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Earthquake in Jaipur: जयपुर में भूकंप, घरों से बाहर निकल आए लोग, जानिए कितनी थी तीव्रता

2022-10-01 05:47:09 889

जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताMonkeyPox News: आंध्र प्रदेश में मंकीपॉक्स का पता लगाने के लिए पहला स्वदेशी किट पेश किया******Highlightsमंकीपॉक्स की टेस्टिंग के लिए पहला स्वदेशी निर्मित RT-PCR किट आंध्र प्रदेश के मेडटेक जोन में शुक्रवार को पेश किया गया। ट्रांस एशिया बायो मेडिकल्स द्वारा विकसित इस किट का अनावरण, केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने किया। ट्रांस एशिया एरबा मंकीपॉक्स RT-PCR किट बेहद संवेदनशील किंतु इस्तेमाल में आसान है। ट्रांस एशिया के संस्थापक अध्यक्ष सुरेश वजीरानी ने कहा कि इस किट की सहायता से संक्रमण का जल्दी पता लगया जा सकेगा।मंकीपॉक्स के उपचार में इस कारण आ रही बाधाशोधकर्ताओं की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम के नेतृत्व में एक समीक्षा के अनुसार, मंकीपॉक्स पर हाई क्वालिटी, अप टू डेट क्लिनिकल Guidance की कमी दुनियाभर में संक्रमण के प्रभावी और सुरक्षित उपचार में बाधा उत्पन्न कर रही है। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड, ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा मार्गदर्शन में पर्याप्त विवरण का अभाव है, यह विभिन्न समूहों को शामिल करने में विफल है और विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन्स स्पष्ट न होने से मंकीपॉक्स के रोगियों का इलाज करने वाले चिकित्सकों के बीच अनिश्चितता है, जो रोगी की देखभाल को प्रभावित कर सकती है। टीम ने अक्टूबर 2021 के मध्य से मई 2022 के बीच कई भाषाओं में प्रकाशित प्रासंगिक सामग्री के लिए छह प्रमुख शोध डेटाबेस की खोज की।'मंकीपॉक्स' नाम कैसे पड़ा?1958 में पहली बार 'मंकीपॉक्स' वायरस नाम दिया गया था। प्रमुख प्रकारों की पहचान उन भौगोलिक क्षेत्रों द्वारा की गई थी। जहां इसका प्रकोप हुआ था। डब्ल्यूएचओ ने जुलाई के अंत में आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि बहु-देशीय मंकीपॉक्स का प्रकोप इस समय अंतरराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बन गया है। बुधवार को प्रकाशित मंकीपॉक्स के प्रकोप पर डब्ल्यूएचओ की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 89 देशों और क्षेत्रों में अब तक 27,814 प्रयोगशाला-पुष्टि के मामले सामने आए हैं। इस बीमारी से 11 मौतें हुई हैं, जिनमें यूरोप और अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रतादेश में 18 से 59 वर्ष के लोगों को पहले दिन लगाए गए कुल 9,674 बूस्टर डोज****** देश में 18 से 59 वर्ष के लोगों को रविवार को पहले दिन कोविड-19 टीके की कुल 9,674 बूस्टर डोज लगाई गई और इसी के साथ देशभर में दी गई खुराकों की कुल संख्या बढ़कर 185.74 करोड़ हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। जिन लोगों को दूसरी खुराक लिए नौ महीने पूरे हो गए हैं, वे बूस्टर डोज ले सकते हैं। मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि 12 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के 2.22 करोड़ (2,22,67,519) बच्चों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शनिवार को कहा था कि जिस टीके की पहली और दूसरी खुराक लगी होगी, एहतियाती खुराक भी उसी टीके की लगाई जाएगी और निजी टीकाकरण केंद्र टीके की कीमत के अलावा सेवा शुल्क के तौर पर 150 रुपये अतिरिक्त ले सकते हैं।राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह भी सूचित किया गया था कि बूस्टर डोज के लिए किसी नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि सभी लाभार्थी पहले से ही कोविन पर पंजीकृत हैं। सभी टीकाकरण अनिवार्य रूप से कोविन मंच पर दर्ज किए जाएंगे और 'ऑनलाइन पंजीकरण और वॉक-इन पंजीकरण' एवं टीकाकरण के दोनों विकल्प निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) पर उपलब्ध होंगे। निजी सीवीसी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण स्थलों का रखरखाव करेंगे।सेवा शुल्क के रूप ले सकते हैं 150 रुपएकेंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था, 'वे (सीवीसी) टीकाकरण के लिए सेवा शुल्क के रूप में टीके की कीमत के अलावा प्रति खुराक अधिकतम 150 रुपये तक शुल्क ले सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'एहतियाती खुराक के लिए उसी टीके का इस्तेमाल किया जाएगा जो पहली और दूसरी खुराक के टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किया गया था।' भूषण ने रेखांकित किया था कि स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम मोर्चे के कर्मी और 60 साल एवं उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर एहतियाती खुराक का टीकाकरण जारी रहेगा, जिसमें सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त टीकाकरण भी शामिल है।देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। अग्रिम मोर्चा के कर्मियों का टीकाकरण पिछले साल दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल एक मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारी से ग्रस्त 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू हुआ था। भारत ने पिछले साल एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। इसके बाद सरकार ने पिछले साल एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड रोधी टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया था। टीकाकरण का अगला चरण तीन जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ। भारत ने 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम मोर्चा के कर्मियों और 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक (बूस्टर डोज ) देना शुरू किया। देश ने 16 मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया। इनपुट-भाषाजयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताQ1 Results: Wipro का मुनाफा 12.5% बढ़कर हुआ 2,387 करोड़ रुपए, यस बैंक का लाभ 92 प्रतिशत से ज्‍यादा लुढ़का******Wipro Q1 net up 12.5 pc at Rs 2,387.6 cr, Yes Bank June net down 92 pcआईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी का चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 12.5 प्रतिशत बढ़कर 2,387.6 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी ने वर्ष की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर के लिए 2 प्रतिशत क्रमबद्ध राजस्व वृद्धि की उम्मीद जताई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान, कंपनी की कुल एकीकृत आय करीब 5 प्रतिशत बढ़कर 15,566.6 करोड़ रुपए रही। वहीं, समीक्षाधीन अवधि के दौरान उसकी आय 5.3 प्रतिशत बढ़कर 14,716.1 करोड़ रुपए रही। एक साल पहले की अप्रैल-जून तिमाही में यह आंकड़ा 13,977.7 करोड़ रुपए रहा था। विप्रो की आईटी सेवाओं से आय सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत बढ़कर 203.88 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने इससे पहले आईटी सेवाओं से राजस्व के 204.6 करोड़ डॉलर से 208.7 करोड़ डॉलर के बीच रहने की संभावना जताई थी।विप्रो को आगामी जुलाई-सितंबर तिमाही में आईटी सेवाओं से आय 203.9 करोड़ डॉलर से 208.0 करोड़ डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद है। पहली तिमाही के मुकाबले यह दो प्रतिशत तक अधिक है।विप्रो के मुख्य वित्त अधिकारी जतिन दलाल ने कहा कि हमारा आईटी सेवा मार्जिन 18.4 प्रतिशत और मुक्त पूंजी प्रवाह हमारी शुद्ध आय का 98.8 प्रतिशत रहा। हमने इस साल धीमी शुरुआत की। हालांकि, हम परिचालन पर ध्यान देते रहेंगे और भविष्य के लिए कौशल एवं क्षमताओं में निवेश करना जारी रखेंगे। कंपनी ने कहा कि वह पूर्व में घोषित 10,500 करोड़ रुपये के पुनर्खरीद प्रस्ताव को पूरा करेगी।सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी माइंडट्री का एकीकृत शुद्ध लाभ 30 जून 2019 को समाप्त तिमाही में 41.4 प्रतिशत घटकर 92.7 करोड़ रुपए रहा।माइंडट्री ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी तिमाही में उसे 158.2 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था।कंपनी की आय 2019-20 की अप्रैल-जून में 11.9 प्रतिशत बढ़कर 1,834.2 करोड़ रुपए रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,639.5 करोड़ रुपए थी।डॉलर संदर्भ में कंपनी का शुद्ध लाभ आलोच्य तिमाही में 42.7 प्रतिशत घटकर 1.34 करोड़ डॉलर रहा। वहीं आय 9.4 प्रतिशत बढ़कर 26.42 करोड़ डॉलर रही।निजी क्षेत्र के येस बैंक का चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 92.4 प्रतिशत गिरकर 95.56 करोड़ रुपए रह गया।इससे एक साल पहले इसी तिमाही में बैंक को 1,265.67 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ था। निजी क्षेत्र के इस बैंक को इससे पहले पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही जनवरी-मार्च 2019 में पहली बार 1,508.44 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल एकीकृत आय बढ़कर 9,105.79 करोड़ रुपए रही। इससे पहले 2018-19 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 8,301.06 करोड़ रुपए था। एकल आधार पर, बैंक का शुद्ध लाभ 2019-20 की पहली तिमाही में 91 प्रतिशत गिरकर 113.76 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की इसी अवधि में उसे 1,260.36 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था।इस दौरान, उसकी एकल आय बढ़कर 9,088.80 करोड़ रुपए रही, जो कि एक साल पहले की अप्रैल-जून तिमाही में 8,272.18 करोड़ रुपए थी।परिसंपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में, बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) 2019-20 की पहली तिमाही में बढ़कर 5.01 प्रतिशत रही, जो कि जून 2018 को समाप्त तिमाही में 1.31 प्रतिशत थी।इस दौरान, शुद्ध एनपीए भी 0.59 प्रतिशत से बढ़कर 2.91 प्रतिशत हो गया।

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जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रतामुंबई: फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण एक की मौत, दो अस्पताल में भर्ती****** महाराष्ट्र में एक फैक्ट्री में गैस रिसाव की घटना घटी है। सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई में गैस रिसाव के कारण एक कर्मचारी की मौत हो गई है जबकि दो लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनका इलाज अभी जारी है। हालांकि, दोनों की स्थिति अभी स्थिर बनी हुई है। डॉक्टर्स लगातार उनकी जांच कर रहे हैं।न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर इलाके में सोमवार की सुबह गैस के रिसाव से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नगरपालिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना नारायण नगर के कुर्ला इंडस्ट्रियल एस्टेट में सुबह करीब 8.15 बजे हुई, जब वहां मेथनॉल और सायन्यूरिक क्लोराइड का रिसाव हो गया।