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2022 तक ऑनलाइन रिटेल बाजार बढ़कर पहुंच जाएगा 73 अरब डॉलर पर, 4 साल में 4 गुना होगा वृद्धि

2022-10-01 06:05:53 298

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिTIME पत्रिका ने इन दो चर्चित लोगों को चुना '2020 पर्सन ऑफ द ईयर', एक है 'भारतीय मां की बेटी'******अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को टाइम पत्रिका ने अमेरिकी परिदृश्य को बदलने के लिए '2020 पर्सन ऑफ द ईयर' चुना है। पत्रिका ने अपने वार्षिक प्रतिष्ठित सम्मान के लिए इन दोनों डेमोक्रेटिक नेताओं को चुना है। उसने अन्य अंतिम चरण के अन्य दावेदारों- अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक डॉ. एंथनी फौसी, मूवमेंट फॉर रेसियल जस्टिस और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऊपर इन दोनों को तरजीह दी। ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘अमेरिकी कहानी को बदलने के लिए, यह दिखाने के लिए कि सहानुभूति की ताकत विभाजन की उग्रता से अधिक है, एक पीड़ित दुनिया को ठीक करने की दृष्टि साझा करने के लिए जो बाइडन और कमला हैरिस को टाइम का 2020 पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया है।’’टाइम ने फौसी, स्वास्थ्य कर्मियों और मूवमेंट फॉर रेसियल जस्टिस के आयोजकों को '2020 गार्जियंस ऑफ द ईयर' नामित किया हैं, जो लोकतंत्र के पवित्र आदर्शों की रक्षा के लिए खुद आगे डटे रहे। कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म जूम के सीईओ एरिक युआन को टाइम के ‘बिजनेसपर्सन ऑफ द ईयर’ के रूप में नामित किया गया है।दक्षिण कोरियाई बॉय बैंड बीटीएस को ‘एंटरटेनर ऑफ द ईयर’ और अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ी लेब्रोन जेम्स को ‘एथलीट ऑफ द ईयर’ नामित किया गया। टाइम ने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि पिछले साल स्वीडिश जलवायु संरक्षण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को पर्सन ऑफ द ईयर के रूप में नामित किया गया था जो यह सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्स थीं।इसके एक साल बाद, इस सम्मान के लिए 78 वर्षीय बाइडन को चुना गया, इस सम्मान के लिए चुने गए सबसे बुजुर्ग व्यक्तियों में से एक हैं। टाइम ने कहा, “बाइडन खुद को नई पीढ़ी के नेताओं के लिए एक पुल बताते हैं। उन्होंने 56 वर्षीय कमला हैरिस को उप राष्ट्रपति की उम्मीदवार के रूप में चुनने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। हैरिस उप राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली महिला हैं, जो जमैका के रहने वाले पिता और एक भारतीय माँ की बेटी हैं।’’टाइम ने कहा कि फ्रेंकलिन डेलानो रूजवेल्ट के बाद से हर निर्वाचित राष्ट्रपति को उनके कार्यकाल के किसी वर्ष में ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुना जाता रहा है, उनमें से लगभग एक दर्जन को यह सम्मान राष्ट्रपति चुनाव वाले वर्ष में दिया गया है। टाइम ने कहा, “यह पहली बार है जब हमने एक उपराष्ट्रपति को शामिल किया है। नस्लीय न्याय के लिए चले एक बहुत बड़े संघर्ष के बाद और इतिहास के सबसे महत्त्वपूर्ण चुनावों में से एक में जीत हासिल कर बाइडन-हैरिस की जोड़ी ने एक मजबूत संदेश दिया है।’’

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिUttar Pradesh New Jail Manual: अंग्रेजों के जमाने के जेल नियमों में बदलाव, कालापानी की सजा खत्म, अब कैदियों को मिलेंगी ये सुविधाएं******Highlightsउत्‍तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को करीब 81 साल पुराने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रही जेल नियमावली में बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल-2022 को जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। नयी व्यवस्था में बंदियों, विशेष तौर से महिला बंदियों को विशेष सुविधाएं देने का फैसला किया गया है और कालापानी की सजा के लिए ट्रांसफर की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। लोकभवन में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए कारागार और होमगार्ड राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल ने उप्र जेल मैनुअल-2022 को जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।मंगलवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार वर्तमान में जारी जेल मैनुअल का संस्करण 1941 में लागू हुआ था, जिसमें समय-समय पर आवश्यकतानुसार बदलाव किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बीपीआर एंड डी (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट नई दिल्ली) द्वारा देश के सभी राज्यों के कारागारों में एक समान जेल मैनुअल लागू किए जाने के लिये मॉडल प्रिजन मैनुअल-2003 और 2016 की संरचना की गयी। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस मॉडल प्रिजन मैनुअल को देश के सभी राज्यों में लागू करने की अपेक्षा की गयी है। इसके अनुसार, उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल के कुछ अप्रासंगिक नियमों को खत्म करते हुए, कई नियमों में संशोधन और नई व्यवस्थाओं को शामिल करते हुए उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल-2022 को जारी किए जाने का मंत्रिमंडल ने मंगलवार को निर्णय किया है।मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि कालापानी की सजा के लिए ट्रांसफर की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। (अंग्रेजों के जमाने से कालापानी की सजा के बाद बंदी को अंडमान निकोबार की जेल में भेजने का प्रावधान था।) उन्होंने कहा कि नये मैनुअल में लॉकप जेल की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और इसके अलावा यूरोपीय बंदियों के लिए अलग जेल, रजवाड़ों के बंदी के लिये निर्धारित रिहाई और ट्रांसफर और नेपाल, भूटान, सिक्किम और कश्‍मीर के बंदियों की रिहाई और स्थानांतरण की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि नई नियमावली के अनुसार बंदियों की सहभागिता के लिए बंदी पंचायत आयोजित करने की व्यवस्था की गई है। मंत्री ने कहा कि जेलों से सीधे कैदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हो सके ऐसी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-प्रिजन प्रणाली के अंतर्गत बंदियों से सम्बंधित सभी सूचनाओं का अनिवार्य कंप्यूटरीकरण किया जाएगा और कारागार मुख्यालय में सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी और इसके तहत कमांड सेंटर और वीडियो वाल स्थापित होगा।