नई पोस्ट करें

अमित शाह और अजित डोवल की जोड़ी ने कैसे आर्टिकल 370 को बना दिया इतिहास

2022-10-01 06:44:18 253

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासKarnataka News: बीजेपी के घोषणापत्र के आधार पर होगी 'एंटी करप्शन ब्यूरो' को भंग करने की कार्रवाई: बसवराज बोम्मई****** कर्नाटक में हाई कोर्ट ने गुरुवार को 'एंटी करप्शन ब्यूरो'(ACB) के संबंध में अपना फैसला सुनाया। इसपर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को कहा कि 'एंटी करप्शन ब्यूरो' (ACB) को भंग करने और लोकायुक्त पुलिस शाखा की शक्तियों को हाई कोर्ट ने अपने फैसले में बहाल किया। उन्होंने कहा कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार की आगे की कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 2018 के घोषणापत्र के आधार पर होगी। वर्ष 2016 में सिद्धरमैया नीत तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई एसीबी इकाई को भंग करने का वादा भाजपा ने अपने 2018 के चुनावी घोषणापत्र में किया था।सीएम बोम्मई ने कैबिनेट बैठक से पहले कहा, ''हाई कोर्ट ने गुरुवार को ACB के संबंध में अपना फैसला सुनाया। हम अदालत के आदेश में दिए गए दिशानिर्देशों और अपनी पार्टी के घोषणापत्र को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को कैबिनेट में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।'' उन्होंने कहा कि हम अपनी पार्टी के घोषणापत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। जज बी.वीरप्पा और जज के.एस.हेमलेखा की खंडपीठ का फैसला एसीबी के गठन और उसके बाद 16 मार्च, 2016 के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर आया। याचिका में कहा गया है कि लोकायुक्त पुलिस की शक्तियों को भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट के तहत मामलों को दर्ज करने और जांच करने से वापस ले लिया गया था।कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, ''कार्यकारी आदेश'' के माध्यम से एसीबी का गठन उचित और संवैधानिक नहीं है। तदनुसार, ACB को भंग किया जाता है। अदालत ने कहा कि ACB के समक्ष लंबित सभी मामलों को अब लोकायुक्त पुलिस शाखा में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने कहा, हालांकि, एसीबी द्वारा अब तक की गई सभी कार्रवाई मान्य होगी। आपको बता दें कि कांग्रेस सरकार द्वारा 2016 में जारी की गई दो अधिसूचनाओं को अधिवक्ता संघ बेंगलुरु, चिदानंद उर्स और 'समाज परिवर्तन समुदाय' सहित विभिन्न याचिकाकर्ताओं द्वारा चुनौती दी गई थी।

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासRussia Ukraine News: जेलेंस्की ने कहा, पीछे हट रहे रूसी सैनिकों ने बहुत सारी बारूदी सुरंगें छोड़ीं******Highlightsयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को रूस पर गंभीर आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा कि राजधानी कीव से पीछे हट रहे रूसी सैनिकों ने इसके बाहरी इलाकों में ‘एक बड़ी आपदा’ पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि रूसी सैनिक पूरे इलाके में, यहां तक कि घरों और लाशों के आसपास भी बारूदी सुरंग छोड़ गए हैं। यूक्रेन और इसके पश्चिमी सहयोगियों ने कहा है कि रूस कीव के आसपास से अपनी सेना वापस बुला रहा है और वह युद्धग्रस्त देश के पूर्वी क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है।अधिकारियों ने कहा कि के लड़ाकों ने रूसी सैनिकों के पीछे हटने या वापस जाने के बाद राजधानी के पास के कई इलाकों पर फिर से कब्जा कर लिया है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूसी सैनिक जिन जगहों से हटे हैं, वहां वे हवाई हमले और दूर से गोलाबारी करेंगे तथा पूर्वी क्षेत्र में लड़ाई तीव्र होगी। राष्ट्रपति ने वीडियो संदेश में कहा, ‘सामान्य जीवन में वापस आना अभी भी संभव नहीं है, जैसा कि पहले हुआ करता था, यहां तक कि उन क्षेत्रों में भी जिन्हें हम लड़ाई के बाद वापस ले रहे हैं।’ का यह संदेश ऐसे समय आया है जब रूसी सेना द्वारा निकासी कार्य को लगातार दूसरे दिन बाधित किए जाने से बंदरगाह शहर मारियुपोल में मानवीय संकट गहरा गया है और क्रेमलिन ने यूक्रेन पर रूसी धरती पर स्थित एक ईंधन डिपो पर हेलीकॉप्टर से हमला करने का आरोप लगाया है। हालांकि यूक्रेन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अगर रूसी दावों की पुष्टि होती है तो यह युद्ध में पहला ऐसा ज्ञात हमला होगा, जिसमें किसी यूक्रेनी विमान ने रूसी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की।क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘निश्चित रूप से यह एक ऐसी कार्रवाई नहीं है, जिसे दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी रखने के लिए अनुकूल माना जा सके।’ ने कीव के आसपास के इलाकों से अपने कुछ सैनिकों को वापस बुलाना जारी रखा है। जेलेंस्की ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि रूसी सैनिक पूरे क्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछा रहे हैं और वे घरों के आसपास तथा युद्ध में मारे गए लोगों की लाशों के पास भी बारूदी सुरंगें छोड़कर जा रहे हैं।अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासOdisha MBBS, NEET admissions 2020-21: ओडिशा में एमबीबीएस नीट ए​डमिशन शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया******Odisha MBBS, NEET admissions 2020-21: ओडिशा स्थित मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक छात्र ojee.nic.in पर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया 18 नवंबर को रात 11:59 बजे बंद हो जाएगी। सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के साथ-साथ प्राइवेट कॉलेजों की कुल सीटों में से 85 फीसदी सीटों पर प्रवेश इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।इच्छुक उम्मीदवारों को खुद को पंजीकृत करना होगा या यूजर नेम और पासवर्ड बनाना होगा। पंजीकरण के बाद, उम्मीदवारों को 1000 रुपये के पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा और ऑनलाइन सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। छात्रों को अपनी पसंद दर्ज करने का मौका दिया जाएगा। सीट आवंटित करते समय छात्र की पसंद पर भी ध्यान दिया जाएगा।दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान, क्वेरी का सत्यापन अधिकारियों द्वारा टिप्पणियों के आधार पर किया जा सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को 24 घंटे के भीतर जवाब देना होगा। काउंसलिंग और आवंटन से संबंधित दस्तावेजों को समिति द्वारा केवल 31 दिसंबर तक संरक्षित रखा जाएगा।अभ्यर्थियों द्वारा लॉक किए गए विषय और कॉलेज की पसंद के अनुसार राज्य मेरिट सूची के आधार पर कॉलेज आवंटित किए जाएंगे। यदि किसी उम्मीदवार को उसकी पहली पसंद के अनुसार काउंसलिंग के किसी भी दौर में सीट आवंटित की जाती है और वह उस सीट के लिए प्रवेश लेता है, तो वह नियमानुसार काउंसलिंग के बाद के दौर में भाग नहीं ले सकता है।पहले दौर के लिए आवंटन पत्र 26 नवंबर को जारी किया जाएगा, जबकि उम्मीदवारों को 30 नवंबर, 11:59 बजे तक सीटों को स्वीकार करने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, पहले दौर में प्रवेश लेने के बाद उम्मीदवार, जिन्होंने फ्रीज या फ्लोट का विकल्प चुना है, उन्हें दूसरे दौर के लिए कोई अतिरिक्त विकल्प भरने की आवश्यकता नहीं है।शेड्यूल के अनुसार, रिक्त सीट का प्रदर्शन 3 दिसंबर को जारी किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। दूसरी काउंसलिंग के लिए पंजीकरण 4 से 5 दिसंबर तक खुला रहेगा। अभी भी सीटें खाली रहने की स्थिति में 15 दिसंबर को स्पॉट काउंसलिंग होगी।

अमित शाह और अजित डोवल की जोड़ी ने कैसे आर्टिकल 370 को बना दिया इतिहास

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासSensex में शामिल इन चार कंपनियों ने मारी बाजी, निवेशकों की 2.31 लाख करोड़ बढ़ गई संपत्ति******BSe सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 2,31,320.37 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 884.57 अंक या 1.61 प्रतिशत चढ़ गया। समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। वहीं दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, जीवन बीमा निगम (एलआईसी), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचडीएफसी और भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन घट गया। इन कंपनियों के मूल्यांकन में सामूहिक रूप से 68,140.72 करोड़ रुपये की कमी आई।सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,38,222.46 करोड़ रुपये के लाभ के साथ 18,80,350.47 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 64,618.85 करोड़ रुपये बढ़कर 12,58,274.59 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का 25,728.52 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 6,40,373.02 करोड़ रुपये रहा। आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 2,750.54 करोड़ रुपये बढ़कर 5,17,049.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस रुख के उलट भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 25,955.25 करोड़ रुपये घटकर 3,76,972.75 करोड़ रुपये रह गया। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मूल्यांकन 13,472.25 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 5,06,157.94 करोड़ रुपये पर आ गया।एचडीएफसी की बाजार हैसियत में 9,355.02 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 4,13,299.36 करोड़ रुपये रह गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 8,963.69 करोड़ रुपये के नुकसान से 5,38,561.56 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 6,199.94 करोड़ रुपये घटकर 7,66,314.71 करोड़ रुपये और एसबीआई की 4,194.57 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 4,14,369.71 करोड़ रुपये रह गई।शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, एलआईसी, एसबीआई, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा।अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासदेखना चाहती हूं मेरा शरीर और कितनी चोट झेल सकता है: साइना नेहवाल******नई दिल्ली। चोटों से जूझ रही साइना नेहवाल ने लंबे समय से चले आ रहे फिटनेस मुद्दों के बारे में खुल कर बात करते हुए बुधवार को कहा कि खेल को छोड़ने का विचार उनके मन में भी आया था लेकिन उन्होंने इसे एक चुनौती के रूप में लिया है कि उनका शरीर और कितनी चोटों का सामना कर सकता है। विश्व रैंकिंग की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी साइना को चोटों के कारण 2021 में विश्व चैंपियनशिप सहित कई टूर्नामेंटों से बाहर होने पर मजबूर होना पड़ा। अब भी पूरी तरह से फिट नहीं हुई साइना के इंडिया ओपन में खेलने की उम्मीद नहीं थी लेकिन वह दूसरे दौर में पहुंचने में सफल रहीं।चेक गणराज्य की उनकी प्रतिद्वंद्वी तेरेजा स्वाबिकोवा पीठ में दर्द के कारण बुधवार को मुकाबला बीच में ही छोड़ दिया। उस समय साइना 22-20, 1-0 से आगे चल रही थी। साइना ने मैच के बाद ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं कठिन अभ्यास करने में सक्षम थी लेकिन एक फिसलन से गिरने के कारण मेरी कमर में बहुत सारी समस्याएं हो गयी थीं। मुझे (थॉमस और उबेर कप फाइनल के दौरान) के दौरान भी चोट लगी लेकिन मुझे नहीं पता था कि घुटने में भी कुछ परेशानी है, जो फ्रेंच ओपन के दौरान और खराब हो गयी थी।’’साइना ने कहा, ‘‘उस मैच तक, मुझे नहीं पता था कि यह चोट कितनी गंभीर थी । उसके बाद मैं लंगड़ा रही थी। यह एक चुनौती है और मैं इसे स्वीकार करना चाहती हूं। देखते हैं कि मेरा शरीर किन चोटों का सामना कर सकता है। यह आसान नहीं है, कभी-कभी आपका मन हार मानने लगता है।’’साइना ने कहा कि चोटों के ठीक होने के इंतजार में कोर्ट (स्टेडियम) से बाहर बैठना वास्तव में उन्हें परेशान करता है।उन्होंने कहा, ‘‘इसका मानसिक पहलू बहुत मुश्किल है क्योंकि टूर्नामेंट हो रहे हैं, खिलाड़ी जीत रहे हैं और मैं बस बैठी हूं और उन्हें खेलते हुए देख रही हूं। यह एक चुनौती है लेकिन हम संघर्ष जारी रखना चाहते हैं, हो सकता है कि आगे कुछ अच्छे दिन हों।’’साइना को थॉमस और उबेर कप के फाइनल्स (डेनमार्क) और फिर फ्रेंच ओपन को बीच में छोड़ना पड़ा।इस 31 साल की खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ यह तीन चोटों के कारण हुआ था। इस दौरान घुटने में काफी चोट आयी थी। फिर ऐसा भी समय आया जब मैं फ्रेंच ओपन के बाद चल भी नहीं पा रही थी।’’लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता ने कहा कि वह ‘अपनी रिहैबिलिटेशन से खुश हैं ’और मार्च तक पूरी तरह से फिट होने की उम्मीद है।उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस आयोजन से पहले सात - आठ दिनों के लिए अच्छा अभ्यास किया था लेकिन मुझे इंडिया ओपन खेलने की उम्मीद नहीं थी। मुझे उम्मीद है कि मुझे कोर्ट पर कुछ और अभ्यास सत्र मिल सकते हैं। मैं भारत में खेलने से खुश हूं, तो देखते हैं कि कितने दौर तक आगे बढ़ सकती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरा फिटनेस स्तर अभी 60-70% का है। उम्मीद है कि जनवरी के अंत तक, मैं अपने पूर्ण शारीरिक फिटनेस स्तर को हासिल कर लूंगी। हमारे पास फरवरी में अभ्यास का समय है और फिर मार्च में प्रतियोगिताएं है , शायद तब तक चीजें पूरी तरह से ठीक हो जाएं।’’अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासYoung Business Tycoons: पिता के कारोबारी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं ये 5 होनहार, अंबानी से लेकर आडानी की नई पीढ़ी शामिल******Reliance Industriesकारोबारी दुनिया में अलग मुकाम हासिल कर चुके मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, अजीम प्रेमजी जैसे शख्सियतों से भला कौन इंस्पायर नहीं होगा। इन्होंने अपनी मेहनत और आइडियाज से न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, आज हम इन बिजनेस टाइकून की नहीं बल्कि इनके अगली पीढ़ी से आप सभी को रूबरू कराने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि 5 दिग्गज बिजनेस घराने के बच्चों के बारे में जो अपने पिता के साथ मिलकर कारोबारी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।धीरूभाई अंबानी द्वारा स्थापित रिलायंस इंडस्ट्रीज को मुकेश अंबानी नई मुकाल पर ले गए हैं। मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के तीन बच्चे हैं- ईशा, आकाश और अनंत। अब ये तीनों बच्चें रिलायंस के निदेशक मंडल में शामिल हैं। ईशा रिलायंस जियो और रिलायंस फाउंडेशन को चलाती है जबकि आकाश रिलायंस जियो में निदेशक और रणनीति के प्रमुख हैं।अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी अब एशिया के सबसे दौलतमंद अरबपति बन गए हैं। पोर्ट से लेकर ग्रीन एनर्जी में अडानी ग्रुप का कारोबार है। गौतम अडानी को अब कारोबार में उनका बेटा करण अडानी साथ दे रहा है। करण गौतम अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक हैं।भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो को 2019 तक के अजीम प्रेमजी चला रहे थे। प्रेमजी ने ही इस कंपनी को शुरू किया था। हालांकि, 2019 के बाद उन्होंने इसे अपने बेटे ऋषद प्रेमजी को सौंप दिया, जो जुलाई 2019 से विप्रो के अध्यक्ष हैं। उनके दूसरे बेटे तारिक प्रेमजी अजीम प्रेमजी एंडोमेंट फंड के उपाध्यक्ष हैं।दवा कंपनी पिरामल को भी अब अगली पीढ़ी संभाल रही है। पिरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय पीरामल हैं। उनकी बेटी नंदिनी पीरामल पिरामल एंटरप्राइजेज की कार्यकारी निदेशक हैं और ओवर-द-काउंटर दवा व्यवसाय का नेतृत्व करती हैं। आनंद पीरामल पीरामल ग्रुप, पीरामल एंटरप्राइजेज के निदेशक हैं और पीरामल रियल्टी के संस्थापक भी हैं।एचसीएल टेक्नोलॉजीज को अब एचसीएल के संस्थापक शिव नादर की बेटी रोशनी नादर चला रही हैं। रोशनी नादर मल्होत्रा एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन हैं। भारत में किसी आईटी कंपनी का नेतृत्व करने वाली वह पहली महिला हैं। शिव नादर रे 2021 में कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था।

अमित शाह और अजित डोवल की जोड़ी ने कैसे आर्टिकल 370 को बना दिया इतिहास

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहाससाइ भोपाल में 24 एथलीट सहित 36 लोग कोविड-19 जांच में निकले पॉजिटिव******नई दिल्ली| भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के भोपाल केंद्र में 24 खिलाड़ी और 12 सहयोगी स्टाफ सदस्य कोविड-19 जांच में पॉजिटिव पाये गये हैं लेकिन इनमें से कोई भी ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाला एथलीट नहीं है।साइ के अनुसार तीन और छह अप्रैल को एहतियात के तौर पर दो दौर में जांच करवायी गयी थी जिसके बाद ये मामले सामने आये। साइ भोपाल केंद्र में ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने की की कोशिश में जुटा संभावित खिलाड़ी नहीं रहता है।साइ के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘दो दौर की जांच करायी गयी जिसमें कुल 36 मामले कोविड-19 पॉजिटिव निकले, इनमें से 24 एथलीट हैं और अन्य 12 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के स्टाफ हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 पॉजिटिव खिलाड़ियों में कोई भी ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाला एथलीट नहीं हैं। पॉजिटिव पाये गये कुछ एथलीट वुशु और कुछ जूडो प्रतियोगिता से लौटे हैं। वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये पॉजिटिव आने वाले खिलाड़ियों को एहतियात के तौर पर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।सूत्र ने कहा, ‘‘कोई भी खिलाड़ी गंभीर नहीं है। ’’ साइ ने सभी केंद्रों को मौजूदा मानक परिचालन प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है जिसमें नियमित रूप से एहतियाती परीक्षण कराने पर जोर दिया गया है।वहीं 31 मार्च को पटियाला और बेंगलुरू में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में कराये गये 741 एहतियाती टेस्ट में 30 खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ कोविड-19 पॉजिटिव आये थे। हालांकि दोनों केंद्रों में कोई भी खिलाड़ी ओलंपिक जाने वाले दल का हिस्सा नहीं था।अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासWorld Earth Day 2019: इस कारण 22 अप्रैल को मनाया जाता है विश्व पृथ्वी दिवस, साथ ही जानें कैसे रखें धरती को सुरक्षित******हर साल 22 अप्रैल को (World Earth Day) मनाया जाता है। जिसे मनाने का सबसे बड़ा कारण है कि पृथ्वी और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरुक करना है। इस दिन हर कोई पृथ्वी को बटाने का संकल्प करता है। जानें इसके मनाने का कारण और इस बार की क्या थीम है।विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल 1970 से मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत एक अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने की थी। साल 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव के कारण भारी बर्बादी हुई थी, जिससे वह बहुत आहत हुए और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कुछ करने का फैसला लिया।22 जनवरी को समुद्र में तीन मिलियन गैलेन तेल रिसाव हुआ था, जिससे 10,000 सीबर्ड, डॉल्फिन, सील और सी लायन्स मारे गए थे। इसके बाद नेल्सन के आह्वाहन पर 22 अप्रैल 1970 को लगभग दो करोड़ अमेरिकी लोगों ने पृथ्वी दिवस के पहले आयोजन में भाग लिया था। इस साल की थीम है- Protect Our Species यानी कि जीवों की नस्लों के साथ-साथ पेड़-पौधों की रक्षा करें।हर साल दुनियाफर में बेशुनार कचरा पैदा होता है। प्लास्टिक को ही ले लीजिए इससे बनी चीजों को विघटित होने पर 450 साल से भी ज्यादा वक्त लग जाता है। तो इसकी जगह आप ऐसी चीजें खरीदें जिसमे प्लास्टिक का यूज न हुआ हो।अधिक प्रदूषण और अधिक मात्रा में पेड़ों की कटाई के कारण दिनों-दिन पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है। जिससे कि आने वाले सम में सांस लेना भी दुभर हो जाएगा। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ों को लगाएं।दिन को जरुरत न हो चो लाइट का इस्तेमाल न करें। इससे बिजली उत्पादन में बहुत ही कम प्राकृतिक संसाधन का खर्च होगा।जरुरत हो उतना ही पानी बहाएं। ज्यादा पानी बहाना आने वाले समय में आपको पानी से मोहताज कर सकता है।