अधिकारी ने बताया कि तीन लोगों को पास के राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उनमें से एक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामनिवास सरोज (36) के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि दो अन्य लोगों की पहचान रुबिन सोलकर (36) और सर्वेश सोनवणे (25) के रूप में हुई है। इनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारी ने यह भी बताया कि गैस रिसाव के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताक्रिसल ने आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.1% किया, 5 दिसंबर को RBI नीतिगत दर की करेगा घोषणा******RBI वित्तीय साख निर्धारित करने वाली एजेंसी क्रिसिल ने चालू वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अपने अनुमान को काफी कम कर 5.1 प्रतिशत कर दिया है। इससे पूर्व में उसने वृद्धि 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। अन्य शोध कंपनी डन एंड ब्राड स्ट्रीट ने कहा है कि निकट भविष्य में भारत की आर्थिक वद्धि दर नरम बनी रह सकती है। ने यह बात ऐसे समय कही है जब आरबीआई पांच दिसंबर को नीतिगत दर की घोषणा करने वाला है। रिजर्व बैंक (एमपीसी) की मौद्रिक नीति समीक्षा के लिए 3-5 दिसंबर को बैठक होगी। क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है। रेटिंग एजेंसी ने का आंकड़ा आने के कुछ दिन बाद ही यह अनुमान जताया है। पिछले सप्ताह शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही। इससे पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में वृद्धि दर 4.75 प्रतिशत रही जो कई साल का न्यूनतम स्तर है।एजेंसी ने शोध रिपोर्ट में कहा, 'औद्योगिक उत्पादन, वस्तु निर्यात, बैंक कर्ज उठाव, कर संग्रह, माल का आना-जाना और बिजली उत्पादन जैसे प्रमुख अल्पकाली संकेतक वृद्धि में नरमी का इशारा कर रहे हैं।' हालांकि दूसरी छमाही में वृद्धि दर में हल्की तेजी की उम्मीद है।क्रिसिल के अनुसार 2019-20 की दूसरी छमाही में वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो पहली छमाही में 4.75 प्रतिशत थी। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने अक्टूबर महीने में मौद्रिक नीति समीक्षा में जीडीपी के अनुमान को संशोधित कर 6.9 से कम कर 6.1 प्रतिशत कर दिया।ऐसी संभावना है कि पांच दिसंबर को नीतिगत दर में कमी कर सकता है। आर्थिक वृद्धि को गति देने तथा नकदी की स्थिति बढ़ाने के लिये इस साल अबतक पांच बार रेपो दर में कुल 1.35 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है।इसी तरह बाजार शोध कंपनी डन एंड ब्राडस्ट्रीट ने भी एक रिपोर्ट में कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि दर निकट भविष्य में नीचे रह सकती है क्योंकि नरमी और गहरा गयी है। इसमें यह भी कहा है कि यह नरमी उम्मीद के विपरीत लंबे समय तक रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार चूंकि निवेश नरम बनी हुई है, ऐसे में औद्योगिक उत्पादन में तेजी धीमे-धीमे गति पकड़ेगी। इतना ही नहीं हाल में आयी बाढ़ तथा कृषि उत्पादन कम रहने से ग्रामीण क्षेत्र में मांग प्रभावित रह सकती है। डन एंड ब्राडस्ट्रीट के अनुसार वाहन से लेकर रीयल एस्टेट दबाव में है और यह कंपनियों के लाभ मार्जिन और सरकार के राजस्व संग्रह पर दिख रहा है।जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताMaharashtra Politics: सुप्रीम कोर्ट में आज नहीं होगी महाराष्ट्र मामले की सुनवाई, तब तक उद्धव गुट को अयोग्य नहीं कर सकेंगे स्पीकर******सुप्रीम कोर्ट में आज महाराष्ट्र मामले की सु​नवाई नहीं होगी। कोर्ट अभी बेंच का गठन करेगी। उसके बाद मामले की लिस्टिंग होगी। सुप्रीम कोर्ट ने Disqualification की सभी कार्रवाई पर रोक लगाई। चीफ जस्टिस ने कहा कि महाराष्ट्र मामले की सुनवाई अब संवैधानिक बेंच करेगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुराने स्पीकर द्वारा न ही शिंदे ग्रुप के विधायकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई और न ही नए स्पीकर द्वारा उद्धव ग्रुप के विधायकों पर कार्रवाई होगी। यह रोक अगली सुनवाई तक जारी रहेगी।उद्धव गुट आज ही सुनवाई की कर रहा था मांगवहीं उद्धव गुट सुनवाई की मांग कर रहा था। महाराष्ट्र विधानसभा के प्रधान सचिव राजेंद्र भागवत ने SC में जवाब दाखिल किया। कहा कि 3 जुलाई को राहुल नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है। अब उन्हें अयोग्यता का मामला देखना है। ऐसे में डिप्टी स्पीकर की तरफ से भेजे नोटिस को चुनौती देने वाली विधायकों की याचिका का SC निपटारा कर दे।विधायकों को जारी हुए थे कारण बताओ नोटिसहाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा के सचिवालय ने शिवसेना के 55 विधायकों में से 53 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इन 53 विधायकों में से 39 विधायक एकनाथ शिंदे के गुट में शमिल हैं और 14 विधायक उद्धव ठाकरे के गुट में शमिल हैं। हालांकि ठाकरे गुट के 14 विधायकों में से संतोष बांगर शक्ति परीक्षण के दिन शिंदे गुट में शमिल हो गए थे, उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।दोनों गुटों ने जारी किए थे अलग-अलग व्हिपइससे पहले दोनों गुटों ने 3-4 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव और विश्वासमत के प्रस्ताव पर अलग-अलग व्हिप जारी किये थे। जिसके बाद दोनों गुटों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए दोनों पक्षों के विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। शिंदे खेमे ने उन विधायकों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का नाम शामिल नहीं किया है, जिन्हें उन्होंने अयोग्य ठहराने की मांग की है। नोटिस महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य दल-बदल के नियमों के तहत जारी किए गए हैं। विधायकों को सात दिन के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है।वहीं खबर आ रही है कि विधायकों के शिंदे गुट में शमिल होने के बाद अब सांसदों में भी फूट होने वाली है। इस बारे में पिछले दिनों दिल्ली में एक बैठक भी हुई थी। खबर है कि इस बैठक में बीजेपी से गठबंधन की बात कही गई है। और बारे में उद्धव ठाकरे को सूचित भी किया गया। लेकिन उद्धव गुट के एक सांसद संजय मांडलिक ने इससे इंकार किया है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे एक सांसद बेटे और एक-दो और सांसदों के अलावा सभी सांसद पार्टी के साथ हैं और कोई फूट नहीं होने वाली है।

