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दुनिया के इन 10 देशों में कर सकते है बेहद कम पैसों में पढ़ाई

2022-10-01 03:07:02 733

दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईAtal Pension Yojana: रोज 7 रुपये निवेश कर आप पा सकते हैं 5000 रुपये मासिक पेंशन, ऐसे चेक करें अपना योगदान******Atal Pension Yojana invest for rupees 7 to get 5000 rupees monthly pension how to check your contribution see details प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्‍वाकांक्षी योजना अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana- APY) की शुरुआत असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए गई थी, लेकिन अब इस योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर पेंशन का लाभ उठा सकता है। इस योजना में निवेश के लिए व्‍यक्ति के पास बैंक या पोस्ट ऑफिस में अकाउंट होना अनिवार्य है। इस योजना में 60 साल के बाद जमाकर्ताओं को पेंशन मिलना शुरू होती है। अटल स्कीम में पेंशन की रकम आपके द्वारा किए गए निवेश और आपकी उम्र पर निर्भर करती है। इस योजना के तहत कम से कम 1,000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और अधिक से अधिक 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत मई 2015 में की थी। इस के लिए अगर आप रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं तो आपके पास सेविंग्स अकाउंट, आधार नंबर और एक मोबाइल नंबर होना चाहिए।जितनी जल्दी अटल पेंशन योजना से जुड़ेंगे उतना अधिक फायदा मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना से जुड़ता है तो उसे 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 5000 रुपये मासिक पेंशन के लिए प्रति माह 210 रुपये जमा करने होंगे। यानी इस योजना में हर रोज 7 रुपये जमा करके आप प्रति माह 5000 रुपये पेंशन पा सकते हैं। इस योजना में हर महीने 1000 रुपये की मासिक पेंशन के लिए प्रति माह केवल 42 रुरये जमा करने होंगे। वहीं 2000 रुपये पेंशन के लिए 84 रुपये, 3000 रुपये के लिए 126 रुपये और 4000 रुपये मासिक पेंशन के लिए हर महीने 168 रुपये जमा करने होंगे। इस योजना में किए गए निवेश को चेक करने के लिए अटल पेंशन योजना के ग्राहक APY मोबाइल एप्लिकेशन APY and NPS Lite App का इस्तेमाल कर सकते हैं। APY यूजर्स के लिए हाल के 5 ट्रांजैक्शन को चेक करने के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है। इससे आप अपना ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट और e-PRAN भी बिना किसी चार्ज के डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, अपने APY ट्रांजैक्शन के स्टेटमेंट को देखने के लिए आपको APY NSDL CRA की वेबसाइट पर विजिट करना होगा। यहां लॉग इन करने के लिए आपको अपने PRAN और सेविंग अकाउंट के डिटेल की जरूरत होगी। अगर आपका PRAN मौजूद नहीं है तो आपको अपना नाम, अकाउंट नंबर, और डेट ऑफ बर्थ का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा UMANG एप के जरिये भी अटल पेंशन योजना के सदस्य अपना टोटल कंट्रीब्यूशन, ट्रांजैक्शन की डिटेल्स और ePRAN कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईअलीगढ़: इस वजह से हुई थी कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या, 24 घंटे में पुलिस ने सॉल्व किया केस******Highlightsउत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सोमवार को सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मूल रूप से एटा के रहने वाले संदीप गुप्ता के ऊपर हमला उस समय हुआ था जब वह अपने घर से किसी सीमेंट कंपनी के अधिकारी को उसके घर पर छोड़ने के लिए जा रहे थे। इस बीच कार सवाल बदमाशों ने उनके ऊपर ताबड़तोड़ा फायरिंग कर दी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अलीगढ़ ने बदमाशों के पकड़ने के लिए पांच टीमों का गठन किया था।24 घंटे के अंदर ही पुलिस को इस मामले में बड़ी लीड मिली है। अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में आरोपी अंकुर अग्रवाल के पिता राजीव अग्रवाल को हिरासत में लिया है। जबकि अंकुर अग्रवाल अपने सहयोगी दुष्यंत के साथ फरार हो गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज चेक की तो दो गाड़ियों के बारे में जानकारी मिली। हादसे को अंजाम देने के लिए बलेनो और क्रेटा कार का इस्तेमाल किया गया था।पुलिस को बलेनो कार हरदुआगंज में नहर के किनारे से मिली, लेकिन उसका नंबर फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने क्रेटा कार का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल आरोपी रैकी करने के लिए कर रहे थे। क्रेटा अलीगढ़ के रहने वाले अंकुश अग्रवाल के नाम पर दर्ज थी। पुलिस ने अंकुश के पिता राजीव अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि मृतक संदीप के एटा के दोस्त की बेटी की शादी अंकुश अग्रवाल से हुई थी। अंकुश ट्रांसपोर्ट का काम करता था और वह अपने पत्नी के साथ मारपीट भी करता था।संदीप को ये बात पसंद नहीं थी और उसने कई बार इसका विरोध भी किया था। कई बार दोनों के बीच इसको लेकर बहस भी हो गई थी। नाराज़ होकर संदीप ने अंकुश अग्रवाल की गाड़ियों को अपनी सीमेंट कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसके अलावा राजीव ने अंकुश, राजीव अग्रवाल और अन्य अलोगों के खिलाफ थाने में शिकायत भी दी थी। फिलहाल पुलिस राजीव अग्रवाल से मामले की पूछताछ कर रही है। पुलिस ने अंकुश की गाड़ी क्रेटा को भी दुष्यंत के गेराज से बरामद कर लिया है।दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईRajat Sharma’s Blog: कांग्रेस में मोदी के जवाब को सुनने की हिम्मत भी होनी चाहिए******प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर एक और तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस एक प्रकार से अर्बन नक्सल के चंगुल में फंस गई है, और उसकी सारी सोच और गतिविधि विनाशकारी बन गई है, और यह देश के लिए चिंता का विषय है।साफ शब्दों में कहें तो मोदी यह बताना चाह रहे थे कि वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व अब 'अर्बन नक्सल्स के कब्ज़े में' है।मोदी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस भाषण पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि संविधान में कहीं भी भारत का उल्लेख एक राष्ट्र के रूप में नहीं किया गया है, बल्कि भारत का उल्लेख सिर्फ ‘राज्यों के संघ’ के रूप में किया गया है।मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए हर आरोप का जवाब दिया। मोदी ने अपनी सरकार के काम गिनाए, लेकिन जब उन्होंने परिवारवाद की राजनीति पर बोलना शुरू किया, तो उनकी बात सदन के अंदर मौजूद कांग्रेस के अधिकतर सांसदों को चुभ गई।मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सारी राजनीति एक परिवार (गांधी-नेहरू) के इर्दगिर्द घूमती है। मोदी ने गांधी परिवार की चार-चार पीढ़ियों पर अटैक किया। मोदी ने नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, और राजीव गांधी से राहुल गांधी तक किसी को नहीं छोड़ा। उन्होंने कांग्रेस सदस्यों को याद दिलाया कि कैसे महात्मा गांधी ने आजादी के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी को भंग करने की सलाह दी थी।मोदी ने कहा, ‘मैं सोच रहा हूं कि कांग्रेस न होती तो क्‍या होता। क्‍योंकि महात्‍मा गांधी की इच्‍छा थी, क्‍योंकि महात्‍मा गांधी को मालूम था कि इनके रहने से क्‍या-क्‍या होने वाला है। और इन्‍होंने कहा था पहले से इसको खत्‍म करो, इसको बिखेर दो। महात्‍मा गांधी ने कहा था। लेकिन अगर न होती, महात्‍मा गांधी की इच्‍छानुसार अगर हुआ होता, अगर महात्‍मा गांधी की इच्‍छा के अनुसार कांग्रेस न होती तो क्‍या होता- लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्‍त होता, भारत विदेशी चश्‍मे की बजाय स्‍वदेशी संकल्‍पों के रास्‍ते पर चलता।’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर कांग्रेस न होती तो इमरजेंसी का कलंक न होता। अगर कांग्रेस न होती तो दशकों तक करप्‍शन को संस्‍थागत बनाकर नहीं रखा जाता। अगर कांग्रेस न होती तो जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी न होती। अगर कांग्रेस न होती तो सिखों का नरसंहार न होता, सालों-साल पंजाब आतंक की आग में न जलता। अगर कांग्रेस न होती तो कश्‍मीर के पंडितों को कश्‍मीर छोड़ने की नौबत न आती। अगर कांग्रेस न होती तो बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं न होतीं। अगर कांग्रेस न होती तो देश के सामान्‍य मानवी को घर, सडक, बिजली, पानी, शौचालय, मूल सुविधाओं के लिए इतने सालों तक इंतजार न करना पड़ता।’कांग्रेस नेताओं ने बहस के दौरान आरोप लगाया था कि वर्तमान सरकार इतिहास को बदलने की कोशिश कर रही है। मोदी ने कहा: ‘यहां पर ये भी चर्चा हुई कि हम इतिहास बदलने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार बोला जाता है। बाहर भी बोला जाता है। और कुछ लोग लिखा जाते हैं। मैं देख रहा हूं कि कांग्रेस एक प्रकार से अर्बन नक्सल के चुंगल में फंस गई है। उनकी पूरी सोचने के तरीकों को अर्बन नक्सलों ने कब्जा कर लिया है। और इसलिए उनकी सारी सोच गतिविधि डिस्ट्रक्टिव बन गई है। और देश के लिए चिंता का विषय है। बड़ी गंभीरता से सोचना पड़ेगा। अर्बन नक्सल ने बहुत चालाकी पूवर्क कांग्रेस की इस दुर्दशा का फायदा उठाकर के उसके मन को पूरी तरह कब्जा कर लिया है। उसकी विचार प्रवाह को कब्जा कर लिया है। और उसी के कारण बार–बार ये बोल रहे हैं कि इतिहास बदल रहा है।’मोदी ने कहा, ‘हम सिर्फ कुछ लोगों की याददाश्त को ठीक करना चाहते हैं। थोड़ा उनका मैमोरी पावर बढ़ाना चाहते हैं। हम कोई इतिहास बदल नहीं रहे हैं। कुछ लोगों का इतिहास कुछ ही सालों से शुरू होता है। हम जरा उसको पहले ले जा रहे हैं और कुछ नहीं कर रहे हैं। अगर उनको 50 साल के इतिहास में मजा आता है, तो उनको 100 साल तक ले जा रहे हैं। किसी को 100 साल तक मजा आता है, उसको हम 200 साल के इतिहास में ले जा रहे हैं। किसी को 200 साल में मजा आता है तो 300 ले जाते हैं। अब जो 300–350 ले जाएंगे तो छत्रपति शिवाजी का नाम आएगा ही आएगा। हम तो उनकी मैमोरी को तेज कर रहे हैं। हम इतिहास बदल नहीं रहे।’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कुछ लोगों का इतिहास सिर्फ एक परिवार तक सीमित है, क्या करें इसका। और इतिहास तो बहुत बड़ा है। बड़े पहलू हैं। बड़े उतार-चढ़ाव हैं। और हम इतिहास के दीर्घकालीन कालखंड को याद कराने का प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि गौरवपूर्ण इतिहास को भूला देना इस देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। ये हम अपना दायित्व समझते हैं। और इसी इतिहास से सबक लेते हुए हमने आने वाले 25 साल में देश को नई उचाईयों पर ले जाने का एक विश्वास पैदा करना है। और मैं समझता हूं ये अमृत कालखंड अब इसी से बढ़ने वाला है।’