मंत्री ने बताया कि महिला बंदियों को सलवार सूट पहनने और मंगल सूत्र धारण करने की इजाजत दी गई है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए पुष्टाहार और मेडिकल सर्विसेस का प्रावधान किया गया है। बयान के अनुसार जेल मैनुअल-2022 में प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कारागार में महिला बंदी के साथ रह रहे तीन से छह साल तक की आयु के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये शिशु सदन, समुचित शिक्षा, चिकित्सा, टीकाकरण और चार साल से छह साल तक की उम्र के बच्चों को, उनकी माता की सहमति प्राप्त करने के बाद कारागार के बाहर किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसमें कहा गया है कि वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कारागारों में डिटेन्ड महिला बंदियों को सेनेटरी नैपकिन देने का प्रावधान किया गया है।बंदियों की मानवीय आवश्यकताओं के मद्देनजर उनके परिवारजन और पति/पत्नी की मृत्यु होने पर अंतिम दर्शन का भी प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जेल में एक बंदी कल्याण कैंटीन और बंदी कल्याण कोष होगा। बयान में कहा गया है कि नई नियमावली के तहत जेल में जो बच्चा पैदा होगा उसका नामकरण संस्कार वहीं होगा और नामकरण उसके धर्म के मुताबिक धर्मगुरु करेंगे। इसमें कहा गया है कि इतना ही नहीं सरकार इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और खानपान की व्यवस्था भी करेगी।प्रजापति ने बताया कि जेलों का निर्धारण पहले जिले के हिसाब से होता था लेकिन अब बंदियों की संख्या के आधार पर जेलों की चार श्रेणी तय होगी। उन्होंने बताया कि A श्रेणी की कारागार 2000 से अधिक बंदियों की होगी और B श्रेणी की कारागार 1500 से 2000 बंदियों की होगी। उन्होंने कहा कि C श्रेणी की एक हजार से 1500 की संख्या और श्रेणी D की कारागार एक हजार तक की बंदियों की संख्या के आधार पर निर्धारित होगी। जेलों में प्रयुक्त होने वाले असलहों के बदलाव की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जेलों में अब थ्री नॉट थ्री की राइफल की जगह नाइन एमएम की कारबाइन, पिस्टल और इंसास राइफल का उपयोग किया जाएगा।मंत्री ने बताया कि जेल में त्योहार के मौके पर खीर और सेवइयां भी बनाई जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि अगर हिंदू धर्म का कोई त्यौहार होगा तो खीर और इस्लाम धर्म के लोगों को त्यौहार पर सेवई, खजूर और फल दिए जाएंगे। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश रक्षा एवं एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 (यथासंशोधित) में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिIND vs AUS 1st T20I मैच, एमएस धोनी का इससे कनेक्शन******Highlightsभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज से तीन टी20 मैचों की सीरीज का आगाज हो रहा है। सीरीज का पहला मैच आज मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम पर खेला जाएगा। टी20 विश्व कप 2022 के लिहाज से ये सीरीज दोनों टीमों के लिए काफी अहम होने वाली हैै। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली इस सीरीज से वैसे तो टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी का कोई सीधा रिश्ता नहीं है, लेकिन इस सीरीज से धोनी का एक खास रिश्ता जरूर है। टीम इंडिया पहली बार अपने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एमएस धोनी के बगैर टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलने के लिए उतरेगी।भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने साल 2020 की 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था। इसके बाद से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कभी भी भारत में टी20 इंटरनेशनल सीरीज नहीं खेली गई है। अब तक भारत में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सात मैच खेले गए हैं। इसमें हर मैच में एमएस धोनी टीम के साथ रहे। कभी कप्तान बनकर तो कभी खिलाड़ी बनकर। लेकिन ये पहली बार होगा कि घरेलू मैदान पर टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के सामने बिना धोनी के उतरेगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इससे पहले साल 2019 की 27 फरवरी को बेंगलोर में टी20 मैच हुआ था। उस मैच में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली थे। कोहली ने उस मैच में कप्तानी पारी खेलते हुए 38 गेंद पर 72 रन ठोक दिए थे और आउट नहीं हुए थे। वहीं एमएस धोनी ने 23 गेंद पर 40 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। भारतीय टीम ने इस मैच में 190 रन बनाए थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इस टारगेट को 19.4 ओवर में केवल तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया था और सात विकेट से ये मैच अपने नाम किया था। ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल ने इस मैच में 55 गेंद पर 113 रन की पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।एमएस धोनी के नाम टी20 इंटरनेशनल में एक और कीर्तिमान है, जो अभी तक अटूट है। एमएस धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 17 पारियों में 15 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा है। इसमें दस कैच और पांच स्टंप शामिल हैं। ये ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में किसी भी विकेट कीपर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। आज टीम की कमान पहली बार ऑस्ट्रेलिया के सामने रोहित शर्मा के हाथ में होगी। देखना होगा कि कप्तान रोहित शर्मा आज कैसी बल्लेबाजी करते हैं और साथ ही उनकी कप्तानी पर भी सभी की नजर रहने वाली है।