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जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताCNG की बढ़ती कीमतों के खिलाफ ऑटो, कैब ड्राइवर्स का हल्ला बोल, इस दिन से करेंगे हड़ताल******Highlightsदेश में सीएनजी की कीमतें बढ़ने से ऑटो, कैब और टैक्सी ड्राइवरों की नाराज़गी देखने को मिल रही है। ड्राइवरों का कहना है कि अगर सरकार ईंधन पर सब्सिडी नहीं देती है या किराया नहीं बढ़ाती है तो वह 18 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।ऑटो, कैब और टैक्सी ड्राइवर्स की एसोसिशन केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ शुक्रवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा, एसोसिशन सीएनजी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ 11 अप्रैल को दिल्ली सचिवालय पर भी धरना देंगे।सर्वोदय ड्राइवर वेल्फेयर एसोसिएसन के सदस्य रवि राठौर ने दावा किया कि उनके साथ 4 लाख सदस्य हैं। अगर उनकी मांगों को सरकार ने पूरा नहीं किया तो सीएनजी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत सीएनजी के दाम कम करें, अगर ऐसा करना संभव नहीं है तो किराए में बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए, जिससे घाटे को पूरा किया जा सके।राठौर ने 'पीटीआई' से बात करते हुए बताया, 'OLA और Uber की कीमतों में पिछले 7-8 सालों से बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। हम लोग कल अपने प्रदर्शन के दौरान ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी फैसला करेंगे।' दिल्ली ऑटो रिक्शन संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा, 'सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी बहुत ज्यादा है और इससे टैक्सी, कैब और ऑटो ड्राइवर के लिए परेशानी हो गई है।' बता दें, दिल्ली में करीब 1 लाख ऑटो रिक्शा हैं।सोनी ने आगे बताया, 'हमारी एसोसिएशन ने सीएनजी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र भी लिखा था। दिल्ली सरकार को प्रति किलोग्राम पर 35 रुपए सब्सिडी देनी चाहिए। हम लोगों की मांगें अगर पूरी नहीं होती हैं तो हम जंतर-मंतर और दिल्ली सचिवालय पर प्रदर्शन करेंगे।'जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताDwarka Voting Detail: दिल्ली की द्वारका विधानसभा सीट पर 59 प्रतिशत मतदान****** दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म हो चुका है। राजधानी की द्वारका विधानसभा सीट पर शाम 6.25 बजे तक करीब 59 फीसदी मतदान हो चुका है।द्वारका विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भी प्रद्युम्न राजपूत को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि आम आदमी पार्टी ने विनय मिश्रा पर दांव खेला है। कांग्रेस पार्टी ने इस बार आदर्श शास्त्री को टिकट दिया है जो पिछली बार आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी बनकर चुनाव जीते थे।2015 के विधानसभा चुनाव में द्वारका विधानसभा सीट से 14 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था और 12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। 2015 में द्वारका सीट पर कुल 67.76 प्रतिशत मतदान हुआ था और 134620 मतदाताओं ने वोट डाले थे। 2015 में द्वारका सीट से आम आदमी पार्टी के आदर्श शास्त्री की जीत हुई थी, उन्हें 79729 वोट मिले थे, दूसरे नंबर पर भाजपा के प्रद्युम्न राजपूत थे जिन्हें 40363 वोट मिले थे।

Earthquake in Jaipur: जयपुर में भूकंप, घरों से बाहर निकल आए लोग, जानिए कितनी थी तीव्रता

जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताUK Parliament Shut TikTok Account: चीन से संबंध का शक, ब्रिटेन की संसद ने नया टिकटॉक अकाउंट किया बंद******Highlightsब्रिटेन के कई सांसदों द्वारा संसद सदस्यों की जानकारी चीन के साथ शेयर किए जाने की आशंका जताते जाने के बाद ब्रिटिश संसद ने अपने टिकटॉक अकाउंट को बंद कर दिया। कुछ दिन पहले ही यह अकाउंट शुरू किया गया था। पिछले साल कई ब्रिटिश सांसदों ने संयुक्त रूप से 'हाउस ऑफ कॉमन्स' और 'हाउस ऑफ लॉर्ड्स' दोनों सदनों के अध्यक्षों को लिखकर 27 जुलाई से शुरू हुए खाते को बंद करने की मांग की।पत्र के मुख्य लेखक, पाकिस्तानी मूल के कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद नुस गनी ने ट्वीट कर इस पत्राचार की जानकारी दी। इसमें कहा गया था कि टिकटॉक के अधिकारी सांसदों को ये समझाने में विफल रहे कि कंपनी डेटा हस्तांतरण को रोक सकती है। संसद के एक प्रवक्ता ने कहा कि सदस्यों की प्रतिक्रिया के आधार पर हम ब्रिटेन की संसद के टिकटॉक खाते को बंद कर रहे हैं।