मोदी ने गोवा मुक्ति संग्राम के दौरान पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा: ‘गोवा मुक्ति को 60 साल हुए हैं। मैं आज जरा उस चित्र को कहना चाहता हूं। हमारे कांग्रेस के मित्र जहां भी होंगे, जरूर सुनते होंगे। गोवा के लोग जरूर सुनते होंगे मेरी बात को। जिस प्रकार से सरदार पटेल ने हैदराबाद के लिए रणनीति बनाई, इनीशिएटिव लिए। जिस प्रकार से सरदार पटेल ने जूनागढ़ के लिए रणनीति बनाई, कदम उठाए। अगर सरदार साहब की प्रेरणा लेकर के गोवा के लिए भी वैसी ही रणनीति बनाई होती, तो गोवा को हिन्‍दुस्‍तान आजाद होने के 15 साल तक गुलामी में नहीं रहना पड़ा होता। भारत की आजादी के 15 साल के बाद गोवा आजाद हुआ और उस समय के 60 साल पहले के अखबार उस जमाने की मीडिया रिपोर्ट बताती है कि तब के प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय छवि का क्या होगा। ये उनकी सबसे बड़ी चिंता का विषय था, पंडित नेहरू को। दुनिया में मेरी छवि बिगड़ जाएगी तो। और इसलिए उनको लगता था कि गोवा की औपनिवेशिक सरकार पर आक्रमण करने से उनकी जो एक ग्लोबल लेवल लीडर की शांतिप्रिय नेता की छवि है वो चकनाचूर हो जाएगी।’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पंडित नेहरू ने सोचा, गोवा को जो होता है होने दो। गोवा को जो झेलना पड़े झेलने दो। मेरी छवि को कोई नुकसान न हो और इसलिए जब वहां सत्याग्रहियों पर गोलियां चल रही थी, विदेशी सल्तनत गोलियां चला रही थी। हिन्दुस्तान का हिस्सा, हिन्दुस्तान के ही मेरे भाई–बहन उनपर गोलियां चल रही थीं, और तब हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि मैं सेना नहीं दूंगा। मैं सेना नहीं भेजूंगा। सत्याग्रहियों की मदद करने से उन्होंने इनकार कर दिया था। ये गोवा के साथ कांग्रेस ने किया हुआ जुल्म है। और गोवा को 15 साल ज्यादा गुलामी की जंजीरों में जकड़ के रखा गया। और गोवा के अनेक वीरपुत्रों को बलिदान देना पडा। लाठी गोलियों से जिंदगी बशर करनी पड़ी।’कम से कम राहुल गांधी को तो इस बात का शिकायत नहीं करनी चाहिए कि नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला किया। राहुल गांधी खुद भी तो अपने हर भाषण में, अपनी हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अपने ट्वीट्स में सिर्फ मोदी पर हमला करते हैं, और प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में उन्हें तीखे अंदाज में जवाब दिया।यहां तक कि मंगलवार को भी मोदी के जवाब के बाद राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘ हमसे डरते हैं। उन्होंने मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब नहीं दिया।’ पिछले 8 सालों से राहुल गांधी कभी ‘सूट-बूट की सरकार’, कभी ‘अंबानी-अडानी की सरकार’ कहकर आरोप लगाते रहे हैं। कभी वह कहते हैं कि मोदी ने देश को बर्बाद कर दिया, कभी कहते हैं मोदी चीन से डरते हैं, कभी कहते हैं कि मोदी डिक्टेटर हैं। ऐसी कितनी बातें गिनवाई जा सकती हैं जब राहुल ने पीएम के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। इसलिए अगर मोदी ने कांग्रेस के परिवारवाद पर सवाल उठाए, अगर 84 के दंगों की, कश्मीरी पंडितों के पलायन की याद दिलाई तो वह गलत कैसे हो गए? अगर मोदी ने ये कहा कि कांग्रेस ने कहां-कहां और कितनी बार राज्य सरकारों को बर्खास्त किया तो ये कहना गलत कैसे हुआ? बार-बार इल्जाम लगाते हैं कि मोदी सिर्फ अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए काम करते हैं। अगर मोदी ने ये बता दिया कि किसानों को अब उनकी फसल पर ज्यादा MSP दिया, किसानों के खाते में डायरेक्ट पैसा पहुंचाया, कोरोना के दौरान कोई भूखा नहीं रहा, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को राशन दिया गया, भारत में करीब करीब 100 पर्सेंट एलिजिबल लोगों को वैक्सीन की पहली डोज, और 80 फीसदी वयस्क लोगों को वैक्सीन की 2 डोज लग चुकी है, लाखों गरीबों के लिए मकान बनाए, 5 करोड़ लोगों तक नल से जल पहुंचाया गया तो ये बताना गलत कैसे हुआ?जो लोग इल्जाम लगाते हैं, उनमें जवाब सुनने की हिम्मत भी होनी चाहिए। लोकतंत्र में कोई वन-वे ट्रैफिक नहीं होता।

दुनिया के इन 10 देशों में कर सकते है बेहद कम पैसों में पढ़ाई

दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईCBSE Class 12 Compartment Results: जारी हुआ 12वीं के कंपार्टमेंट का रिजल्ट, ऐसे करें चेक****** (CBSE) ने मंगलवार को 12वीं के कंपार्टमेंट का घोषित कर दिया है। रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जाकर चेक किया जा सकता है। सीबीएसई ने पहले ही आधिकारिक अधिसूचना दे दी थी कि कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा के परिणाम अगस्त के दूसरे सप्ताह में जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि इस साल लीक प्रूफ एग्जाम कराने के लिए बोर्ड ने प्रयोग भी किया था। परीक्षा में पूछे गए प्रश्न और पासवर्ड ईमेल के जरिए भेजे गए थे।