2022 तक ऑनलाइन रिटेल बाजार बढ़कर पहुंच जाएगा 73 अरब डॉलर पर, 4 साल में 4 गुना होगा वृद्धि

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिरुपए में गिरावट से 26 अरब डॉलर बढ़ सकता है देश का तेल आयात बिल, रुपए ने छुआ है 70.32 का रिकॉर्ड स्‍तर****** रुपए में लगातार गिरावट से 2018-19 में देश का कच्चा 26 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरावट जारी रहने से तेल आयात बिल 114 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि डॉलर के मुकाबले रुपया आज शुरुआती कारोबार में 43 पैसे गिरकर 70.32 पर पहुंच गया। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इसका असर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है। देश अपनी जरुरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है। वर्ष 2017-18 में देश ने 22.043 करोड़ टन कच्चा तेल आयात किया। इस पर 87.7 अरब डॉलर (5.65 लाख करोड़ रुपये) खर्च हुए। वित्त वर्ष 2018-19 में 22.7 करोड़ टन कच्चा तेल आयात होने की संभावना है।एक सरकारी अधिकारी ने जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में हमें कच्चा तेल आयात बिल 108 अरब डॉलर यानी 7.02 लाख करोड़ रुपए रहने की उम्मीद थी। यह आकलन हमने कच्चा तेल 65 डॉलर प्रति बैरल और 65 रुपए प्रति डॉलर की मुद्रा विनियम दर पर तय किया था।लेकिन 14 अगस्त तक रुपए की विनिमय दर का औसत 67.6 रुपए प्रति डॉलर रहा है। यदि वित्त वर्ष की बची अवधि में रुपया 70 के स्तर पर रहता है तो तेल आयात बिल 114 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की संभावना है।तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिPakistan News: बाढ़ से बदहाल पाकिस्तान पर दोहरी मार, अब फैल रही यह बीमारी, परेशान सरकार हुई बेबस******Highlights पाकिस्तान में बाढ़ के कारण बर्बादी की हद हो गई। अब बाढ़ के बाद एक और परेशानी से पाकिस्तान के लोग जूझ रहे हैं। यहंा बाढ़ के बाद अब डेंगू फीवर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में पिछले 24 घंटों में डेंगू फीवर के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। प्रांतीय स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में दक्षिणी सिंध प्रांत में डेंगू फीवर के कुल 3,515 नए मामले सामने आए हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रांत के हैदराबाद डिवीजन में सबसे अधिक 1623 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद लरकाना डिवीजन में 847 मामले दर्ज किए गए। प्रांतीय स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि शुक्रवार को पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी पंजाब प्रांत में डेंगू फीवर के 221 मामले सामने आए।पंजाब में डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 2766 हो गईपाक की राजधानी लाहौर में डेंगू फीवर के 98 मरीज सामने आए। इसके बाद रावलपिंडी शहर में 79 मरीजों पाए गए। पंजाब में इस साल कुल डेंगू फीवर के मरीजों की संख्या 2766 हो गई है।परेशान अधिकारियों ने शुरू किया एंटी डेंगू कैंपेनडेंगू फीवर के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अधिकारियों ने एंटी.डेंगू कैंपेन शुरू किया है।कथित तौर पर हाल ही में डेंगू का प्रकोप देश में मानसून की बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद सामने आया है।बाढ़ के रुके पानी से पनपी डेंगू की बीमारीस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश का एक बड़ा हिस्सा पिछले कुछ हफ्तों से रुके हुए बाढ़ के पानी की चपेट में है। जिसके चलते डेंगू फीवर समेत कई तरह की बीमारियां सामने आ रही हैं। बता दें कि हाल के समय में पाकिस्तान में भारी बाढ़ आई है। इस कारण पूरे देश की अर्थव्यवस्था हिल गई। आर्थिक नुकसान के साथ ही जानमाल का काफी नुकसान हुआ। गांव के गांव जलमग्न हो गए। नदियों और तालाबों में उफान आ गया। हालात इतने बदतर हो गए कि पाकिस्तान को विश्व के सामने झोली फैलाने पर मजबूर होना पड़ा। अमेरिका, चीन सहित कुछ देशों ने पाकिस्तान को आर्थि मदद दी। पड़ोसी देश में बाढ़ के कारण बुरे हालात पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों चिंता जाहिर की।तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिBullet Train News: देश में चलेंगी 7 बुलेट ट्रेन, जल्द तैयार होगा सर्वेक्षण और परियोजना रिपोर्ट******Highlightsरेल मंत्रालय ने 7 हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर-दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-नागपुर, दिल्ली-अहमदाबाद, मुंबई-हैदराबाद, चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर, वाराणसी-हावड़ा और दिल्ली-अमृतसर के लिए सर्वेक्षण करने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया है। राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए अभी तक गुजरात में 954.28 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर चल रहे काम पर अपडेट है।केंद्र सरकार शुक्रवार को संसद में स्वीकार किया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (बुलेट ट्रेन) के अमल में आने में फिलहाल थोड़ी देरी हुई है। खास तौर पर महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण में देरी और फिर ठेकों को आखिरी रूप देने सहित कई दूसरी वजहों से इसमें देर हुई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि खास तौर पर महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण में देरी, तत्पश्चात ठेकों को आखिरी रूप देने में देरी और कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के अमल में आने में देरी हुई।