हालांकि, टिकटॉक की मूल कंपनी चीन स्थित बाइटडांस है, लेकिन वह चीन की सरकार से संबंध को इनकार करती है। कंपनी का दावा है कि सभी डेटा अमेरिका और सिंगापुर में संग्रहीत है। टिकटॉक के एक प्रवक्ता ने कहा, "हालांकि यह निराशाजनक है कि संसद अब ब्रिटेन में टिकटॉक का उपयोग करने वाले लाखों लोगों से नहीं जुड़ पाएगी। हम संसद के उन सदस्यों को आश्वस्त करने के प्रस्ताव को दोहराते हैं।"पाकिस्तान ने कुछ महीने पहले टिकटॉक से फिर से प्रतिबंध हटा लिया। पाकिस्तान ने तब चार महीने बाद यह प्रतिबंध हटाया। वीडियो शेयर करने वाली चीन की लोकप्रिय सेवा ने आश्वासन दिए थे कि वह अश्लील सामग्री के प्रसारित होने पर नियंत्रण लगाएगी, जिसके बाद यह प्रतिबंध हटाया गया।पाकिस्तान ने किशोरों और युवाओं के बीच लोकप्रिय टिकटॉक पर सबसे पहले अक्टूबर 2020 में प्रतिबंध लगाया था। उसने कहा था कि उसे ऐप पर सामग्री कथित तौर पर अनैतिक, अश्लील और अशिष्ट पाए जाने को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। नियामक एजेंसी ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि टिकटॉक ने पाकिस्तान को आश्वासन दिया है कि वह उन उपयोगकर्ताओं को ब्लॉक करेगी जो गैरकानूनी सामग्री’ अपलोड करते हैं। चीन की बाइटडांस कंपनी की इस ऐप को पाकिस्तान में तकरीबन 3.9 करोड़ बार डाउनलोड किया गया।

जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताJharkhand News: नाबालिगों ने धर्म विशेष के खिलाफ सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट, हुई कार्रवाई******Highlightsझारखंड के धनबाद में दो नाबालिगों ने सोशल मीडिया पर एक समुदाय विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसे लेकर तनाव पैदा होने के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया है। धनबाद में निरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पीतांबर सिंह खवर ने बुधवार को बताया कि सोशल मीडिया पर एक धर्म विशेष के बारे में कुमारधुबी थाना क्षेत्र के दो नाबालिगों की कथित टिप्पणी मंगलवार को वायरल हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया।उन्होंने बताया कि खबर मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी दोनों नाबालिगों को मंगलवार रात को एहतियान हिरासत में ले लिया और उग्र लोगों को कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा देकर शांत कराया। कुमारधुबी थाने के प्रभारी ललन प्रसाद ने बताया इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।दोनों नाबालिगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। इससे पूर्व नाबालिगों की ओर से सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के बाद एक समुदाय के लोगों ने दोनों के घर पर हमला बोल दिया। खबर मिलते ही तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को भीड़ से बचाते हुए हिरासत में ले लिया।पुलिस ने बताया कि इसके बाद भीड़ थाने पहुंच गई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया। जावेद अख्तर नामक व्यक्ति ने दोनों आरोपी बच्चों के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताRajya Sabha चुनावों से पहले कांग्रेस के मंत्री Aslam Shaikh ने पूर्व पीएम अटल को किया याद, बीजेपी पर निशाना साधा******Highlights: महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता असलम शेख ने राज्यसभा चुनावों से पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस के विधायकों को रिजॉर्ट एवं अन्य जगहों पर ठहराने के सवाल पर शेख ने कहा कि यह सब बीजेपी की वजह से करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब इसी पार्टी में अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता थे जो कहते थे कि दूसरी पार्टी से नेता लेकर जीत हासिल नहीं करनी।असलम शेख ने वर्तमान राजनीतिक हालात पर बोलते हुए कहा, ‘बीते 8 सालों में बीजेपी ने देश की राजनीति में ऐसे हालात ला दिए हैं कि पार्टी को अपने विधायकों के लिए यह करना पड़ रहा है। लेकिन यह कितने शर्म की बात है कि इसी पार्टी के अटल बिहारी वाजपेयी थे जिन्होंने कहा था कि अगर अपनी पार्टी का नेता जीता तो ठीक वरना दूसरी पार्टी से नहीं लेना। लेकिन आज बीजेपी क्या कर रही है, यह पूरा देश देख रहा है।’असलम शेख ने कहा कि बात अपने विधायको को बचाने की नही है, यह बीजेपी को सोचना चाहिए कि ऐसे हालात क्यों हो गए? उन्होंने कहा, ‘पैसों से लेकर एजेंसियों तक का इस्तेमाल किया। गोवा में क्या हुआ? सारे मंत्रियों के हारने के बाद भी आज वहां सरकार किसकी है? यह फिर से हो सकता है, इसलिए हम सावधानी बरत रहे है।’ शेख ने साथ ही दावा किया कि में महा विकास अघाड़ी सरकार के पास 4सांसदों को चुनाव जीताने की संख्या है।असलम शेख ने कहा, ‘हमें किस बात का डर? जिन निर्दलियों और सहयोगी दलों ने हमारी सरकार को समर्थन दिया था, वे अब भी हमारे साथ हैं। किसी ने कोई पत्र दिया कि हम समर्थन वापस ले रहे हैं? तो ऐसे में बीजेपी जरूरी संख्या होने का दावा कैसे कर रही है?’ बता दें कि महा विकास आघाड़ी सरकार के सहयोगी दल बहुजन विकास आघाड़ी और समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।वहीं, कानपुर में हुई हिंसा पर बोलते हुए शेख ने कहा, ‘जिन लोगों ने कानून तोड़ा उनपर करवाई होनी चाहिए> तोड़फोड़ करने वाले, प्रॉपर्टी का नुकसान करने वाले लोगों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाए, लेकिन किस वजह से यह हुआ इसका भी ध्यान दिया जाए। बीजेपी की महिला नेता दूसरे धर्म के बारे में अपशब्द कैसे कह सकती हैं, जब उन्हें उस धर्म की जानकारी नहींय़ उनपर भी करवाई हो। सस्ती पब्लिसिटी और मीडिया में आने के लिए इस तरह की बातें करना क्या ठीक है? क्या बीजेपी इसपर कोई करवाई करेगी?’

जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताबिहार: 21 दिनों के बाद सामने आई नीतीश की तस्वीर, गमछा की जगह लगाया मास्क******आमतौर पर मुख्यमंत्रियों की तस्वीरों रोजाना अखबारों, टीवी चैनल्स या मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर आपको दिख जाएंगी। लेकिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार की कोई तस्वीर या वीडियो पिछले 21 दिनों से सामने नहीं आया था। 21 दिनों के बाद आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर सामने आई। आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कैबिनेट की बैठक के समय की नीतीश कुमार की तस्वीर जारी की गयी है। नीतीश कुमार का लोगों के सामने नहीं आने को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही थी।दरअसल, मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री की भतीजी समेत कई सुरक्षाकर्मियों को कोरोना होने की खबर के बाद से ही नीतीश कुमार की कोई तस्वीर नहीं आ रही थी। हर सप्ताह होने वाली कैबिनेट की बैठक भी पिछले तीन सप्ताह से नहीं हो रही थी। पहले की तस्वीरों में नीतीश कुमार मुंह पर गमछा लपेटे दिखते थे लेकिन आज वे पहली बार मास्क लगा कर बैठे दिखे।आपको बता दें कि बिहार में पिछले 24 घंटे के अंदर कोरोना से 11 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक कुल 232 लोगों की मौत हो चुकी है।जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताBihar Board: बिहार बोर्ड ने की 10वीं और 12वीं बोर्ड की तारीखों की घोषणा, 2 फरवरी से होंगी परीक्षाएं******BSEB class 10, 12 Bihar board exams 2021: बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड (BSEB) की बोर्ड परीक्षाओं की घोषणा कर दी गई है। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक और कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 से 21 फरवरी तक आयोजित करेगा। कक्षा 12 या इंटर की परीक्षा होगी दो सत्रों में आयोजित होगी। सुबह का सत्र सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दोपहर का सत्र 1:45 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। बोर्ड द्वारा आधिकारिक बयान के अनुसार, कक्षा 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 9 से 18 जनवरी के बीच होंगी।इसके अलावा छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट का 'कूल-ऑफ' समय दिया जाएगा। इस दौरान वे प्रश्नों को पढ़ सकते हैं और तदनुसार उत्तर की योजना बना सकते हैं। स्कूलों में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों के लिए एक आंतरिक मूल्यांकन भी होगा। इन विषयों के लिए अंक साक्षरता गतिविधियों और परियोजना के काम के आधार पर दिए जाएंगे।17 फरवरी - विज्ञान18 फरवरी - गणित19 फरवरी - सामाजिक विज्ञान20 फरवरी - अंग्रेजी22 फरवरी - मातृभाषा23 फरवरी - दूसरी भाषा24 फरवरी - वैकल्पिक विषययहां तक ​​कि CBSE, CISCE, और अन्य राज्य बोर्डों सहित कई बोर्डों ने अपने परिणाम स्थगित कर दिए थे, 2020 में परिणाम घोषित करने की महामारी के बीच बिहार बोर्ड भारत का पहला बोर्ड बन गया है। बीएसईबी इंटर के परिणाम में, कुल पास प्रतिशत 80.44 प्रतिशत था।वाणिज्य में 93.26 प्रतिशत छात्र पास हुए जबकि विज्ञान में 77.39 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए और कला में यह प्रतिशत 81.44 था।

जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताToyota ने पेश किया Innova Crysta का लिमिटेड एडिशन, कीमत है 17.18 लाख रुपये से शुरू******Toyota Kirloskar drives in Innova Crysta Limited Edition at Rs 17.18 lakh टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (Toyota Kirloskar ) ने अपने बहुउद्देश्यीय वाहन (MPV) इनोवा क्रिस्टा (Innova Crysta) का सीमित संस्करण पेश किया है, जिसकी शोरूम कीमत 17.18 लाख रुपये से 20.35 लाख रुपये के बीच है। कार के पेट्रोल संस्करण की कीमत 17.18 लाख रुपये से 18.59 लाख रुपये के बीच है, जबकि डीजल संस्करण की कीमत 18.99 लाख रुपये से 20.35 लाख रुपये के बीच है।यह सीमित संस्करण मॉडल मल्टी टेरेन मॉनिटर, हेड अप डिस्प्ले, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, वायरलेस चार्जर, डोर एज लाइटिंग और एयर आयनाइजर जैसी कई विशेषताओं के साथ पेश किया गया है। कंपनी ने देश में अभी तक 9 लाख इनोवा इकाई की बिक्री की है।टीकेएम के एसोसिएट महाप्रबंधक (एजीएम), बिक्री एवं रणनीतिक विपणन, वी डब्ल्यू सिगामणि ने एक बयान में कहा कि इनोवा बाजार में पेश किए जाने के बाद से निर्विवाद रूप से एमपीवी वर्ग में अग्रणी रही है, जिससे यह हमारे प्रमुख उत्पादों में से एक बन गई है। यह हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि हम अपने उत्पादों को लगातार बदलते रुझानों, आवाजाही की जरूरतों और ग्राहकों की प्राथमिकताओं के अनुरूप उन्नत करें।ऑनलाइन वाहन बुकिंग सुविधा देने वाले मंच ओला ने कंपनी का पुनर्गठन किया है और अपने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिकाओं का विस्तार किया है। कंपनी ने वाहन कारोबार को मजबूत बनाने तथा नये अवसरों का लाभ उठाने के प्रयास के तहत ये कदम उठाये हैं। ओला के मुख्य वित्त अधिकारी एस सौरभ और मुख्य परिचालन अधिकारी गौरव पोरवाल कंपनी छोड़ रहे हैं। ओला के चेयरमैन और समूह सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) भाविश अग्रवाल ने अपने कर्मचारियों को ई-मेल के जरिये बदलाव के बारे में सूचना दी है।