आपको बता दें कि बोर्ड परीक्षा के दौरान पेपर के लीक होने के चलते सीबीएसई की साख दांव पर लग गई थी। हालांकि इस बार परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हुई और कहीं से किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई। इस साल करीब 2 लाख छात्रों ने दसवीं और बारहवीं की कंपार्टमेंट परीक्षा दी थी। इन परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन जून 2018 में शुरू हो गया था, जबकि परीक्षा जुलाई 2018 में ली गई थी।दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईयूपी चुनाव से पहले क्यों आमने-सामने आईं JDU-BJP? बिहार में बिगड़ेगा NDA का 'खेल'******Highlightsउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एक तरफ जहां प्रमुख पार्टियां मैदान में एक-दूसरे दलों के खिलाफ जमकर प्रचार-प्रसार कर रही है। वहीं, इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच बढ़ती कलह पर अब हर किसी की नजर है। दरअसल, बिहार में जेडीयू, भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए की सरकार है। लेकिन, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों में अब दरार के संकेत मिल रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का फैसला कर चुकी है। इतना ही नहीं, सीएम नीतीश की अगुवाई वाली पार्टी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूपी चुनाव को लेकर पीएम मोदी, सीएम योगी के खिलाफ अपनी पार्टी जेडीयू को लेकर प्रचार करने का फैसला लिया है।बढ़ते कलह के बीच जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शनिवार को दिल्ली में को लेकर 26 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। जेडीयू की तरफ से ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब जेडीयू कोटे से केंद्रीय इस्पात मंत्री बनाए गए आर. सी. पी. सिंह को भाजपा के साथ बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सिंह ने इसे लेकर भाजपा के शीर्ष आलाकमानों के साथ वार्ता भी की, लेकिन वो विफल रहें। इसी के बाद से चुनाव के लिए जेडीयू ने 51 उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया है। बढ़ते कलह के बीच आरसीपी सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान के सामने पार्टी की पार्टी की बातों को रखा था, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। और अब जेडीयू ने अकेले भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है।गौरतलब है कि जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने पहले ही इस बात को स्पष्ट करते हुए कहा था कि यदि पार्टी को सम्मानजनकर सीटें मिलती है, तभी जेडीयू भाजपा या किसी अन्य दलों के साथ हाथ मिलाएगी। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी के. सी. त्यागी ने कहा, "हमने उत्तर प्रदेश के पहले और दूसरे चरण के चुनाव में लड़ने वाले 26 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। हमने पहले ही उम्मीदवारों के नाम शॉर्टलिस्ट कर लिए हैं जिनकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी।"अब जब जेडीयू ने यूपी चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला किया है तो ये बिहार में एनडीए सरकार के बीच जारी गतिरोध को और बल देने का काम करेगा। दरअसल, राजनीतिक पंडितों का मानना है कि में जारी कलह और बढ़ेगा। क्योंकि, कई मोर्चों पर सरकार में एक साथ होने के बावजूद भी जेडीयू और भाजपा आमने-सामने आ चुकी है। वहीं, घटक दल वीआईपी और हम भी नीतीश के साथ नजर आ रहे हैं जबकि भाजपा के खिलाफ कई बार बयानबाजी कर चुके हैं। मांझी ने तो पिछले दिनों सीधे पीएम मोदी पर हमला बोला था।ये कोई नई राजनीतिक कलह दोनों दलों के बीच नहीं है। जब 2015 में जेडीयू ने एनडीए से नाता तोड़ आरजेडी के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया था तब पीएम मोदी ने मुजफ्फरपुर में परिवर्तन रैली के दौरान नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा था, उनके (नीतीश कुमार) के डीएनए में कुछ समस्या है, क्योंकि राजनीति का डीएनए ऐसा नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार ने कहा था, "मैं बिहार का बेटा हूं और मेरा डीएनए राज्य के लोगों जैसा है।"2020 बिहार विधानसभा चुनाव में जब जेडीयू को मात्र 43 सीटें मिली थी, उसके बाद से ही भाजपा नेता कई बार जेडीयू और नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष रूप से हमलावर नजर आए हैं। रार उस वक्त और बढ़ चला था जब अरूणाचल जेडीयू इकाई के 6 विधायकों ने भाजपा का 'कमल' थाम लिया था। अब यूपी चुनाव को लेकर एक बार फिर से दोनों दलों के बीच कलह बढ़ने के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। अब देखना होगा कि यूपी का चुनाव बिहार में एनडीए का 'खेल' कैसे बिगाड़ेगा?दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईNew Technology: पंजाब में एक्सप्रेस-वे से पटरी पर दौड़ा दो मंजिला मकान, जान कर रहे जाएंगे हैरान******Highlights अभी तक आपने पटरियों पर सिर्फ रेलगाड़ी इत्यादि को ही दौड़ते सुना रहा होगा, लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई मकान भी किसी पटरी पर ट्रेनों की तरह दौड़ सकता है। यह बात सुनकर आपको बेहद अजीब लग रहा होगा, मगर यह सच है। पंजाब के संगरूर जिले में हाईवे किनारे बना दो मंजिला एक मकान एक्सप्रेस-वे से करीब 500 फीट दूर तक पटरी पर दौड़कर पीछे की ओर चला गया। हैरानी की बात है कि इस दौरान मकान में कहीं जरा भी दरार तक नहीं आई और न ही इस कोठी को कोई नुकसान पहुंचा। पंजाब में हुई इस घटना की जानकारी से हर कोई दांतों तले उंगली दबा रहा है। यह सब कैसे और किस लिए हुआ। आइए आपको बताते हैं इसका पूरा वाकया.....