अमित शाह और अजित डोवल की जोड़ी ने कैसे आर्टिकल 370 को बना दिया इतिहास

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासप्रयागराज: संगम तट पर महिलाओं के हाथ-पैर बांधकर किया जा रहा था झाड़-फूंक, 30 लोग गिरफ्तार****** में कथित तौर पर महिलाओं पर झाड़-फूंक के आरोप में 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को रविवार को दारागंज इलाके से गिरफ्तार किया गया था और वे उत्तर प्रदेश के महोबा और मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने कहा कि उन्होंने संगम के तट पर अनुष्ठान किया। वे कथित तौर पर महिलाओं को पीटते थे और उनसे बुरी आत्माओं को दूर करने के बहाने उनके बाल खींचते थे।कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि आरोपी ढोल बजाते नजर आ रहे हैं जबकि उन्होंने महिलाओं के हाथ-पैर बांधकर रस्सी से पीटा था। मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने देखा कि लोग सिंदूर और नींबू से रस्म अदा कर रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई में हस्तक्षेप करने की कोशिश की और आरोपी को रुकने के लिए कहा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस सभी को थाने ले गई।आरोपियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 151/107/116 के तहत मामला दर्ज किया गया है और सभी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासअगस्ता वेस्टलैंड केस: मिशेल की जमानत याचिका पर फैसला 22 दिसंबर तक सुरक्षित****** कथित बिचौलिए की जमानत याचिका पर बुधवार को फैसला नहीं हो पाया। दिल्ली की एक अदालत ने सौदा मामले में गिरफ्तार किए गए कथित बिचौलिए मिशेल की जमानत याचिका पर फैसला 22 दिसंबर तक सुरक्षित रख लिया है। ब्रिटिश नागरिक मिशेल (57) ने अदालत से कहा कि पूछताछ के लिए उसे अब और हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है तथा इससे कोई लाभ नहीं होगा। मिशेल को 15 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा गया था।उसे संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ्तार किया गया था और 4 दिसंबर को भारत को प्रत्यर्पित किया गया था। इसके अगले दिन उसे अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने मिशेल को पहले 5 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा था और बाद में इसकी अवधि बढ़ा दी थी। मिशेल इस सौदे में शामिल 3 बिचौलियों में से एक है। इस मामले की जांच सीबीआई और प्रर्वतन निदेशालय कर रहे हैं। अन्य 2 आरोपी गुइदो हास्के और कार्लो गेरोसा हैं।इससे पहले विशेष न्यायाधीश ने 15 दिसंबर को केंद्रीय जांच ब्यूरो को 19 दिसंबर तक मिशेल से पूछताछ करने की इजाजत दी थी। सीबीआई 4 दिसंबर से मिशेल को पूछताछ कर रही है जब उसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित किया गया था। सूत्रों ने कहा कि सीबीआई को मिशेल से अधिक पूछताछ करने की जरूरत है, ताकि सौदे में किए गए अवैध भुगतान के सबूत जुटाए जा सकें।अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासदिल्ली चुनाव: आज कांग्रेस कर सकती है प्रत्याशियों के नाम का ऐलान, इन सीटों पर फंसा है पेंच!****** दिल्ली चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी 57 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस पार्टी भी आज (शनिवार) शाम तक प्रत्याशियों ने नाम की घोषणा कर सकती है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कुछ सीटों पर अभी तकपेंच फंसा हुआ है।सूत्रों के अनुसार ओखला सीट पर परवेज हाशमी और आसिफ खान ने पार्टी के टिकट के लिए दावेदारी ठोकी हुई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा परवेज हाशमी को टिकट देने के वकालत कर रहे हैं, जबकि पीसी चाको और अन्य नेता आसिफ खान की पैरवी कर रहे हैं।अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली से किसे मैदान में उतारा जाए पार्टी इसको लेकर भी गंभीर है। सूत्रों के अनुसार नई दिल्ली सीट पर कांग्रेस रोमेश सभरवाल औरअनामिका साई के नाम पर विचार कर रही है। अनामिक साई दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि रोमेश सभरवाल एनएसयूआई के अध्यक्ष रह चुके हैं।चांदनी चौक विधानसभा सीट पर भी किसे मैदान में उतारा जाए इसको लेकर भी कांग्रेस में मंथन चल रहा है। आम आदमी पार्टी छोड़कर घर वापसी करने वाली अल्का लांबा के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल भी यहां से किस्मत आजमाना चाहते हैं। सूत्रों की मानें तो मालवीय नगर से किरन वालिया और बल्लीमारान सीट से हारून यूसूफ का टिकट लगभग फाइनल है।