उन्होंने ई-मेल में लिखा है कि पिछले एक साल में हमने अपने वाहन कारोबार को नया रूप दिया है। इसका मकसद इसे अधिक मजबूत और संरचानात्मक रूप से दक्ष बनाना है। साथ ही मजबूत वृद्धि और कोविड-पूर्व स्तर पर तेजी से लौटने में सक्षम बनाना है।’’ उन्होंने कहा कि ओला का वाहन वाणिज्य कारोबार- ओला कार्स, एक बड़ा संचालन बनने की ओर तेजी से बढ़ा है। इसके वितरण और वित्तीय सेवा कारोबार महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम ओला के अगले चरण की वृद्धि को लेकर काफी सकारात्मक हैं। इसी को ध्यान में रखकर हम अपने संगठन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर रहे हैं, इससे हमें उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।बदलाव के तहत ओला डिलिवरी कारोबार के सीईओ विनय भोपाटकर अब ‘मोबिलिटी बिजनेस’ के चालक और आपूर्ति परिवेश की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। ओला के मुख्य विपणन अधिकारी अंशुल खंडेलवाल आय को गति देने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। ओला कार्स के सीईओ अरुण सरदेशमुख अपनी भूमिका में बने रहेंगे। जबकि समूह के सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) अरुण कुमार जीआर वित्तीय कार्यों को देखते रहेंगे और ओला के वित्त से जुड़े सभी प्रमुख अधिकारी अब सीधे उन्हें रिपोर्ट करेंगे।अग्रवाल ने कहा कि मुख्य वित्त अधिकारी एस सौरभ और मुख्य परिचालन अधिकारी गौरव पोरवाल कंपनी छोड़ रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि ओला एक से 1.5 अरब डॉलर (7,324-10,985 करोड़ रुपये) का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) लाने की तैयारी में है। कंपनी इस संदर्भ में विवरण पुस्तिका दिसंबर तिमाही में बाजार नियामक सेबी के पास जमा कर सकती है। इस पर वह सिटीबैंक और कोटक महिंद्रा बैंक समेत कुछ बैंकों के साथ काम कर रही है। हालांकि, कंपनी ने आईपीओ को लेकर कोई समयसीमा नहीं बताई है।जयपुरमेंभूकंपघरोंसेबाहरनिकलआएलोगजानिएकितनीथीतीव्रताभारत में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 125 करोड़ के पार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी******Highlightsभारत में कोविड-19 की अब तक दी गई खुराक की कुल संख्या बुधवार को 125 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को शाम सात बजे तक टीकों की 71,55,049 खुराक दी गई। मंत्रालय ने कहा कि प्रतिदिन लगाये जाने वाले टीकों की खुराक की बुधवार की संख्या अंतिम रिपोर्ट के संकलन के बाद देर रात तक बढ़ सकती है। मंत्रालय द्वारा सुबह में यह आंकड़ा जारी किया जाएगा।बता दें कि देश में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू हुआ था। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को टीका दिया गया था और दो फरवरी से अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को टीका देना शुरू किया गया था। इसके बाद देश में एक मई से 18 साल की उम्र से अधिक के सभी लोगों को टीका देने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। अभी देश में 18 साल के कम के युवाओं और बच्चों के अलावा सभी का वैक्सीनेशन किया जा रहा है।कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट ने इस समय पूरी दुनिया की सरकारों के साथ-साथ आम जनता की नींद उड़ा रखी है। दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले मिले इस वेरिएंट के बारे में जो शुरुआती जानकारी मिली है, उसमें इसे काफी संक्रामक बताया है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट वैक्सीन से पैदा हुए इम्यून सिस्टम को भी बेधने में सक्षम है। हालांकि इस बारे में अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है और इस वेरिएंट से जुड़ी बहुत सी बातें सामने आना अभी बाकी है।कोरोना रोधी वैक्सीन कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की क्षमता को जांचने में अभी 2-3 हफ्ते का वक्त लग सकता है। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना ठीक नहीं होगा कि यह वेरिएंट ज्यादा या कम खतनाक है। वहीं, कोरोना के देसी टीके कोवैक्सीन को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि उसने ओमिक्रॉन के खिलाफ वैक्सीन के असर को लेकर स्टडी शुरू कर दी है। उसने कहा कि कोवैक्सीन को कोरोना के सबसे शुरुआती वुहान वेरिएंट के खिलाफ विकसित किया गया था।वहीं, दक्षिण अफ्रीका के एक डॉक्टर ने कहा है कि इस वेरिएंट से संक्रमित लोगों में आमतौर पर सूखी खांसी, बुखार, रात को पसीना आना, शरीर में दर्द होना जैसे हल्के लक्षण ही देखने को मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमितों में से टीका ले चुके लोगों की स्थिति टीका नहीं लेने वालों से बहुत बेहतर है। वहीं, ब्रिटेन के शीर्ष वैज्ञानिकों ने कहा था कि ओमिक्रॉन कोई आपदा नहीं है और टीके अब भी इससे होने वाली बीमारी से बचाव कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि हमें लगता है कि स्थिति को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।ओमिक्रॉन को अब तक का सबसे तेज म्यूटेशन वाला वायरस कहा जा रहा है। इसके स्पाइक प्रोटीन में ही 30 म्यूटेशन हो चुके हैं। स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही वायरस इंसान की कोशिकाओं में घुसने के रास्ते को खोलता है। कोरोना का टीका स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ ही एंटीबॉडी तैयार करके शरीर को इसके खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करती है। वहीं, मौजूदा वैक्सीन को चीन के वुहान में मिले कोरोना वायरस के खिलाफ तैयार किया गया था, इसलिए अब इस बात की आशंका जताई जा रही है कि हो सकता है कि नए वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन उतनी काम न करे।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दुनिया को नई वैक्सीन की जरूरत होगी? इसका जवाब यही है कि अभी तक इस वेरिएंट के बारे में इतनी कम जानकारी मिल पाई है कि कुछ भी कहना मुश्किल है। हो सकता है कि मौजूदा वैक्सीन काफी हद तक ओमिक्रॉन के खिलाफ कारगर साबित हों। वहीं, यह भी एक तथ्य है कि वेक्सीन को लेकर लगातार अनुसंधान चल रहे हैं और उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में दुनिया के सामने बेहतर से बेहतरीन वैक्सींस आएंगी।