दरअसल पंजाब के कारोबारी सुखविंदर सिंह सुक्खी ने संगरूर में दो मंजिला कोठी बना रखी है। दो वर्ष पहले बनी इस कोठी को बनाने में उस वक्त सवा दो करोड़ रुपये से अधिक का खर्च हुआ था। अब यह दो मंजिला कोठी दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेस-वे की चपेट में आ गई। अपने सपनों की कोठी को सुखविंदर टूटता हुआ नहीं देख सकते थे। लिहाजा उन्होंने इंजीनियरों की मदद से इसे हाईवे से 500 फीट दूर शिफ्ट करवाने का फैसला किया।हाईवे से 500 फीट दूर तक इस दो मंजिला कोठी को ले जा पाना किसी बड़ी मुश्किल से कम नहीं था। यह इंजीनियरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। क्योंकि अभी तक आपने उसी स्थान पर मकानों को ऊंचा उठाने या कुछ फिट तक आगे-पीछे खिसकाने के बारे में ही सुना रहा होगा, लेकिन पंजाब ने इंजीनियरों ने जो किया उस पर हर किसी को भरोसा कर पाना मुश्किल हो रहा है। मगर यह चमत्कार इंजीनियरों ने कर दिखाया है। इसके लिए इंजीनियरों ने रेलनुमा पटरी बनाई और गाड़ी के जैक की मदद से धीरे-धीरे मकान को पीछे की ओर ले जाया गया। इसमें कोठी के नीचे अधिक संख्या में जैक लगाए गए। इसके नीचे लोहे के रोलर लगाकर ईस्पात की पटरी बिछाई गई। पटरी पर रोलर की मदद से मकान को धीरे-धीरे खिसकाया गया। सभी जैक में कुछ कोड सेट किए गए और उसके आधार पर मकान को सुरक्षित हटाया गया।इंजीनियरों ने अत्याधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल करते हुए मकान को रोजाना 10 से 15 फीट आगे ले गए।इस प्रकार मकान को शिफ्ट करने में करीब दो माह से अधिक का समय लगा। इस पर 50 लाख रुपये तक का खर्चा आया। मकान को शिफ्ट करने का ठेका लेने वाले हसन अली ने बताया कि यह बहुत मुश्किल कार्य था। क्योंकि मकान दो मंजिला और क्षेत्रफल में काफी बड़ा था। दूरी भी 500 फीट थी। पहले जैक के जरिये लिफ्ट करके मकान को ऊंचा उठाया गया। फिर धीरे-धीरे उसे पटरी के सहारे गंतव्य तक ले जा गया। वहीं कोठी के मालिक का कहना है कि यह मेरे सपनों का महल था। अगर इसे तोड़वाने के बाद फिर से बनवाते तो समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होता। इसे झेल पाना तब संभव नहीं था। इसलिए मकान को शिफ्ट कराने का ठेका देना पड़ा।

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दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईHoli 2022: बिजनेस में चाहते हैं मुनाफा तो होलिका में डालें बस ये दो चीजें, बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा******Highlightsवास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे होली की अग्नि के बारे में। धन लाभ के लिये, बिजनेस में मुनाफा कमाने के लिये आज तक आपने कई तरह के उपाय किए होंगे, लेकिनकी अग्नि भी आपके लिये फायदेमंद हो सकती है, इसके बारे में आपको जानकारी नहीं होगी।वास्तु शास्त्र के अनुसार छः अलसी की बाली और तीन गेंहू की बाली होली की अग्नि में जला दें, लेकिन ध्यान रहे बालियां पूरी तरह से ना जलें, थोड़ी अधकची ही रहें। इन आधी जली हुईं बालियों को लाल कपड़े में लपेटकर अपनी दुकान या शोरूम के एक कोने में रख दें। इससे आपके बिजनेस में खूब फायदा होगा।यदि आपको बहुत दिनों से पैसों की तंगी चल रही है तो पत्तियों सहित गन्ने को होली की आग में इस तरह डाल दें कि सिर्फ गन्ने कि पत्तियां आग में जल जायें और गन्ना बच जाये। इस तरह बचे हुये गन्ने को अपने घर में या दुकान के साउथ वेस्ट, यानि दक्षिणी-पश्चिमी दिशा में खड़ा करके रख दीजिये। जल्दी ही आपको धन लाभ होगा।्कीदुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईजर्मनी: ट्रेन में चाकू से हमला, एक व्यक्ति की मौत****** उत्तरी के फ्लेन्सबर्ग शहर में एक ट्रेन में चाकू से किये गए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। संघीय पुलिस ने एक बयान में बताया कि घटना कल स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे हुई।पुलिस ने बताया कि हमले के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। घायलों में 22 वर्षीय एक महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल है। बयान में कहा गया कि महिला ने अपनी पिस्तौल का इस्तेमाल किया , जिससे एक व्यक्ति के मारे जाने की आशंका है।जर्मनी के दैनिक समाचार पत्र ‘ बिल्ड ’ की खबर के अनुसार एक व्यक्ति ने अन्य व्यक्ति पर चाकू से हमला कर दिया था और जिसके बाद महिला पुलिस अधिकारी ने बीच - बचाव करने की कोशिश की। इस पर हमलावर ने उस पर भी हमला किया। जर्मनी की समाचार एजेंसी ‘ डीपीए ’ की एक खबर के अनुसार फ्लेन्सबर्ग के मुख्य स्टेशन को खाली करा लिया गया था और सेवाएं भी कुछ देर के लिए बाधित हुईं।

