28 जून को पूर्वी लद्दाख के विवादित इलाकें में भारतीय चौकियों के ऊपर से भी गुजरा था। तब जवाब में हमारी वायुसेना ने भी फाइटर जेट उड़ाए थे। भारत ने इस पूरे मामले को चीन के साथ उठाया था। लद्दाख में पिछले 2 साल से सैन्‍य टकराव चल रहा है और दोनों ही देशों के 50-50 हजार सैनिक सीमा पर तैनात हैं। वहीं चीन ने पिछले दो साल में पूरे व्‍यवस्थित तरीके से भारत से लगे अपने सभी एयरबेस को अत्‍याधुनिक बनाया है। भारत के हमले का जवाब देने के लिए चीन ने कई एंटी एयरक्राफ्ट सिस्‍टम लगाए हैं। लेकिन चीन को मुंहतोड़ जवाब देने में भारतीय सेना सक्षम है।

IPL 2022, GT vs RCB Dream 11: गुजरात और RCB के बीच मुकाबले में इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर जो मचा सकते हैं धमाल

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालIPL 2022 : स्टेडियम में होगी दर्शकों की एंट्री, जानें कहां से खरीदा जा सकता है मैच का टिकट******Highlightsमुंबई में शनिवार से शुरू हो रहे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में इस साल दर्शक स्टेडियम में बैठकर मैचों का आनंद ले पाएंगे। आयोजकों ने बुधवार को बताया कि स्टेडियम की कुल क्षमता के 25 प्रतिशत दर्शकों को प्रवेश की अनुमति मिल गयी है। मौजूदा चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में आईपीएल 2022 के पहले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स से भिड़ेगा।आईपीएल की विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘यह मैच एक महत्वपूर्ण अवसर होगा क्योंकि महामारी के कारण संक्षिप्त अंतराल के बाद आईपीएल प्रशंसकों का स्टेडियम में फिर से स्वागत करेगा।’’विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘मुंबई, नवी मुंबई और पुणे के स्टेडियमों में मैच खेले जाएंगे, जिसमें कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार स्टेडियम की क्षमता के 25 प्रतिशत दर्शक स्टेडियम में बैठकर मैच देख पाएंगे।’’आईपीएल में दो नयी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स के जुड़ने से इस सत्र में कुल 74 मैच होंगे। लीग चरण के लिये टिकटों की ऑनलाइन बिक्री बुधवार से शुरू होगी।

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालथायराइड के मरीज भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, बढ़ सकती है परेशानी******Highlights एक ऐसी बीमारी है जिससे सबसे ज्यादा लोग चपेट में आ रहे हैं जिसकी मुख्य वजह गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल है। अधिकतर लोग ये समझ नहीं पाते की थायराइड क्या होता है। बता दें कि थायराइड तितली के आकार का एक ग्लैंड होता है जोकि सांस की नली के ऊपर होता है। जब इस थायराइड ग्लैंड में हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है तो ये समस्या हो जाती है।थायराइड के मरीज अपने खानपान का खास ध्यान रखकर इस बीमारी को कंट्रोल कर सकते हैं। अगर आप थायराइड की समस्या से जूझ रहे हैं तो ऐसे में आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके शरीर के लिए किन चीजों का सेवन हानिकारक हो सकता है ताकि आप अपने डाइट पर ध्यान दे सकें और खुद को स्वस्थ रख सकें। ऐसे में आइए जानते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जो थायराइड से मरीजों को नहीं खाना चाहिए।थायराइड से पीड़ित मरीजों को सोयाबीन या फिर सोयाबीन से बनी किसी भी चीज को नहीं खाना चाहिए। इसमें फयटोएस्ट्रोजन पाया जाता है, जोकि थायराइड हार्मोंस का निर्माण करने वाले एंजाइम की कार्य करने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसलिए इसका सेवन करने से परहेज करें।