रेल मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए अभी तक गुजरात में 954.28 हेक्टेयर में 941.13 हेक्टेयर यानी 98.62 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया गया है जबकि दादर एवं नागर हवेली में 7.90 हेक्टेयर (100 प्रतिशत) भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। महाराष्ट्र में 433.82 हेक्टेयर में से 247.01 हेक्टेयर भूमि का ही अधिग्रहण हो सका है जो 56.39 प्रतिशत है।गौरतलब है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से 508 किलोमीटर और 12 स्टेशनों की दूरी तय करेंगी। वहीं पीक आवर्स में 20 मिनट और नॉन-पीक आवर्स में 30 मिनट की फ्रीक्वेंसी के साथ हर रोज एक दिशा में 35 ट्रेनें होंगी। लिमिटेड स्टॉप (सूरत और वडोदरा में) के साथ, ट्रेन इस दूरी को 1 घंटे और 58 मिनट में तय करेगी। बाकी सभी स्टॉप के साथ 2 घंटे 57 मिनट लगेंगे। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर साबरमती में होगा।रेल मंत्री के अनुसार देश में के लिए 7 रूट तय हैं। इनमें मुंबई-अहमदाबाद के साथ ही दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी (865 किलोमीटर) और दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद (886 किलोमीटर), मुंबई-नासिक-नागपुर (753 किलोमीटर), मुंबई-पुणे-हैदराबाद , (711 किलोमीटर), चेन्नै-बेंगलुरु-मैसूर, (435 किलोमीटर) और दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-जालंधर-अमृतसर (459 किलोमीटर) शामिल होंगे।

2022 तक ऑनलाइन रिटेल बाजार बढ़कर पहुंच जाएगा 73 अरब डॉलर पर, 4 साल में 4 गुना होगा वृद्धि

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिTwin Towers: ट्विन टावर को गिराते वक़्त और बिल्डिंग में ब्लास्ट के बाद क्या-क्या हुआ? देखिए इन फोटो में******Highlights28 अगस्त 2022 को भारतीय इतिहास में दर्ज हो गया। इस दिन नोएडा के सेक्टर-93A में अवैध रूप से बने ट्विन टावर ब्लास्टिंग के द्वारा ढहा दिया गया। इसकी तैयारी पिछले कई हफ़्तों से की जा रही थी। जैसे-जैसे ब्लास्टिंग का दिन अर्थात 28 अगस्त नजदीक आ रहा था, वैसे-वैसे लोगों की धड़कन तेज होती जा रही थी। खासकर ट्विन टावर के आस-पास रहने वाले लोगों की।प्रशासन ने आस-पास इलाका ब्लास्ट से कई घटों पहले ही खाली करा लिया था, लेकिन उन्हें नुकसान की आशंका लगी हुई थी। रविवार की दोपहर 2:30 बजे ट्विन टावर में ब्लास्ट किया गया और कुतुबमीनार से भी उंची पल भर में जमींदोज कर दी गईं। प्रशासन की तरफ से कहा गया कि ब्लास्ट से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट में सामने आया कि पास ही की एक बिल्डिंग के एक फ़्लैट में दरार आई है। ब्लास्टिंग के बाद एक गगनचुम्बी ईमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। आइए तस्वीरों की मदद देखते हैं कि ब्लास्ट के बाद जहां कभी 32 और 30 मंजिला ईमारत थी अब वहां की हालात कैसी है-तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिHariyali Teej 2022: इस साल हरियाली तीज पर बन रहे हैं शुभ योग, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा******Highlightsहर साल श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाया जाता है। कहा जाता है कि हरियाली तीज एक के बाद एक त्योहारों के आगमन का दिन है। इस त्योहार के बाद से देश के लगभग सभी बड़े त्योहार आने शुरू हो जाते हैं। इसे मधुश्रवा तृतीया या छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार हरियाली तीज के बाद ही नाग पंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और नवरात्र आदि बड़े त्योहार आते हैं, जिससे भारतवर्ष की छटा में चार चांद लग जाते हैं और चारों तरफ खुशियां ही खुशियां नजर आती हैं। यह व्रत सुहागिन स्त्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। इस दिन वह निर्जला व्रत रखती हैं। आइए जानते हैं हरियाली तीज का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि,और व्रत कथा के बारे में।इस बार हरियाली तीज पर रवि योग बन रहा है। किसी भी शुभ कार्य को संपन्न करने के लिए रवि योग काफी शुभ माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, रवि योग पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में शुभ प्रभावों में वृद्धि होती है। हरियाली तीज के दिन रवि योग दोपहर 2:20 बजे से शुरू होकर 1 अगस्त को सुबह 6:04 बजे तक रहेगा।ऊं उमायै नम:, ऊं पार्वत्यै नम:, ऊं जगद्धात्र्यै नम:, ऊं जगत्प्रतिष्ठयै नम:, ऊं शांतिरूपिण्यै नम:, ऊं शिवायै नम:ऊं हराय नम:, ऊं महेश्वराय नम:, ऊं शम्भवे नम:, ऊं शूलपाणये नम:, ऊं पिनाकवृषे नम:, ऊं शिवाय नम:, ऊं पशुपतये नम:, ऊं महादेवाय नम:हरियाली तीज उत्सव को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इस कड़ी तपस्या से माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया। कथा के अनुसार माता गौरी ने पार्वती के रूप में हिमालय के घर पुनर्जन्म लिया था। माता पार्वती बचपन से ही शिव को वर के रूप में पाना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने कठोर तप किया। एक दिन नारद जी पहुंचे और हिमालय से कहा कि पार्वती के तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु उनसे विवाह करना चाहते हैं। यह सुन हिमालय बहुत प्रसन्न हुए। दूसरी ओर नारद मुनि विष्णुजी के पास पहुंच गये और कहा कि हिमालय ने अपनी पुत्री पार्वती का विवाह आपसे कराने का निश्चय किया है। इस पर विष्णुजी ने भी सहमति दे दी।नारद इसके बाद माता पार्वती के पास पहुंच गए और बताया कि पिता हिमालय ने उनका विवाह विष्णु से तय कर दिया है। यह सुन पार्वती बहुत निराश हुईं और पिता से नजरें बचाकर सखियों के साथ एक एकांत स्थान पर चली गईं।घने और सुनसान जंगल में पहुंचकर माता पार्वती ने एक बार फिर तप शुरू किया। उन्होंने रेत से शिवलिंग का निर्माण किया और उपवास करते हुए पूजन शुरू किया। भगवान शिव इस तप से प्रसन्न हुए और मनोकामना पूरी करने का वचन दिया। इस बीच माता पार्वती के पिता पर्वतराज हिमालय भी वहां पहुंच गए। वह सत्य बात जानकर माता पार्वती की शादी भगवान शिव से कराने के लिए राजी हो गए।शिव इस कथा में बताते हैं कि बाद में विधि-विधान के साथ उनका पार्वती के साथ विवाह हुआ। शिव कहते हैं, 'हे पार्वती! तुमने जो कठोर व्रत किया था उसी के फलस्वरूप हमारा विवाह हो सका। इस व्रत को निष्ठा से करने वाली स्त्री को मैं मनवांछित फल देता हूं।'