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दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईAustralian Open के लिए रवाना हुईं टेनिस स्टार नाओमी ओसाका******जापानी टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका ऑस्ट्रेलियन ओपन में भाग लेने के लिए रवाना हो चुकी हैं, जो 17 जनवरी से शुरू होने वाला 2022 का शुरुआती ग्रैंड स्लैम है। सोमवार को दो ऑस्ट्रेलियन और दो यूएस ओपन का खिताब जीतने वाली खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "16 घंटे के अंदर ऑस्ट्रेलिया में मिलते है।"ऑस्ट्रेलियन ओपन डिफेंडिंग चैंपियन ने हाल ही में तीन महीने पहले यूएस ओपन से बाहर निकलने के बाद टेनिस कोर्ट पर वापस लौटने की घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के कारण कोर्ट से दूरी बनाई थी।नवंबर में उन्होंने सोशल मीडिया पर अभ्यास करते हुए एक तस्वीर साझा की थीं।उन्हें फ्रेंच ओपन में दूसरी वरीयता मिली थी, लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ओसाका ने कहा था कि वह अपने अनिवार्य मीडिया असाइनमेंट का संचालन नहीं करेगी। बाद में 24 वर्षीय खिलाड़ी पर 15,000 डॉलर का जुमार्ना लगाया गया था। रोलैंड गैरोस में अपनी पहले दौर की जीत के बाद, उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए नाम वापस ले लिया था।बाद में, वह टोक्यो ओलंपिक खेलों में भाग लेने से पहले विंबलडन से भी हट गईं थीं।

दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईराज बावा ने U19 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास, 162 रनों की तूफानी पारी खेलकर तोड़ा शिखर धवन का 14 साल पुराना रिकॉर्ड******Highlightsभारत और युगांडा के बीच आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप 2022 का 22वां मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय बल्लेबाज राज बावा ने 162 रनों की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रच दिया। राज बावा अब आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के ओर से एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। भारत ने युगांडा के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 405 रन बनाए।राज बावा ने अपनी इस धमाकेदार पारी की मदद से भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। अंडर 19 वर्ल्ड कप में बावा से पहले एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड धवन के नाम था। गब्बर के नाम से मशहूर ​धवन ने 2004 में स्कॉटलैंड के खिलाफ ढाका में 155 रनों की नाबाद पारी खेली।कुल मिलाकर, यह U19 विश्व कप में आठवां सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, जिसमें श्रीलंका के एच बोयागोडा अभी भी टूर्नामेंट के पिछले संस्करण में केन्या के खिलाफ 191 रनों की पारी के साथ शीर्ष पर हैं।बात भारतीय पारी की करें तो राज बावा के अलावा सलामी बल्लेबाज अंगक्रिश रघुवंशी ने 144 रनों की धुआंधार पारी खेली। रघुवंशी ने इस दौरान 22 चौके और 4 गगनचंबी छक्के लगाए। रघुवंशी और बावा के बीच तीसरे विकेट के लिए 206 रनों की साझेदारी हुई थी।भारत अंडर 19 वर्ल्ड कप के पहले दो मैच जीतकर पहले ही सुपर लीग स्टेज के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला मुकाबला टीम इंडिया ने 45 रनों से जीता था, वहीं दूसरी मुकाबले में उन्होंने आयरलैंड को 174 रनों से पटखनी दी थी।दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईदिल्ली सरकार ने सफाई कर्मी के परिवार को दिए 1 करोड़ रुपये, कोरोना ड्यूटी में गंवाई थी जान****** दिल्ली सरकार ने कोविड-19 महामारी में ड्यूटी के दौरान संक्रमण से जान गंवाने वाली सफाई कर्मी के परिवार को शुक्रवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई। यहां जारी बयान के मुताबिक उप मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में कोविड-19 मरीजों की सेवा के दौरान अपनी जान की कुर्बानी देने वाली कमलेश के परिवार से मुलाकात की और एक करोड़ रुपये का चेक दिया।सिसोदिया ने कहा, ‘‘देश इन वीर कोविड योद्धाओं को सलाम करता है। ने वादा किया था कि वह उनके परिवार का ख्याल रखेगी। हम हमेशा हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कोविड योद्धाओं ने दिल्ली को इस संकट से निकालने के लिए अपनी जान को खतरे में डाला। हम उनकी भावना को सलाम करते हैं। हालांकि, यह राशि उनके परिवार के सदस्यों को हुई क्षति की भरपायी नहीं कर सकती, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि यह उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगी।’’गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने साल 2020 में घोषणा की थी कि ड्यूटी के दौरान कोविड-19 के संपर्क में आने और मौत होने पर वह अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी। दिल्ली सरकार की घोषणा के बाद अबतक स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों सहित 30 अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के परिजनों को आर्थिक मदद दी गई है।(इनपुट- भाषा)

दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईCovid-19 राहत कोष में आया 342 करोड़ रुपए का दान, महाराष्‍ट्र ने 55 करोड़ रुपए खर्च किए प्रवासी मजदूरों के किराये पर******Maharashtra CM covid-19 fund receives Rs 342 cr in donationsमहाराष्ट्र में मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोष में मई के मध्य तक करीब 342 करोड़ रुपए का दान आया जिसमें से 23.82 करोड़ रुपए वायरस के प्रसार पर काबू पाने के लिए खर्च किए गए, जबकि 55.20 करोड़ रुपए प्रवासी कामगारों की उनके गृह राज्य की यात्रा के किराये में खर्च किए गए। (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में यह बात सामने आई है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक कोष में 18 मई तक कुल 342 करोड़ रुपए आए, जिसमें से अब तक सिर्फ 23.82 करोड़ रुपए संक्रमण पर काबू पाने में खर्च किए गए।सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कार्यकर्ता अनिल गलगली ने इस आशय की जानकारी सरकार से मांगी थी। सरकार के जवाब के मुताबिक सबसे ज्यादा 55.20 करोड़ रुपए प्रवासी कामगारों को उनके गृह प्रदेश भेजने में खर्च किए गए। इसके अलावा 80 लाख रुपए आठ मई को औरंगाबाद में हुए रेल हादसे में जान गंवाने वाले प्रवासी कामगारों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर दिए गए।दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईवृष साप्ताहिक राशिफल 27 जून-3 जुलाई 2022: पति-पत्नी को रिश्ता बेहतर रखना है तो रखें इन बातों का ध्यान******आने वाला सप्ताह वृष यानी कि वृषभ राशि वालों के लिए कैसा होगा? किन उपायों से वो अपना सप्ताह बेहतर बना सकते हैं, और किन बातों का ध्यान रखना है ये सब जानते हैं ज्योतिषी चिराग बेजान दारूवाला से।गणेशजी कहते हैं कि आपकी जीवनशैली को नया रूप देने के लिए कुछ रचनात्मक गतिविधियों में समय व्यतीत होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता संबंधी किसी गतिविधि में सफलता मिल सकती है। समय फायदेमंद हो सकता है। संपत्ति या रुपये के लेन-देन में सावधानी बरतें। किसी भी मुद्दे को आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास करें। इस समय छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं। आप व्यक्तिगत कारणों से व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकते। पति-पत्नी के रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए कुछ समय साथ में बिताएं। मसालेदार भोजन से बचें।

दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईWB SSC Scam: पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की नहीं हुईं मुश्किलें कम, फिर 14 दिन की जेल******Highlightsप्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक विशेष अदालत ने करोड़ों रुपये के पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) भर्ती अनियमितता घोटाले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी और उन्हें फिर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुनवाई के दौरान चटर्जी और मुखर्जी दोनों सुधार गृहों से वर्चुअल मोड में पेश हुए। न्यायाधीश जीबन कुमार संधू ने फैसला सुनाया कि दोनों अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर को वर्चुअल मोड में ही पेश होंगे।चटर्जी और मुखर्जी दोनों के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल शारीरिक तौर पर हाजिर होने के इच्छुक हैं। हालांकि, न्यायमूर्ति संधू ने कहा कि सुनवाई में वर्चुअल उपस्थिति किसी भी कीमत पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बाधित नहीं करती है। चटर्जी के वकील हरधन बंद्योपाध्याय ने स्वास्थ्य और उम्र से संबंधित आधार पर जमानत याचिका दायर की। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जांच एजेंसी के पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मामले में बरामद नकदी और संपत्ति के दस्तावेज चटर्जी के थे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उनका मुवक्किल घर में नजरबंद रहने को भी तैयार है।हालांकि, ईडी के वकील फिरोज एडुल्जी ने अपने जवाबी तर्क में कहा कि मुखर्जी की ओर से चटर्जी के पास नामित विभिन्न जीवन बीमा पॉलिसियां दोनों के बीच संबंध का स्पष्ट प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हालांकि जीवन बीमा पॉलिसियां अर्पिता मुखर्जी के पास थीं, प्रीमियम भुगतान चटर्जी के बैंक खाते से डेबिट किए गए थे। पॉलिसी दस्तावेजों में चटर्जी को अर्पिता का चाचा बताया गया है।उन्होंने चटर्जी को एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में भी संदर्भित किया और कहा कि इसलिए उन्हें किसी भी कीमत पर जमानत नहीं दी जाएगी। उन्होंने तर्क दिया, "अस्पताल की रिपोर्ट है कि उनके वकील को अदालत में ही पहुंचना था। लेकिन वे रिपोर्ट चटर्जी तक पहुंच गईं। यह साबित करता है कि वह कितने प्रभावशाली हैं।" अंत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज कर दी और उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी।दुनियाकेइन10देशोंमेंकरसकतेहैबेहदकमपैसोंमेंपढ़ाईReliance Jio करेगी 30,000 करोड़ रुपए का नया निवेश, नेटवर्क क्षमता का विस्तार कर जोड़ेगी नए ग्राहक****** देश के सबसे अमीर व्‍यक्ति मुकेश अंबानी के नेतृत्‍व वाली नई टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio इंफोकॉम अपनी पहुंच के विस्तार तथा नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के लिए 30,000 करोड़ रुपए का निवेश करने की तैयारी कर रही है। इससे नेटवर्क में उसका कुल निवेश बढ़कर दो लाख करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा।रिलायंस जियो ने अपने मौजूदा शेयरधारकों के लिए जारी राइट इश्यू नोटिस में कहा कि रिलायंस की सेवाओं के प्रति ग्राहकों ने जोरदार उत्साह दिखाया है। इसके अलावा डिजिटल सेवाओं में जोरदार वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है। ऐसे में कंपनी अपने नेटवर्क के विस्तार पर अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव कर रही है।Smartphones With 3000 battery under Rs 9000