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासकन्हैया कुमार: साम्यवादी सियासत को अलविदा बोलकर पहुंचे ‘24 अकबर रोड’****** बिहार का लेनिनग्राद कहे जाने वाले बेगूसराय के एक नौजवान ने जब तीन मार्च, 2016 की रात जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय () के परिसर में ‘पूंजीवाद, भुखमरी और गरीबी से आजादी’ के नारे बुलंद किए तो बहुत सारे लोगों को लगा कि भारत में वामपंथ की बंजर होती सियासी जमीन को पानी देने वाला एक युवा बागबान मिल गया है, लेकिन साढ़े पांच साल के भीतर ही यह बागबान ‘24 अकबर रोड’ के बगीचे को सींचने पहुंच गया। यह नौजवान जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं जिन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के मौके पर 28 सितंबर को कांग्रेस का दामन थाम लिया और यह ऐलान किया कि ‘अगर देश की सबसे पुरानी पार्टी बचेगी तो ही भारत बचेगा।’खैर, वामपंथ की पाठशाला से निकलकर कांग्रेस के हाथ को थामने वाले 34 वर्षीय कन्हैया कोई पहले नेता नहीं हैं और शायद आखिरी भी नहीं होंगे, लेकिन चर्चा एवं विवादों से घिरे उनके पिछले कुछ वर्षों के सफर की वजह से उनका यह वैचारिक बदलाव सुर्खियों में रहा। जेएनयू परिसर में फरवरी, 2016 में कथित तौर पर हुई देश विरोधी नारेबाजी के मामले में गिरफ्तारी से पहले कन्हैया घर-घर में पहचाने जाने वाला चेहरा नहीं थे, हालांकि वह 2015 में ही भाकपा की छात्र इकाई ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फैडरेशन’ (एआईएसएफ) से जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष बन चुके थे।विवादित नारेबाजी के मामले में गिरफ्तारी, अदालत परिसर में कुछ लोगों द्वारा हमला किए जाने और फिर जमानत मिलने के उपरांत तीन मार्च, 2016 की रात जेएनयू परिसर में जोशीला भाषण देने के बाद बेगूसराय जिले के बीहट गांव के निवासी कन्हैया भारतीय राजनीति और खासकर सरकार विरोधी राजनीतिक विमर्श का एक प्रमुख चेहरा बन गए। कन्हैया इस मामले में अभी बरी नहीं हुए हैं। हालांकि वह खुद को बेकसूर बताते हैं। भाजपा एवं कुछ अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के लोग आज भी उन्हें ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग का सदस्य’ पुकारते हैं, लेकिन कन्हैया पटलवार करते हुए कहते हैं कि वह नागरिक अधिकारों, भारतीयता, नौजवानों के भविष्य और लोकतंत्र बचाने की बात करने वाले व्यक्ति हैं।सोशल मीडिया के युग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के विरोध में आवाज उठाने वाले नेताओं में कन्हैया का नाम सबसे प्रमुख नाम है। विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर उनके लाखों फॉलोवर और सब्सक्राइबर हैं। कन्हैया का जन्म एक बेहद ही साधारण परिवार में 1987 में हुआ। बेगूसराय से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पटना में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने जेएनयू से पीएचडी किया। उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं।शुरू से ही वामपंथी रुझान रखने वाले कन्हैया ने विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से निकलने के बाद भाकपा में रहकर राजनीति की और 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर अपने गृह जिले बेगूसराय से चुनाव लड़े, हालांकि उन्हें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से हार का सामना करना पड़ा और वह तीसरे स्थान पर रहे। इस चुनावी हार के बाद वह भाकपा में संगठनात्मक रूप से ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे, हालांकि वह सोशल मीडिया, सामाजिक संवाद के जरिये लोगों से जुड़े रहे।सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलन के दौरान उन्होंने बिहार के अलग-अलग जिलों में जनसभाएं कीं और उन जनसभाओं में कांग्रेस के नेता शकील अहमद खान उनके साथ होते थे। उसी समय यह आभास होने लगा था कि अब कन्हैया बहुत लंबे समय तक ‘लाल सलाम’ का नारा बुलंद नहीं करेंगे।अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासIFFM 2017: ऐश्वर्या राय बच्चन को किया जाएगा सम्मानित****** मेलबर्न में आयोजित होने वाला आयोजित होने वाला आगामी (आईएफएफएम) को लेकर इन दिनों काफी चर्चा बनी हुई है। पिछली बार इस समारोह की थीम महिलाओं पर केंद्रित थी और बार इसी को आगे बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का', 'ए डेथ इन द गंज' और 'डॉक्टर रुक्माबाई' की स्क्रीनिंग के साथ यह फिल्म महोत्सव महिला सशक्तिकरण को और आगे ले जाएगा। महोत्सव का 8वां संस्करण 10 से 22 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। हालांकि इस वर्ष का विषय 'डायवर्सिटी इन सिनेमा' है, लेकिन निर्माताओं ने साथ ही पिछले वर्ष के महिला सशक्तिकरण के थीम को इस साल भी बढ़ावा देने का फैसला किया है।फिल्म महोत्सव के निदेशक मितु भॉमिक लांगे ने कहा, "बीता वर्ष हमारे लिए महिला सशक्तिकरण का वर्ष था, जिसे हम इस बार भी जारी रखेंगे और महिला सशक्तिकरण की विषयवस्तु पर ध्यान केंद्रित रखेंगे।" उन्होंने कहा, "हमने महिला सशक्तिकरण के विचार के प्रतिबंबित करती सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन किया है। इनमें से कुछ अच्छे विषयों की फिल्में हैं और कुछ बेहतरीन महिला निर्माताओं की फिल्में चुनी गई हैं। महोत्सव में इन अलग-अलग आवाजों को प्रस्तुत करना सुखद होगा।" गौरतलब है कि बॉलीवुड अदाकारा ऐश्वर्या राय बच्चन को आईएफएफएम में वैश्विक सिनेमा में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

अमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासRussia Ukraine News : यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की US कांग्रेस को संबोधित करेंगे, हाउस और सीनेट के सदस्यों से करेंगे बात******Highlightsयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिकी कांग्रेस को वर्चुअली संबोधित करेंगे। जेलेंस्की का यह संबोधन ऐसे समय होगा जब यूक्रेन में रूसी हमले तेज हो गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने घोषणा की कि जेलेंस्की बुधवार को हाउस और सीनेट के सदस्यों से बात करेंगे। हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी और सीनेट के बहुमत के नेता चक शूमर ने एक बयान में कहा, "कांग्रेस, हमारा देश और दुनिया यूक्रेन के लोगों का सम्मान करती है।’’उन्होंने कहा कि सभी सांसदों को यूएस कैपिटल में वीडियो के माध्यम से संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया है। यह तब सामने आया है जब कांग्रेस ने हाल ही में यूक्रेन के लिए आपातकालीन सैन्य और मानवीय सहायता के तहत 13.6 अरब डालर को मंजूरी दी थी। नेताओं ने कहा, "हम हाउस और सीनेट में राष्ट्रपति जेलेंस्की के संबोधन का स्वागत करने और यूक्रेन के लोगों को अपना समर्थन देने के लिए तत्पर हैं क्योंकि वे बहादुरी से लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं।’’ जेलेंस्की ने इस महीने की शुरुआत में हाउस और सीनेट के सांसदों के साथ वीडियो द्वारा बात की थी और अधिक सैन्य सहायता के लिए अनुरोध किया था।यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि देश को पता है कि वह उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल नहीं हो सकता। ब्रिटेन के नेतृत्व वाले संयुक्त अभियान बल (जेईएफ) के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि ‘‘हमने नाटो के कथित रूप से खुले दरवाजे के बारे में वर्षों से सुना है’’, लेकिन ‘‘हम पहले ही सुन चुके हैं कि हम इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे।’’उन्होंने कहा कि ‘‘यह सच है जिसे हमें पहचानना चाहिए, और मुझे खुशी है कि हमारे लोग इसे महसूस करना शुरू कर रहे हैं और खुद पर और हमारे सहयोगियों पर भरोसा कर रहे हैं जो हमारी मदद कर रहे हैं।’’ जेईएफ में डेनमार्क, फिनलैंड, एस्टोनिया, आइसलैंड, लातविया, लिथुआनिया, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे शामिल हो सकते हैं। जेलेंस्की ने फिर से पश्चिमी सहयोगियों से यूक्रेन को युद्धक विमान उपलब्ध कराने का आग्रह किया।इनपुट-भाषाअमितशाहऔरअजितडोवलकीजोड़ीनेकैसेआर्टिकल370कोबनादियाइतिहासShrikant Tyagi: अदालत जाते समय श्रीकांत त्यागी के लिए अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा की मांग, परिवार ने बताया जान को खतरा******Highlightsजेल में बंद श्रीकांत त्यागी के परिवार ने उसकी जान को खतरा बताते हुए अदालत की सुनवाई के दौरान उन्हें अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। त्यागी की पैरवी कर रहे वकील सुशील भाटी ने बताया कि उसके परिवार ने हाल में स्थानीय गौतम बुद्ध नगर अदालत से उसकी सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया था। भाटी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अदालत ने त्यागी की सुरक्षा बढ़ाने की अनुमति दे दी थी। अतिरिक्त सुरक्षा का ब्योरा जेल नियमों के अनुसार तय किया जाएगा।’’त्यागी 9 अगस्त को हुआ था गिरफ्तारनोएडा की एक महिला के साथ मारपीट और अपशब्द कहने वाले कथित वीडियो के सामने आने के बाद त्यागी को गिरफ्तार किया गया था। नोएडा पुलिस ने त्यागी (34) को नौ अगस्त को मेरठ से गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।त्यागी पर गैंगस्टर अधिनियम के अलावा कई मामले दर्जगैंगस्टर अधिनियम के अलावा त्यागी पर उसकी कारों पर ऐसे स्टिकर और राज्य सरकार के प्रतीक का उपयोग करने के आरोप में धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया था, जो केवल विधानसभा सदस्यों को जारी किए जाते हैं। त्यागी को भाजपा का पदाधिकारी बताया गया था। हालांकि, पार्टी ने उसके साथ संबंधों से इनकार किया था।

नवीनतम उत्तर (2)
2022-10-01 04:39
उद्धरण 1 इमारत