2022 तक ऑनलाइन रिटेल बाजार बढ़कर पहुंच जाएगा 73 अरब डॉलर पर, 4 साल में 4 गुना होगा वृद्धि

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिलिव-इन पार्टनर की बेटी से महिला ने किया यौन शोषण, सात साल की जेल****** की एक अदालत ने एक महिला को लिव-इन में रह रहे अपने साथी की पांच साल की बेटी का यौन शोषण करने के जुर्म में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी है। जिला न्यायाधीश डी जी मुरुमकार ने ठाणे जिले के मुंब्रा की रहने वाली 33 वर्षीय महिला पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।न्यायाधीश ने एक अक्टूबर को दिए आदेश में कहा कि अतिरिक्त लोक अभियोजक उज्ज्वल मोहोल्कर ने भारतीय दंड संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण (पोक्सो) कानून के तहत महिला के खिलाफ सभी आरोप सफलतापूर्वक साबित किए।मोहोल्कर ने अदालत को बताया कि नाबालिग अपने पिता और महिला के साथ रहती थी। लड़की की मां इस समय दुबई में नौकरी करती है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, लड़की के पिता अपने काम के कारण लंबे समय तक घर से दूर रहते थे और महिला उसकी गैर हाजिरी में लड़की का यौन शोषण करती थी।यह मामला अप्रैल 2015 में तब सामने आया जब लड़की ने तेज दर्द की शिकायत की और अपने पिता को आपबीती सुनायी। मुंब्रा पुलिस में तहरीर दी गई और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिसोनाक्षी सिन्हा को हो सकती है जेल? कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट किया जारी******Highlights एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एक पुराने केस में वो फंसती नजर आ रही हैं। कानून के शिकंजे में फंसी सोनाक्षी को फिर कोर्ट आना पड़ेगा। हालांकि इससे पहले भी वो धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट में हाजिर हो चुकी हैं। मगर एक बार फिर केस की फाइलें खुली हैं और कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।एक्ट्रेस व उनके साथी पर इवेंट के नाम पर धोखाधड़ी का गंभरी आरोप है। जिसको लेकर 25 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के भी कहा गया है। दरअसल, ये केस करीब 4 साल पुराना है। 36 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर केस चल रहा है।बता दें, सोनाक्षी सिन्हा और उनके साथ अभिषेक सिन्हा समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा चल रहा है। कटघर निवासी प्रमोद शर्मा की ओर से थाने में 22 फरवरी, 2019 को मुकदमा दायर किया गया था।तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिसॉवरेन गोल्‍ड बांड की दर 2,945 रुपए/ ग्राम हुई तय, ऑनलाइन भुगतान करने वालों को मिलेगा 50 रुपए का डिस्‍काउंट****** सोमवार से खुलने वाली सॉवरेन गोल्‍ड बांड (एसजीबी) श्रृंखला के लिए खरीद मूल्य 2,945 रुपए प्रति ग्राम तय किया गया है। रिजर्व बैंक ने यह घोषणा की है। इन बांड्स की खरीद प्रत्येक सप्ताह सोमवार से बुधवार तक की जा सकेगी।30 अक्‍टूबर से 1 नवंबर के दौरान बिक्री के लिए इन बांड को 2945 रुपए प्रति ग्राम की दर से खरीदा जा सकता है।सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ विचार-विमर्श के बाद ऑनलाइन आवेदन करने वाले और डिजिटल तरीके से भुगतान करने वाले निवेशकों को 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट देने का भी फैसला किया है।केंद्रीय बैंक ने सॉवरेन गोल्‍ड बांड 2017-18 श्रृंखला छह के लिए निर्गम मूल्य की घोषणा करते हुए कहा कि ऐसे निवेशकों के लिए खरीद मूल्य 2,895 रुपए प्रति ग्राम बैठेगा।इससे पहले श्रृंखला पांच में प्रति ग्राम सोने की कीमत 2,971 रुपए थी। सॉवरेन गोल्‍ड बांड में न्‍यूनतम एक ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम प्रति व्‍यक्ति प्र‍ति वित्‍त वर्ष (अप्रैल-मार्च) निवेश किया जा सकता है। यह नई श्रृंखला पूर्व घोषित एसजीबी कैलेंडर का हिस्‍सा है, जो दिसंबर तक चलेगा। यह खरीदारी के लिए प्रति सप्‍ताह सोमवार से बुधवार तक खुलेगा। इसकी शुरुआत 9 अक्‍टूबर से हुई है और यह 27 दिसंबर तक चलेगी। इस कैलेंडर का पहला चरण 11 अक्‍टूबर को बंद हुआ था। बांड का सेटलमेंट आवेदन करने के सप्‍ताह के हफ्ते के पहले कार्यदिवस में किया जाएगा।

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिक्या भारत रुपये में खरीदेगा रूसी कच्चा तेल? सरकार ने संसद में दिया ये जवाब******RupeesHighlights भारत के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा रूस से खरीदे जाने वाले कच्चे तेल के लिए रुपये में भुगतान करने की कोई योजना नहीं है। संसद को सोमवार को यह जानकारी दी गई। भारत अपने कुल तेल आयात का एक प्रतिशत से भी कम रूस से खरीदता है। लेकिन यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों ने तेल और गैस की खरीद के लिए रुपये में व्यापार का रास्ता मुहैया कराया है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘मौजूदा समय में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का न तो कोई अनुबंध है और न ही रूस या किसी अन्य देश से भारतीय रुपये में कच्चे तेल की खरीद करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।’’ उन्होंने इसके बारे विस्तार से जानकारी नहीं दी है।सूत्रों ने कहा कि रूस के साथ व्यापार डॉलर में तय किया जा रहा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय भुगतान तंत्र को अब तक पश्चिमी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा ईरान पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के विपरीत रूस के साथ तेल और ऊर्जा व्यापार पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।