पैक्ड फूड को प्रोसेस्ड फूड भी कहा जाता हैं। ये थायराइड के मरीज के लिए बना ही नहीं होता है। अगर कोई भी चीज लंबे समय से रखी है तो उसका सेवन न करें। पैक्ड फूड में सोडियम की मात्रा अधिक होती है जोकि थायराइड के मरीजों के लिए हानिकारक होता है। इसलिए ऐसे फूड को थायराइड के मरीज खाने से बचें। इसकी जगह आप ताजा फूड का सेवन करें।अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करना ऐसे ही सेहत के लिए नुकसानदेह होता है। लेकिन ऐसे मरीजों को चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए जिनका थायराइड के कारण अचानक ही वजन बढ़ा हो। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप चीनी का सेवन कम नहीं करेंगे तो इससे आपका वजन बढ़ सकता है जिससे थायराइड के लेवल पर भी इसका असर पड़ता है।थायराइड के मरीजों को भूलकर भी कैफीन और एल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से थायराइड के लेवल पर असर पड़ता है। अगर आप नियमित रूप से दवा खा रहे हैं और ऐसे में कैफीन और एल्कोहल का भी सेवन कर रहे हैं तो दवाओं के असर पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।थायराइड के मरीजों रेड मीट खाने से बचना चाहिए। रेड मीट में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा में होता है। साथ ही इसके सेवन से वजन भी बढ़ता है। इसलिए अगर आपको वजन बढ़ाने वाला थायराइड है तो इसका सेवन ना करें।थायराइड के पेशेंट को फाइबर युक्त सब्जियों को खाने से बचना चाहिए। जैसे गोभी, ब्रोकली और पालक आदि। इन सभी सब्जियों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है।गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालCM KCR on PM Modi Speech: PM मोदी के भाषण पर CM केसीआर ने साधा निशाना, कहा- कुछ भी उपयोगी नहीं******Highlightsतेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 'संवाद' अदायगी और सिर पर पहनी लंबी पगड़ी के प्रदर्शन के अलावा कुछ भी उपयोगी नहीं किया। केसीआर नाम से लोकप्रिय राव ने तेलंगाना के विकाराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के 'रेवड़ी संस्कृति' वाले बयान को लेकर भी उन पर निशाना साधा और कहा कि देश में कोई और राज्य नहीं है जो तेलंगाना की तरह कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रहा हो।राव ने आरोप लगाया, "कल मैं भी प्रधानमंत्री का भाषण सुन रहा था। उन्होंने आठ साल तक कुछ नहीं किया, लेकिन फिर भी मैंने सोचा कि बाकी के दो साल के लिए वे कुछ कहेंगे। एक घंटे के पूरे भाषण में संवादों, सिर पर पगड़ी, पहनावे के अलावा और कुछ नहीं था। किसी नई योजना की घोषणा नहीं की गई। देश के कल्याण के लिए एक भी शब्द नहीं कहा गया।"तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों को कोयला आयात करने के लिए बाध्य कर रही है, जबकि यह भारत में सस्ती दर पर उपलब्ध है। अपने काफिले के गुजरने के दौरान कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की कोशिश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विकराबाद की जनता को इन भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं से पूछना चाहिए कि मोदी ने पिछले आठ साल के शासन में किया क्या है।राव ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से पूछता हूं कि आपने पिछले आठ साल में क्या किया है। किसान, महिलाएं, आदिवासी, मुस्लिम और दलित। किस वर्ग को फायदा हुआ। किसी को नहीं। इस पर भी जब राज्य सरकारें अपनी सीमा में रहते हुए कुछ कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही हैं, तो उन्हें मुफ्त की सौगात (फ्रीबीज) कहा जाता है।"गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को देश के 76वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण के समय 'आजादी का अमृत महोत्सव' समारोहों की तर्ज पर सिर पर सफेद साफा पहना था, जिस पर तिरंगे वाली पट्टियां बनी थीं।