दिल्ली: गार्गी कॉलेज में छेड़खानी के सभी 10 आरोपियों को राहत, साकेत कोर्ट से मिली जमानत******दिल्ली के गार्गी कॉलेज में 6 फरवरी को आयोजित फेस्ट के दौरान छात्राओं से छेड़खानी के सभी 10 आरोपियों को जमानत मिल गई है। आज दिल्ली के साकेत कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सभी 10 आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।बता दें कि दिल्ली के गार्गी कॉलेज में 6 फरवरी को कल्चरल फेस्ट चल रहा था। तभी कुछ असमाजिक तत्वों ने कॉलेज का गेट लांघ लिया। छात्राओं का आरोप है कि इन लोगों ने छात्राओं के साथ अभद्रता की। ये सभी शराब पिए हुए थे।मामला मीडिया में उछलने के बाद दिल्ली पुलिस ने 10 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। लेकिन आज साकेत कोर्ट ने इन सभी को जमानत दे दी। इन सभी को 10000 रुपए के मुचलके पर जमानत दी गई है।
2022-10-01 04:32
उद्धरण 2 इमारत
Yoga to Reduce Cholesterol: बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में ये योगासन हैं असरदार, मोटापा भी होगा कम******Highlights: बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। कोलेस्ट्रॉल आपके दिल के लिए काफी रिस्की हो सकता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सही रहे, इसके लिए अच्छी डाइट के साथ अच्छी नींद लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन, अगर आपने नियमित रूप ये योग करना शुरू कर दिया तो शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए कोलेस्ट्रॉल लेवल को आराम से कम किया जा सकता है।सूर्य नमस्कार में 8 योगासन हैं। उन्हें करने से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। पेट की मसल्स की एक्सरसाइज करने से अनचाहा कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है। पर ध्यान रखें कि सूर्य नमस्कार को कभी जल्दबाजी में न करें। योग करने के बाद शरीर गर्म हो जाता है और मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाती है। इसलिए सूर्य नमस्कार करने के तुरंत बाद नहाने से भी बचना चाहिए।कपालभाती को शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को निकालने के लिए जाना जाता है। कपालभाती कोलेस्ट्रॉल को कम करने में काफी अच्छी साबित हो सकती है। इससे मोटापा भी कंट्रोल होता है। इसे करने के लिए सीधा बैठकर लम्बी और गहरी सांस लेते हुए पेट को अंदर की तरफ खींचे। उसे लगातार करें और थकावट होने पर रोक दें। ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, प्रेग्नेंसी और पीरियड्स के दौरान कपालभाति प्राणायाम करने से बचना चाहिए।संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है सर्वांगासन। 'सर्व' का अर्थ है संपूर्ण; 'अंग' का अर्थ है शरीर के अंग, जबकि आसन का अर्थ है योग मुद्रा। इसलिए इस आसन का अर्थ है संपूर्ण शरीर के अंगों के लिए योग मुद्रा। यह आसन शरीर के सभी अंगों को फायदा पहुंचाता है। लेकिन बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सर्वांगासन योग क्रिया बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इस तरह के योग से शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। इसे करने के लिए पैरों को पीठ के बल ऊपर उठाएं, और पूरा भार कंधों, सिर और कोहनियों पर डालें। इस आसन को हर्निया की समस्या होने पर, चोट लगने पर, थायराइड और दिल की समस्या होने पर ना करें।चक्र का अर्थ होता है पहिया, इस आसन को करने पर शरीर की आकृति चक्र के सामान नजर आती है इसलिए इस आसन को चक्रासन कहा जाता है। इस आसन को करने से पेट के सभी अंगों की मसाज होती है और कब्ज की समस्या से भी निजात मिलती है। चक्रासन लिवर के कामकाज में सुधार कर एक्स्ट्रा फैट और कोलेस्ट्रॉल से छुटकारा दिलाता है।
2022-10-01 04:19
उद्धरण 3 इमारत
प्री बोर्ड परीक्षा पास करने वालों को ही मिलेगा एडमिट कार्ड? जानिए सच्चाई****** केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड () के स्कूलों में इस बार दो बार प्री बोर्ड परीक्षा आयोजित कराने का फैसला लिया गया है। यह प्री बोर्ड परीक्षाएं जनवरी के बाद मार्च में भी करवाई जाएंगी। इसमें जो स्टूडेंट्स जनवरी में होने वाली सीबीएसई प्री बोर्ड टेस्ट में शामिल नहीं हो पाएंगे वे मार्च में होने वाले प्री बोर्ड टेस्ट में शामिल होंगे। वहीं, कई न्यूज़ आर्टिकल में यह दावा किया जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक़ प्री बोर्ड एग्जाम में स्टूडेंट्स को पास होना जरूरी होगा। यह परीक्षा पास होने पर ही स्टूडेंट्स को बोर्ड की वार्षिक परीक्षा का एडमिट कार्ड मिलेगा। लेकिन आपको बता दें कि ये खबरें पूरी तरह फर्जी हैं। इस दावे को लेकर प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक विंग ने जांच की।PIB की फैक्ट चेक विंग ने न्यूज़ आर्टिकल में किए गए इस दावे को गलत बताया। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल (@PIBFactCheck) से किए गए ट्विट में विंग ने लिखा, "एक खबर में दावा किया जा रहा है कि प्री बोर्ड की परीक्षाओं में पास होने वाले विद्यार्थियों को ही बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड दिए जाएंगे। यह दावा फ़र्ज़ी है। सीबीएसई ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।''इंफो ग्राफिक्स शेयर करते हुए PIB की फैक्ट चेक विंग ने साफ-साफ लिखा कि प्री बोर्ड में फेल होने के कारण एडमिट कार्ड न दिए जाने का दावा करने वाली खबर फ़र्ज़ी है।
वापसी