इसका अनिवार्य रूप से मतलब है कि कोई भी देश या कंपनी रूस से तेल और अन्य ऊर्जा संसाधन खरीदने और व्यापार को निपटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं। ईरान के मामले में ऐसा नहीं था, जिसे अंतरराष्ट्रीय धन और सुरक्षा हस्तांतरण प्रणाली, ‘स्विफ्ट’ से ‘काट’ दिया गया था। साथ ही ईरान से तेल का निवेश करने या खरीदने वाली कंपनियों या संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिMP News : राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग ! BJP ने कहा-'19 विधायकों ने अंतरात्मा की आवाज पर दिया वोट', कांग्रेस ने कहा-करेंगे समीक्षा******Highlights राष्ट्रपति चुनाव (President election) के आए नतीजों के चलते मध्य प्रदेश कांग्रेस (Congress) में हड़कंप मच गया है।चुनावों में एमपी से करीब 19 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।भाजपा () का मानना है 19 में से अधिकतर कांग्रेस के विधायक हैं वहीं राष्ट्रपति चुनाव से पहले एक करोड़ में विधायक खरीदने का आरोप लगा चुकी कांग्रेस अब समीक्षा करने की बात कर रही है।19 विधायकों ने अंतरात्मा की आवाज पर दिया वोटराष्ट्रपति चुनाव में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अंतरात्मा की आवाज पर आदिवासी महिला राष्ट्रपति चुनने के लिए की गई लामबंदी का नतीजा सामने आ गया है। कल आए नतीजे में मध्यप्रदेश में तकरीबन 19 विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की खबर सामने आई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा इंडिया टीवी से बातचीत में कहा देश के जनमानस में अंतरात्मा का जो जनसमर्थन आदिवासी समुदाय के लिए था वहीं कांग्रेसी विधायकों में भी दिखा। यही वजह है 19 विधायकों ने अंतरात्मा की आवाज पर द्रोपदी मुर्मू को समर्थन दिया है। चुनाव से पहले विधायकों को एक करोड़ रुपए में खरीदे जाने के कमलनाथ और यशवंत सिन्हा के आरोपों पर वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारती है तो कहते हैं ईवीएम का मुद्दा उठाते हैं अब राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग में विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, ये उन्हें पहले से मालूम था इसलिए उन्होंने पहले ही सही आरोप लगाना शुरू कर दियाकांग्रेस के 79 विधायकों ने यशवंत सिन्हा के पक्ष में दिया वोटदरअसल 230 विधानसभा सीट वाले मध्य प्रदेश में बीजेपी के पास 127 विधायक है और एनडीए के समर्थन में 146 विधायकों ने वोट दिए हैं, इस लिहाज से बीजेपी समर्थित एनडीए के उम्मीदवार को भाजपा के अलावा तकरीबन 19 विधायकों ने समर्थन दिया है। वहीं कांग्रेस समर्थित यूपीए के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को मध्य प्रदेश से 79 वोट मिले हैं जबकि कांग्रेस के पास वक्त 96 विधायक हैं।समाजवादी पार्टी के पास एक और बीएसपी के पास दो विधायक हैं। मतदान के दौरान 5 मतों को निरस्त भी किया गया है। ऐसे में 96 विधायकों वाली कांग्रेस की तरफ से यूपीए उम्मीदवार को 96 मत कांग्रेस की तरफ से मिलने चाहिए थे लेकिन सिर्फ 79 वोट ही डाले गए। ऐसे में भाजपा की तरफ से सवाल उठना ही थे।पहले साख गई, अब नाक गईमध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इंडिया टीवी से कहा 2018 में मिली सत्ता गंवाने पर कमलनाथ की साख गई थी अब राष्ट्रपति चुनाव मे कमलनाथ की नाक भी चली गई है। कमलनाथ ने चुनाव से पहले ही विधायकों की ईमान पर सवाल उठा दिया था उनको बिकाऊ बता दिया था इसलिए विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और क्रॉस वोटिंग कर दी। राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे जर्जर होती कांग्रेस के लिए आखिरी कील हैं।2020 में 22 विधायक कांग्रेस छोड़ बीजेपी में हुए थे शामिलयह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के खेमे में बड़ी सेंधमारी हुई हो।2020 में 22 विधायकों ने कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम भाजपा की सरकार बनवाई थी। यही नहीं भाजपा की सरकार बनने के बाद चार कांग्रेस विधायक राहुल लोधी,सचिन बिरला,सुमित्रादेवी कास्डेकर,नारायण पटेल कांग्रेस छोड़ चुके हैं। ऐसे में अंतरात्मा की आवाज पर राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा कहते हैं चीजें अभी क्लियर नहीं है बाकी वोटिंग पैटर्न पर कांग्रेस की समीक्षा करेंगे। जिन्होंने क्रॉस वोटिंग किया है, किस पार्टी के हैं अभी स्पष्ट नहीं हुआ है धुंधली तस्वीर है।सारे विधायक कांग्रेस के और कमलनाथ जी के साथ हैं।राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस के उड़ाए होशजहां 24 घंटे पहले मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के आए नतीजों में कांग्रेस जश्न मना रही थी वहीं राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस के होश उड़ा दिए हैं। 2023 के चुनाव में महज 15 महीने बचे हैं ऐसे में विधानसभा का मैजिक 116 विधायक लाना तो दूर कांग्रेस के सामने मौजूदा 96 विधायकों को ही झोली में सहेज रखना बड़ी चुनौती है।

तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिDelhi: राज्यसभा में उठा ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का मुद्दा******Highlightsबृहस्पतिवार को शून्य काल में भारतीय जनता पार्टी के डॉ. डी पी वत्स ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का मुद्दा उठाया और कहा कि 1967 के बाद संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करते हुए संयुक्त विधायक दल की सरकारों को कार्यकाल के बीच में ही बर्खास्त किया गया तथा इसके बाद देश में ‘एक राष्ट्र, लगातार’ चुनाव की स्थिति हो गई। अलग- अलग समय पर होने वाले चुनावों को देश के संसाधनों पर बड़ा भार बताते हुए वत्स ने कहा, 'राष्ट्र हित को मद्देनजर रखते हुए मैं सभी राजनीतिक दलों, वह चाहें सरकार में हों या विपक्ष में, से आग्रह करूंगा कि इस विषय पर एक आम सहमति बनाई जाए। इसके लिए कोई रास्ता निकाला जाए ताकि देश के संसाधनों पर भार कम हो और पांच साल में एक बार विधानसभा, लोकसभा और शहरी निकायों के चुनाव हों। ऐसा होता है तो देश हित में बहुत अच्छा होगा।'