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमाल'मैं इंतजार में हूं बता दो सोचकर मुझको....' वैलेंटाइन डे के खास मौके पर वो दिलकश शायरी जिसे आपने अबतक नहीं सुनी होगी******को हर युगल जोड़ा सेलिब्रेट करना चाहता है। हर कोई अपने-अपनेअनुसार इसे मनाता है। 7 दिन चलने वालेइस प्रेम-पर्व आज आखिरी दिन है। यानी कि आज वैलेंटाइन डे है।इस दिन का प्यार करने वालों को बेसब्री होता है। हर कोई अपने अनुसार प्यार का इजहार करता है। पहले जमाने की बात करें तो प्यार केइजहार करने का अपना ही तरीका था। जिसमें शायरियों का यूज किया जाता था। जिससे हर लवर बिना देरी किए उस प्यार के प्रपोजल को स्वीकार कर लेती है लेकिन आज के समय में ऐसा नहीं है।अगर आप भी अपने प्यार से कुछ अलग ढंग में प्यार का इजहार करना चाहते है, तो इन शायरियों से कर सकते है। वो जरुर हां करेगी।कहीं तो रखा है दिल में संभालकर मुझकोतभी रुके हैं तुम्हारे कदम देखकर मुझको।जुबां पे लाओगे कब तुम निगाह की बातेंमैं इंतजार में हूं बता दो सोचकर मुझको।।बात आंखों से कही जाती रहीखामोशी तेरी प्यार जताती रही।हम कुछ और ही समझते रहेजिंदगी और कुछ समझाती रही।।राह फूलों से इतनी भरो मतकुछ कांटों पे भी हक हमारे।इस कदर प्यार इतना करो मतकि हम जी न सकें बिन तुम्हारे।।जीते रहे हैं जिसके लिए वो अब मेरी मोहब्बत में कहां हैऐ रात तू तो सो जा, नींद अब मेरी किस्मत में कहां है।।यूं चुप रहो न प्यार के दो बोल, बोल देबिखरे हुए हैं गीत मेरे प्राण घोल दे।माना कि तेरे दर पे पहरे बड़े हैं सख्तक्या बुरा है गर तू दरीचा जो खोल दे।।गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालDelhi News: दिल्ली में अब नहीं होगी शराब कि किल्लत, जानें सरकार का फैसला******Highlights दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में शराब की किल्लत को देखते हुए शराब की दुकानों के मौजूदा लाइसेंस की समय- सीमा को 31 अगस्त तक बढ़ाने का रविवार को फैसला किया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। दिल्ली में शराब की 468 निजी दुकानें 31 जुलाई को लाइसेंस की समाप्ति के बाद सोमवार से बंद होने वाली थीं। हालांकि, उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद ही आबकारी विभाग के आदेश से शराब की दुकानें खुलेंगी। एक अधिकारी ने बताया, ''दिल्ली सरकार ने शराब की दुकानों के मौजूदा लाइसेंस की अवधि को एक महीने यानी 31 अगस्त तक बढ़ाने के कैबिनेट के फैसले को उपराज्यपाल के पास भेज दिया है। 31 जुलाई के बाद शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति देने के आदेश उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी किए जाएंगे।''पुरानी आबकारी नीति फिर से होगी लागूदिल्ली सरकार ने पुरानी आबकारी नीति फिर से लागू करने और 6 महीने तक खुद दुकानें चलाने का निर्णय शनिवार को लिया था। आबकारी नीति 2021-22 (Delhi New Liquor Policy) के तहत शहर में 468 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनका लाइसेंस 31 जुलाई के बाद खत्म हो जाने वाला था। दिल्ली में कई शराब की दुकानों में, कीमतों में छूट देकर और एक के साथ दो फ्री जैसी नई स्कीम पेशकर पहले का भंडार खत्म किया गया और दुकानें बंद कर दी गईं।सरकार इन चार निगमों द्वारा बेचेगी शराबसरकार फिर से 4 निगमों के द्वारा शराब बेचने जा रही है। इनमें दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल और बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC), दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC), दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर (DCCWS) और दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (DSCSC) शामिल हैं। दिल्ली सरकार के फाइनेंस डिपार्टमेंट ने इन 4 निगमों के प्रमुखों के साथ उनके द्वारा संचालित शराब की दुकानों के विवरण के लिए समन्वय करने का निर्देश दिया है।

गुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालआम बजट में कृषि क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड 10 लाख करोड़ रुपए के ऋण का लक्ष्य******वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल के बजट में कृषि पर विशेष जोर देते हुए किसानों की आय अगले पांच साल में दोगुना करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है तथा कृषि क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2017-18 में कर्ज का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर रिकॉर्ड 10 लाख करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव किया है।अफोर्डेबल हाउसिंग को मिलेगा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का दर्जा, क्रेडिट लिंक्‍स सब्सिडी योजना की सीमा बढ़ीवित्त वर्ष 2017-18 में कृषि ऋण के लिए रिकॉर्ड 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्‍य रखा गया है। सरकार पूर्वोत्तर तथा तथा जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र के लिए ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय करेगी।Budget Top 10शेयर बाजार में लिस्‍टेड होंगी रेलवे की कंपनियां, जल्‍द आएंगे IRCTC, IRCON तथा IRFC के आईपीओगुजरातऔरRCBकेबीचमुकाबलेमेंइनखिलाड़ियोंपररहेगीनजरजोमचासकतेहैंधमालघाटे से उबरने के लिए फूडपांडा ने उठाया बड़ा कदम, 300 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया****** ऑनलाइन फूड ऑर्डर व आपूर्ति फर्म फूडपांडा इंडिया ने अपने लगभग 15 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। इस तरह से कंपनी ने लगभग 300 लोगों की छंटनी की है। कंपनी का कहना है कि उसने अपने परिचालन को चुस्त-दुरुस्‍त बनाने के लिए यह कदम उठाया है।फूडपांडा के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने अपने कुल श्रमबल में 15 फीसदी की कमी की है, जो कि लगभग 300 कर्मचारी हैं। ईमेल से भेजी प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा है कि उसने ऑर्डर पर काम करने में 98 फीसदी ऑटोमेशन हासिल करते हुए मानवीय हस्तक्षेप कम करने में सफलता पाई है, इसी के चलते श्रम बल में लगभग 15 फीसदी की कमी की गई है। फूडपांडा इंडिया के सीईओ सौरभ कोचर ने कहा कि हम प्रसंस्करण व प्रौद्योगिकी में निवेश जारी रखेंगे लेकिन इसके साथ ही हमें कुछ मुश्किल फैसले भी करने होंगे। लेकिन हमारा मानना है कि लक्षित समयसीमा में टिकाउ व लाभप्रद बनाने की हमारी राह में ये जरूरी कदम हैं।गोल्डमैन सैक्‍स के भारतीय मूल के पूर्व निदेशक रजत गुप्ता की भेदिया कारोबार के आरोप में दोषसिद्धि का फैसला पलटने संबंधी याचिका खारिज हो गई है, हालांकि, उनकी सजा समाप्त होने में तीन महीने ही बचे हैं। अमेरिका की अपीलीय अदालत ने गुप्ता की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह साबित करने के लिए अपर्याप्त साक्ष्य हैं कि उन्हें सजायाफ्ता राज राजरत्नम को गोल्डमैन सैक्‍स के बारे में गोपनीय सूचना के बदले व्यक्तिगत लाभ मिला।गुप्ता की दो साल की कैद अगले साल मार्च में समाप्त होने वाली है और उन्होंने जून 2012 में दोषसिद्धि के बाद से कई अपील की है लेकिन अदालतों ने उनकी दलील खारिज कर दी और उनकी सजा बरकरार रखी।मैकिंजी के पूर्व प्रमुख फिलहाल मैसेच्यूसेट्स की एक जेल में सजा काट रहे हैं।

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2022-10-01 05:32