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2022-10-01 05:30
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Delhi Rain : दिल्ली-एनसीआर में देर रात तेज आंधी के साथ बारिश, भीषण गर्मी से मिली राहत******Highlights पिछले कुछ दिनों से लू की मार झेल रहे दिल्ली-एनसीआर में देर रात तेज आंधी के साथ बारिश से लोगों बड़ी राहत मिली है। बुधवार देर रात तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश करीब तीन घंटे तक जारी रही। बारिश से निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। इससे पहले मौसम विभाग ने भी अनुमान जताया था कि 15 जून की शाम से दिल्ली का मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किमी/ घंटा की गति के साथ हल्की से मध्यम तीव्रता के साथ गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’मौसम विभाग के मुताबिकअगले कुछ दिनों में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर पर पुरवाई हवाएं चलने की संभावना के साथ गर्मी कम होने का अनुमान है। वहीं अगले छह दिनों में गरज के साथ छीटें पड़ने या हल्की बारिश होने की चेतावनी के साथ मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है। सोमवार तक पारा गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।27 जून तक आएगा मानसूनमौसम विभाग ने कहा कि 21 जून के बाद मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क पश्चिमी हवाएं चलेंगी, लेकिन तापमान में वृद्धि का अनुमान नहीं है। मानसून के दिल्ली में सामान्य तिथि 27 जून या एक या दो दिन पहले पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल आईएमडी ने अनुमान जताया था कि दिल्ली में अनुमान से करीब दो हफ्ते पहले मानसून आएगा। हालांकि, यह 13 जुलाई को आया था जिससे 19 वर्षों में यह सबसे देर से पहुंचने वाला मानसून बन गया था।इनपुट-भाषा
2022-10-01 04:53
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आइडिया-वोडाफोन विलय में हो सकती है देरी, दूरसंचार विभाग करेगा 4700 करोड़ रुपए की मांग******Idea Vodafone Merger देश की दो बड़ी दूरसंचार कंपनियां और का सौदा पूरा होने में देरी हो सकती है क्योंकि वोडाफोन से करीब 4,700 करोड़ रुपए की नई मांग करने पर विचार कर रहा है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी। दोनों कंपनियों का विलय सौदा 30 जून तक पूरा होने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन दूरसंचार विभाग के ताजा कदम की वजह से इसमें देरी हो सकती है। आइडिया के साथ विलय से पहले वोडाफोन इंडिया से बकाया राशि चुकाने को कहा जाएगा। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि वोडाफोन इंडिया ने अपनी सभी इकाइयों को एक कंपनी में विलय कर दिया और इसमें कंपनी पर एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क (ओटीएससी) से जुड़े करीब 4,700 करोड़ रुपये का बकाया है। दूरसंचार विभाग आइडिया के साथ विलय से पहले वोडोफोन को बकाया चुकाने या फिर बैंक गारंटी देने को कहेगा।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में वोडाफोन ने अपनी चार अनुषंगी कंपनियों वोडाफोन ईस्ट, वोडाफोन साउथ, वोडाफोन सेल्युलर और वोडाफोन डिजिलिंक का वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज में विलय किया था, जो अब वोडाफोन इंडिया है।विलय के समय दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन से ओटीएससी का 6,678 करोड़ रुपए बकाया चुकाने को कहा था लेकिन वोडाफोन ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद, सौदे की मंजूरी के लिए वोडाफोन ने केवल 2,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया था।दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने दूरसंचार विभाग से कानूनी सलाह लेने को कहा है कि क्या वोडाफोन इंडिया से बकाये की मांग की जा सकती है। सूत्र ने कहा कि दूरसंचार विभाग को कानूनी राय मिली है, जिसमें कहा गया है कि वोडाफोन से बकाये की मांग की जा सकती है। अधिकारी ने कहा कि अंतिम राशि को लेकर अभी काम चल रहा है, इसमें ब्याज भी शामिल हो सकता है और अगले सप्ताह तक भुगतान की मांग की जा सकती है। यह बकाया राशि 2,100 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी के अतिरिक्त है। यह राशि आइडिया सेल्यूलर के एक मुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क से संबंधित है।
2022-10-01 03:17
उद्धरण 3 इमारत
जियो के आने से बढ़ी मोबाइल ग्राहकों की संख्‍या, सितंबर में उपभोक्‍ताओं की संख्या हुई 107 करोड़ से अधिक******देश में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या सितंबर के आखिर में 1.98 प्रतिशत बढ़कर 107.424 करोड़ हो गई।दूरसंचार ग्राहकों की संख्या में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नई कंपनी रिलायंस जियो द्वारा अपनी 4जी सेवाएं शुरू करने के कारण हुई, जबकि इससे पहले दो महीनों में संख्या घटी थी।सरकार को चालू वित्त वर्ष में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी से 32,434.10 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान प्राप्त हुआ, जो दूरसंचार विभाग के 34,586 करोड़ रुपए के अनुमान से कम है।
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