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2022-10-01 05:49
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Highlights, ICC U19 WC Quarter-Final, IND vs BAN: अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा भारत, बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया******भारतीय टीम आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2022 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। वेस्टइंडीज के कूलीज में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ भारत ने 2020 विश्व कप के फाइनल में मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया। सेमीफाइनल में भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 111 रन बनाए। 112 रनों के लक्ष्य को भारत ने 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। रवि कुमार को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
2022-10-01 03:38
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मृत्यु दर और गंभीर मामले अगर कम हैं तो COVID 19 के मामलों का बढ़ना चिंता की बात नहीं: विशेषज्ञ****** गुजरात के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी तबतक चिंता की बात नहीं है जबतक कि सीरियस मरीजों की संख्या और इससे होनेवाली मृत्युदर कम है। इन लोगों का यह भी मानना है कि इस महामारी को बेहतर ढंग से समझने के लिए रोजाना रिपोर्ट किये जा रहे मामलों को mild, moderate और severe के रूप में वर्गीकृत करना चाहिए।गांधी नगर स्थित इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के निदेशक दिलीप मावलंकर का कहना है, हमें रोजाना नए मामले मिल रहे हैं, लेकिन सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि उनमें से कितने गंभीर हैं।उन्होंने कहा, "सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने नए रोगियों को ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, लेकिन हम कम केवल डेथ रेट बता रहे रहे हैं।" उन्होंने कहा कि नए मामलों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाना चाहिए- हल्के, मध्यम और गंभीर। अगर किसी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत होती है, या उसे वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत होती है तो ऐसे मरीज गंभीर मरीजों की श्रेणी में आते हैं।हाल के एक अध्ययन में, मावलंकर ने पाया कि मार्च और जुलाई के बीच, भारत में अन्य बीमारियों की तुलना में COVID-19 की वजह से होने वाली मौतों का प्रतिशत 1.3 था, जबकि अमेरिका में 13 प्रतिशत और यूके में 17.6 प्रतिशत था।उन्होंने कहा कि सरकार को कोविड के चलते एक प्रतिशत से ज्यादा होनेवाली मौतों को नियंत्रित करने के लिए अन्य कारणों से होने वाली बीमारियों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। साथ ही, सरकार को विशेषज्ञों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में अधिक डेटा प्रदान करना चाहिए ताकि महामारी की स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सके।इनपुट-पीटीआई
2022-10-01 03:30
उद्धरण 3 इमारत
भारत में उपयोग होने वाले 58% सॉफ्टवेयर हैं पायरेटेड, देश में 2.68 अरब डॉलर का है कारोबार****** क्‍या आपको 90 के आखिरी और 2000 के शुरुआती दिन याद हैं, जब आप सड़क के किनारे आराम से पायरेटेड सॉफ्टवेयर की सीडी 100 रुपए या इससे भी कम दाम में खरीद लेते थे। विंडोज, ऑफि‍स या फोटोशॉप की पायरेटेड सॉफ्टवेयर सीडी की तुलना में वास्‍तविक सीडी की कीमत कई हजार रुपए में होती थी। अभी भी भारत में बहुत से लोग पायरेटेड सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इनका प्रतिशत काफी तेजी से घटकर 58% रह गया है, जो कि अभी भी बहुत ज्‍यादा है। 90 के दशक में उपयोग होने वाले सॉफ्टवेयर 90 फीसदी तक पायरेटेड होते थे।भारत में पायरेटेड सॉफ्टवेयर का उपयोग वर्तमान में घटकर 58 फीसदी रह गया है। लेकिन फि‍र भी यह बहुत ज्‍यादा है। लेकिन यदि आज से 10-15 साल पहले की तुलना में इसमें काफी हद तक कमी आई है। पिछले पांच साल के दौरान, पायरेटेड सॉफ्टवेयर के उपयोग में 7 फीसदी तक की कमी आई है। 2009 में 65 फीसदी पायरेटेड सॉफ्टवेयर का उपयोग हो रहा था।एशिया पेसीफि‍क की बात करें तो जापान और न्‍यूजीलैंड में सबसे कम 18 फीसदी पायरेसी होती है, जबकि बांग्‍लोदश में 86 फीसदी, पाकिस्‍तान में 84 फीसदी और इंडोनेशिया में 84 फीसदी पायरेटेड सॉफ्टवेयर का इस्‍तेमाल होता है। ब्रिक देशों में चीन 70 फीसदी पायरेसी के साथ सबसे आगे और ब्राजील 47 फीसदी के साथ सबसे नीचे है। 2015 में पायरेटेड सॉफ्टवेयर की कमर्शियल वैल्‍यू भारत में 2.68 अरब डॉलर आंकी गई है, जो कि 2013 में 2.90 अरब डॉलर थी।
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