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Russia-Ukraine War: यूक्रेन को हथियार देने वाले देशों ने डाल दिया ''हथियार'' , गोला-बारूद से कंगाल हो गया यूरोपीय संघ******Highlights पिछले छह महीने से यूक्रेन से युद्ध लड़ते-लड़ते सिर्फ रूस का ही हाल बुरा नहीं हुआ है, बल्कि इससे पूरा यूरोप प्रभावित हुआ है। एक रिपोर्ट के दावे के अनुसार यूक्रेन को रूस से लड़ने के लिए गोला-बारूद और हथियार देने वाले नाटो देश यानि कि यूरोपी संघ अब कंगाल हो चुका है। हालत यह है कि अब उसके पास गोला-बारूद का भंडार खाली हो चुका है। ऐसे में अब यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को युद्ध सामग्री देने से हथियार डाल दिया है। इससे यूक्रेन भी सकते में आ गया है।नाटो देशों की बदौलत ही अभी तक यूक्रेन बहादुरी से रूस जैसे महाशक्तिशाली देश से लड़ता आ रहा है, लेकिन अब यूरोपीय देशों में हथियार और गोला-बारूद की तंगी आ जाने से उसके सामने भीषण संकट खड़ा हो गया है। अभी तो जैसे-तैसे करके यूक्रेन को थोड़ी-बहुत मात्रा में युद्धक सामग्री मिल भी रही है, लेकिन यह युद्ध फिलहाल जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा। ऐसे में अब यूरोपीय देश जल्द ही यूक्रेन को युद्धक सामग्री देने में पूरी तरह असमर्थ हो जाएंगे। तब यूक्रेन का रूस से लड़ाई लड़ पाना संभव नहीं होगा।युद्धक सामग्री से यूरोपीय देशों के कंगाल हो जाने के बाद अब यूक्रेन को आखिरी आस अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों से रहेगी, लेकिन यह देश भी कितनी हद तक उसकी मदद कर पाएंगे वक्त ही बताएगा। फिलहाल मौजूदा हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि युद्ध विराम नहीं हुआ या युद्ध का फैसला जल्द नहीं हुआ तो अब रूस के सामने यूक्रेन ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगा। अब वह वक्त जल्द ही आ सकता है जब गोला-बारूद और हथियार नहीं होने के चलते यूक्रेन को रूस के सामने हथियार डाल देना पड़े। अगर ऐसा हुआ तो जिस यूक्रेन का नाम अभी बहादुरी के लिए लिया जा रहा है, उसी यूक्रेन का नाम इतिहास में एक मूर्खतापूर्ण फैसले के लिए लिया जाएगा। यह कहा जाएगा कि यूक्रेन ने आखिरकार रूस के सामने हथियार डाल दिए, लेकिन तब जब सबकुछ उसका बर्बाद हो गया तब। मतलब साफ है अगर यूरोपीय देशों ने हाथ खड़े किए तो अमेरिका और ब्रिटेन भी ज्यादा वक्त तक यूक्रेन की मदद नहीं कर पाएंगे।यूरोपीय संघों के पास से गोला-बारूद और हथियार खतम होने से सिर्फ यूक्रेन को ही खतरा नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि यदि अन्य देशों से किसी यूरोपीय देश से युद्ध छिड़ा तो ऐसी स्थिति में वह युद्ध का सामना कैसे करेंगे। कहा जा सकता है कि यूक्रेन की मदद करने वाले देशों के सामने अब संकटकाल में अपनी रक्षा कर पाने का भी संकट खड़ा हो गया है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति के प्रमुख जोसेफ बोरेल ने कहा कि मैं यह तो नहीं कहूंगा के सभी यूरोपीय देशों के पास गोला-बारूद पूरी तरह से खत्म हो गए हैं, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि इन देशों के युद्धक सामग्री के भंडार काफी कम हो गए हैं। इसलिए सभी को मिलकर इसे बढ़ाना होगा। जो किफायती भी हो।यूरोपीय देशों में वैसे भी बहुत अधिक युद्धक सामग्री नहीं है। ज्यादातर यूरोपीय देस अपनी सुरक्षा भर की युद्धक सामग्री ही रखते हैं। मगर अब यूक्रेन की मदद करते-करते उनके भंडारण में कमी आई है। इसकी वजह यह भी है कि ज्यादातर नाटो देश सुरक्षा के लिए अमेरिका पर ही निर्भर हैं। यूरोपीय देशों को अमेरिका ही युद्धक सामग्री उपलब्ध करवाता है। अमेरिका के लिए यह सभी यूरोपी देश हथियार और गोला-बारूद के लिहाज से एक बेहतरीन बाजार भी हैं।
2022-10-01 04:21