बता दें 2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार आई, तो कुछ समय बाद ही एक देश और एक चुनाव को लेकर बहस शुरू हो गई। प्रधानमंत्री मोदी कई बार वन नेशन-वन इलेक्शन की वकालत कर चुके हैं। 2018 में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अमित शाह ने विधि आयोग को एक पत्र लिखकर 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की बात कही थी। इसके बाद भी यह मुद्दा कई बार उठा है, लेकिन इसपर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है।दिसंबर 2015 में लॉ कमीशन ने वन नेशन-वन इलेक्शन पर एक रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया गया था कि अगर देश में एक साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाते हैं, तो इससे करोड़ों रुपए बचाए जा सकते हैं। इसके साथ ही बार-बार चुनाव आचार संहिता न लगने की वजह से डेवलपमेंट वर्क पर भी असर नहीं पड़ेगा।तकऑनलाइनरिटेलबाजारबढ़करपहुंचजाएगा73अरबडॉलरपर4सालमें4गुनाहोगावृद्धिHijab Row: "सिर ढकने पर आपत्ति क्यों?, हिजाब पहनने वाली महिलाओं को गरिमा के साथ देखा जाना चाहिए"******Highlightsहिजाब पर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हिजाब पहनने वाली महिलाओं को व्यंगचित्र (कैरिकेचर) के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और जब पगड़ी पहनने पर आपत्ति नहीं होती है, तब इस सिर ढकने पर आपत्ति क्यों? कुछ याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता युसूफ मुछला ने कहा कि हिजाब पहनने वाली महिलाओं को कैरिकेचर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और उन्हें गरिमा के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे मजबूत इरादों वाली महिलाएं हैं और कोई भी उन पर अपना फैसला नहीं थोप सकता।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने सवाल किया कि यदि उनका मुख्य तर्क यह है कि यह एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है, तो मुछला ने कहा कि उनका तर्क यह है कि यह अनुच्छेद 25(1)(ए), 19(1)(ए) और 21 के तहत उनका अधिकार है। इन अधिकारों के संयुक्त पढ़ने पर उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। "ये छोटी बच्चियां क्या गुनाह कर रही हैं? सिर पर कपड़े का टुकड़ा रखकर?" उन्होंने कहा कि अगर पगड़ी पहनने पर आपत्ति नहीं है और यह दशार्ता है कि विविधता के लिए सहिष्णुता है, तो हिजाब पर आपत्ति क्यों। मुछला ने कहा कि दो अधिकार दिए गए हैं - धर्म की स्वतंत्रता और अंतरात्मा की स्वतंत्रता - और वे एक-दूसरे के पूरक हैं।पीठ ने जवाब दिया कि उसके पास कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने इसे आवश्यक धार्मिक अभ्यास होने का दावा किया था। मुछला ने कहा कि हिजाब एक मौलिक अधिकार है या नहीं, यह यहां लागू होता है और यहां सवाल धार्मिक संप्रदाय के बारे में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के मौलिक अधिकार के बारे में है।कुछ याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने प्रस्तुत किया कि कोई एक निर्धारित यूनिफॉर्म पहनेगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति कुछ और पहन सकता है जो उसकी संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है। जैसा कि पीठ ने खुर्शीद से पूछा कि हिजाब एक आवश्यक धार्मिक प्रथा के बारे में उनका क्या विचार है, उन्होंने कहा कि इसे धर्म, अंतरात्मा और संस्कृति के रूप में देखा जा सकता है और इसे व्यक्तिगत गरिमा और गोपनीयता के रूप में भी देखा जा सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि यूनिफार्म को छोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन यूनिफार्म के अलावा कुछ और है जिसकी अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रस्तुत किया कि विविधता में एकता का विचार मिश्रित संस्कृति के संरक्षण से आता है और कहा कि उनकी एक क्लाइंट एक सिख महिला है, क्योंकि उनमें से कुछ ने पगड़ी पहनना शुरू कर दिया है, उनके लिए भी यह मुद्दा उठ सकता है। खुर्शीद ने चित्रों के माध्यम से बुर्का, हिजाब और जिलबाब के बीच भी अंतर किया और सांस्कृतिक पहचान के महत्व पर जोर दिया।"घूंघट को यूपी या उत्तर भारत में बहुत जरूरी माना जाता है। जब आप गुरुद्वारे जाते हैं, तो लोग हमेशा अपना सिर ढक लेते हैं। यह संस्कृति है।" उन्होंने आगे कहा कि कुछ देशों में मस्जिदों में लोग अपना सिर नहीं ढकते हैं, लेकिन भारत में लोग सिर ढकते हैं, और यही संस्कृति है। विस्तृत दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित की। शीर्ष अदालत कर्नाटक हाई कोर्ट के 15 मार्च के फैसले के खिलाफ चौथे दिन सुनवाई कर रही है जिसमें प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध को बरकरार रखा गया है।

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2022-10-01 06:03
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Petrol Diesel Price Today 2nd march 2020: पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ी गिरावट, जानिए नए रेट******Petrol Diesel prices today 2nd march 2020 पेट्रोल और डीजल के दाम में सोमवार (Petrol Diesel Price on 2 March 2020) को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को लगातार तीसरे दिन राहत मिली है। तेल विपणन कंपनियों ने आज यानि सोमवार को पेट्रोल के दाम में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई में 22 पैसे, जबकि चेन्नई में 23 पैसे प्रति लीटर की कटौती की है। वहीं डीजल की कीमत दिल्ली, कोलकाता में 20 पैसे जबकि मुंबई और चेन्नई में 21 पैसे प्रति लीटर घट गई है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में घटकर क्रमश: 71.49 रुपए, 74.16 रुपए, 77.18 रुपए और 74.28 रुपए प्रति लीटर हो गया है। चारों महानगरों में भी घटकर क्रमश: 64.10 रुपए, 66.43 रुपए, 67.13 रुपए और 67.65 रुपए प्रति हो गया है। अपने शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट चेक करने के लिए यहां क्लिक करें।