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एनएचएआई निर्माण में बड़ी खामियों के लिए लगाएगा 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना******सड़क परियोजना पर सख्तीनई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मंगलवार को कहा कि उसने संरचनाओं में बड़ी खामियों से निपटने के लिए एक सख्त नीति तैयार की है, जिसके तहत गलती करने वालों पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही उस फर्म या व्यक्ति को तीन साल तक प्रतिबंधित किया जा सकता है। एनएचएआई के इस कदम का मकसद राजमार्गों के विकास में उच्च गुणवत्ता वाले मानकों को बनाए रखना है। एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि राजमार्गों के विकास में खामियों से निपटने के लिए उसने ठेकेदारों द्वारा पुलों या संरचनाओं के ढांचे आदि के निर्माण मानकों में कोई चूक करने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए एक सख्त नीति जारी की है। नई नीति के तहत एनएचएआई ऐसे ठेकेदारों को तीन साल तक किसी भी एनएचएआई परियोजना के लिए प्रतिबंधित करने के अलावा 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगा सकती है।बीते साल ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि भारत अगले दो साल में सड़क परिवहन में अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों की कतार में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधा के निर्माण पर समन्वित रुख के साथ जोर दिया जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में कई रणनीतिक सुरंग और पुल बनाये जा रहे हैं। इसके अलावा 3.10 लाख करोड़ रुपये की लागत से 22 ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसमें से 7,500 किलोमीटर के राजमार्ग साल-दो साल में पूरे करने की योजना है। हालांकि कई बार काम की गुणवत्ता न होने या फिर तकनीकी गड़बड़ी होने की वजह से कई प्रोजेक्ट में देरी देखने को मिली है। हाल ही में एक सरकारी भवन के उद्घाटन में लगे लंबे वक्त पर गडकरी ने अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए संकेत दिए थे कि काम को लेकर उन्हें सख्ती करने की जरूरत है।
2022-10-01 03:43
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Road Projects के लिए Share Market से फंड जुटाएगी सरकार, आठ प्रतिशत का एश्योर्ड रिटर्न देने की तैयारी******केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि चार सड़क परियोजनाओं के लिए धन जुटाने को सरकार अगले महीने पूंजी बाजार का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि यह धन अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) के जरिये जुटाया जाएगा और खुदरा निवेशकों के लिए इसमें 10 लाख रुपये की निवेश सीमा होगी। गडकरी ने उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम चार सड़क परियोजनाओं के लिए पूंजी बाजार का रुख करेंगे। इसमें सात से आठ प्रतिशत का सुनिश्चित रिटर्न होगा।’’गडकरी ने कहा कि सड़क मंत्रालय एक बार फिर बनाओ, चलाओ, स्थानांतरित करो (बीओटी) मॉडल के तहत परियोजनाएं खोलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने 2024 तक राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की लंबाई को दो लाख किलोमीटर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क अप्रैल, 2014 के 91,287 किलोमीटर से बढ़कर नवंबर, 2021 में 1,40,937 किलोमीटर पर पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सड़क निर्माण, नदी संपर्क, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, पार्किंग प्लाजा, सिंचाई, रोपवे और केबल कार परियोजनाओं की अपार संभावनाएं हैं।गडकरी ने कहा, ‘‘हमें दुनियाभर में और भारत के भीतर से अच्छी तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और सफल प्रक्रियाओं को स्वीकार करने की आवश्यकता है। हमें गुणवत्ता से समझौता किए बिना लागत कम करने के लिए वैकल्पिक माल का उपयोग करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम करीब 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। मेरा सपना मुंबई नरीमन पॉइंट के से नागरिकों को 12 घंटे में दिल्ली ले जाना है। अब हम नरीमन पॉइंट को जोड़ने का काम कर रहे हैं।’’
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