वहीं दिल्ली के आसपास की बात करें तो नोएडा में पेट्रोल 73.52 रुपए और डीजल 64.51 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। गाजियाबाद में पेट्रोल 73.39 रुपए और डीजल 64.38 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। उधर गुरुग्राम में पेट्रोल 71.70 रुपए और डीजल 63.63 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। फरीदाबाद में पेट्रोल 71.89 रुपए और डीजल 63.82 रुपए प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों IOC, BPCL और HPCL के पेट्रोल-डीजल के दाम हर दिन घटते-बढ़ते रहते हैं। सुबह 6 बजे से लागू हो जाता है। इनकी कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन सब कुछ जोड़ने के बादल इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है। एक क्लिक में यहां अपने चेक करें।आप अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना एसएमएस के जरिए भी चेक कर सकते है। इंडियन ऑयल (IOC) के उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9224992249 नंबर पर व एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं। बीपीसीएल (BPCL) उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज सकते हैं।
2022-10-01 05:33
उद्धरण 2 इमारत
भारत के सामने घुटनों पर आया पाकिस्तान, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थ आयात करने की कर रही है कोशिश******पाकिस्तान की आर्थिक हालत पहले ही खस्ता थी उस पर बाढ़ का कहर कोढ़ में खाज की तरह आया है। पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। फसलों को भीषण नुकसान पहुंचा है। इसके कारण देश में खाने पीने के सामान पर संकट गहरा रहा है। इस बीच अपनी अकड़ के कारण भारत से सस्ता अनान आयात करने से मना करने वाला पाकिस्तान लगभग घुटनों पर आ गया है। पाकिस्तान अब खाने पीने का सामान भारत से आयात करने पर विचार कर रहा है।ताजा रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में भीषण बाढ़ के कारण खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस के बीच पाकिस्तान भारत से सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थों का आयात कर सकता है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने सोमवार को कहा कि सरकार भारत से सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ आयात करने पर विचार कर सकती है। पड़ोसी देश में बाढ़ के कारण विभिन्न सब्जियों और फलों की कीमतों में भारी उछाल आ गया है।आपदा की वजह से बलूचिस्तान, सिंध और दक्षिण पंजाब से सब्जियों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री इस्माइल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार भारत से सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के आयात पर विचार कर सकती है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की।जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करने के भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान ने अगस्त, 2019 में भारत के साथ अपने व्यापार संबंधों को कम कर दिया था। एक सूत्र का हवाला देते हुए ‘डॉन’ अखबार ने बताया कि पूर्व सुरक्षा सलाहकार एम यूसुफ भारत के साथ व्यापार के संबंध में कुछ प्रस्तावों पर काम कर रहे थे। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से यह प्रतिक्रिया दरअसल सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार के भारत के साथ व्यापार फिर से शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार करने की अटकलों के बीच आई है।
2022-10-01 03:58
उद्धरण 3 इमारत
Sonali Phogat Murder Case: सोनाली फोगाट मर्डर केस में बड़ा खुलासा, सुधीर सांगवान ने जुर्म कबूला-सूत्र******Highlights सोनाली फोगाट हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक मुख्य अरोपी सुधीर सांगवान ने गोवा पुलिस कस्टडी में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने यह माना कि सोनाली को जानबूझकर कर ड्रग का ओवरडोज़ दिया। सुधीर ने यह भी कबूल किया कि उसने सुखविंदर की मदद ली। उसका इरादा सोनाली की करोड़ों की संपत्ति हथियाना था जिसकी योजना वह कई महीनों से बना रहा था। सुधीर ने सुखविंदर को संपत्ति का लालच भी दिया था।गोवा पुलिस की कस्टडी में है सुधीर और सुखविंदरसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गोवा पुलिस ने येभी कहा कि कोर्ट में कई बार अपराधी मुकर भी जाते है इसलिए गोवा पुलिस गोवा से हरियाणा तक सारे सबूत दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जमा कर रही है। आपको बता दें कि सुधीर सांगवान और सुखविंदर दोनों अभी गोवा पुलिस की कस्टडी में है । 23 अगस्त को सोनाली फोगाट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी । जिसके बाद से ही सोनाली फोगाट के परिवार वाले सुधीर सांगवान पर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं ।सोनाली फोगाट की तीन लाल डायरी बरामदइसी बीच गोवा पुलिस ने सोनाली फोगाट की तीन लाल डायरी को बरामद किया है। इन तीनों लाल डायरी में ही कत्ल से जुड़े कई अहम सबूत हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सोनाली फोगाट के घर से जो तीन 3 लाल डायरी मिली है, उसमें सोनाली और सुधीर के बीच पैसों के लेन देन का जिक्र है । साथ ही डायरी में इस बात का भी जिक्र है कि सोनाली ने किसे और कब कब पैसे दिए हैं ।लाल डायरी से खुल सकते हैं कई राजसोनाली की हत्या का आरोप उसके PA सुधीर सांगवान और सुखविंदर पर लगा है । दोनों अभी जेल में बंद हैं। लाल डायरी मिलने के बाद अब इस बात का खुलासा हो सकता है कि सोनाली की हत्या में और कौन कौन शामिल है। दरअसल, गोवा पुलिस की टीम हिसार में सोनाली फोगाट के फॉर्म हाउस पर गई थी। जहां जांच के दौरान गोवा पुलिस को वहां एक डिजिटल लॉकर मिला। जिसे सील कर दिया है।
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